थॅंक योउ ऑल फॉर थे अक्नॉलेज्मेंट्स आंड एमाइल्स. ई लोवे देम आंड थे अरे मी इन्स्पिरेशन. ई आम नाउ 40 यियर्ज़ ओल्ड. वॉट ई हॅव पोरट्रेड इन मी स्टोरीस अरे मी फॅंटसीस. ई आम स्टिल आ वर्जिन आंड क्रॉस-ड्रेस आंड अकेशनली मीट पीपल फॉर फन.
“कैसे दूसरे दिन भी अंकल ने मुझे छोड़ा और किसी से इंट्रोड्यूस करवाया.”
उमेश अंकल का लंड 6 इंच लंबा और 1.5 इंच मोटा था. लेकिन पहली बार चूड़ने के बाद मेरे गांद में दर्द काफ़ी हो रहा था. सुबह मैं मेडिकल गया और बोला की, “मैं ग़लती से किसी समान के उपर बैठ गया और चोट लग गयी.”
अब मेडिकल वाले ने फिर पूछा, “अंदर तक दर्द है क्या?”
तो मैने भी हा बोल दिया और मेडिसिन खाई. फिर अंदर तक एक ट्यूब दी थी, जो मैने डाल के उंगली से अंदर बाहर करके लगाई. ऐसे करते वक़्त मुझे उमेश अंकल के लंड की याद आ गयी और मैं रात के बारे में सोचने लगी.
मैं दिन में च्चत पे जा रहा था की उमेश अंकल ने मुझे पकड़ के अपने फ्लॅट के अंदर कर लिया और दरवाज़ा लॉक करके मेरे होंठ चूसने लगे. वो अपने खरे हुए लंड को मेरी लुल्ली से सत्ता के मेरी गांद को दबाने लगे.
किस्सिंग के बीच में वो मेरे होंठो से होंठ सत्ता के कहने लगे-
अंकल: रात से ठीक से सो नही पाया हू ज़ीया तेरे इस गांद को याद करके.
और फिर मेरे होंठो को चूसने लगे. वो मेरे मूह में अपना ज़ुबान घुसा के मेरी ज़ुबान चूसने लगे. क्या क़यामत किस करते है उमेश अंकल. नीचे मेरी पंत के अंदर हाथ डाल के मेरी गांद को दबाते हुए मेरे च्छेद को च्चेड़ रहे थे, घिस रहे थे.
तो मैने कहा: अंकल बहुत दर्द है. अभी अंदर डालिएगा मत प्लीज़. अभी डॉवा लगाई है और 2 टाइम लगाना है.
अंकल ने मुझे दीवार की तरफ मूह करके सत्ता दिया और नीचे बैठ के मेरी पंत जांघों तक उतार दी. फिर मेरी गांद को स्प्रेड करके मेरे च्छेद को ज़ुबान से चाटने लगे और मैं फिर से पिघलने लगा.
फिर अंकल बोलने लगे: घबरा मत, जो डॉवा लगाई है अब अगले दो टाइम उसके साथ-साथ वॅसलीन भी भर के लगाना, और अंदर तक डालना हाथो से.
मैने कहा: ठीक है.
तो फिर अंकल ने कहा: मेरे प्यार का रस्स तो पी सकते हो तुम?
अंकल के इतना कहते ही मैं तो मदहोश था ही. मैं भी वैसे ही दीवार पे सतत के नीचे गया और धोती के बीच से उनका लंड निकाल के अपने मूह में डाल लिया. फिर लंड को प्यार करने लगा और चूसने लगा. अंकल मेरे सर को पकड़ के धीरे-धीरे अपने लंड को मेरे मूह में डाले जेया रहे थे और आ आ कर रहे थे.
थोड़ी देर में उनका बीज मेरे मूह में बह गया. कुछ गिर गया, कुछ मैने पी लिया और खुद को सॉफ करके घर चला गया. घर आके अब दोनो टाइम डॉवा के साथ मैं वॅसलीन का पूरा डिब्बा मेरी गांद में भर लिया था. मेरी गांद तब तक काफ़ी खुल चुकी थी, और वेल लूब्रिकेटेड हो गयी थी.
मैं च्चत पे गया तो अंकल का रूम बंद था. मैं ये सोच ही रहा था की अंकल कहाँ थे. फिर छत पे पहुँचते ही मैने देखा की अंकल च्चत की एक साइड में खाली बदन धोती पहने खड़े थे.
मुझे देखते ही अंकल ने जल्दी से जाके दरवाज़ा लॉक किया, और मेरे पास आ गये. उन्होने मुझे दीवार से सत्ता के खड़ा कर दिया, और मेरी पंत उतार दी. फिर मेरे सारे कपड़े उतार के मुझे नंगा कर दिया. उसके बाद अंकल ने भी अपनी धोती उतार दी, और नंगे हो गये.
अंकल ने नीचे बैठ के मेरी गांद के च्छेद को एक बार छाता. फिर खड़े होके अपना खड़ा लंड मेरी गांद के होल पे रगड़ने लगे. मुझे अछा तो लग रहा था, लेकिन दर्द के दर्र से मैने अंकल को कहा-
मैं: प्लीज़ अंकल आज नही.
तो अंकल ने मुझे नज़र अंदाज़ करते हुए अपने लंड का सुपरा मेरे च्छेद में डाल दिया. फिर मेरे कंधे को पकड़ के, मुझसे सतत के मेरी पीठ को चूमने और चाटने लगे.
मैं: आआअहह अंकल… प्लीज़…
अंकल: आहह मेरा शोना, देखो तुम्हारा च्छेद वॅसलीन से खुल गया है और दर्द नही होगा.
मैने बर्दाश्त करते हुए उनके पुर लंड को अपनी गांद में ले लिया, और फिर अंकल धीरे-धीरे मुझे छोड़ने लगे. वो रफ़्तार धीरे-धीरे बढ़ने लगे.
मुझे आज बिना किसी लिडओसन के चुदाई से मज़ा तो आ रहा था. लेकिन उनका रॉ लंड अंदर बहुत ज़ोर फील हो रहा था. और मैं बस दीवार पकड़ के अपनी गांद बाहर निकाले उमेश अंकल का लंड ले रही थी. अंकल पीछे से मेरे होंठो और पीठ को चूस्टे हुए मुझे बस छोड़ रहे थे.
थोड़ी देर में वो मेरी गांद में झाड़ गये और सब सॉफ करके आने के बाद लेट गये. फिर अपना लंड मेरे मूह में डाल के साइड से मेरे मूह को छोड़ने लगे. करीब एक घंटा उनका लंड चूसने के बाद उन्होने मुझे फिर एक बार मिशनरी पोज़िशन में छोड़ा. फिर मेरी गांद में झाड़ गये और मैं सुबह होने से पहले अपने घर चला गया.
दिन में जब मैं उमेश अंकल से मिला, वो सोफे पे बैठ के ही मुझसे अपना लंड चुसवाने लगे. मैं सोफे पे डॉगी पोज़ में साइड से उनका लंड चूसने लगी. अचानक एक वीडियो कॉल आया अंकल को और अंकल ने मुझसे लंड चुस्वते हुए ही कॉल रिसीव किया और बात करने लगे. फोन मेरे फेस से उपर था, तो मेरा च्छेद वीडियो में नही आ रहा था. तो मैं भी कॉल इग्नोर करके उनका लंड चूसने लगी.
अंकल: अर्रे सुल्तान, बोलो कैसे हो?
कॉल पे सुल्तान थे, अंकल से 10 साल छोटे और उनके कोलीग जो साथ में काम करते थे. सुल्तान गोरा, शरीर पे थोड़े बाल, 6.5 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड और मस्क्युलर था.
सुल्तान: बस भाई साहब, चल रहा है. आप क्या कर रहे है?
उमेश अंकल: कुछ नही, अपनी जान के साथ हू.
सुल्तान: कौन?
अंकल: आज रात आओ, मिलवा दूँगा.
सुल्तान: अर्रे बताइए तो.
अंकल: लो देख लो मेरे जान को.
अंकल इतना कहते ही एक हाथ से मेरे सर को अपने लंड पे दबा के, लंड मेरे गले तक डाल के रोक दिए. फिर फोन मेरे फेस के सामने रखके बोलने लगे-
अंकल: ये है मेरा जान ज़ीया.
मैं कुछ रिक्ट नही कर पाया और सुल्तान को वीडियो में देख के आँखें बंद कर ली. मैं वैसे ही मूह में अंकल का लंड लिए आघह उउम्म्मह करता रहा.
सुलटा: भाई साहब अपने भाई को भूल गये?
अंकल: अर्रे तुमको कैसे भूल जौंगा? आज मिलो.
सुल्तान भी हा बोल के फोन रख देता है और अब मैं अपने मूह से लंड निकालने को अंकल को बोलने लगी-
मैं: ये क्या किया आपने? अब वो आदमी सब को बोल दिया तो?
अंकल: अर्रे दररो नही. वो मेरा दोस्त है और उसको भी एक ब्फ चाहिए था. तो मैने कहा था की मुझे मिल गया तो हम दोनो शेर कर लेंगे.
मैं: पर ऐसे कैसे आप मुझे रंडी बनाना चाहते है?
अंकल: नही मेरी जान, तुम हम दोनो की रानी बन के रहोगी.
मेरे रिक्ट करने से पहले अंकल मेरे मूह में फिर से अपना लंड डाल के छोड़ने लगे. फिर थोड़ी देर में मेरे मूह में झाड़ गये और मैं उनका सारा सीमेन पी गया.
अब मैं घर में आके सोचने लगा की अब आयेज क्या होगा.
नेक्स्ट कहानी की उमीद है बहुत जल्दी. आप लोगों को अछा लगा मुझे भी अछा लगा. आप मुझे कॉंटॅक्ट करिए मैं ज़ीया अमान, आगे 40, स्टिल वर्जिन आंड बॉटम आंड लीके तो क्रॉस-ड्रेस. अगर मिल सका आप मेरे करीब रहे या मैं आपके करीब जेया सका तो ज़रूर मिलूँगा.