मा ने दी दूसरे मर्द को ब्लोवजोब

सेक्स स्टोरी का अगला पार्ट-

मम्मी: चल, मैं तुझे सब बताती हू. तो जब सारा समान रूम में आ गया था, और तू यहाँ आ गया था, उसके बाद क्या हुआ?

मम्मी’स पॉइंट ऑफ व्यू (फ्लॅशबॅक)

मैं स्वाती की हेल्प कर रही थी. तीनो बच्चे अभी आपस में लगे हुए थे. फिर मैं और स्वाती उसके रूम में जाके रूम सेट करने लगे. मैं स्वाती से गुस्सा थी. तभी स्वाती मेरे पास आई और बोली-

स्वाती: मधु, कब तक नाराज़ रहोगी? तुम्हारी नाराज़गी मुझसे ऐसे देखी नही जाती.

मैं: स्वाती, तू मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकती है?

स्वाती: मधु, यार तुझे तो पता है ना की मैं अकेली थी. एक दिन मैं रात में उठी पानी पीने के लिए. किचन में जाते समय मैने रेशमी को रवि के रूम के बाहर देखा.

स्वाती: उस समय मुझे कामसुख की प्राप्ति नही हो पा रही थी. तभी मैने रवि और रेखा को करते देखा. रेशमी उनपे नज़र रखे हुए थी. फिर ना जाने कैसे मुझे इस वासना की लत लग गयी. और रवि ने मुझे ये करने को कहा तो मैं माना नही कर पाई.

मैं: तो तूने ये सब रवि के कहने में किया था? तुझे मेरे लिए कुछ नही था? ये सब एक महज़ चाल थी?

स्वाती: स्टार्ट रवि के बोलने पे किया था. पर जो मज़े हमने आपस में किए, वो मैने अपनी मर्ज़ी से किए थे.

मैं: तो रोहन के साथ क्यूँ किया?

स्वाती: वो तो रवि के कहने पर. लेकिन देखा नही कितना बढ़िया लंड था?

मैं: क्या बकवास कर रही है?

स्वाती: एक बार ट्राइ करके देख. तू बोल रही थी ना की ब्रिज भैसाहब आज कल नही करते? रोहन के साथ करके देख, मैने लिया है, बहुत मज़े आएँगे.

मैं: ठीक है, सोचूँगी.

स्वाती: फिर मुझे भी मज़े लेने है रोहन के साथ. अब नाराज़ तो नही ना?

मैं (हंसते हुए): नही बाबा.

ये बोलने के तुरंत बाद स्वाती मुझे किस करने लगती है. हम उस किस में खो जाते है. तभी वो सारी के अंदर से मेरी छूट में हाथ लगाने लगती है. कुछ हो पता उससे पहले डोर पर नॉक होती है, और रेखा अंदर आती है. हम अपने आप को डीसेंट करते है.

रेखा: मम्मी, भूख लग रही है.

स्वाती: चल ठीक है, मैं खाना बनती हू.

वो दोनो किचन में जाते है. मुझे बातरूम जाना था. पर लिविंग रूम वाला बातरूम ऑक्युपाइड था. तो मैं रवि के रूम में चली जाती हू, क्यूंकी उसके रूम में अटॅच्ड बातरूम था. रूम में एंटर हुई तो रवि ने पीछे से रूम का डोर बंद कर दिया. रवि मेरा वेट कर रहा था, वो भी निर्वस्त्रा होके. मैने रवि और उसके खड़े लंड को देखा और बोली-

मैं: रवि, ये क्या कर रहा है?

रवि: जो कल काम अधूरा रह गया था, वो पूरा करना है. मेरे पास पिक्चर है मम्मी आंड रोहन की नंगे में, मैं पापा को सेंड कर दूँगा.

मैं: इसमे तो तेरी मम्मी का भी घर टूटेगा.

रवि: मैं पापा को बोल दूँगा, रोहन ने मम्मी को ड्रग करके ये काम उनके साथ किया.
उसने पिक ऐसी ली थी की जिसमे लग रहा था की रोहन ज़बरदस्ती कर रहा हो.

मैं: मुझे रात तक सोचने का मौका दे.

रवि: इसमे क्या सोचने का मौका चाहिए? पर फिर भी, शाम को मिलते है.

में बातरूम में गयी. बातरूम से बाहर आते हुए रवि ने मुझे माय्स्चुरिज़र दिया, बोला इसको लगाओ. और पहले रवि निकला, बाद में मैने अपनी सारी ठीक करते हुए, फेस में माय्स्चुरिज़र लगते हुए बाहर आई. पूरा दिन नॉर्मल था, रात हुए, सब डिन्नर किए. डिन्नर के बाद उसने मुझे दोबारा रूम में बुलाया और बोला,

रवि: तो क्या सोचा आपने? वैसे भी आपके पास ज़्यादा ऑप्षन कहाँ है?

मैं: तो क्या करना चाहता है तू?

रवि: मैं तो आपकी चुदाई करना चाहता हू. पर अभी ब्लोवजोब से भी काम चल जाएगा.

मैं: एक शर्त पे, तू मुझे किस नही करेगा.

रवि: चलो, ठीक है, पर आपको मुझे अपने बूब्स दिखाने होंगे.

मैने अपने ब्लाउस से बूब्स बाहर निकाले और रवि ने अपना लंड. उसने उसका लंड मेरे बूब्स में रगड़ना स्टार्ट किया. उसका 6 इंच का लंड था, फिर वो डाइरेक्ट वो लंड मेरे मूह में डाल देता है. मुझे थोड़े थोड़े मज़े आ रहे थे. मैं सोच रही थी की रवि का लंड मज़े दे रहा है तो रोहन का लंड तो कितने मज़े देगा?

फिर में तोड़ा सा उसका लंड चूसा. थोड़ी देर में रवि झाड़ गया. जब ये सब चल रहा था, उसने टीवी में एक गंदी वीडियो लगाई थी और वॉल्यूम ज़्यादा की हुई थी. रवि मेरे मूह में झाड़ा, मैं वो वॉशबेसिन में थूकि. फिर अपने बूब्स ठीक करते हुए, अपना फेस सॉफ करते हुए बाहर आ गयी.

मी पॉइंट ऑफ व्यू:-

मैं: मम्मी, आप तो बोल रही थी की आपने जीवन में एक ही के साथ किया था, और वो पापा थे करके.

मम्मी: वो मैं सेक्स की बात कर रही थी. ब्लोवजोब देने के बाद मुझे सेक्स करने को बोल रहा था रवि. बोल रहा था रात में में वही रुक जौ.

मैं: तो आपने सेक्स सिर्फ़ पापा और मेरे साथ किया है? इसके अलावा आपने किसी और के साथ भी कुछ किया है क्या?

मम्मी: वो सब बाद में.

तभी रवि का मेसेज आया मम्मी को. उसमे लिखा था की 10 मिनिट्स में मेरे रूम में आओ, नही तो मैं पिक्चर… तभी मैने और मम्मी ने एक प्लान बनाया की रवि किसी को ब्लॅकमेल ना कर पाए.

फिर मैं दीदी के रूम में गया. वहाँ वो दोनो एक-दूसरे की बाहों में थे. एक-दूसरे के साथ चुम्मा-छाती कर रहे थे. मेरे को देख के दीदी चिल्ला दी.

प्रिया: पागल है क्या तू? इतनी बड़ी ग़लती कैसे कर सकता है तू? मैने इसको टॅबलेट दे दी है. मम्मी के रूम में थी. पर अगली बार ध्यान रखना.

मैने सोनिया की तरफ देखा तो वो मुझसे नज़रें चुरा रही थी.

मैं: सॉरी दीदी, वैसे आप कॉलेज नही जेया रहे?

प्रिया: यार, लेक्चर कॅन्सल्ड है आज.

मैं: दीदी, आप सुमन आंटी के साथ रहना, मुझे और मम्मी को मार्केट जाना है. मम्मी ने सोनिया को साथ लाने को बोला है.

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तो बे कंटिन्यूड…

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