सर्प्राइज़ देके मा की चुदाई

हेलो दोस्तों मैं सोनू. तो जैसा की आप लोगों ने पिछले पार्ट में पढ़ा की मैं और मम्मी बीच के किनारे डटे पर थे, और खूब दारू पीते है, और डॅन्स करते है. फिर रात का 1 बाज जाता है. हम लोग वहाँ से निकलते है. अब आयेज-

होटेल वापस जाने के लिए कार बुक किया रहता हू मैं, और मम्मी और मैं कार में बैठ जाते है. फिर होटेल के लिए निकल जाते है. ड्राइवर कार चला रहा होता है, और मैं और मम्मी पीछे बैठे होते है.

मम्मी मेरे से एक-दूं चिपक के बैठी होती है, और मेरे को चूम रही होती है. मैं भी मम्मी की कमर में हाथ डाल कर बैठा रहता हू. फिर मैं धीरे से बोला-

सोनू: मम्मी तोड़ा सा सबर रखो, होटेल में एक और सर्प्राइज़ है है.

मम्मी: तू कितना सर्प्राइज़ रखा है मेरे लिए?

सोनू: मेरे को तो इतना भी कम लग रहा है.

मम्मी: बहुत सारे सरप्राइज़स दे दिया तूने मेरे को मेरी जान, अब बस.

सोनू: ये वाला लास्ट है.

कुछ देर में हम लोग होटेल पहुँच जाते है. फिर हम लोग अपने रूम में जाते है. मम्मी बोलती है-

मम्मी: बेटा तू बोल रहा था की होटेल में कुछ सर्प्राइज़ है. लेकिन यहाँ तो कुछ नही है.

सोनू: सर्प्राइज़ बेडरूम में है.

मैं मम्मी को बेडरूम में ले जाता हू. मम्मी बेडरूम को देखते ही खुश जाती है. हमारे बेडरूम की लाइट ऑफ रहती है, और पुर रूम में मोमबत्ती जल रही होती है. हमारा बेड फूलों से सज़ा हुआ रहता है.

रूम देख कर ऐसा लग रहा था जैसे आज हमारी सुहग्रात हो. असल में मैं होटेल वालो को पहले ही हमारा रूम सजाने के लिए बोल दिया रहता हू. फिर मम्मी बोली-

मम्मी: वाउ, कितना सुंदर लग रहा है.

सोनू: ये सिर्फ़ आपके लिए है.

मम्मी: थॅंक योउ मी लोवे. आज देख मैं तेरे को कैसे प्यार करती हू.

इतना कह कर मम्मी मेरे को पकड़ के सीधा बिस्तर पर लिटा देती है, और खुद मेरे उपर आ कर बैठ जाती है. फिर मेरे होंठो को चूसना शुरू कर देती है.

मैं भी मम्मी जाकड़ लेता हू, और मम्मी के होंठो को चूस रहा होता हू. मम्मी जल्दी से मेरे कपड़े खींच कर निकाल देती है, और मेरे को नंगा कर देती है. मैं भी मम्मी की ड्रेस निकाल कर मम्मी को नंगी कर देता हू.

हम दोनो एक-दूसरे के बदन से लिपट रहे होते है. मम्मी मेरे छ्चाटी को चूमते हुए मेरे लंड तक आती है, और मेरे लंड को मूह में लेकर चूसने लगती है. मेरे को बहुत मज़ा आते रहता है. काफ़ी दीनो से मेरा लंड मम्मी के मूह में जाने के लिए तरस रहा था.

मम्मी सता-सात मेरा लंड चूस रही होती है. कुछ देर लंड चुसवाने के बाद मैं मम्मी को लिटा देता हू. फिर मैं मम्मी की छूट चाटने लग जाता हू.

मम्मी: अया अयाया मेरा बेटा अया अया अया अया ऑश.

मम्मी को अपनी छूट चटवाने में बहुत मज़ा आ रहा होता है. लेकिन मेरे अंदर अब सबर नही था. मैं जल्दी से अपना लंड मम्मी की छूट में घुसा देता हू, और ज़ोर-ज़ोर से मम्मी को छोड़ने लगता हू. मम्मी मेरे को ज़ोर से जकड़ी होती है.

मम्मी: आआआः आआआः छोड़ मेरे को अया, और छोड़ अया अया अया.

मैं ज़ोर-ज़ोर मम्मी को छोड़ रहा होता हू. पुर रूम फॅक-फॅक और अया अया की आवाज़ आते रहती है. कुछ देर बाद मम्मी मेरे उपर आ जाती है, और मेरा लंड अपनी छूट में घुसा कर कूदने लगती है.

मम्मी: अया अयाया अयाया आ छोड़ मेरे को मेरे राजा अया. अयाया बुझा दे मेरी छूट की प्यास अया अया अया.

मम्मी पुर जोश में होती है और मैं भी नीचे से कमर उठा-उठा कर धक्के लगा रहा होता हू. कुछ देर ऐसे ही चुदाई करने के बाद मैं मम्मी को उल्टा लिटा देता हू, और मम्मी के चूतड़ के च्छेद पर थूक लगा कर अपना लंड मम्मी के चूतड़ के च्छेद में घुसा देता हू. फिर मम्मी का चूतड़ छोड़ने लग जाता हू.

मम्मी: अयाया अयाया आआआः आआआः फाड़ दे बेटा मेरी गांद को. अया अया अया और छोड़ मेरी गांद को अयाया अया अया.

मैं लगातार ज़ोर-ज़ोर से मम्मी की गांद छोड़ रहा होता हू, और मम्मी भी फुल एंजाय कर रही होती है. आज इतने दीनो के बाद मेरे को मम्मी के बदन का सुख मिल रहा था. मेरे को तो बहुत मज़ा आ रहा था.

मम्मी: आआआः आआआः आआआः आआआः आआआः.

कुछ देर मम्मी का गांद छोड़ने के बाद मैं मम्मी के छूट में लंड घुसा कर छूट छोड़ने लगता हू.

मम्मी: अयाया अयाया आआहा अयाया अया रुक आ तुझे कुछ अया नया करती हू.

वो उठ जाती है और मेरे को लिटा देती है. फिर मम्मी मेरी टाँगों को बीच आ जाती है, और मेरा लंड अपनी छूट में घुसा कर मेरे उपर लेट जाती है. उसके बाद अपनी कमर को उपर-नीचे करने लग जाती है. मेरे को तो अब और भी मज़ा आने लगता है. ऐसा सेम नानी मेरे साथ की थी, और आज मम्मी कर रही थी.

मम्मी: अया अयाया अयाया कैसा लग रहा मेरी जान अया अयाया?

सोनू: बहुत मज़ा आ रहा है.

फिर मम्मी मेरे होंठो को चूसने लगती है. वो अपनी जीभ मेरे मूह के अंदर डाल कर मेरा मूह चाट रही होती है, और मैं भी मम्मी के मूह में जीभ घुसा कर चाट रहा होता हू.

मम्मी: अयाया अयाया अयाया आआआः अयाया.

हम दोनो एक-दूसरे में पूरी तरह से खो चुके होते है, और मोदोश हो चुके रहते है. मम्मी अपनी स्पीड तेज़ कर देती है.

मम्मी: अयाया आआआः अयाया अयाया अयाया अयाया अया.

सोनू: मैं झड़ने वाला हू.

मम्मी: अयाया अयाया मैं भी आआआआः आआआआः.

हम दोनो साथ में झाड़ जाते है. मम्मी मेरे उपर मेरे से लिपट के लेती रहती है और बोलती है-

मम्मी: बेटा मैं तेरा बहुत दिल दुखाई हू और हर बार तू मेरे को माफ़ किया है. लेकिन अब से ऐसा नही होगा क्यूंकी अब से मैं तेरे अलावा किसी और से नही चुड़ूँगी. तू मेरे को किसी से चूड़ने भी बोलेगा तब भी मैं नही चड़वौनगी. मेरी छूट सिर्फ़ तू छोड़ेगा. तू किसी भी औरत को छोड़ लेना. मैं तेरे को बिल्कुल नही रोकूंगी. लेकिन मैं अब से तेरे अलावा किसी से नही चुड़ूँगी.

सोनू: मम्मी आप हर बार ऐसा बोलती हो. लेकिन आख़िर में बदल जाती हो. आप फिर से वैसा ही करोगी.

मम्मी: मेरी जान मेरा विश्वश कर. अब से सच में ऐसा नही होगा. तू मेरे से बहुत प्यार करता है, और मैं भी तेरे से बहुत प्यार करती हू. तू हर बार मेरे प्रति अपना प्यार प्रूव करता है. लेकिन मैं दूसरे मर्दों से चूड़ने के बाद तेरे को अपने आप से डोर करने लग जाती हू.

मम्मी: जब की दूसरे मर्द मेरे को चुदाई में तेरे जैसा सुख भी नही दे पाते है. लेकिन फिर भी मेरे साथ ऐसा होता है, और अगर ऐसा ही होता रहा तो एक टाइम ऐसा आ जाएगा की हम दोनो अलग हो जाएँगे. और मैं नही चाहती की हम दोनो अलग हो. इसीलिए मैं अब से किसी भी बाहर के आदमी से नही चुड़ूँगी. मैं सिर्फ़ तेरे से चुड़ूँगी.

सोनू: मम्मी आप मेरी चुदाई से खुश तो ना?

मम्मी: बेटा मैं तेरी चुदाई से बहुत खुश हू. मेरी छूट की प्यास अब तक सिर्फ़ तू ही बुझा पाया है. तू ऐसा कभी मत सोचना की मैं तेरे से प्यार नही करती या तेरी चुदाई से खुश नही हू ऐसा कभी मत सोचना. तू ही वो इंसान है जो मेरी ज़िंदगी में प्यार का रंग भर दिया है.

सोनू: तो इस बार मैं आपके उपर विश्वास करके देखु?

मम्मी: इस बार मैं तेरे को निराशा नही करूँगी.

सोनू: ठीक है, लेकिन इस बार आप मेरा भरोसा तोड़ी तो मैं आपकी ज़िंदगी से हमेशा हमेशा के लिए चला जौंगा.

मम्मी: तू मेरी ज़िंदगी से चला जाए वो दिन मैं कभी नही आने दूँगी. ई लोवे योउ मी हज़्बेंड.

सोनू: ई लोवे योउ टू मी वाइफ.

फिर हम दोनो लिपट के सो जाते है. हम लोग कुछ दिन और गोआ में रुकते है, खूब घूमते-फिरते है, और खूब चुदाई करते है. मम्मी और मेरे बीच सब कुछ सुधार चुका रहता है, और हम दोनो पुरानी बातों को भुला कर अपनी लाइफ एंजाय करते है.

कुछ दिन गोआ में रहने के बाद हम दोनो वापस अपने शहर आ जाता है, और अपने घर आ कर हस्सी-खुशी से रहने लगते है. मैं अपने बिज़्नेस पर भी ध्यान देता हू, और मम्मी पर भी.

मैं पूरा दिन ऑफीस में होता हू जिस वजह से मम्मी घर पर बोर होने लगी थी. तो मैं मम्मी को भी अपने साथ ऑफीस ले जाता हू, और अब मैं और मम्मी दोनो बिज़्नेस संभालते है. ऑफीस में काम करते करते हम दोनो ऑफीस में चुदाई भी किया करते है.

बीच-बीच में बड़ी मम्मी, चाची, बुआ, मौसी भी हमारे घर आया करते है, तो हम सब ग्रूप सेक्स करते है. नानी और मामी भी बीच-बीच में मेरे से चूड़ने आती है.
बीच-बीच में मैं काव्या आंटी को भी छोड़ने जाता रहता हू. काव्या आंटी भी मेरी चुदाई से खुश रहती है. कामिनी आंटी मेरे को एक बार कॉल की थी. तब मैं सीधा मम्मी से बात करा दिया, और मम्मी कामिनी आंटी को खूब गाली दी थी. उसके बाद से कामिनी आंटी मेरे को फोन नही की.

और अब मम्मी और मेरे रिश्ते को पुर 2 साल बीट चुके है, और इस बीच मम्मी मेरे अलावा किसी से नही चूड़ी है. मम्मी पे मेरा विश्वास पक्का हो चुका है.

मम्मी और मैं बाहर के लोगों के नज़र में मा बेटा है. लेकिन घर के अंदर पति-पत्नी है. हम दोनो अपनी लाइफ में बहुत खुश है. मैं हर रात अपनी मम्मी जो की एक भूखी शेरनी है उसे शांत करता हू, और वो मुझे शांत करती है.

मैं और मम्मी बहुत प्यार करते है. हम रोज़ खूब चुदाई करते है, और अपनी चुदाई और प्यार से भारी हुई ज़िंदगी एंजाय कर रहे है.

तो दोस्तों ये था इस कहानी का आखरी पार्ट. अब इस कहानी का और कोई भी पार्ट नही आएगा. आशा करता हू आपको सीरीस पसंद आई होगी. अपनी फीडबॅक मुझे ज़रूर दे.
थे एंड…

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