हेलो दोस्तों. पिछले पार्ट में आपने जाना कैसे रिमी लेज़्बीयन चुदाई के लिए पूरी तरह से मान चुकी थी और दरींग्स खेलने लगी थी. अब आयेज….
दरींग्स मतलब जैसे एक बार मम्मी लिविंग रूम में टीवी देख रही थी, और मैं पास में ही सोफा पर. मम्मी के ठीक पीछे हमारे रूम का दरवाज़ा है. अगर कोई बाहर आए तो उसे पीछे घूम के देखना होगा.
तो इतने में देखा रिमी ने मुझे रूम से इशारा किया. मैं समझी नही. मैने इशारे से पूछा की क्या है. उसने टॉप और स्कर्ट उतार दिए और नंगी हो गयी. मैं हासणे लगी. पर ये उसका खेल नही था. वो रूम से ऐसे ही बाहर आ गयी और मम्मी के एक-दूं पीछे खड़ी हो गयी. मैं चौंक गयी और हैरानी से हासणे लगी. मैने उसे इशारा किया रूम में जाने का, पर वो सारे घर में घूमती रही मुझे दिखाते हुए.
मैं उसके डेरिंग से इंप्रेस हो रही थी साथ में गरम भी. पर रिस्क था. मैने कंट्रोल किया और जाने को कहा. पर वो मेरी और आई और मेरी त-शर्ट उठाने लगी. मैने कहा था मैं नही रोकूंगी तो मैने नही रोका.
उसने त-शर्ट को गले तक उठा दिया और हाथ पीछे ले जाके मेरी ब्रा क्लिप खोल दी. फिर ब्रा भी उठा के मेरे बूब्स बाहर निकाल के चूसने लगी. कभी-कभी मेरे निपल्स को दांतो से दबाती थी तो मेरी सिसकी निकल जाती. मुझे बहुत मज़ा आ रता पर यहीं दर्र था की मम्मी एक बार घूम जाती तो दोनो पकड़े जाते.
पर वॉल्यूम हाइ था इसलिए मैं भी मज़े में सिसकिया ले रही थी. और मम्मी भी जब टीवी दिखते है, तो फोकस में देखती. आस-पास की चीज़ों की खबर ही नही होती.
पर इन सब से रिमी को कोई दर्र नही था. बूब्स होते ही उसने मेरी शॉर्ट्स खींच कर नीचे घुटनो तक उतरा दी. अगेन मैने नही रोका पर इशारा किया की संभाल के. उसने मुझे देख के स्माइल की और बात ना मानते हुए घुटनो तक नीचे किए हुए शॉर्ट को वापस पकड़ा और पूरा निकाल का डोर फेंक दिया. मैं गुस्सा नही थी, पर तोड़ा टेन्षन हो गया. मैने हल्के से कहा-
सीमी: रिमी क्या कर रही है? मम्मी है.
वो मुस्कुराते रही और बेफिकर मेरी छूट को चाटने लगी. उसने और भी गरम कर दिया मुझे. 10 मिनिट तक उसने जीभ से पूरी छूट को अची तरह छाता और चूसा. कुछ ही देर में मैं झाड़ गयी और रिमी पूरा पानी पी गयी. फिर वो रूम में चली गयी.
मैं ताकि हुई सोफा पे बैठी थी. त-शर्ट और ब्रा गले तक उठा था, बूब्स बाहर थे, और नीचे से पूरी नंगी. पंत पता नही कहाँ फेंक दी रिमी ने. मुझे उसकी नॉटी हरकत बहुत पसंद आती है.
एक और दिन सोचा बदला लू. उसकी डेरिंग देख मुझे भी मॅन किया कुछ करने का. मम्मी और रिमी किचन में थी. मम्मी खाना बना रही थी. रिमी पास ही खड़ी बातें कर रही थी.
मुझे मौका सही लगा और मैं नीचे घुटनो के बाल उसके पास जाने लगी. रिमी मम्मी से बिल्कुल सट्टी हुई थी, तो सिर्फ़ रिमी को शकल दिख पाती, नीचे नज़र नही जाती. इसी बात का फ़ायदा उठा के मैं नीचे से रिमी के पास पहुँच गयी. उसने एक पिंक टॉप पहना था, जो शोल्डर से शुरू होता है और नीचे हाफ जीन्स पंत.
मैने धीरे से उसकी जीन्स की बटन खोलने लगी. रिमी ने देखा और स्माइल किया. फिर मम्मी से नॉर्मल बातें करने लगी. मैं आयेज बढ़ी और बटन खोल के ज़िप खोल दिया. फिर मैं पंत उतारने लगी पर उसके पिछवाड़े में अटक रहा था. रिमी को फील हुआ तो उसने भी साथ दिया और कमर को आयेज करके पंत को धीरे से नीचे पुश कर दिया.
मेरे खींचने और उसके पुश करने से पंत नीचे आ गयी. मैं उसे चिढ़ने के लिए पिछले दिन की तरह पंत निकाल के फेंकने वाली थी, की उससे पहले रिमी ने ही दोनो पैर पंत से बाहर निकाल लिए और मुझे इशारा किया की मैं पंत ले जौ.
रिचा: यार तेरी बेहन तो तेरे से ज़्यादा हॉट निकली.
सीमी: वही तो मैं भी हैरान रह गयी. उसको कोई दर्र ही नही है.
रिचा: तो आयेज क्या किया?
सीमी: उसके इस बोल्ड अंदाज़ से मैं गरम हो गयी और उसके पिंक टॉप के नीचे आधी च्छूपी गोरी छूट की और देखने लगी. रिमी ने भी मुझे देखा और समझ गयी. उसने टॉप को पेट तक उठा दिया और टाँगें हल्की फैला दी.
मुझसे और रुका ना गया और मैने रिमी की छूट चाटनी शुरू कर दी. मम्मी को ज़रा सा भी अंदाज़ा नही था की ठीक उनके बगल में उसकी बड़ी बेटी उसकी छ्होटी बेटी की छूट चाट रही थी.
हम मज़े ले रहे थे, लेकिन रिमी जब गरम होने लगी, तो सिसकियाँ लेने लग रही थी, और बचने के लिए मूह धक ले रही थी.
पर फिर भी कभी-कभी निकल जाती. हम दोनो को लगा की पकड़े जेया सकते है तो मैने इशारा किया सोफा पे चलने को. दोनो जाने लगे तो रिमी ने हाथ खींच लिया. मैने धीरे से पूछा क्या हुआ तो उसने एक इशारा किया. हम इतनी बार ये सब कर चुके थे की हम एक-दूसरे के हर इशारे का मतलब जानते थे. तो मैं उसका इशारा समझ गयी और रिटर्न में मैने भी इशारा से हा बोल दिया.
सृजीता: अछा क्या था इशारा?
सीमी: पता चल जाएगा. हम अब भी मम्मी के पीछे खड़े थे. इसके बाद हम दोनो ने मम्मी थोड़ी देर देखा तो पाया वो बहुत बिज़ी थी. पर पता नही चल रहा था की मम्मी पीछे घूम सकती थी की नही. कन्फर्म करने के लिए रिमी ने एक और डेरिंग वाला काम किया. उसने पूच लिया-
रिमी: मम्मी कितना टाइम लगेगा खाना बनने में?
मैं दर्र गयी क्यूंकी रिमी पहले से ही नीचे से नंगी खड़ी थी. मम्मी घूम जाती तो मरते. पर ऐसा नही हुआ. मम्मी ने वैसे ही जवाब दिया.
मम्मी: अभी तो शुरू हुआ है. अभी 15 मिनिट इसको भेजना होगा. 15 मिनिट तक मैं हिल नही सकती यहाँ से.
हमे कन्फर्मेशन मिल गया. सुनते ही रिमी ने उपर का पिंक टॉप उतार दिया. उसने पिंक ब्रा पहनी थी. रिमी ने वो भी खोल दिया और किचन से बाहर डोर फेंक दिया.
सृजीता: मा कसम क्या डेरिंग है. एक सेकेंड भी आंटी घूमती तो तुम दोनो मरते.
सीमी: वही तो. हम अब भी मम्मी के पीछे खड़े थे, और रिमी पूरी नंगी थी. रिमी ने फिर इशारा किया और मैने भी रिप्लाइ दिया. वो मेरे पास आई और मेरी त-शर्ट उतार दी और ब्लॅक ब्रा भी खोल दिया.
देर ना करते हुए तुरंत ही रिमी ने मेरी शॉर्ट्स खींच कर नीचे उतार दी. अब हम दोनो मम्मी के पीछे नंगे खड़े थे. तो तूने जो पूछा इशारे के बारे में, वो ये था की पहले जब मैने कहा सोफा पे चलने को, तो रिमी ने इशारा किया की हम यहीं से कपड़े उतार के नंगे होके जाएँगे. जिसपे मैने हा बोला. दूसरा उसने नंगे होने के बाद मुझे इशारे से कहा मेरे कपड़े उतारने को. पर मैने इशारे में उसे ही कहा की मेरे कपड़े उतारे, इसलिए वो पास आके मुझे नंगा कर दी.
फिर हम दोनो मम्मी के पीछे ही किस करने लगे. उसकी गरम नंगा बदन मेरे नंगे जिस्म से चिपकी हुई थी. किस के बाद हम सोफा पे गये और रिमी ने मुझे धक्का दिया. सोफा पे लेता के वो मेरी छूट पर टूट पड़ी. कूची मिंटो में उसने चाट के चबा-चूस के मेरा पानी निकाल दिया और पी गयी. जैसे मेरी बारी आई पहली बार उसने मुझे रोका.
सीमी: क्या हुआ?
तभी रिमी ने ऐसी बाअत बोली, जिसे सुनने के लिए मेरे कान तरस गये थे.
रिमी: दीदी टाय्लेट.
मैं बहुत खुश हो गयी और उसे बातरूम में चलने को कहा, पर उसने रोक दिया.
रिमी (मुस्कुराते हुआ): यहीं पे.
मैं उसके डेरिंग से और गरम हो गयी. मैं वहीं घुटनो पर उसके छूट के सामने मूह खोल के बैठ गयी. रिमी ने उंगली से अपने छूट को फैलाया और सस्यू करने लगी. पर उसका पानी मेरी छ्चाटी पर गिर रहा था. मैने उसका गांद पकड़ी और अपनी और खींच लिया. अब उसका मूट सीधा मेरे मूह में गिर रहा था. मूह भरते ही मैं निगलने लगी. पर निगलने से मूह बंद हो रहा था, और सब बाहर गिर रहा था.
तो मैने सीधे उसकी छूट से मूह चिपका दिया और पीने लगी. उसने जोश में अपना रिघ्त पैर मेरे कंधे पर उठा दिया, और मेरा सर पकड़ कर मूटते रही. मैं भी उसकी छ्होटी और सॉफ्ट गोरी गांद पकड़ के सारा पी गयी.
रिमी: उसकी साँस चढ़ि हुई थी. वाउ दी बहुत मज़ा आया. दीदी मुझे भी पीना है आपका.
सीमी: ज़रूर पिलौंगी. मैं भी मॅर जेया रही हू.
मैं: तो कभी मौका मिला?
सीमी: हा बुत वो दिन सोचा नही था हो जाएगा. इतना डेरिंग करते-करते हमारी हिम्मत बढ़ने लगी थी.
मम्मी टीवी देख रही होती तो बेहन की तरह मैं भी उसके साथ नंगी रूम से बाहर आके मम्मी के पीछे घर में घूमती, तोड़ा खेलते, किस करते फिर वापस आ जाते. हर दिन और ज़्यादा देर तक बाहर रहने लगे.
हमारे रूम में भी बातरूम था और बाहर में भी एक कामन. कामन बातरूम के ऑपोसिट ही किचन था जहा मम्मी काम कर रही होती थी. हम दोनो एक एक करके नहाते और नंगे ही बाहर आते थे. एक दिन जस्ट एक सेकेंड मम्मी पीछे घूमी थी, जब मैं निकल रही थी. मैं समझी आज पकड़ी गयी और वहीः रुक गयी. पर मम्मी का ध्यान नही गया और वो वापस पीछे मूड के काम में लग गयी. मेरी उस दिन फटत गयी थी.
इसके अलावा कभी-कभी हम में से कोई मम्मी के बगल खड़ा हो जाता और दूसरा नीचे च्छूप के उसका पंत उतारता और छूट खाता. हम इतना माहिर हो गये की झाड़ते ही मूह बंद कर लेते थे ताकि चीख बाहर ना आए.
फिर ऐसा होने लगा की पहले झाड़ के वो वापस पंत पहन लेती. पर कुछ दीनो बाद हमने नीचे वापस पहनना छ्चोढ़ दिया. मौका अछा हो तो उस दिन की तरह पीछे ही हम दोनो कपड़े उतार देते और किचन के बाहर फेंक देते और थोड़ी देर मस्ती करते. फिर वहाँ से जाते थे.
रिचा: वाउ यार. मुझे भी तेरी बेहन की लेने का मॅन कर रहा है. अछा वैसे तेरी बेहन तो तेरे से ज़्यादा चुड़क्कड़ हो गयी है. पर फिर भी कभी ऐसा कुछ हुआ जिससे तू उसकी दीवानी हो गयी?
सीमी: हा, एक दिन की बात है जब हमारा खेल बढ़ने लगा. ऐसा था की रिमी खड़ी थी मम्मी के पास तो मैं उसे पीछे से हग करके खड़ी थी, और मम्मी से बातें करती रही थे दोनो. इस बीच धीरे-धीरे मैं उपर से रिमी के गले के पास से हाथ अंदर ले जाती, और उसके बूब्स दबाती. इसके लिए हम ब्रा नही पहनते थे.
फिर हमने सोचा नीचे से नंगे रहना हो गया. अब से ट्राइ करते है मम्मी के पास टॉपलेस हो जाए. पर ये नही हो पाया क्यूंकी इतना नज़र पद ही जाता और उतारते भी कैसे?
बुत पता था रिमी कुछ शैतानी करेगी. मैं मम्मी के पीछे थी और रिमी मम्मी के बगल मे. बात करते-करते वो मेरी तरफ पीछे मूड गयी. उसने वाइट कलर का टॉप पहना था, जो कंधे पर पतली से पट्टी से बँधा था. उसने मेरी और इशारा करके धीरे से लेफ्ट वाली पट्टी नीचे उतार दी.
फिर जब देखा मम्मी ने नही देखा तो हल्के से कपड़ा और नीचे किया और धीरे-धीरे रिमी ने अपना लेफ्ट बूब बाहर निकाल दिया और वैसे ही बातें करने लगी. मैं इंप्रेस हो गयी. जानती थी कुछ ना कुछ करेगी.
पर इतना काफ़ी नही था. उसने फिर रिघ्त वाला भी नीचे करना शुरू किया की मम्मी घूम गयी. रिमी भी तुरंत मूड गयी और धक लिया.
मम्मी: क्या हुआ, क्या कर रही है?
मेरी गांद फटत गयी.
आयेज क्या होगा ये जानने के लिए पढ़िए अगला पार्ट.