असंतुष्ट एक्स-गफ़ की लंड की प्यास

हेलो दोस्तों, मेरा नाम विराज है, और मैं देल्ही से हू. मेरी हाइट 5’8″ है, और रंग सावला है. मैं रेग्युलर जिम करता हू, तो दिखने में बॉडी अची है. ये कहानी मेरी और मेरी एक्स की है. की हमारा ब्रेकप होने के बाद वो क्यूँ मेरे पास दोबारा आई. तो चलिए अब सीधा कहानी पर चलते है.

जब हम रिलेशन्षिप में थे, मैं उसे खूब छोड़ता था. वो भी खुश रहती थी. पर फिर मेरे एग्ज़ॅम नज़दीक आने लगे, और मेरा पढ़ाई पर फोकस कम था, तो मैने उसे बताया की शायद अब मैं उससे 1 या 2 महीने नही मिल पौँगा.

उसने पूछा: क्यूँ क्या बात है?

तो मैने बताया: कुछ नही, बस मेरे एग्ज़ॅम्स है, तो इसलिए.

और इतना सुन कर वो तोड़ा गुस्से में बोली: हा मुझे सब पता है.

मैने पूछा: क्या पता है?

उसने बोला: तुम्हे कोई और मिल गयी होगी. इसलिए मुझे छ्चोढ़ रहे हो.

मैने उसे समझाया: ऐसी कोई बात नही है. सीरियस्ली एग्ज़ॅम्स पे तोड़ा फोकस कर रहा हू, और तुम्हारे होते हुए तुमसे फोकस हटाना और किसी और चीज़ पे लगाना मेरे लिए बहुत मुस्किल है.

वो नही मानी, और उसे अभी भी मेरी बातों पर यकीन नही हो रहा था. वैसे उसके बारे में बतौ तो उसका नाम सदाफ़ है. रंग गोरा, और भरा हुआ शरीर (चब्बी) है. वो ज़्यादातर बाहर बुरखा पहनती थी. बहुत कमाल लगती थी उसमे. उसके उभरे हुए बूब्स मेरे मूह में पानी ले आते थे. लेकिन चेहरा उसका बच्चे जैसा था. मैं उससे बहुत प्यार करता था.

पर उसकी आदत थी, की किसी बच्ची के तरह वो बहुत ज़िद करती थी. तो मैने उसे समझाया-

मैं: एक या दो महीने रुक जाओ. फिर मिल लियो जितना मिलना है.

वो नही मानी और बोली: मुझे तुम्हारे साथ अब रहना ही नही है. और मैं सब जानती हू. तुम बस मुझसे डोर होना चाहते हो तो बोल दो. मैं खुद ही हो जाती हू. और अब से हम एक-दूसरे के कुछ नही है. अब मुझसे बात मत करना.

ये सब सुन कर मुझे तोड़ा बुरा लगा, और हस्सी भी आ रही थी. पर मैने उसे नही रोका, और वो वाहा से चली गयी.

2 महीने बाद मेरे एग्ज़ॅम्स ख़तम हुए. मैने उसकी फ्रेंड्स से सुना था की उसका कोई न्यू बाय्फ्रेंड था, जो बहुत स्मार्ट और पैसे वाला था. तो मुझे लगा की ठीक है अगर वो खुश थी तो. क्यूंकी मुझे लोगों को खुश देखना ही पसंद है.

कुछ दीनो बाद मेरे एक फ्रेंड की शादी थी. तो हमारे फ्रेंड सर्कल में जीतने भी फ्रेंड्स थे, सब आने वाले थे. मुझे पता था सदाफ़ भी ज़रूर आएगी अपनी फ्रेंड्स के साथ, और साथ में उसके सो कॉल्ड न्यू बाय्फ्रेंड को भी लेके आएगी. तो इसी बहाने देख लूँगा दोनो को.

शादी वाली रात मैं वाहा तोड़ा जल्दी चला गया था तोड़ा काम में हाथ बताने के लिए. फिर जब सब लोग आने लगे, मुझे जिसकी वेट थी वो भी आई. क्या लग रही थी एक-दूं हूर जैसी. पर पता नही मुझे ऐसा लगा जैसे वो खुश नही थी. क्यूंकी मेरे साथ काफ़ी टाइम तक तो रही थी, तो इतना तो मैं समझ ही सकता था उसे देख कर.

मैने 2 महीनो से उसे सोच-सोच के मूठ ही मारी थी बस. पर आज फिर उसे देख कर फिरसे मेरे अरमान जागने लगे थे. पता नही क्यूँ उसे पकड़ कर छोड़ने का मॅन करने लगा. वो लहंगा पहन कर आई थी.

पर उससे दोबारा वो सब बात करने की हिम्मत नही हो रही थी. तो मैं च्चत पर चला गया. वाहा से मैं सब लोगों को देख रहा था, की कों कहा था, और क्या कर रहा था.

मेरे हाथ में एक कॉफी का कप था, और मैं वही से व्यू ले रहा था. फिर मेरी नज़र सदाफ़ पर पड़ी. वो अपने बाय्फ्रेंड से कुछ बहस कर रही थी. फिर उसने उसका हाथ पकड़ लिया, पर उसका बाय्फ्रेंड उसका हाथ च्चूदवा कर वाहा से चला गया. उसने मेरी तरफ उपर देखा तो मैने अपनी नज़र हटा ली, जैसे मैने कुछ देखा ही नही. पर शायद उसने मुझे देख लिया था की मैं च्चत पर था.

कुछ देर बाद किसी का हाथ मेरी कमर पर आया, तो मैं एक-दूं से घबरा गया, और कॉफी का कप मुझसे छ्छूट कर वही गिर गया. मैने झट से पीछे मूड कर देखा, वाहा सदाफ़ खड़ी थी, और उसी ने अपना हाथ मेरी कमर पर घुमाया था.

मैने उससे पूछा: तुम यहा क्या कर रही हो? सब लड़कियाँ तो नीचे है.

वो बोली: यही सवाल तो मैं तुमसे पूछने आई हू, की तुम यहा क्या कर रहे हो? सब नीचे है, तुम यहा अकेले क्यूँ हो?

तो मैने बोल दिया: तुम्हे किसी और के साथ नही देख सकता. इसलिए यहा आ गया.

तो वो मेरी आँखों में देखने लगी और बोली: तो क्यूँ डोर हो मुझसे?

मैं उसकी बात सुन कर तोड़ा शॉक हुआ. फिर उससे कहा-

मैं: तुम गयी थी, मैं नही. खैर छ्चोढो, और बताओ कैसी हो? और बाय्फ्रेंड से मिलवओ, कहा है?

उसका मूह लटक गया और बोली: यार उसे मेरा बाय्फ्रेंड मत बोलो.

मैने पूछा: क्यूँ, वो तो बहुत स्मार्ट है. पैसे वाला है. तुम खुश भी दिख रही थी उसके साथ.

तो उसने कहा: मैं उसके साथ खुश नही हू. वो मुझे प्यार नही करता. बस हमेशा लड़ाई ही होती रहती है छ्होटी-छ्होटी बातों को लेकर.

ये सुन कर मेरे मॅन में थोड़ी खुशी सी हुई, और मैने उसकी कमर में हाथ डाला, और अपने पास खीच लिया.

फिर मैं बोला: छ्चोढो उसे.

उसने मुझे हग कर लिया और बोली: तुम मुझसे नाराज़ तो नही हो ना?

मैने बोला: नही, तुमसे कभी नाराज़ नही था. मैं तुम्हे जानता हू, और मुझसे बेहतर तुम्हे कोई नही समझ सकता. कोई बात नही, मैं अभी भी तुम्हारे साथ हू.

ये सुन कर वो मेरी तरफ देखने लगी, और अपने होंठो को मेरे होंठो के पास लाई. अब हमारी साँसे एक-दूसरे से टकराने लगी.

वो बोली: मैने तुम्हारी सांसो को बहुत मिस किया.

मैने पूछा: क्यूँ? वो भी तो रोमॅंटिक होगा.

तो वो बोली: नही, हमारे बीच कभी सेक्स या रोमॅन्स नही हुआ. मैं जब भी उसके पास जाने की कोशिश करती थी, वो बहाना बना कर कही चला जाता था.

ये सुन कर मुझे बड़ा अजीब लगा, की कही साला गे तो नही था. फिर मुझे लगा की शायद इसकी हवस हॅंडल करना उसके बस की बात नही होगी. मैने सदाफ़ से कहा-

मैं: वो तुम्हे हॅंडल नही कर पाया होगा.

वो बोली: ह्म, तुम तो कर लेते थे आचे से.

इतना बोल कर वो मुझसे लिपट गयी, और ज़ोर से हग करने लगी. उसके बूब्स मेरी चेस्ट से दबने लगे. मुझसे रहा नही जेया रहा था. मैने उसके कानो में कहा-

मैं: तुम इतना करीब आओगी, तो मैं खुद को रोक नही पौँगा.

वो बोली: तो मत रोको.

मैं उसके होंठो को चूमने लगा कस्स कर, और उसकी नेक पर किस करने लगा. उसने मेरे बालों में हाथ घूमना शुरू कर दिया. मैं उसकी कमर को कस्स के पकड़ कर दबाने लगा, और पास खीचने लगा. मेरा लंड मेरी पंत में तंबू बना रहा था. उसको भी महसूस हो रहा था. उसने मेरे बालों में हाथ घूमते हुए कहा-

वो: सब यही करोगे?

तो मैने कहा: तुम बताओ, जैसा तुम्हारा आज मॅन है वैसे करूँगा.

उसने बताया: नीचे एक रूम है, खाली है. सब रिलेटिव्स बाहर है. वाहा चलो.

तो वो मेरा हाथ पकड़ कर मुझे रूम में ले गयी. मैने उससे पूछा-

मैं: कोई आएगा तो नही?

उसने बोला: तुम कब से इतना डरने लगे?

मैने उसे अपनी तरफ खीचा, और बोला: डरता तो मैं किसी से नही.

वो बोली: अछा तो गाते बंद नही करते है.

फिर मैने बोला दिया: गाते खोल के करो.

तो हमने गाते खुला रहना दिया. पर फ्लोर पर कोई नही था.

मैने उससे कहा: अब अपना लहंगा उतरो, या मैं फाड़ डू?

उसने फटाफट अपना लहंगा उतरा, और बेड की तरफ जाने लगी. मैने उसका हाथ पकड़ा, और खीच कर दीवार से सता दिया.

वो बोली: क्या कर रहे हो, तोड़ा धीरे.

मैने उसकी गांद पर एक थप्पड़ मारा और बोला: तुम्हे पता भी है मैं 2 महीने कैसे रहा हू तुम्हारे बिना?

वो बोली: आज सारी कसर पूरी कर दो.

दोस्तों होप आपको स्टोरी मज़ेदार लगी होगी. इसका नेक्स्ट पार्ट मैं जल्दी उपलोआड करूँगा.

यह कहानी भी पड़े  Mera Kamuk Badan Aur Atript Yauvan- Part 3


error: Content is protected !!