हेलो दोस्तों, मैं नील फिर से आपके लिए आयेज की सेक्स स्टोरी लेके आया हू. अभी तक आपके मेल्स मिले, उन सब के लिए थॅंक योउ सो मच. ऐसे ही और मैल भेजते रहिए. अभी तक आपने पढ़ा, की कैसे सुबा-सुबा मैं दीदी के साथ रोमॅन्स करता हू, और फिर वो मम्मी से कुछ पूछती है. अब आयेज-
नेहा दी: मम्मी प्लीज़ बताओ ना, आपको कसम दी है तो सच सच बोलना.
मम्मी: ठीक है बताती हू, लेकिन तू भी ये बात किसी को भी नही बताएगी.
नेहा दी: पक्का मम्मी, मैं किसी को नही बतौँगी.
मम्मी: वो बात ऐसी है की मैं हर बार ये इसलिए बोलती हू, की तेरे पापा कुछ नही करते. मतलब की वो अब मुझसे प्यार नही करते. मुझे अपना टाइम नही देते. हर टाइम बस काम में. उनका दिन भर वेट करती हू, की वो रात में आएगे और मेरे साथ टाइम बिताएँगे. मुझसे बातें करेंगे, मुझे प्यार करेंगे.
मम्मी: लेकिन ऐसा कुछ भी नही होता है, और अब मैं ये बात किससे बोलू? इसलिए चुप रहती हू. वो तो कभी-कभी ग़लती से निकल जाता है, इसलिए बोलती-बोलती रुक जाती हू.
नेहा दी: मम्मी ऐसी बात है तो आप मुझसे तो बोल ही सकते हो. अब ना आप प्रॉमिस करो की ऐसी कुछ भी बात होगी ना, तो आप मुझे सब कुछ बताॉगी. मैं आपको समझुगी भी, और आपका साथ भी दूँगी.
मम्मी: थॅंक योउ सो मच बेटा, मुझे इतना समझने के लिए. मैं तुझे सब बतौँगी.
फिर नेहा दी मम्मी को हग कर लेती है, तो मम्मी भी उसको वापस हग करती है. और आज उनका हग तोड़ा अलग लग रहा था नेहा दी को. आज पहली बार मम्मी ने दीदी को इतनी देर हग किया, की दीदी को बोलना पड़ा की छ्चोढो ना मम्मी.
फिर मम्मी बोलती है: बेटा आज अछा लग रहा था, इसलिए ध्यान ही नही रहा.
उसके बाद नेहा दी मम्मी को बाइ बोल के कॉलेज के लिए निकल जाती है. फिर शाम को भी कुछ बात नही होती है. रात में फिर जब सब सो जाते है तो मैं और दीदी अपने सेक्स के लिए मिलते है दीदी के रूम में. फिर मैं दीदी को हग करता हू, तो दीदी को मम्मी का हग याद आता है.
नेहा दी: नील आज मम्मी ने भी मुझे ऐसे ही हग किया था, और उन्होने ये भी बोला की अब पापा उनको प्यार नही करते. इसलिए ही वो खुश कम रहती है. बहुत टाइम से सेक्स भी नही हुआ होगा.
मैं: सेक्स के बिना तो वो भी साद हो गये. शायद उनको भी सेक्स करने का मॅन होता होगा.
नेहा दी: हा ऐसा ही होगा. लेकिन क्या करना चाहिए?
मैं: नेहा दी अगर आप नाराज़ ना हो, तो एक बात बोलू?
नेहा दी: हा मेरी जान, बोलो ना.
और नेहा दी मुझे लीप किस करते है. फिर किस के बाद मैं बोलता हू की-
मैं: दीदी जैसे आप सेक्स के लिए प्यासे थे, वैसे ही मम्मी भी है. तो क्यूँ ना अपन उनको भी जाय्न कर ले? घर की बात घर में रहेगी, और वो भी खुश हो जाएँगी.
नेहा दी कुछ सोचते हुए बोली: वैसे मम्मी के हिसाब से देखु तो ये ग़लत होगा. लेकिन एक लड़की के हीशब से देखु तो यही सही रहेगी.
अभी तक ऐसे ही बात करते हुए हम दोनो ने एक-दूसरे को नंगा कर दिया था. फिर मेरे लंड को पकड़ लिया, और बोलती है-
नेहा: लगता है अब इस लंड को मुझे शेर करना पड़ेगा. एक बेटी होने के नाते मम्मी की इतनी हेल्प तो करनी ही पड़ेगी.
मैं: हा दीदी मम्मी के लिए इतना तो कर ही सकते है. और साथ में अपन को भी और मज़े आएगे, और साथ में फिर रात का वेट भी नही करना पड़ेगा. जब चाहे तब कर सकते है. वैसे भी दाद तो अब बहुत बार बाहर ही रहते है.
नेहा दी: हा नील, बहुत मज़ा आएगा. चल तो फिर ये फाइनल रहा की अब अपन मम्मी को भी जाय्न करेगे. लेकिन अब अपनी बेहन की प्यास बुझा, उसके बाद मम्मी के बारे में सोचेंगे.
फिर मैं दीदी के बूब्स चूस्टा हू, और साथ में नीचे उनको फिंगरिंग करने लगता हू. हम दोनो 69 की पोज़िशन में आ जाते है, और दोनो मज़े लेते है. फिर बाद में हमारी चुदाई हो जाती है.
फिर अगले दिन उठते है. रात में हम दोनो ने एक प्लान बनाया था. उसके हिसाब से दीदी उठ कर रेडी हो जाती है, और आज वो जल्दी चली जाती है. जाते हुए मम्मी से बोल देती है-
नेहा दी: नील को उठा देना. वो बहुत गहरी नींद में होगा. ऐसे उठेगा नही, ज़ोर से हिलना तब ही उठेगा.
फिर दीदी चली जाती है. लेकिन वो पहले ही मुझे उठा कर गयी थी, और मुझे मेरी मॉर्निंग किस भी देके गयी थी. उसके बाद उन्होने बोला की अब तू सोने की आक्टिंग करना. फिर देखते है वो क्या करती है.
फिर मम्मी मुझे उठाने आती है. लेकिन उससे पहले ही मैं सिर्फ़ लोवर में सोया होता हू बिना अंडरवेर के. और साथ में मैं आना लंड भी खड़ा कर चुका था, तो जब मम्मी आई तो लोवर में मेरा लंड खड़ा सॉफ दिख रहा था.
लंड देख कर मम्मी पहले तो कुछ देर ऐसे ही उसे देखती रही. फिर मम्मी हिला कर उठाने लगी. लेकिन मैं नही उठा, और मैं अपने लंड को झटके दे कर हिलने लगा, जिसको अब मम्मी और ध्यान से देखने लगी. लेकिन फिर वो बिल्कुल पास से देखी, और फिर उन्होने मुझे उठा दिया, और चली गयी.
फिर मैं उठा और जब उठ कर नीचे आया तो अपने खड़े लंड के साथ मम्मी को पीछे से हग किया. फिर ऐसे रिक्ट किया की कुछ नही हो रहा, लेकिन मेरा खड़ा लंड उनको टच हो रहा था.
मैने देखा की मम्मी मुझे कुछ नही बोल रही थी, लेकिन जब मैं पहले हग करता था, तो थोड़ी देर में हटा देती थी. लेकिन आज कुछ भी नही बोला. तो फिर मैं पीठ को पकड़ते हुए और तोड़ा टाइट हग किया.
तब वो बोली: बेटा क्या हुआ?
तो मैने बोला: आपको हग कर रहा हू.
मम्मी: लेकिन आज से पहले कभी ऐसा नही किया.
मैं: तो आज से पहले नही हुआ तो आज भी नही कर सकता क्या? आपको अछा नही लगा तो नही करूँगा.
फिर मम्मी बोलती है: नील ऐसा नही है, अछा लगा, और आज तो पहले से भी ज़्यादा अछा लगा.
ये बोलते टाइम मम्मी के फेस पे रिक्षन नॉर्मल नही थे. वो बहुत खुश लग रही थी.
तो मैने पूछा: इसका मतलब की मैं ये सब कर सकता हू ना?
मम्मी: इन सब से तेरा क्या मतलब है? सिर्फ़ हग करने का पूच रहा है ना?
मैं: हा मम्मी, वहीं हग का ही पूच रहा हू.
मम्मी: ठीक है बेटा, हग में कोई प्राब्लम नही है. लेकिन आज जैसे किया ना, वैसा किसी के सामने मत करना.
तो मैने भी हा बोला, और लोवे योउ वेरी मच मम्मी बोल के चला गया. उन्होने भी लोवे योउ टू नील बोला. फिर मैं भी रेडी होके ब्रेकफास्ट करने आता हू. तब मैं और मम्मी दोनो साथ में कर रहे होते है ब्रेकफास्ट. तो मैं मम्मी से बोला-
मैं: मम्मी आज मैं खिलौ आपको?
मम्मी: क्या बात है बेटा, आज मम्मी पे बहुत प्यार आ रहा है?
मैं: वो क्या है ना, अब मैं बड़ा हो गया हू, और मैं आपको देखता हू की आप पापा को मिस करते होंगे. वो बहुत बार अब बाहर रहते है, तो ना मैने डिसाइड किया है की मैं अब आपको पापा की कमी महसूस नही होने दूँगा. अब उनकी साइड का प्यार भी दूँगा आपको.
तब मम्मी के खाते हुए के आँसू आ जाते है, और वो उठ कर मुझे हग करती है. आयेज से ये वाला हग प्यार वाला था.
मम्मी बोलती है: बेटा तू इतना ध्यान रखता है मेरा.
फिर मैं मम्मी के आँसू पोंछता हू, और हग करते हुए ही बोलता हू की-
मैं: मम्मी अब आपको कुछ भी चाहिए हो, तो आप मुझे बोल देना. अब से आप ये ही समझना की मैं पापा ही हू, और हर चीज़ मुझे बोल देना. मैं आपके लिए सब कुछ करूँगा.
अभी तक मम्मी के बूब्स से चिपक के हग करने की वजह से मेरा लंड खड़ा होने लगा था. और अब वो उनकी छूट पे जेया रहा था. अब तक शायद उनको भी फील होने लगा था, लेकिन उन्होने हग नही छ्चोढा.
फिर थोड़ी देर बाद हग छ्चोढ़ के हम दोनो ब्रेकफास्ट करते है. फिर मैं कॉलेज चला जाता हू. लेकिन उससे पहले मम्मी के फोन में कुछ करता हू.
अभी तक के लिए इतना ही. अब अगली कहानी में बतौँगा की मैने मम्मी के फोन में क्या किया था. और उसके आयेज क्या-क्या किया जिससे मम्मी मेरे और नज़दीक आ गयी. आप सभी अपना फीडबॅक ज़रूर दे, और जो भी मुझसे बात करना चाहता है वो मुझे मैल करे. मेरी एमाइल ईद है –