सेक्स स्टोरी के लास्ट पार्ट को ढेर सारा प्यार देने के लिए थॅंक्स. अब नेक्स्ट शुरू करते है. आज का पार्ट तो उससे भी ज़्यादा एग्ज़ाइटिंग होने वाला है.
रिंकू आंटी: हा, वैसा ही होगा. हम दोनो ये खमखा ही सोच रहे है. चल, अब सो जेया, फिर बात करेंगे, गुड नाइट.
मों: गुड नाइट.
और फिर रिंकू आंटी ऑफलाइन हो गयी. पर मों अभी भी जाग रही थी. शायद उनको नींद नही आ रही थी, या उनकी नींद उडद चुकी थी.
मैं भी सोने का ही सोच रहा था. क्यूंकी अब जागने से क्या ही फ़ायदा था. क्यूंकी सामने जो छत कर रही थी, वो रिंकू तो सो चुकी थी. मैं भी अपना लॅपटॉप बंद कर रहा था, की वहाँ छत पे मों टाइपिंग कर रही थी. रिंकू तो ऑफलाइन जेया चुकी थी. फिर मों ये क्या और किससे टाइप कर रही थी? सोचा चलो देखते है. वैसे नींद तो मुझे भी उतनी नही आ रही थी.
मों: यार रिंकू, अब तुझे कैसे बतौ, की जिस थ्रीसम चुदाई की तुम बात कर रही हो, रॉबिन और नॅन्सी वाली. उसमे तीसरा प्लेयर मैं ही थी (ये पढ़ कर तो जैसे मेरे टटटे मूह में आ गये. और मुझे भी इंटेरेस्ट आने लगा, की मों नेक्स्ट क्या टाइप करती है.)
मों: रॉबिन ने मुझे वीडियो दिखा कर बोला की थ्रीसम में मज़ा आएगा. पर मैने बोला की मैं किसी अजनबी से नही चुड़ूँगी. तब उसने बोला की वो लड़का नही, लड़की होगी. और फिर मैने ओक कर दिया. फिर एक दिन वो मुझे छोड़ रहा था. तब उसने मुझे पूछा की क्या अपने तीसरे पार्ट्नर को बुलाया जाए? तो मैने ओक बोल दिया, और रॉबिन ने कॉल लगाई, तो फिर कमरे में नॅन्सी एंटर हुई.
मों: मैं कुछ समझू या पूचु उससे पहले नॅन्सी ने आते ही अपना टॉप निकाल दिया, और रॉबिन को स्मूच करने लगी. रॉबिन भी उसके बूब्स से खेलने लगा. ये देख कर मैं हैरान थी, और रॉबिन के उपर नंगी भी. तब नॅन्सी ने मेरे पास आ कर बोली की, “अभी तुम एंजाय करो, और ये सब कैसे हुआ, मैं तुम्हे बाद में बताती हू.” फिर मैने भी तोड़ा रिलॅक्स किया, और उनके साथ फ्लो में बह गयी.
मों: नॅन्सी और रॉबिन, जिस शिद्दत से एक-दूसरे को चूम रहे थे, लिपट रहे थे, नॅन्सी रॉबिन के लंड से खेल रही थी, और रॉबिन उसके बूब्स से, ऐसा लग रहा था की जन्मो के प्यासे प्रेमी आज मिले हो. फोरप्ले के बाद जब नॅन्सी ने अपनी टाँगें फैलाई, तब उसके मूह से निकले शब्द मुझे आज भी याद है, “आ… भाई, छोड़ो मुझे. आज निचोढ़ दो अपनी इस छ्होटी बेहन की छूट को.” और उसके बाद रॉबिन ने नॅन्सी को जाम कर छोड़ा.
मों: साथ में मेरी भी उसने थोड़ी बहुत चुदाई की. नॅन्सी मेरे बूब्स के साथ खेल रही थी. उसने मुझे लीप किस भी किया. पहली बार तो ये तोड़ा अजीब भी लगा. थ्रीसम के दौरान मेरी बॉडी के साथ रॉबिन से ज़्यादा नॅन्सी ने खेला.
मों: जब चुदाई पूरी हुई, तो रॉबिन उठ के वॉशरूम चला गया. फिर वो बाहर निकला तो नॅन्सी ने मुझे फ्रेश हो जाने को बोला. जब मैं वापस बाहर आई, तो रॉबिन जेया चुका था. कमरे में हम दो ही थे, मुझे उसने पास बुलाया और बेड में खींच लिया. फिर मेरी बॉडी के साथ वो फिरसे खेलने लगी.
मों: मुझे भी अब तोड़ा अछा लग रहा था, तो मैं भी उसकी बॉडी को दबाने लगी, उसके बूब्स पे हाथ फेर के दबाने लगी. खुद के बूब्स को मसलना और किसी और लड़की के बूब्स से खेलना, अलग ही मज़ा है. ये देखते हुए उसने मुझे लिटा दिया, और अपने एक बूब को पकड़ कर मेरे मूह के पास लाई, और मुझे मूह खोलने का इशारा किया.
मों: मेरे तोड़ा मूह खोलने पे उसने अपना पूरा बूब मेरे मूह में डाल दिया, और मुझे उसे चुसवाने लगी. फिर कुछ देर बाद मेरी बॉडी से खेलते हुए, उसने मेरी टाँगें फैलाई, और उसके बीच अपना मूह डाल कर मेरी छूट को चाटने लगी. पहले तोड़ा अजीब लगा. फिर मज़ा आने लगा. उसके बाद उसने अपनी छूट मेरे आयेज की, और मुझे भी वो चटवाई. हम दोनो ने 69 की पोज़िशन में एक-दूसरे की छूट को चाट कर एक-दूसरे का पानी निकाला.
मों: हमारे इस मिनी-सेक्स के बाद नॅन्सी ने मुझसे कहा की उसे मैं अची लगती थी, और उसे मेरा फिगर, साइज़ और बूब्स पसंद थे. नॅन्सी ने ही रॉबिन को बोला था, की रहीज़ा को थ्रीसम के लिए कन्विन्स करे.
मों: नॅन्सी को मैने पूछा उसके और रॉबिन के रिलेशन्षिप के बारे में. तब उसने बताया की जब वो कॉलेज में थी, तब उसके ब्फ के साथ उसने किस्सिंग और बूब्स प्रेस्सिंग करी थी. वो लड़के ने उसकी वीडियो बना कर उसको चुदाई के लिए बोल रहे थे. तब नॅन्सी बहुत डिस्टर्ब्ड हो गयी थी, उसकी हेल्त भी बिगड़ गयी थी.
मों: जब रॉबिन को ये बात पता चली, तो उसने उस लड़के की अची पिटाई करके वो वीडियो डेलीट करवा दी. और ये बात नॅन्सी को बताई, की उसे वो लड़का कभी परेशन नही करेगा. उस टाइम नॅन्सी ने मार्क किया की रॉबिन की नज़र उसके बूब्स पे ज़्यादा घूम रही थी, और शायद उसने वो वीडियो देख लिया होगा.
मों: उसके बाद वो एक-दूसरे को आडमाइर करने लगे. वो नॅन्सी को च्छूप-च्छूप के देखने लगा, उसके बूब्स, उसकी बॉडी देखता, और मौका मिलने पे टच करता. नॅन्सी भी उसका लंड देखी, तो उसे भी अछा लगा. फिर जब नॅन्सी कॉलेज के 1स्ट्रीट एअर में आई, तब एक दिन उसने रॉबिन को घर पे नॅन्सी के वो वेल वीडियो पे मूठ मारते हुए पकड़ा. उस टाइम घर पे कोई नही था.
मों: तब रॉबिन ने उसको सॉरी बोला, और उसको मानने लगा. तब नॅन्सी ने उसे कहा, “भाई रिलॅक्स, मैं तो बस ये कह रही थी की तू मेरा वीडियो क्यूँ देख रहा है, जब तेरे सामने रियल चीज़ है तो?” और नॅन्सी ने अपना टॉप निकाल दिया उसके सामने. फिर रॉबिन ने भी गरम लोहे पे हात्ोड़ा मार दिया.
मों: नॅन्सी ने फिर मुझे बताया की किस तरह उस दिन उसने अपने रियल ब्रदर से अपनी सील तुडवाई, और उसके बाद कैसे उन दोनो ने घर में रोमॅन्स किया, और चान्स मिलते पे एक-दूसरे से चुदाई करते. उसने कहा की घर के बंदे के साथ चुदाई में बहुत मज़ा आता है. उसने बताया, की रॉबिन को देने के बाद वो अपने ब्फ को ईज़िली अपनी देने लगी. और जो मज़ा उसे रॉबिन की चुदाई में आता, वो उसे और कहीं नही आता.
मों: नॅन्सी ने मेरे दिमाग़ में भी इन्सेस्ट का कीड़ा डाल दिया. उसके बाद मैं अपने भाई अकरम को उस नज़र से कभी देखती, की अगर वो मेरी ले तो कैसा फील होगा. पर कभी हिम्मत नही हो पाई. एक दो बार उसको बॉडी टच किया, पर शायद वो सिग्नल समझ नही पाया. उसे लगा की बाइ मिस्टेक हुआ होगा. फिर मेरी शादी हो गयी, और वो सब हिस्टरी हो गया.
मों: अब जेया कर इतने सालों के बाद, जब शाज़ ने मुझे टच किया, वो मेरे बूब्स देखता. तो वो मेरे पुराने अरमान वापस खड़े हो गये. मुझे लगा की शायद जो काम मेरे भाई के साथ ना हो सका, वो शायद बेटे के साथ हो. मुझे नॅन्सी के वो वर्ड्स याद आए, “घर के मर्द का जब वो वाला टच होता है ना, तो तुम्हारे अंदर एक अजीब सा करेंट दौड़ने लगेगा.” और वैसा ही हुआ.
मों: जब उस दिन मैने बेटे के सामने अपना टॉप निकाला था. मुझे अंदर से इक्चा हो रही थी, की वो आ कर मेरी बॉडी को टच करे. फोटो के लिए मुझे सीधा बैठने को बोल कर, मुझे पोज़िशन देते हुए मेरे बूब्स को टच करे. और अपना खड़ा लंड मेरी पीठ को सताते हुए मुझे एहसास दिलाए की, मों, “तेरा बेटा अब इतना बड़ा हो गया है की वो तेरी आचे से टके केर कर सकता है.”
मों: पर मुझे जब उसने टच नही किया तो लगा की वो भी नादान है. या फिर शायद उसे भी मेरी ये चब्बी बॉडी उतनी पसंद ना हो. हाए री मेरी किस्मत!
मों: देख रिंकू, ये सब चीज़े मेरे दिल में कब से बोझ बन कर बैठी थी. सोच रही थी की किससे बोलू, ना बोलू. आज मॅन किया, की तेरे साथ शेर करू. तू अगर ऑनलाइन होती तो शायद, ये शेर नही हो पाती. इसलिए तुझे ये सब चीज़े मैं बता रही हू. ई होप की तू मुझे जड्ज नही करेगी. ओक बाइ. गुड नाइट.
मों की ये लिखी हुई छत पढ़ कर तो भाई, मेरा दिमाग़ हिल गया. की मों भले ही गोरी हो, पर उसकी स्टोरी इतनी डार्क है. इसे पढ़ कर मुझे मेरा रास्ता क्लियर दिखाई देने लगा, और मेरा गोल भी अब सही से नज़र आने लगा. अब आयेज मुझे क्या करना था, ये मैने दिमाग़ में पक्का कर लिया.
मैं ये सोच ही रहा था की मों ने जो भी चट्स लिखी थी, वो डेलीट फॉर ऑल कर दी. अछा हुआ की मैने ये लिव पढ़ा, वरना मुझे मों के इन अरमानो के बारे में शायद पता नही चलता. वो कहते है ना की एवेरी वुमन इस आ बुक हरसेल्फ. हर औरत/लड़की अपने आप में एक किताब होती है, जिनमे उनके सब सीक्रेट्स, और उनकी फीलिंग्स सब च्छूपी हुई होती है. जब उन्हे कोई अछा रीडर मिल जाता है, तो उसके सामने ये अपनी पूरी किताब खोल देती है.
वो अपने हब्बी/ब्फ/लवर के सामने कुछ ही चॅप्टर्स ओपन करती है. पर जब वो अकेली हो, या डीप्ली एमोशनल हो, तब उनकी किताब पूरी ओपन रहती है. अगर उस टाइम किसी ने उसे पढ़ लिया, तो वो उस किताब में च्छूपे राज़ को अपने या किसी और के फ़ायदे के लिए उसे कर सकता है. और ये किताब कब खुलेगी, किसी को नही पता.
यहाँ पे बहुत से लोग ऐसे होंगे की, जो अपनी सिस/ मों /बेटी /भाभी /साली /सेयेल की बीवी/ पड़ोसन/ मौसी/ बुआ/ कांवली/ऑफीस वाली /जस्ट फ्रेंड /गर्लफ्रेंड/ कॉलेज मेट/मूह बोली दीदी/ भांजी/ भतीजी /रिलेटिव /रिलेटिव की बेटी या सिस/ स्कूल टीचर/ हॉस्पिटल नर्स तमन्ना की या फिर कोई भी अपनी मनचाही औरत/लड़की हो, उस लड़की/औरत की वो किताब के राज़ वेल पन्ने पढ़ना चाहेंगे.
पहले के ज़माने में ये तोड़ा मुश्किल था. पर इस व्हातसपप/इंस्था/फ्ब के ज़माने में ये अब उतना मुश्किल नही है. बस आपको ये ‘आर्ट ऑफ ओपनिंग थे बुक’ आना चाहिए. ओपनिंग के बाद रीडिंग तो ईज़ी होता है. और ये ओपनिंग करना, ये एक आर्ट है. स्किल है जो सीखा जा सकता है.
मैने भी ये आर्ट/स्किल गूगले पे सर्च करके और पुरानी स्टोरीस को पढ़ कर सीखा है. नेटवर्क मार्केटिंग की ट्रैनिंग से भी मेरा ये वाला स्किल शार्प हुआ है.
तो इसको यहीं पे स्टॉप करते है. मिलते है नेक्स्ट पार्ट में.