रीटा: हमें बेडरूम में चलना चाहिए.
वो आगे चली और मैं उसके पीछे पीछे. मैंने अपने सब कपडे निकाल फेंके और मेरे कडक लंड को देख के रीटा की आँखों में एक अलग ही चमक थी. उसकी आँखे जैसे मेरे लंड के उपर चिपक सी गई थी.
रीटा बोली: बाप रे ये तो कितना बड़ा हे!!!
मैं बिस्तर से उठा और रीटा की टांगो को खोला. अपने मुहं को निचे कर के मैंने अपने होंठो को और जबान को उसकी गीली फांको के ऊपर रख दिया. मैं जल्दी से उसकी चूत को चाटने लगा था और कुछ ही सेकंड में मैंने अपनी जबान से उसकी चूत के दाने को सहलाया. रीटा के लिए ये एकदम से हॉट फिलिंग थी और उसकी आँखे बंद हो गई थी. वो सिसकियाँ रही थी. मैंने उसकी चूत को और भी जोर से दबा दिया. मुझे लगा की रीटा की यही हालत रही तो वो जल्दी ही चूत का पानी छोड़ देगी. वो जोर जोर से अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ऊऊउ ह्ह्ह्हह करने लगी थी. और फिर उसने मुझे बताया की उसका ओर्गासम करीब था. मैं जरा भी वक्त बर्बाद नहीं करना चाहता था अब.
मैंने रीटा की चूत से मुहं को हटाया और उसकी जांघो को चाटी. और फिर अपने लंड को एक हाथ से पकड़ के मैं रीटा की चूत की फांको के ऊपर घिसने लगा.
रीटा बोली: ओह विवेक डार्लिंग, क्या मजा आ रहा हे मुझे, वाऊ तुम सच में पक्के लवर बॉय हो!
मैंने अपने लंड के सुपाडे को रीटा की चूत की ओपनिंग पर लगा दिया और एक धक्का दे दिया. सच कहूँ तो लंड के अन्दर घुसने से रीटा को बेइंतहा दर्द हुआ. मेरा पूरा लंड रीटा की चूत में जो घुस गया था! एक बार पूरा लंड अन्दर घुसने के बाद अब मैं अपने लंड को अंदर बहार करने लगा. उसकी चुचिया दबाते हुए उसकी चूत के अन्दर मैं लंड को धकेल के वापस निकाल रहा था. उसकी साँसे उखड़ चुकी थी और बहुत समय के बाद शायद इतना बड़ा लंड लिया था रीटा ने! मैंने धीरे धीरे कर के अपनी स्पीड पकड ली. और एक एक इंच लंड को कस कस के रीटा की चूत में डाला!
और हम दोनों ऐसे ही जानवरों के जैसे एक दुसरे को लिपट के चोदते रहे. रीटा के अन्दर की आग मेरे लंड के ऊपर भारी भी पड़ रही थी. अविनाश सच में बड़ा ही अनलकी था जो ऐसे अंगारे को किसी के लंड सेकने के लिए दे रहा था.
कुछ देर के बाद अब मैंने रीटा को घोड़ी बनाया. चूत में लंड को डालने से पहले मैंने उसकी बेक को, कंधे को, गांड को और चूत की फांको को अपनी जबान से चाट दिया. वो बेतहाशा पागल सी हो चुकी थी और मिन्नते कर रही थी की जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल दो. लेकिन मैं इतनी जल्दी झड़ना नहीं चाहता था इसलिए मैंने चुदाई के दरमियान में ये ब्रेक किया हुआ था. रीटा आग के जैसे उबल सी रही थी.
फिर मैंने उसके हाथ में लंड दिया जिसे उसने अपने मुहं में ले लिया. लंड को सक कर के गिला करवा के मैंने अब उसे रीटा की पिलपिली सी चूत में डाला. वो आह्ह्ह कर उठी. मैनर उसके कंधे को पकड़ा और उसकी चूत में लंड के जोर जोर के धक्के देने लगा. पूरा लंड उसकी चुदासी चूत में घुस के बहार आ रहा था.
ये पोज तो रीटा के लिए सच में बहुत ही सेक्सी साबित हुआ था. पांच मिनिट की चुदाई के बाद वो पिगल गई और उसके सेक्स ज्यूस मेरे लंड पर बह निकले. मैं धीरे धीरे से उसकी चूत को चोदता रहा. मेरा लंड हर झटके के साथ अपने अंदर के बचे हुए वीर्य को रीटा की चूत की झोली में डाल रहा था. और वो अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह सीई अह्ह्ह्ह सीईईइ की आवाजें कर रही थी. मैंने जैसे ही लंड को निकाला वो उसके पास आ के वीर्य की बची हुई दो बूंद को भी चाट गई.
मैंने कपडे पहन रहा था तो वो उठ के मुझे लिप किस कर के बोली: विवेक वैसे मुझे ये कहना नहीं चाहिए लेकिन मेरी लाइफ में आज का सेक्स सब से अच्छा था!
मैंने उसे कहा नहीं की मेरे लिए भी कुछ ऐसा ही था. घर जा के ममता को देखा. वो भी आज छोटे लंड से चुदवा के कुछ ठीक ठीक ही लग रही थी. अविनाश और ममता शायद एक बार ये स्वेपिंग कर के रुक जाना चाहते थे. लेकिन मैं और रीटा वो नहीं सोचते थे.
मैंने और रीटा ने एक साझा विचार रखा था की अविनाश और ममता कुछ भी कहे लेकिन हम बिस्तर में अपने बदन का मिलाप करवाते रहेंगे. मैं अक्सर रीटा से मिलने के लिए उसके घर चला जाता था और सेक्स किये बिना वहाँ से निकलता नहीं था. स्वेपिंग का यही तो फायदा हे की हसबंड के हाथो पकडे जाने का डर नहीं होता हे उसके अन्दर.
Swapping ka apna alag hi mja hai.agar koi couple swapping karna chahe to contact kare
Apna nambar do
Hi
Kya ho gya coll kro
Can anyone ready for swap
Me bhi ready hu