हेलो दोस्तों, कैसे हो आप सब? मेरी सेक्स स्टोरी आप लोगों को पसंद आ रही है, और मुझे ढेर सारे मेल्स आ रहे है. इसलिए आप सब को दिल से थॅंक योउ.
पिछले पार्ट में आपने पढ़ा, की हम सब ने वॉटर रिज़ॉर्ट जाने का प्लान किया, और सब बहुत एग्ज़ाइटेड थे. अब आयेज-
सॅटर्डे को जाने का प्लान था हमारा. जिससे 1 दिन पहले की रात को यानी फ्राइडे की रात को मैं और दीपक बेड पे लेट के बातें कर रहे थे.
मे: तो कल हम सब वॉटर रिज़ॉर्ट जाने वाले है. मैं तो बहुत एग्ज़ाइटेड हू.
दीपक: हा मैं भी.
मे: वैसे तुम्हारा और अंकिता का रीलेशन कैसा चल रहा है?
दीपक: तुम्हे सब पता तो है. हम छत करते है, कॉल पे बातें करते है, नॉटी वाली फ्लर्टिंग करते है.
मे: कहीं मुझसे च्छूप के तुम दोनो मिलते तो नही? और क्या पता सब कुछ कर भी लिया हो?
दीपक: क्या कुछ भी बोल रही हो! तुम्हे बिन बताए मैं कुछ नही कर सकता. मुझपे भरोसा नही है क्या?
मे: मुझे तुमपे पूरा भरोसा है. मैं तो ऐसे ही मज़ाक कर रही थी.
दीपक: तुम्हारा और आकाश का कहाँ तक पहुँचा?
मे: हमारा भी वहीं, रोज़ छत करते है, और मैने तुम्हे बताया था ना की वो मुझसे अकेले मिलना भी चाहते थे. पर मैने माना कर दिया था.
दीपक: मैने तुम्हे बोला तो था की तुम चाहो तो मिल लो उनसे. पर तुमने तो बेचारे का दिल ही तोड़ दिया.
मे: ऐसा कुछ नही है. जीजू बहुत समझदार है, वो सिचुयेशन को समझते है
दीपक: वैसे ये वॉटर रिज़ॉर्ट का प्लान किसका था?
मे: पिक्निक जाने का प्लान अंकिता का था, और पिक्निक में वॉटर रिज़ॉर्ट जाने का प्लान जीजू का.
दीपक: अछा. वैसे वॉटर रिज़ॉर्ट में मज़ा तो आएगा.
मे: हा तुम्हारी फॅवुरेट साली जो आ रही है साथ में. खूब एंजाय करना उसके साथ.
दीपक: मैं तुम्हारे साथ मज़े करने की बात कर रहा था, और तुम अंकिता को बीच में ले आई.
मे: अर्रे बाबा मैं तो हू ही ना वहाँ तुम्हारे साथ. बुत मुझे पता है जैसे तुम दोनो बातें करते हो, तुम दोनो ने ही बहुत कुछ सोच लिया होगा की वहाँ ये करेंगे वो करेंगे. और कहीं तुम मेरी वजह से खुद को कंट्रोल ना करो, इसलिए बोल रही हू की मैं तुम्हे फुल पर्मिशन दे रही हू. जैसा एंजाय करना हो वैसा एंजाय करना अंकिता के साथ. मुझे कोई प्राब्लम नही है.
दीपक: थॅंक योउ डार्लिंग. तुम्हारे जैसी वाइफ सब को मिलनी चाहिए.
मे: हा ताकि सब बाहर अफेर्स कर सके (हम दोनो ही हासणे लगे).
दीपक: तुम भी उस बेचारे आकाश को तोड़ा मौका देना. वो कुछ करे तो उसे करने देना.
मे: हम छत में तो बहुत बातें करते है. पर पता नही क्यूँ जब वो सामने आते है, तो मुझे शरम आ जाती है.
दीपक: कल के दिन शरम घर पे छ्चोढ़ के जाना, और बिंदास एंजाय करना.
मे: हा ट्राइ करूँगी.
दीपक: मैं तो सूपर एग्ज़ाइटेड हू कल के लिए.
मे: लगता है कल ही अंकिता की विश पूरी हो जाएगी.
दीपक: कों सी विश?
मे: तुम्हारे साथ सेक्स की विश.
दीपक: क्या तुम भी, कुछ भी बोलती हो. अभी तक किस भी नही हुई, और तुम सेक्स की बात कर रही हो.
मे: हा तो कल कर लेना किस, और कुछ करने मिले तो भी कर लेना.
दीपक: अंकिता क्या-क्या अलो करेगी पता नही ना.
मे: बुत ज़रा संभाल के, आकाश जीजू को बुरा ना लगे.
दीपक: तुम आकाश को बिज़ी रखा अपने साथ. वो तुम्हारे साथ खुश रहेगा, तो हमे डिस्टर्ब नही करेगा.
मे: कैसे पति हो? अपनी पत्नी को बोल रहे हो दूसरे मर्द को खुश करना.
दीपक: सिर्फ़ आकाश थोड़ी खुश होगा. तुम भी तो खुश होगी ना. तुम्हारी खुशी के लिए बोल रहा हू.
मे: हा-हा पता है. अब सो जाओ, कल जल्दी उतना है.
दीपक: अभी तो तुम्हारी चुदाई बाकी है.
मे: आज नही, कल सुबह जल्दी उतना है. और कल के लिए भी एनर्जी बचा के रखो.
दीपक: हा ठीक है. सो जाते है. पर सोने से पहले दूध तो पीला दो.
मे: रूको मैं लेके आती हू.
दीपक: कहीं जाने की ज़रूरत नही है.
और उन्होने मेरा टॉप उतार दिया, और बूब्स चूसने लग गये. मैने भी उन्हे चूसने दिए, और मज़े लेने लगी. फिर थोड़ी देर बाद हम दोनो सो गये.
नेक्स्ट दे जैसे डिसाइड हुआ था, अंकिता और आकाश जीजू हमे पिकप करने आए, और हम निकल गये वॉटर रिज़ॉर्ट के लिए. जीजू ड्राइव कर रहे थे, और अंकिता उनके पास बैठी थी. पीछे की सीट पे मैं और दीपक.
अंकिता ने हमेशा की तरह दीपक से फ्लर्टिंग स्टार्ट कर दी, और दीपक भी मज़े ले रहे थे. मैं और आकाश जीजू उन दोनो की मस्ती देख रहे थे बस.
अंकिता बोली: यार तुम दोनो इतना चुप क्यूँ हो? तुम दोनो भी आपस में मस्ती करो. हमारी पर्मिशन है. क्यूँ जीजू?
और दीपक ने भी बोला: इतने शांत रहोगे तो क्या मज़े करोगे वहाँ?
फिर आकाश जीजू बोले: यहाँ शांत है क्यूंकी सारी एनर्जी वॉटर पार्क के लिए बचा के रख रहे है. वहाँ तो धूम मचाने वाले है. क्यू मनीषा?
मैने भी बोला: हा और क्या.
ऐसे ही मज़ाक-मस्ती करते-करते हम पहुँच गये. फिर टिकेट्स लेके हम अंदर गये, और सबसे पहले कपड़े चेंज करने गये. मैने एक स्लीव्ले लूस त-शर्ट और 1/4त शॉर्ट्स पहना, और अंदर ब्रा पनटी.
अंकिता ने एक टाइट शॉर्ट, त-शर्ट पहना, जिसमे उसका पेट पूरा दिख रहा था, और नेक भी डीप था. नीचे मिनी शॉर्ट्स पहना, जिससे सिर्फ़ उसकी गांद ही ढाकी थी, बाकी पूरी लेग्स उसकी थाइस तक विज़िबल थी. एक-दूं सेक्सी लग रही थी वो.
मैने उसे बोला: आज तो पानी में आग लगने वाली है.
वो भी हासणे लगी. दोनो मर्दों ने त-शर्ट आंड शॉर्ट्स पहना था. सबसे पहले हम एक पूल में गये, आंड वहाँ मस्ती की. दीपक मेरे साथ था, और आकाश जीजू अंकिता के साथ. पर दीपक देख अंकिता को रहा था, और जीजू मुझे. पानी के अंदर दीपक मुझे च्चेड़ रहा था, कभी गांद दबा रहा था, तो कभी छूट मसल रहा था.
अंकिता वहाँ जीजू का लंड सहला रही थी पानी के अंदर. ये उसके आक्षन से समझ आ रहा था. उस दिन वहाँ उतनी पब्लिक नही थी, तो हम दोनो कपल बिंदास मस्ती कर रहे थे. जीजू गले तक पानी में बैठ गये, और अंकिता उनकी गोद में जाके बैठ गयी. वो कपड़ों के उपर से ही लंड छूट पे रग़ाद के मज़े ले रहे थे शायद. उनको देख दीपक ने मुझे भी अपनी गोद में बिता लिया. उनका कड़क लंड मुझे नीचे महसूस हो रहा था.
फिर दीपक ने एक हाथ नीचे से मेरी त-शर्ट में डाल दिया, और ब्रा के उपर से मेरा बूब दबाने लगे. मैने उन्हे धीरे से बोला-
मैं: क्या कर रहे हो? कोई देख लेगा तो?
वो बोले: कोई नही देखेगा, तू मज़े कर.
फिर दीपक ने बोला: उधर देख अंकिता क्या कर रही है.
अंकिता जीजू के पास बैठी थी.
मैने बोला: बैठी तो है बाजू में.
तो दीपक बोला: आकाश के एक्सप्रेशन्स देख, अंकिता पक्का अभी शॉर्ट्स के अंदर से उसका लंड सहला रही है.
फिर मैने देखा तो आकाश के एक्सप्रेशन्स सच में वैसे ही थे. अंकिता के आक्षन से भी यही लग रहा था.
थोड़ी देर बाद दीपक ने बोला: चलो ब्रेकफास्ट कर लेते है, नही तो बंद हो जाएगा.
हम पूल से बाहर आ गये. मेरी त-शर्ट और शॉर्ट्स मेरी बॉडी से चिपक गये थे, बूब्स और गांद का पूरा शेप दिख रहा था. आकाश जीजू मेरे बूब्स को ही देख रहे थे. अंकिता भी भीगने के बाद और सेक्सी लग रही थी.
दीपक ने तो उसे बोल भी दिया: अब तो ज़्यादा हॉट लग रही हो.
अंकिता ने भी स्माइल करते हुए थॅंक योउ बोला. जीजू सिर्फ़ इशारों से मुझे बोल रहे की मैं भी एक-दूं हॉट लग रही थी, और मैं भी स्माइल करते हुए उनको देख रही थी.
फिर हमने ब्रेकफास्ट किया. ब्रेकफास्ट करते हुए मैने नोटीस किया की कुछ बाय्स अंकिता को ही घूर रहे थे. मैने अंकिता को ये बात बताई, तो वो बोलने लगी-
अंकिता: देखने दो बिचरों को, देख के ही मज़ा लेले.
और मुझे भी दिखाया की कुछ लोग मुझे भी देख रहे थे, और बोलने लगी-
अंकिता: ये सब हमे देख रहे है, इसका मतलब हम दोनो ही आज सेक्सी लग रही है (और हम दोनो ही हासणे लगे).
ब्रेकफास्ट के बाद हमने वॉटर राइड्स की. डबल वाअले राइड में अंकिता आकाश जीजू के साथ बैठी, और मैं दीपक के साथ. राइड के बीच में दीपक ने पीछे से मेरे बूब्स पकड़ लिए, और दबाने लगा. मुझे भी मज़ा आ रहा था. ऐसे ही 2-3 बार उस राइड बैठे, और दीपक ने कभी मेरे बूब्स दबाए, तो कभी मेरी छूट सहलाई. ई आम शुवर की अंकिता और आकाश जीजू भी ऐसे ही मस्ती कर रहे होंगे.
फिर हम सब वेव पूल में गये. वहाँ भी पब्लिक कम ही थी. जो थे, मोस्ट्ली कपल ही थे, जो आपस में मस्ती कर रहे थे. हम सब भी सबसे एंड में जाके साइड में खड़े हो गये. वहाँ पानी गले तक था. वहाँ एक कपल के आक्षन से लग रहा जैसे उनकी चुदाई चल रही है. हम चारों उन्हे देख के हस्स रहे थे बस, और गरम भी हो गये थे.
अंकिता आकाश जीजू के पास गयी, और उन्हे किस करने लगी. उसका एक हाथ जीजू के गले में था, और दूसरा हाथ पानी के अंदर. शायद जीजू के शॉर्ट्स के अंदर. उनको देख के दीपक भी मूड में आ गये, और मुझे अपने आयेज खड़ा कर दिया, और मेरे बूब्स दबाने लगे. मैने भी हाथ पीछे लिया, और उनका लंड उनके शॉर्ट्स के उपर से पकड़ लिया और दबाने लगे. हमने थोड़ी देर ऐसे ही मस्ती की. फिर लंच का टाइम हो गया.
हम सब लंच कर रहे थे. अंकिता कुछ लेने गयी, तभी एक लड़का अंकिता के पास गया, और उसे पूछने लगा की तुम अंकिता हो ना.
अंकिता ने बोला: हा, पर तुम कों हो? मैने पहचाना नही.
तो उसने अपना इंट्रोडक्षन दिया, की उसका नामे संजय था, और वो कॉलेज में अंकिता का जूनियर था. अंकिता ने भी उसे पहचान लिया. फिर वो बातें करने लगे. तभी दीपक उनके पास गया, तो संजय को लगा दीपक अंकिता का हज़्बेंड था. और फिर वो उन दोनो से बात करने लगा, की शादी कब हुई आप दोनो की आंड फॅमिली आगे बढ़ी की नही. अंकिता ने भी उसकी मिसांडरस्टॅंडिंग क्लियर नही की.
फिर जब संजय गया तो मैं और आकाश जीजू उनके पास गये, और मैने उसे पूछा: तूने बताया क्यूँ नही उसे?
तो वो बोलने लगी: इतने हॅंडसम आदमी को वो मेरा हज़्बेंड समझ रहा था, तो मैं क्यूँ बताती उसे (और हासणे लगी).
उसकी बात पे हम सभी हासणे लगी. फिर वो पुर लंच के टाइम दीपक के पास ही खड़ी थी, और बोल रही थी की वो संजय वापस आया तो उसे लगना चाहिए ना की मैं अपने हज़्बेंड के साथ ही हू.
फिर लंच के बाद थोड़ी देर पूल में एंजाय किया. उसके बाद हम सब रैन डॅन्स के लिए गये. वहाँ पहुचते ही हमने देखा की वो संजय ऑलरेडी वहाँ था, और एक लड़की के साथ डॅन्स कर रहा था. वो उसकी वाइफ या गफ़ थी शायद, क्यूंकी वो उससे चिपक के डॅन्स कर रहा था. फिर अंकिता ने दीपक का हाथ पकड़ लिया और बोलने लगी-
अंकिता: प्लीज़ आप मेरे साथ ही डॅन्स करना. संजय को लगना चाहिए की हम हज़्बेंड वाइफ है. दीपक मुझे देखने लगा तो मैने इशारे से बोल दिया की इट’स ओक.
तभी आकाश जीजू बोले: हा ठीक है, मैं और मनीषा साथ में डॅन्स कर लेंगे.
इस पार्ट में इतना ही. अब आयेज पढ़िएगा और क्या-क्या होता है वॉटर पार्क में. तब तक मैल करके बताइए अब तक की स्टोरी कैसी लगी. आपके मेल्स का इंतेज़ार करेगी आपकी ये प्यारी मनीषा