विधवा मामी की चुदाई और उनसे शादी

मेरी मामी का नाम पानस्वारी है. उनकी उमर 35 साल है. वो बहुत सिंपल रहती है, और हुमेशा सारी पहनती है. मेरी मामी विडो है. मामा की डेत हुए 1 साल हो गया. उनकी दो बेटियाँ है, एक 8 साल की, और एक 6 साल की. नाना-नानी पहले में ही चल बसे थे.

अब मामी का मैं ही सहारा था, और मामी भी बहुत पसंद करती थी मुझे. मेरा सेमेस्टर ख़तम हुआ, तो मैं मामी के पास चला गया. मामी बहुत खुश हुई. तब उनकी बेटियाँ दोनो हॉस्टिल में थी. शाम को मैं और मामी कपड़े लेने जेया रहे थे, और रास्ते में कुछ काम से उनकी सहेली मल्टी मामी के घर घुसे थे.

लेकिन जैसे ही घर घुसे, मामी मामा के उपर पे बैठ के चुड रही थी, जिससे मैं और मामी शर्मा गये. मल्टी मामी भी झट से अपनी सारी नीचे करके वाहा से उठ गयी और बाहर आई.

मेरी मामी को कुछ-कुछ होने लगा. इसके बाद हम दोनो वाहा से मल्टी मामी से बात करके चले गये. रात को मैं और मामी खाना खा के सोने जेया रहे थे. हम दोनो एक ही रूम में सोते है शुरू से ही. मामी दूसरे कमरे में सारी चेंज करने गयी. मैं उनके पीछे-पीछे गया.

मामी पहले अपनी सारी खोल के चड्डी उतार रही थी. तब मैने उनको पीछे से हग किया. मामी को कुछ नही लगा, क्यूंकी मैं उनको पहले से ही ऐसे हग करता था. धीरे-धीरे मैं अपना लंड उनकी गांद में रगड़ने लगा. मामी भी शाम की चुदाई से गरम हुई पड़ी थी.

इसके बाद मैने उनको चूमना शुरू किया. कुछ देर बाद मामी को होश आया और वो झट से अलग हो गयी. मैं भी दर्र गया.

मामी ने बोला: हे भगवान, ये क्या हुआ?

फिर मामी ने कुछ नही सोचा और बेड से उठी, और सीधा लीप-किस करने लगी. मामी के ऐसे करने से मैं भी दर्र गया, और मेरी हार्टबीट तेज़ होने लगी. फिर कुछ देर बाद मामी और मैं नॉर्मल हो गये, और आराम से लीप-किस करने करने लगे. ये मेरी ज़िंदगी की पहली किस थी. मामी ने फिर मेरा शर्ट खोल दिया.

इसके बाद मामी ने मुझे बोला: शादी करोगे?

मैं भी बहुत पसंद करता था उन्हे और गरम भी था, तो हा बोला. मामी को भी पता नही था की वो क्या बोल रही थी. इसके बाद मामी और मैं पूजा घर गये, और वाहा से मामी ने सिंदूर का डब्बा निकाला. फिर मैने उनकी माँग भर दी. इसके बाद मैने मामी को अपनी बाहों में उठाया, और उनको बेडरूम में ले गया.

मामी का शरीर मेरे शरीर से बड़ा था, लेकिन मैं जैसे-तैसे उनको उठा के बेडरूम में ले गया. वाहा पे मैने मामी को बेड पे लिटाया, और मैं भी उनके उपर लेट गया.

फिर उन्होने अपना ब्लाउस खोला. उन्होने ब्रा भी पहनी थी. वो फिर मेरे सर को उनकी छ्चाटी पे रख कर लेट गयी. हम दोनो एक-दूसरे को चूमने लगे. कुछ देर बाद मामी ज़्यादा गरम हो गयी, और मुझे नीचे लिटाया.

फिर मामी मेरे उपर उठी और बोली: रेडी हो.

मैने बोला: हा.

इसके बाद मामी ने मेरी पंत नीचे की, और मेरा काला लंड (मैं तोड़ा काला हू, मामी गोरी है) बाहर आ गया. मेरा लंड लेकिन 35 की आगे के मर्द जैसा था. मामी लंड चूसने लगी. उनके मूह में मेरा लंड जाने से मुझे झंझनाहट सी हुई. मामी ने करीब 3 मिनिट तक मेरा लंड चूसा, और इसके बाद मामी खड़ी हुई.

फिर अपनी चड्डी खोल के मेरे उपर अपना पेटिकोट उठाते हुए बैठ गयी. मामी को भी थोड़ी शरम आ रही थी, और वो हस्स रही थी. फिर मामी ने मेरा लंड पकड़ा, और अपनी छूट पे सेट किया. वो उपर-नीचे होने लगी. उनकी छूट में मेरा लंड घुसते ही उनके अंदर मुझे पूरा गरम लगा. पहली बार का एहसास ही कुछ और होता है.

हमारी झांते भी पूरी लंबी-लंबी थी, जिससे गुदगुदी भी हो रही थी. हम दोनो इस समय आपस में नज़रें भी मिला नही पा रहे थे. कुछ देर बाद नॉर्मल होके मामी और मैं आराम से पति-पत्नी जैसे चुदाई करने लगे. इस बीच मैने मामी की ब्रा पूरी खोल दी. मामी का चुचे भी मीडियम साइज़ के थे, और मामी ने अपना पेटिकोट भी खोल दिया.

करीब 25 मिनिट बाद मामी पहली बार झाड़ गयी, और हानफते हुए मेरे सीने पे लेट गयी. लेकिन मैं तो अभी भी नही झाड़ा था. कुछ देर बाद मैने मामी को नीचे लिटाया, और उनकी दोनो टाँगो को अपने कंधे पे रखा. फिर मामी ने मुझे कस्स के हग किया, और हम दोनो चुदाई करने लगे.

कुछ देर में मामी डॉगी बन गयी, और मैने उनको पीछे से छोड़ा. करीब 1 घंटा ऐसे चुदाई चलती रही. फिर अंत में मैं 2 बार उनके अंदर ही झाड़ गया. मामी भी वही 2 बार जैसे झाड़ गयी थी. इसके बाद मैने मामी को ई लोवे योउ बोला. उन्होने भी मुझे ई लोवे योउ बोला, और हम दोनो किस करने लगे.

पूरा बेड पसीने और वीर्या से गीला हो गया था. मामी ने मेरे लंड को अपनी छूट से बाहर नही निकाला, और मैने भी उनकी छूट में ही रहने दिया. फिर हम एक-दूसरे से लिपट के सो गये. सुबा हम दोनो उनकी बेटियों के हॉस्टिल के फोन कॉल से उठ गये, और उन्होने बोला की आज छुट्टी हो रही है, बच्चो को लेके जाओ. ये बात सुन कर मामी ने मुझे उठाया, टोलिया लपेटने को कहा. मामी ने सिर्फ़ पेटिकोट ही उपर से पैर तक पहना था.

फिर वो अपनी माँग में सिंदूर देख के बोली: ये बात किसी को बताना मत.

ये कह कर उन्होने अपने सर की कसम खिलाई, और हम दोनो वैसे ही घर का काम ख़तम करके बेटियों को लेने गये. शाम को हम दोनो घर पहुँचे. हम लोग तक गये थे, तो बाहर से ही खाना लाए थे. मामी किचन में खाना परोस रही थी. मैने किचन में मामी को हग किया, और उनको चूमने लगा.

वो बोली: रूको, अभी नही.

हम दोनो लीप किस कर रहे थे. तभी उनकी छ्होटी बेटी आ गयी, और हम दोनो

अलग हो गये. कुछ देर बाद हम सब बाहर जाने वाले थे बस से. हम दोनो सबसे पीछे वाली सीट पर थे. करीब रात 1 बजे जैसे सब सो गये थे, तब मामी मेरी गोद में बैठी, और हम दोनो किस करने लगे. हमे याद भी नही था हम बस में थे.

फिर कुछ देर बाद मामी ने सारी और पेटिकोट उठाया, और चड्डी को तोड़ा नीचे करके मेरे लंड पे बैठ गयी. 20 मिनिट बाद हम दोनो झाड़ गये. मामी ने भी अपनी सारी ठीक कर ली.

कुछ दिन बाद मामी ने मुझे बोला की वो प्रेग्नेंट थी. तो मैं उनको शहर लाया और यहा हमने कोर्ट मॅरेज कर ली. उनकी बेटियाँ यही पढ़ रही थी, और हमारा बेटा भी हुआ.

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