मा-बेटे की हार्डकोर चुदाई की स्टोरी

ये इस सीज़न का फाइनॅली पार्ट है, जो मस्त धमाकेदार होनेवाला है. सो इसे आराम से, टाइम लेकर, अकेले बैठ कर/लेट कर इतमीनान से पढ़िएगा.

लास्ट पार्ट में आपने देखा की मों टॉपलेस बेड पे बैठी हुई थी, और उसके पीछे मैं. मेरा खड़ा लंड उसे पीछे टच करवके मैं उसके बूब्स का नाप ले रहा था. फिर मैने तोड़ा रिस्क उठाते हुए धीरे से अपने दोनो हाथ उसकी ब्रा के अंदर डाल कर बूब्स पे रख दिए. मेरी इस हरकत के कारण मों मुझे बड़ी आँखों से थोड़े गुस्से से देखने लगी.

मों: शाज़, ये क्या कर रहे हो?

मे: कुछ नही रही, वो इसका भी नाप ले रहा हू. क्यूंकी तुम में बाकी सब चीज़ें कूम होंगी, पर ये वाली चीज़ बढ़ेगी. तभी तुम सेक्सी दिखोगी.

ये सुन कर मों के चेहरे पे स्माइल आ गयी. और उसे देख कर मेरी हिम्मत और बढ़ गयी. फिर मैने ब्रा के अंदर से ही मों के बूब्स मसलना शुरू कर दिया. मों भी हल्का सा मोन करने लगी, और मोनिंग करते हुए बोली-

मों: शाज़, ये क्या कर रहे हो? मैं तुम्हारी मा हू बेटा.

मे: हा. बुत फिलहाल तो तुम मेरे लिए रही हो, मेरी फ्रेंड. और तुम गर्ल भी हो, तो तुम मेरी गर्लफ्रेंड भी हुई (मैं उसके बूब्स तोड़ा और ज़ोरों से दबाने लगा).

मों: आ, फिर भी बेटा. ये ग़लत है. किसी को पता चल गया तो?

मे: नही चलेगा, मों. तुमने कॉलेज में रॉबिन से चुडवाया था, और फिर उसकी बेहन के साथ मिल कर तुम तीनो ने थ्रीसम किया था. किसी को पता चला?

मों: तुम… तुम्हे ये सब कैसे पता? (मों ने पीछे मूड के मुझे देखा)

मे: वो सब छ्चोढो. बस आज मौका है हम दोनो के पास. तो इसका फ़ायदा हम दोनो उठाते है. प्लीज़ मों, मान जाओ ना (मैं उठ के मों के आयेज खड़ा हो गया). आपको मैं आज खुश कर दूँगा. पापा जिस तरह आपको ट्रीट करते है, घर की नौकरानी टाइप, ये मुझे अछा नही लगता. मैं आपको रानी बना कर रखुगा. प्लीज़ मों, एक बार बस अपने बेटे को एक चान्स देकर देखो.

फिर मों ने वो कहा, जिसे सुनने को हर इंसेसटीवे बेटे के कान तरसते है.

मों: बेटा, तुमने खिड़कियाँ, गाते सब सही से बाँध तो किया है ना? ( मों का ये वाला सेंटेन्स, गफ़ का प्लीज़ फक में वाले सेंटेन्स का मों वर्षन है)

मे: एस मों, मैने बाहर से भी लॉक कर रखा है, और सारे खिड़की-दरवाज़े भी आचे से बंद किए हुए है. ताकि मैं तुम्हे आज बिना किसी डिस्टर्बेन्स के आचे से खोल पौ.

और मैने मों के पीछे हाथ ले जेया कर उसकी ब्रा के हुक्स खोल दिए. मों ने ब्रा को आयेज से पकड़ रखा था. मैने भी उसके आयेज की तरफ बेड पे बैठते हुए, उसके हाथो को पकड़ा, और उसमे से ब्रा को निकलवाने का ट्राइ करने लगा.

मे: अब क्या हुआ रही? अब क्या प्राब्लम है?

मों: शाज़, अब ये सब चीज़ों पे तुम्हारे पापा का हक़ है, और उनकी आब्सेन्स में हम दोनो फ्रेंड्स है. और जब वो घर पे ना हो, तब अगर मैं अपने फ्रेंड से रिलेशन्षिप रखती हू, तो फिर ये उनके साथ धोखा होगा.

ये सुन कर मैं उठ खड़ा हो गया, और बेडरूम के गाते की और जाने लगा. तब पीछे से कुछ पकड़ महसूस हुई. मूड के देखा तो मों ने अपने एक हाथ से मेरा हाथ पकड़ा हुआ था, और दूसरे हाथ से अपनी खुली हुई ब्रा को संभाला हुआ था.

मों: शाज़, तुम पूरी बात तो सुन लो पहले. तुम्हारी जेनरेशन में तोड़ा सा भी सबर नही है.

मे: बताओ, सुन रहा हू. क्या कह रही थी तुम? (रूखे से लहज़े में जवाब दिया)

मों: मैं ये कह रही थी की मेरे हब्बी की आब्सेन्स में मैं अपने बाय्फ्रेंड शाज़ से कुछ नही कर सकती. पर अपने पापा की आब्सेन्स में बेटा जो चाहे वो कर सकता है ना.

मे: मतलब?

मों (मेरा हाथ खींच कर मुझे वापस अपने सामने बेड के उपर बिताते हुए): मतलब ये बेटा, की एक औरत पे जितना हक़ एक हज़्बेंड का होता है, उतना ही हक़ उसके बेटे का होता है. कुछ हक़ जो सिर्फ़ अपने शौहर के ही पास होते है, वो सारे हक़ मैं आज तुझे देना चाहती हू. तो बेटा, आज से मैं तुम्हारी मों रहीज़ा उर्फ राही, अपने बेटे शाज़ यानी की तुम्हे, मेरी छूट मारने का और मेरे साथ सेक्स करने का, और मेरे पुर जिस्म का हक़ तुम्हे देती हू. तो क्या यह तुम्हे क़ुबूल है? (ये कह कर मों ने जो ब्रा हाथ से पकड़ रखी थी, उसे छ्चोढ़ दिया. इससे मों के बड़े से बूब्स मेरी आँखों के सामने बिल्कुल नंगे थे)

मे (उसके इन रसीले बूब्स पे अपना हाथ रख कर उनको दबाते हुए): क़ुबूल है, क़ुबूल है, सब कुछ क़ुबूल है.

और मैने अपने होंठ मों के रसीले होंठो पे रख कर उन्हे चूसने लगा. मों भी पूरा साथ दे रही थी, मैं उसके बूब्स मसल रहा था, तो वो मेरा लंड कपड़ों के उपर से ही मसालने लगी. आग दोनो और बराबर ही लगी थी, बस एक चिंगारी की ज़रूर थी, जो आज मैने उसकी ब्रा खोल कर लगा दी थी.

मैं मों के मूह में अपनी पूरी टंग डाल कर उसे किस करने लगा. वो मेरी टंग को अपनी टंग से चूसने लगी.

मों: आ बेटा, मैने कभी सपने में भी नही सोचा था की मैं अपने बेटे को ऐसे किस करूँगी.

मे: और मैं हर रोज़ यही सोचता था, की मैं अपनी मों को एक दिन ऐसे ही किस करूँगा.

मों: नालयक (और मों ने फिर मेरे होंठो पर धावा बोल दिया).

किस्सिंग करते हुए मैं उसके बड़े से बूब्स को अपने हाथो में लिया. फिर उन्हे पूरा मसालने लगा.

मों: आ बेटा. इन्हे पूरा निचोढ़ दे. इंपे अब तेरा पूरा हक़ है. तेरे पापा तो इसे अब उतना टच ही नही करते, तो अब तू ही इस से खेलना. बेटा, इसको अपने मूह में लो (ये बोल कर मों ने अपने निपल मेरे मूह में डाल दिए, और मैं उन्हे चूसने लगा. एक बारी में मों का आधा बूब ही मेरे मूह में जेया रहा था. इससे आप उसके साइज़ का पता लगा सकते हो).

ऐसे ही कुछ देर बूब चुसाई और स्मूछिंग के बाद, मैने मों को बेड के उपर लिटा दिया. मैने झट से अपने बाकी के कपड़े उतार दिए. मेरे नंगा होते ही मेरा बड़ा लंड झूलने लगा. जिसे देख कर मों की आँखों में चमक आ गयी, और वो अपने होंठ भी भींचने लगी.

मों: बेटा, तेरा लंड तो मस्त मोटा और बड़ा है. तू बिल्कुल अपने पापा पे नही गया.

मे: ह्म. इस मामले में शायद मैं तुम पे गया हू. जैसे तुम्हारे बूब्स बड़े है, वैसा ही मेरा लंड. और मों, सच काहु तो मेरा ये बड़ा है. तभी तेरा जैसा माल सामने पड़ा है, और तुझे छोड़ने को ये लंड खड़ा है.

मों: वाह बेटा, तुम तो शायर बन गये.

मे: लगता है, तुम्हारी आशिक़ुई ने मेरे अंदर के शायर को जगा दिया.

मों: फिलहाल तो तू अपने अंदर के भूखे भेड़िए को जगा. उसके लिए शिकार तैयार है (और मों ने तोड़ा खड़ा हो कर अपनी लेगैंग्स को निकाल दिया. वो अपनी पनटी को निकालने ही वाली थी, की मैने उसे रोक दिया).

मे: सुहग्रात को भले आपका घूँघट नही उठा पाया. पर आज तुम्हारी चड्डी निकालने का हक़ तो मेरा है (और मैने अपने दोनो हाथो से पकड़ कर उसकी नीली चड्डी को निकाल दिया.)

वाउ, जो मंज़र मेरे सामने था, मैं उसे बयान नही कर सकता. मों की छूट पूरी क्लीन शेव्ड थी. थोड़ी सी पिंक और वाइट छूट थी, मों की (बुरखे का ये अपना ही फ़ायदा है, की सब कुछ अंदर वाइट ही मिलता है, चाहे कितने साल हो जाए).

मैने ज़रा भी देर ना करते हुए, बिना कुछ सोचे अपना मूह उसकी छूट के उपर रख दिया. वाउ, क्या टेस्ट था मों की छूट का. उसे ब्रेड की तरह अपने मूह में भर कर चूसने लगा. मों ने मेरे सिर में हाथ घूमते हुए बोला-

मों: आ बेटा, चूस लो मेरी छूट को. छातो अपनी अम्मी की छूट को. बहुत सालों के बाद इसे कोई चूस रहा है. आ, आ, बेटा चूस इसे. आ बेटा, मुझे भी तेरा चूसना है. तू इस तरफ आजा.

और मैने खड़े हो कर उसके आयेज अपना लंड रखा. तो मों भी, जैसे कोई लड़की गोलगप्पा खाने के लिए अपना पूरा मूह खोलती है, वैसे ही अपना पूरा मूह खोल कर मेरे लंड को अंदर लेकर उसे चूसने लगी. हम दोनो 69 की पोज़िशन में, एक-दूसरे के प्राइवेट पार्ट्स को चूसने लगे. वो मेरे लंड को पूरा लॉलिपोप की तरह चूसने लगी. मेरे मूह में उसके छूट-रस्स का तोड़ा नमकीन कसैला सा टेस्ट आने लगा. कुछ देर ऐसे ही चुसाई के बाद, मों ने मूह में से लंड निकाल कर मुझे अपने उपर खींचा.

मों: बेटा, अब रहा नही जाता, जल्दी से मेरे अंदर समा जेया.

मे: रिलॅक्स मों, अभी तो पापा को आने में बहुत वक़्त है.

मों: तो तू भी अपने पापा की तरह मुझे आज पुर दिन में सिर्फ़ एक बार ही छोड़ेगा? ह्म!

मे: नही मों, तुम दिन में एक बार नही. हर घंटे में एक बार छोड़ने वाली चीज़ हो.

मैं, मों का इशारा समझ गया, और अपना लंड उसकी छूट पे रख कर उसे धक्का मारा. कुछ देर की ट्राइ के बाद, मेरा लंड मों की छूट में था. सच बतौ, तो ऐसा लग रहा था की किसी टाइट छूट वाली भाभी को छोड़ रहा था. जिसका हब्बी उसे रोज़ नही छोड़ता होगा.

मों भी आ आ और बेटा, छोड़ो मुझे कह कर मेरे लंड को अपनी छूट में सामने लगी. अपने नाख़ून से उसने मेरी पीठ को जाकड़ लिया था, और मुझसे पूरा चिपक कर, मेरे हर एक स्ट्रोक से वो ताल से ताल बिता कर, अपनी गांद हिलाते हुए, अपनी छूट में मेरा लंड ले रही थी.

फिर मों को अपने उपर बिता कर, मैं नीचे लेते हुए उसकी छूट को पेलने लगा. उसके बड़े बूब्स मस्त उछाल रहे थे. मैं उन्हे दबाते हुए, मूह में भर कर चूस्टे हुए मों को छोड़ने लगा. मों अब थकने लगी. शायद बहुत दीनो के बाद उसकी ऐसी चुदाई हो रही थी. फिर कुछ देर के बाद हम दोनो साथ में ही झाड़ गये. मैने पूरा पानी मों की छूट में निकाला, और उसकी पूरी बेडशीट भी उससे गीली हो गयी.

उस दिन मों और मैने अलग-अलग पोज़िशन और पोस्चर में, फर्स्ट टाइम उसके बेडरूम में, फिर मेरे बेडरूम में, और तीसरी बार किचन में चुदाई की. लास्ट टाइम तो मैने अपना पानी निकालने के वक़्त अपना लंड उसके मूह में दे दिया, और अपना पूरा पानी उसके मूह में निकाला.

शायद वो उसे निगलना नही चाह रही थी. पर मैने उसके मूह में से लंड बाहर नही निकाला. सो बेटे की खुशी के लिए मों ने वो सारा पानी निगल लिया. उस दिन की चुदाई के बाद मैं और मों सीक्रेट पार्ट्नर बन गये. अगले 4 से 5 मंत्स में मैने मेरी कंपनी के न्यूट्रीशन और एक्सररसाइज़ के ज़रिए मों का 18 से 20 क्ग वेट लॉस करवाया.

आज मेरी मों एक-दूं मस्त फिगर वाली औरत बन गयी है. वो अब मेरी मों की बजाए मेरी बड़ी बेहन ज़्यादा लगती है. पहले मों और बेटा चुदाई करते थे. पर आज मों काई बार मुझे अपना भाई बना कर मुझसे चुड्ती है.

मों और मैं मिल कर, अब मेरी सिटी हम्त में लोकली और ऑनलाइन ज़ूम के ज़रिए नॅश्नली दूसरे लोगों को भी उनका वेट लॉस करने में हेल्प करते है, और उससे अची इनकम भी कर रहे है (शायद आप लोगों में से किसी ने मेरी फिट मों की कोई वीडियो भी इसके रिलेटेड इंस्था/फ्ब आड पे देखी हो). इन शॉर्ट, दिन को मेरी फिट मों लोगों का वेट उतारती है, और रात को मैं अपनी फिट मों के कपड़े उतारता हू.

लोग अपने घरो में सीसी (रेडियो) बजाते है. मैं अपने घर में मेरी सीसी (फिट मों) की बजता हू. ऑल थॅंक्स तो तोसे अमेज़िंग नेटवर्क मार्केटिंग स्किल्स. आप भी चाहो तो अपनी अनफिट मों/सिस या किसी लेडी को फिट बना कर, उसकी बजा सकते हो. एवेरितिंग डिपेंड्स ओं युवर टाइम आंड एफर्ट्स.

लास्ट मैं डिसक्लेमर : ये मेरी स्टोरी है. आपकी स्टोरी मुझसे भी बेहतर हो सकती है. रिज़ल्ट्स मे वेरी फ्रॉम पर्सन तो पर्सन, डिपेंडिंग ओं युवर एफर्ट्स.

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