गे सेक्स स्टोरी कंटिन्यूस…
अगले दिन सुबह 10:30 बजे मेरी नींद खुली. अभिषेक अभी भी मेरे बगल में सो रहा था. हम दोनो पूरी तरह नंगे बदन थे. मैने अपने बिखरे हुए बालों को सावरा और अपने बालों को बाँध कर उनका जूड़ा बना लिया. मैने अपना माँग-टीका ठीक किया. अभिषेक सोते हुए काफ़ी क्यूट लग रहा था. मैने उसके माथे पर किस किया.
सारा: गुड मॉर्निंग पातिदेव.
अभिषेक: गुड मॉर्निंग बेबी (वाइफ).
मैं अपने कपड़े ढूँढने लगी. बेड के पास नीचे ज़मीन पर मेरी ब्रा और पनटी गिरी हुई मुझे दिखाई दी. मैने उन्हे उठाया, और पहन लिया. मैने पुर रूम में नज़र घुमा कर देखा. सारा रूम बिखरा हुआ था. रूम में हमारे कपड़े ड्रेसिंग टेबल पर का सारा मेक उप का समान ज़मीन पर गिरा पड़ा था. काँच की चूड़ियाँ टूट कर कुछ ज़मीन पर तो कुछ बेड पर गिर गयी थी.
मैं बेड पर से उठ कर ड्रेसिंग टेबल के मिरर के सामने जेया कर खड़ी हो गयी. मुझे अभी भी वीकनेस लग रही थी. मुझे चक्कर आया और मैं गिरने ही वाली थी की अभिषेक ने मुझे पीछे से आ कर पकड़ लिया.
अभिषेक: ज़रा संभाल के सारा. तुम ठीक तो हो ना?
सारा: हा. बस थोड़ी सी वीकनेस है, इसलिए चक्कर आ गया.
अभिषेक ने मुझे अपनी बाहों मैं उठाया, और बेड पर बिताया. 10-15 मिनिट बाद मुझे तोड़ा अछा लगा, तो मैने शवर लेने का सोचा. मैने अपना माँग-टीका उतार दिया, और साइड टेबल पर रखा. मैं अपनी काँच की चूड़ियाँ उतारने लगी, तो अभिषेक ने मुझे रोक दिया.
अभिषेक: ये क्या कर रही हो सारा? ये चूड़ियाँ क्यूँ उतार रही हो?
सारा: मैं नहाने जेया रही थी. तो सोचा इन्हे उतार कर रख डू.
अभिषेक: तुम पहले जेया कर शवर लो. फिर आ कर इन्हे उतार देना.
सारा: ओक, ठीक है.
अभिषेक: रूको. मैं भी आता हू. कहीं तुम बातरूम में चक्कर ख़ाआ कर गिर ना जाओ.
मुझे अभिषेक का ये केरिंग बिहेवियर अछा लगा. अभिषेक ने मुझे अपनी गोद में उठाया, और हम दोनो बातरूम में चले गये.
बातरूम में जेया कर अभिषेक ने मुझे शवर के नीचे खड़ा किया, और शवर ओं कर दिया. हम दोनो भीगने लगे.
मैं तो फिर भी रेड ब्रा और पनटी पहनी हुई थी. पर अभिषेक पूरा नंगा था. हम दोनो शवर के नीचे खड़े भीग रहे थे. अभिषेक मुझे ही देख रहा था. मैने उसको देखा, और हमारी नज़रें मिली (हाउ रोमॅंटिक).
सारा: ऐसे क्या देख रहे हो? जैसे ये पहली बार हो.
मुझे बहुत शरम आ रही थी.
अभिषेक: उस वक़्त तुम मेरी गर्लफ्रेंड थी. पर अब तुम मेरी पत्नी हो.
मैने शरमाते हुए एक हल्की सी स्माइल दी. अभिषेक ने मेरी कमर पर अपना हाथ रखा, और मुझे अपने करीब खींचा. अभिषेक ने मुझे कस्स के पकड़ा हुआ था. मैं एक पॅशनेट किस का वेट कर रही थी. पर अभिषेक मुझे देखने में ही डूब गया था. फिर मैने ही अपने होंठो को आयेज किया. मेरे होंठ कपकपा रहे थे. आख़िर-कार अभिषेक ने अपने होंठो को मेरे होंठो पर रख दिया, और हमारा मोस्ट अवेटेड किस शुरू हुआ.
शवर के नीचे ये हमारा सेकेंड टाइम था. अभिषेक मेरे होंठो को किस करने के बाद मेरे गाल पर, चेहरे पर, माथे पर, आँखों पर हर जगह चूम रहा था. पॅशनेट किस्सिंग करते हुए मेरे बालों का जूड़ा खुल गया, और मेरे लंबे कर्ली बाल खुल कर नीचे मेरी कमर तक आ गये.
फिर अभिषेक मेरी गर्दन पर किस करते हुए मेरी क्लीवेज एरिया/मेरे सीने पर किस करने लगा. वो मेरे बूब्स को दबाने लगा, और मेरे निपल्स को चूसने लगा.
सारा: आ आ ह्म. अभिषेक आ.
फिर अभिषेक मेरे पेट पर किस करते हुए नीचे ज़मीन पर अपने घुटनो के बाल बैठ गया. उसके बाद मेरी रेड पनटी पर किस करने लगा. फिर उसने मेरी पनटी को नीचे किया, और मेरे लंड को अपने हाथ में लिया, और ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगा. मेरे बॉडी में करेंट दौड़ गया.
सारा: आ अया नही. अभिषेक ये क्या कर रहे हो? प्लीज़ मेरे लंड को छ्चोढ़ दो. ऐसा मत करो, प्लीज़.
पर अभिषेक नही रुका. 10-15 मिनिट्स तक ज़ोर-ज़ोर से हिलने के बाद आख़िर-कार मेरा लंड खड़ा हो गया 5 मिनिट के लिए. बाद में मैं ज़ोर से मूट दी. मेरा सारा वीर्या और यूरिन का फव्वारा एक साथ अभिषेक के चेहरे पर था.
अभिषेक: श. इट’स रियली गुड, मी डियर वाइफ.
फिर अभिषेक उठ कर खड़ा हो गया. शवर के पानी से उसने अपना मूह धोया. हम दोनो ने एक-दूसरे को देखा. मैने गुस्से से खींच कर एक थप्पड़ अभिषेक के गाल पर मारा.
अभिषेक: क्या हुआ बेब? थप्पड़ क्यूँ मारा?
सारा: ये तुमने क्यूँ किया? मैं तुम्हे माना कर रही थी ना. फिर कभी ऐसा मत करना. मैं तुम्हारी बीवी हू. प्रॉमिस करो. फिर ऐसा कभी मत करना.
अभिषेक: हा, प्रॉमिस बेब.
फिर एक बार हमारे बीच पॅशनेट लीप किस शुरू हुआ. फिर अभिषेक ने मुझे उल्टा घुमाया, और मेरे बालों को एक साइड करके आयेज किया. वो मेरी वेट पीठ पर किस करने लगा. अभिषेक ने मेरी ब्रा का हुक खोल दिया. मेरी ब्रा नीचे ज़मीन पर गिर पड़ी. उसका ताना हुआ लंड बार-बार मेरी गांद को लग रहा था.
मैं ये सब एंजाय कर रही थी. फिर अभिषेक ने मुझे तोड़ा सा बेंड किया. अपने लंड को मेरी गांद के च्छेद के पास लेकर आया, और एक झटके में मेरी गांद में अपना मोटा लंड घुसा दिया. फिर आयेज-पीछे हिलने लगा. मैने पीछे मूड कर देखा.
सारा: आ एयेए, नही. प्लीज़ अभी नही. प्लीज़ इसे बाहर निकालो, आहह आ श.
मेरे इतने बार कहने पर भी अभिषेक नही रुका. 20 मिनिट तक मेरी गांद छोड़ने के बाद वो झाड़ गया. उसने अपना लंड मेरी गांद से बाहर निकाला.
अभिषेक का वीर्या मेरी गांद से चिपका हुआ था. फिर उसने मुझे अपनी बाहों में उठाया, और बात्ट्च्ब में लिटा दिया. खुद वो शवर के नीचे नहाने लगा.
मैं बात्ट्च्ब से बाहर निकली, और अभिषेक को गुस्से से धक्का देकर बातरूम में से बाहर निकालने लगी.
सारा: बस. अब बहुत हो गया तुम्हारा नहाना. अब तुम बाहर जाओ, और मुझे शांति से नहाने दो.
आख़िर-कार मैने धक्के देकर अभिषेक को बातरूम से बाहर निकाला.
अभिषेक: अर्रे मुझे टवल तो दे दो.
सारा: बाहर कपबोर्ड से ले लो.
फिर मैने शवर लिया, और बाहर निकल कर बाय्स के कपड़े पहने.