हेलो फ्रेंड्स, थॅंक्स मेरी स्टोरी पसंद करने के लिए. आंड सॉरी मैं सब को रिप्लाइ नही दे पाती इसलिए. पर आपके फीडबॅक मेरे लिए बहुत इंपॉर्टेंट है, सो प्लीज़ मैल करते रहिएगा. बहुत से मेरे रीडर्स ने रिक्वेस्ट की है की मेरी राइटिंग इतनी अची है तो मैं कोई इमॅजिनरी स्टोरी भी लिखू. तो मैं भी सोच रही हू कुछ लिखू. अब अपने प्यारे रीडर्स की बात तो मानी पड़ेगी. तो आप लोग कोई टॉपिक बताइए, जिस टॉपिक पे सबसे ज़्यादा रिक्वेस्ट आएगी उसी टॉपिक पे स्टोरी लिखूँगी. अब आते है स्टोरी पे.
पिछले पार्ट में देखा की हम दोनो कपल्स एक-दूसरे के पार्ट्नर के साथ डॅन्स करते हुए मस्ती कर रहे थे. मुझे छ्चोढ़ के सब को चढ़ गयी थी, दीपक, आकाश जीजू और अंकिता तीनो नशे में टल्ली हो गये थे. जब डॅन्स के बाद हम सब बैठे तो अंकिता का नशे में बड़बड़ाना स्टार्ट हो गया, और मुझे टेन्षन होने लगी की अब क्या होगा, प्लान आयेज बढ़ेगा की नही. अब आयेज-
अंकिता: तो मेरे टेंपोररी हज़्बेंड. अपनी टेंपोररी वाइफ के साथ डॅन्स करके कैसा लगा?
दीपक: मज़ा ही आ गया मेरी टेंपोररी वाइफ.
अंकिता: मज़ा तो मुझे भी बहुत आया यार.
आकाश जीजू: तुम दोनो तो हज़्बेंड वाइफ के जैसे ही लग रहे थे डॅन्स करते हुए.
दीपक: काश ये मेरी वाइफ होती, तो मज़ा ही आ जाता.
अंकिता: दीपक जीजू आप भी तो इतने हॅंडसम हो. कोई भी आप जैसा हज़्बेंड चाहेगी. मनीषा यार तुम बहुत लकी हो.
मे: हा वो तो हू मैं. पर आकाश जीजू भी कुछ कम नही है. काश ये मेरे हज़्बेंड होते.
आकाश: थॅंक योउ साली साहिबा.
ये सब बाते ऐसे ही हो रही थी जैसे सब नशे में टल्ली होके बोल रहे थे. अंकिता दीपक से चिपक रही थी. दीपक भी उसकी तारीफ पे तारीफ कर रहा था. आकाश जीजू भी बीच-बीच में कुछ भी बोल रहे थे. तभी आकाश जीजू ने दीपक से पूछा-
आकाश जीजू: दीपक यार तुम कब से मेरी वाइफ की तारीफ कर रहे हो. कहीं इस्पे दिल तो नही आ गया तुम्हारा?
दीपक: अर्रे नही यार, ऐसा कुछ नही है. वो तो अंकिता है ही इतनी हॉट, तो तारीफ तो बनती है ना.
आकाश जीजू: अगर अंकिता तुम्हारी वाइफ होती, तो अभी तुम उसके साथ क्या करते?
दीपक: तो अभी मैं यहाँ नही अंदर बेडरूम में होता उसके साथ.
आकाश जीजू: और मनीषा को यहाँ अकेले छ्चोढ़ देते.
दीपक: अगर अंकिता मेरी वाइफ तो मनीषा तुम्हारी वाइफ होती ना. उसे तुम संभालते.
आकाश जीजू: ये बात भी सही है. तो बनना है तुम्हे अंकिता का हज़्बेंड?
अंकिता: हा बोलो जीजू, जीजू से हज़्बेंड बनॉगे मेरे?
दीपक: क्या सच में ऐसा हो सकता है?
आकाश जीजू: हा, एक दिन के लिए तो हो ही सकता है. अंकिता तुम्हारी वाइफ और मनीषा मेरी.
दीपक: क्यूँ मनीषा, तुम क्या बोलती हो?
मे: अब मैं क्या बोलू? अगर तुम्हे अंकिता पसंद है और इन दोनो को कुछ प्राब्लम नही है, तो बन जाओ एक दिन के लिए अंकिता के हज़्बेंड.
अंकिता: मुझे तो कोई प्राब्लम नही.
आकाश जीजू: मुझे भी नही.
दीपक: फिर मनीषा तुम्हे भी आकाश की वाइफ बनना पड़ेगा एक दिन के लिए, और उसकी हर इक्चा पूरी करनी पड़ेगी.
मे: तुम्हारी खुशी के लिए कुछ भी डार्लिंग.
दीपक: लोवे योउ डार्लिंग. तो फिर कैसे करना है बताओ?
आकाश जीजू: कैसे क्या? ये रही अंकिता और वो रहा बेडरूम. जाओ ले जाओ अपनी नयी नवेली वाइफ को और मनाओ सुहग्रात.
दीपक: मनीषा तुम भी एंजाय करना, शरमाना मत.
मे: हा ठीक है, तुम तो जाओ आंड एंजाय करो.
अंकिता ने दीपक का हाथ पकड़ा और वो उसे बेडरूम में ले जाने लगी. जाते-जाते उसने मूड के देखा और मुझे आँख मार दी. दीपक ने भी मुझे थंब्स उप का इशारा किया. अब वहाँ मैं और जीजू ही थे. मैने उन्हे बोला-
मे: आप इतनी पीते क्यूँ हो की फिर संभालती नही. अभी क्या हुआ कुछ पता भी है?
फिर जीजू एक-दूं नॉर्मल होके बोले-
आकाश जीजू: अर्रे बाबा मैं बिल्कुल होश में हू.
मैं तो शॉक हो गयी की अभी तो नशे में झूम रहे थे और अभी एक-दूं नॉर्मल कैसे हो गये.
मे: फिर ये सब क्या था?
आकाश जीजू: वो सब नाटक था यार. हमारे प्लान का हिस्सा.
मे: फिर दीपक भी नाटक कर रहा था क्या?
आकाश जीजू: हा जी, ये सारा प्लान हम दोनो ने मिल के ही बनाया था. अंकिता को शायद सच में चढ़ गयी थी, तो इनडाइरेक्ट्ली वो भी हमसे झुद गयी.
मे: ये प्लान बनाया कब?
आकाश जीजू: उसी दिन जिस दिन हमने मेरे घर पे मिलने का प्लान बनाया था. जब दीपक का मुझे कॉल आया, और मिलने का प्लान बताया. तो जैसा हमने डिसाइड किया था मैने बात-बात में उससे पूच लिया की क्या वो अंकिता को लीके करता है, और उसे ये भी बोल दिया की मैं भी तुम्हे लीके करता हू. बस फिर क्या था. हमने ये प्लान बना लिया की हम दोनो नशे में होने का नाटक करेंगे और मैं उसे अंकिता के साथ बेडरूम में भेज दूँगा एंजाय करने.
मे: वाह जीजू, आप तो बड़े स्मार्ट निकले.
आकाश: तुम्हारे लिए कुछ भी.
मे: बुत आपको पता है ना वो दोनो अभी अंदर क्या कर रहे होंगे? मेरा और आपका उतना डीप्ली जाना शायद पासिबल ना हो.
देखो करना तो मुझे भी था जीजू के साथ. बुत में ऐसा जाता रही थी की मुझे इतना इंटेरेस्ट नही है. ताकि सब मेरे कंट्रोल में रहे.
आकाश जीजू: हा यार मैं तुम्हे कोई फोर्स नही करूँगा. जो तुम बोलो वही होगा.
मे: थॅंक योउ जीजू. वैसे अंकिता ईज़िली मान गयी ना?
आकाश जीजू: हा वो तो कब से करना चाहती थी. उसकी तो जैसे एक बहुत बड़ी विश पूरी हो गयी.
मे: और आपकी विश?
आकाश जीजू: मेरी विश तो तुम्हारे साथ रहना था, और आज की पूरी रात बस मैं और तुम. हो गयी ना मेरी विश भी पूरी.
मे: आप कितने समझदार हो जीजू.
आकाश: वैसे कुछ प्रॉमिस किया था तुमने.
मे: कों सा प्रॉमिस?
आकाश जीजू: अछा, अब वो भी याद नही?
मे: नही, बताओ ना कों सा प्रॉमिस?
आकाश जीजू: छ्चोड़ो, फिर जाने दो, भूल जाओ.
मे: अर्रे जीजू आप तो उदास हो गये. मैं तो मज़ाक कर रही थी. मुझे सब याद है.
आकाश जीजू: रियली, तो अब तो टाइम आ गया ना अपना वादा निभाने का.
मे: हा, पर यहाँ थोड़ी, चलो बेडरूम में. वहाँ मेरा प्रॉमिस और आपकी विश दोनो पूरी हो जाएगी.
आकाश जीजू: सच में? तो चलो जल्दी, अब मुझसे वेट नही हो रहा.
और जीजू मुझे हाथ पकड़ के ले जाने लगे दूसरे बेडरूम में. दूसरे बेडरूम में जाते हुए हम उस बेडरूम के सामने से गुज़रे जहाँ दीपक और अंकिता थे. मैने जीजू को रोका और डोर को हल्का धक्का दिया, तो डोर तोड़ा खुल गया. उन्होने डोर को लॉक नही किया था. शायद सब को सब पता था इसलिए.
तो मैने जीजू को चुप रहने का इशारा किया और तोड़ा डोर और खोला. तो सामने ही बेड था और अंकिता की निघट्य उतार चुकी थी और दीपक का त-शर्ट भी. अंकिता सिर्फ़ ब्रा पनटी में थी और दीपक शॉर्ट्स में. वो दोनो किस कर रहे थे. दीपक पनटी के उपर से अंकिता की गांद दबा रहा था. वो दोनो इतना डीप्ली किस कर रहे थे, जैसे बरसों से प्यासे हो. मैं और जीजू उन्हे चुपके से देख रहे थे ये उन्हे पता ही नही था. फिर उनकी किस टूटी और अंकिता ने बोला-
अंकिता: जीजू मैं कब से इस मोमेंट का वेट कर रही थी.
दीपक: मैं भी तो कब से वेट कर रहा था जान. अब और कंट्रोल नही होता.
अंकिता: तो मत करो कंट्रोल.
और वो फिर से पॅशनेट्ली किस करने लगे. अंकिता की टोने भी नॉर्मल थी. मतलब वो भी नशे में होने का नाटक ही कर रही थी. फिर दीपक ने अपना हाथ अंकिता की ब्रा में डाल दिया, और बूब्स दबाते हुए किस करने लगा. अंकिता भी शॉर्ट्स के उपर से दीपक का लंड सहला रही थी.
फिर दीपक ने अंकिता को घुमा दिया. अब अंकिता की पीठ दीपक की तरफ थी. दीपक उसके नेक और शोल्डर्स पे किस करने लगा. अंकिता के मूह से सिसकारी निकालने लगी आहह अफ करके. फिर किस करते-करते दीपक नीचे हुआ और अंकिता की पीठ को चूमने लगा.
फिर पीठ को किस करते-करते दीपक ने अंकिता की ब्रा का हुक खोल दिया और ब्रा निकाल दी. अब अंकिता उपर से नंगी थी, उसके 36″ के बूब्स आज़ाद थे. दीपक ने हाथ आयेज करके उसके दोनो बूब्स अपने दोनो हाथो में दबोच लिए और मसालने लगा. कभी पुर बूब्स मसलता तो कभी सिर्फ़ निपल. उसके निपल भी काफ़ी बड़े थे आंड डार्क ब्राउन कलर के एक-दूं मस्त. फिर दीपक ने अंकिता को घुमा दिया और उसके बूब्स को देखने लगा. फिर एक निपल मूह में लेके चूसने लगा और दूसरा बूब्स अपने हाथ से मसल रहा था.
उन दोनो को देख के मेरी हालत खराब होने लगी. मेरी छूट ने पानी छ्चोढना स्टार्ट कर दिया था. मैने पीछे मूड के देखा तो जीजू की भी हालत मेरे जैसी ही थी. उनका एक हाथ अपने शॉर्ट्स पे था, वो अपना लंड सहला रहे थे. मैं वहाँ से हॅट गयी और डोर धीरे से बंद कर दिया. फिर जीजू को बोला चलो अब जल्दी. और हम दोनो दूसरे बेडरूम में आ गये.
जीजू तोड़ा साद लग रहे थे तो मैने उन्हे पूछा-
मे: क्या हुआ जीजू, मैं आपके साथ हू फिर भी आप साद हो. मैं आपके पास हू ये आपको अछा नही लग रहा क्या?
आकाश जीजू: अर्रे नही यार. ये तो मेरी विश थी जो अब पूरी हो गयी, तो मैं क्यूँ साद रहने लगा? वो तो मैं कुछ सोच रहा था बस.
मे: अब और कुछ सोचना बंद करो जीजू, और मैं अभी आपको हॅपी करती हू.
आकाश जीजू: अछा, वो कैसे?
मे: अपना प्रॉमिस पूरा करके.
ये बोलते ही मैने उनके सामने ही अपनी निघट्य उतार दी. अब मैं उनके सामने सिर्फ़ ब्रा पनटी में थी, जो उनकी ही पसंद की थी. उनकी आँखों में चमक आ गयी. वो बस मुझे देखे ही जेया रहे थे. मैने पूछा-
मे: क्या हुआ जीजू, कहाँ खो गये?
आकाश जीजू: बहुत सेक्सी लग रही हो इस रेड ब्रा पनटी में सच में. मैने सिर्फ़ इमॅजिन ही किया था तुमको ऐसे और आज लिव देख रहा हू, तो मुझे यकीन नही हो रहा.
मे: मैं आपके सामने ही हू जीजू, आप टच करके देख लो.
फिर मैने जीजू का हाथ मेरी कमर पे रख दिया. उनका वो टच उफ़फ्फ़… बता नही सकती क्या फीलिंग थी वो. जीजू ने कमर से पकड़ के मुझे अपने पास खींच लिया. हम दोनो एक-दूसरे की आँखों में देखने लगे. कब हमारे होंठ मिल गये पता ही नही चला.
अब हमारी आँखें बंद हो गयी और किस में खो गये दोनो. कभी वो मेरे होंठ चूस्टे तो कभी में उनके होंठ चूस्टी. कभी उनकी टंग मेरे मूह में तो कभी उनकी टंग मेरे मूह में.
बहुत ही रोमॅंटिक किस चल रही थी हमारी. और पता नही कब जीजू का एक हाथ मेरे बूब्स पे और दूसरा हाथ मेरी गांद पे चला गया. ब्रा और पनटी के उपर से ही जीजू मेरे बूब्स और गांद दबा रहे थे. जीजू ने धीरे से मेरे कान में बोला की मनीषा अपना प्रॉमिस तो पूरा करो.
इस पार्ट में इतना ही. आयेज की स्टोरी के लिए अगले पार्ट का वेट करे. तब तक बाय्स अपना मोटा लंड हिलाओ और गर्ल्स अपनी रसीली छूट सहलाओ. और मुझे बताओ की स्टोरी कैसी लगी. मेरी एमाइल ईद: [email protected].