अंकल की पर्सनल रंडी बनी

थोड़ी देर बाद जब मेरी आँख खुली तो मैने देखा की अंकल खर्राटे ले के सो रहे है और उनका लंड भी सो रहा है. मेरा एक बार फिर उनका लंड अपनी छूट मे लेने का मॅन जर रहा था. क्यूकी इससे पहले मेरी ऐसी चुदाई कभी नही हुई थी. अंकु के पापा से अंकल का लंड एक इंच बड़ा 7 इंच और आधा इंचे मोटा था.

इसलिए मेरी छूट मे हल्की हल्की सी जलन भी हो रही थी. पर मैने जलन की परवाहा ना करते हुए मे उठ के बैठी और अंकल के लंड को अपने हाथ मे ले के चूसने लगी. अंकल के लंड के सूपदे को अपने मूह मे लिया. तभी अंकल की भी आँख खुल गयी और मुझे देख के मुस्कुराने लगे.

मे भी चुप छाप बस उनके लंड को चूसे जा रही थी और छाते जा रही थी. उनके लंड के बॉल्स को भी छत रही थी. थोड़ी ही देर मे लंड फिर से खड़ा हो गया था. लंड इतना बड़ा था की मेरे दोनो हाथ मे भी नही आ रहा था. उसके बाद मे अंकल के उपर बैठ गयी और उनके लंड को अपनी छूट मे अपने हाथ से डालने लगी.

मेरी छूट इतनी गीली हो चुकी थी की लंड मेरी छूट मे बड़े ही आराम से घिसता हुआ अंदर चला गया. मैने भी अपनी पूरी ताक़त लगा दी थी और लंड मेरी छूट मे पूरा अंदर तक जा चुका था. उसके बाद मैने खुद उपर नीचे होना शुरू किया.

इस बार अंकल मुझे नही मे अंकल के लंड को अंदर बाहर ले रही थी. वो बस मेरे दोनो दूध को अपने हाथो से पकड़ के मसल रहे थे. कभी मेरे दोनो निपल को सहलाते तो कभी निपल को पकड़ के खिचते. ये सब होते देख मेरी छूट और भी गरम हो गयी थी और मे तेज़ तेज़ उपर नीचे होने लग गयी थी.

अब अंकल भी मेरी गंद को पकड़ के अपनी तरह खिच रहे थे.

फिर मे झुकी और अंकल को किस करने लग गयी हम दोनो एक दूसरे के होतो की चूमने लगे. एक दूसरे की जीभ आपस मे लड़ रही थी. इकड़म मु से मु घुसा दिया था.

अब अंकल ने अपने लंड की स्पीड बढ़ा दी थी और नीचे से झते मार रहे थे मे भी सिसकिया भरने लगी थी. अंकल मुझे अपनी बहो मे अपने उपर ले के पकड़े हुए थे मुझे कस कर पकड़ के छोड़ रहे थे.

पर फिर अंकल ने मुझे सीधे लेटने को बोला अब मे फिर से बिस्तर पे लेट गयी और अंकल ने मेरी टाँगे अपने कंधो पे रख के अपना लंड मेरी छूट मे फिर घुसा के छोड़ने लग गये. कभी धीरे तो कभी तेज़ मेरी छूट को छोड़े जा रहे थे.

करीब 8-10 मीं तक मुझे छोड़ने के बाद अंकल ने लंड मेरी छूट से बाहर निकाला. और खड़े हो क्र बोले की मंजू इसे अपने मूह मे ले के चूसो.

मे साँझ गयी थी की ये अब मेरे मूह मे अपना पानी छोड़ेंगे और मुझे भी इनके लंड का पानी का स्वाद चकना था. सो मे उठ के बैठ गयी और लंड को चूसने लगी.

अंकल मेरे सर को पकड़ के अपना लंड चूसने लगे. वो पूरा लंड मेरे मूह मे दे रहे थे पर लंड इतना सख़्त था की अंदर जा ही नही रहा था मेरे मूह मे. पर फिर मैने भी पूरा लेने की कोशिश की तो तोड़ा अंदर तक गया.

उनका आधा लंड मेरे मूह के अंदर जीभ आए रग़ाद मार रहा था. 4-5 मीं बाद ही अंकल ने अपने लंड का पानी मेरे ही मूह मे छ्चोड़ दिया अंदर. और मेरे ही मूह मे लंड घुसाए रखे जब तक सारा पानी मेरे मूह के अंदर निकल नही दिया.

मुझे महसूस हुआ की जब पानी निकला तो एक तेज़ सी पिचकारी मेरे गले तक महसूस हुई. ऐसा लगा जैसे सारा पानी मेरे गले मे चला गया हो और हन वैसा ही हुआ. क्यूकी जब लंड मूह से बाहर निकाला तो मेरे मूह मे तोड़ा पानी रह गया था. जिसे मैने अंदर ले लिया था और बाकी बचा जो लंड पे लगा था उसे छत छत के सॉफ कर दिया था. उसके बाद हम दोनो फिर लेट गये.

फिर अंकल ने पूछा की मंजू मज़ा आया ?

मैना कहा जी बहोट ज़्यादा मेरी तो छूट की फट गयी आज पर अंकल ये बात हमारे बीच मे ही रहे.

अंकल- अरे तुम परेशन क्यू होती हो किसी को नही पता चलेगा. पर अंकु ने शाम को हम दोनो को ब्रा पनटी मे देख था तो वो किसी से कुछ कहेगा तो नही?

अरे नही अंकल शाम को उसे तैयार करते टाइम मैने उसे आचे से समझा दिया था वो किसी से कुछ नही कहेगा इसकी गॅरेंटी मेरी.

अंकल- चलो अब सोते है क्यूकी कल सुबह तक तुम्हारा पति भी आ जाएगा और मे भू एक हफ्ते बाद ही ओँगा शादी से हो के. ये कह के अंकल ने मुझे और मैने अंकल को किस किया और फिर दुबारा सो गये दोनो.

अगली सुबह मेरे पति घर आ गये और दोनो लोगो ने मुलाकात करी फिर हुँने मटन बनाया. अंकु के पापा ने पूछा की क्या बात है मंजू तबीयत ठीक नही लग तुम्हारी तो मैने जवाब दिया हन सर दर्द है तोड़ा और बॉडी पाईं.

उसके बाद हुँने लंच किया और फिर अंकल चले गये. अंकल 2 हफ्ते बाद आए बीच मे उनका फोन आ जाता था. पर काम की वजह से वो आ नही पाए. इसलिए वो 15-16 दिन बाद ही घर आए.. (अंकु- ये दिन वाली बात जो मा बता रही है उसी दिन वाली बात है. जब मेरे सामने पहली बार नाना ने मा को छोड़ा था जो मे आपको 1स्ट्रीट पार्ट मे पहले ही बता चुका हू).

जब से अंकु के सामने मुझे अंकल छोड़ने लगे. तबसे वो डेली घर आ जाते सुबह ही और शाम को टाइम से चले जाते. मैने अंकु को आचसे से समझा दिया था की अगर तूने ये सब बाते किसी से कही तो मे तेरी टाँगे तोड़ दूँगी. इसलिए अंकु भी किसी से कुछ नही कहता था.

अंकल का अब एक तरह से डेली का आना होने लगा था. ये बात अंकु के पापा को भी पता थी इनकी भी अची बनती थी अंकल से. पर हमारा तो चुदाई का खेल शुरू हो चुका है करीब 6 महीने हो गये थे.

वो मेरे घर मे सिर्फ़ शर्ट या बनियान पहने रहते थे बाकी नीचे हमेशा नंगे रहते थे. क्यूकी दिन मे 3-4 बार चुदाई ना कर ले हम दोनो मज़ा ही नही आता था. इसलिए मे भी ज़्यादातर घर मे ब्लाउस और पेटीकोआट मे रहने लगी थी. हम और अंकल इतने बेशरम हो चुके थे की अंकु भी जब स्कूल से आता था तो भी उसके सामने खुल के चुदाई करते थे.

फिर एक दिन की बात है अंकु के पापा को काम से बाहर जाना है. तो उनका फोन आया की मे शाम को घर आ के बस कपड़े पॅक कर के निकल जौंगा फिर 1-2 दिन मे आ जौंगा.

जब वो शाम को घर आए तो उन्होने देखा की अंकु को फीवर हो गया था. पहले तो उन्होने माना किया. फिर मैने कहा नही आप जाओ मे देख लूँगी.

फिर उन्होने कहा की मे भैसाहब को फोन कर देता हू वो अपनी गाड़ी ले आएँगे और अंकु को डॉक्टर के यहा दिखा लाना. मैने उनकी बात मान गयी और वो अपने काम से निकल गये.

उसके बाद अंकल घर आए और हम अंकु को ले के डॉक्टर ज पास गये उसने डॉवा दी फिर घर वापस आ गये. जुंड का महीना था तो बारिश भी होने लगी थी तेज़ से. रात के 9 बाज रहे रहे, अंकल के ड्राइवर अजय ने भी कुछ नही खाया था. तो मैने उसे भी खाना ड्रॉइग्रूम मे बुलवा के दे दिया.

अब ह्यूम भी खाना खा लिया था अंकु का भी बुखार अब कम हो चुका था नॉर्मल ही समझो. अंकल ने अजय को बुला के घर जाने के लिए बोला पर मैने कहा अंकल रात काफ़ी हो गयी है बारिश भी तेज़ ही रही है इससे कहिए यही रुक जाए. अंकल भी अजय को रोकने के लिए राज़ी हो गये थे.

पर बारिश काफ़ी तेज़ थी लाइट भी नही आ रही थी. पता किया तो बताया की ट्रॅन्सफॉर्मर खराब हो गया है कल सुबह ही लाइट आएगी. इंवेरतोर था तो पंखा चल सकता है रात भर और गर्मी भी काफ़ी थी. पर इंवेरतोर का कनेक्षन सिर्फ़ मेरे दोनो बेडरूम मे था ड्रॉइग्रूम मे नही था.

तो मैने अंकल से कहा की अंकल अजय को भी यही बुला लो उधर फन नही चलेगा. अंकल ने पहले तो माना किया पर फिर मैने जिद्ड़ करी तो अंकल ने अजय को भी बुला लिया.

अब कुछ अजय के बारे मे बता देती हू अजय अंकल का प्राइवेट ड्राइवर था. 6-7 साल हो गये थे उसे अंकल के यहा वन चलते. अजय 25-28 की आगे के बीच का होगा और अनमॅरीड था पतला सा लंबा सा भी नही था चेहरा लंबा था उसका.

अब आयेज क्या होता है अगले पार्ट मे.

यह कहानी भी पड़े  श्रेया के साथ संजय प्रेम कहानी

error: Content is protected !!