अंकल और मेरी मम्मी की चुदाई

करीब 1 घंटे बाद मम्मी चुपके से उठकर बाहर चली गयी. मई समझ गया मम्मी अंकल के कमरे मे जाने वाली है. मई भी धीरे से उठकर बाहर आया.

मुझे दर लग रहा था क्यूँ की बाहर बहुत अंधेरा था. मई छुओके से अंकल के कमरे मे देखने लगा.

अंदर अंकल मम्मी को पागलो की तरह चूम रहा था. और मम्मी भी अंकल को पागलो की तरह चूम रही थी. अंकल मम्मी को कासके पकड़ लिया और मम्मी के होंठो को चूसने लगा. अंकल और मम्मी दोनो खड़े थे. मम्मी की सारी का पल्लू नीचे गिरा हुआ था. उपर से मम्मी सिर्फ़ ब्लाउस मे थी जिसमे से आधे बूब्स दिख रहे थे.

अंकल – उूउउँह उर्मिला मेरी जान कितने दीनो बाद मोका मिला है तुमसे प्यार करने का. उउउँह

मम्मी – उउउँह मुझे तो लगा अब कभी मोका नही मिलेगा ह्यूम.

उउउँह (हँसती हुई) बहुत होसियार हो आप हाँ…. मस्त प्लान बनाए हू आप.

मम्मी – उूउउँह मेरी जान प्लान नही बनता तो मई भी तड़प्ता ही रहता जाता और तुम भी तड़पति रह जाती. उूउउम्म्म्ममममम..

अंकल मम्मी के होंठो को चूस्ते हुए मम्मी के गॅलो को चूमने लगा और मम्मी की गार्डेन को चूमने लगा. और कभी मम्मी व्क कमर को मसल देता तो कभी मम्मी की गांद को सारी के उपर से ही दबाने लगता.
मम्मी भी धीरे धीरे पागल हो रही थी. और अंकल को चूम रही थी. अंकल मम्मी की कमर से सारी निकल दिया और फिल्मी स्टाइल मे सारी खिचने लगा. और मम्मी भी फिल्मी स्टाइल मे गोल्ल गोल्ल घूम कर अपनी सारी खुलवाने लगी.

अंकल मम्मी को अपने पास खींच लिया और फिर दोनो एक दूसरे को जमकर किस करने लगे. अंकल अपने दोनो हाथो से मम्मी की गांद को पेटीकोत के उपर से दबा रहा था.

मम्मी अंकल के शर्ट के बटन खोल शर्ट और बनियान को निकल दी और अंकल के चेस्ट को चूमने लगी. अंकल मम्मी की पीठ पर हाथ घूमता हुआ उनके ब्लाउस की रासी खोल दिए और ब्रा का हुक खोल निकल दिए.

अब मम्मी के बड़े बड़े गोरी ढूढ़ की तरह सफेद चूंचिया आज़ाद हो गयी. जिनको अंकल अब बेरेहमी से दबाने लगा, मसालने लगा.

मम्मी – आआअहह उूुुुुउऊहह करने लगी.

अंकल – उउउँह उर्मिला… मेरी जान उूउउँह… और नीचे झुक कर मम्मी के बूब्स मे मूह दल दिया और बूब्स के साथ खेलने लगा.

मेरी मम्मी अंकल को देख हल्की हल्की हासणे लगी. अंकल मम्मी के बूब्स को दबा बड़ा कर अपने मूह मे डालकर चूस रहा था. एक हाथ से मम्मी का पेटीकोत उपर कर मम्मी की चिकनी जाँघो को मसालते हुए मम्मी की छूट पर हाथ फेरने लगा. और मम्मी की छूट को उनकी पेंटी के उपर से सहलाने लगा.

वो लंबी साँसे लेने लगी और सिसकारिया निकालने लगी. मदारचोड़ अंकल का प्यार करने का तरीका ही कुछ अलग था. फुल गरम कर रहा था मम्मी को. और मम्मी भी अब पूरी गरम हो चुकी थी. अंकल मम्मी के बूब्स के निपल को अपने दंटो के बीच लेकर काटने लगा.

मम्मी – आआआआअ एयेए रफिकककक

अंकल मम्मी की आवाज़ सुन खुश हो गया.

मम्मी अंकल की पेंट खोलने लगी और अंडरवेर मे से उनका खड़ा लंड साफ दिखने लगा. मम्मी उनके लंड को अपने हाथ मे ले ली और मसालने लगी.

रफ़ीक- आअहह उर्मिला देखो कितना तड़प रहा है ये तुम्हारे छूट मे जाने के लिए…

मम्मी अंकल के लंड को ज़ोर से पकड़ ली और कातिल स्माइल करती हुई अंकल को देखने लगी..

मम्मी – आहह आज मई इसकी सारी तड़प मिटता दूँगी रफिकककक.

अंकल – ऊओहूऊ उर्मिला तुम्हे पता है मेरे जैसे लंड की तड़प सिर्फ़ तुम जैसी गड्राई घोड़ी ही मिटता सकती है…..

और दोनो हासणे लगे……

रफ़ीक मम्मी के पेटीकोत के नडे को खोल दिया. मम्मी अपना पेटीकोत और पेंटी अपने पैरो से निकल दी. अब मम्मी बिल्कुल रंडी की तरह नंगी हो चुकी थी अंकल के सामने…..

दोस्तो मुझे थोड़ी शर्मिंदगी हो रही थी लेकिन उससे भी जाड़ा मज़ा भी आ रहा था. मेरा लंड आज भी अंडरवेर मे खड़ा हो गया. और मई मूठ मरने लगा.

मदारचोड़ रफ़ीक मेरे बाप को झुत बोलकर मम्मी को यहाँ लेकर आया ताकि अपनी हवस शांत कर सके. मम्मी भी अंकल का शत दे रही थी क्यूँ की उनकी गर्मी भी शांत हो रही थी.

पापा को मम्मी और छोड़ू अंकल के अफेर के बारे मे सयद नही पता था. पापा को सयद ये लग रहा था की मम्मी और उनकी उमरा जाड़ा हो चुकी है और इश्स उमरा मे कोई गाकत

मम्मी अंकल के अंडरवेर को नीचे कर दी. अंकल का फंफनता हुआ लंड अब मम्मी को सलामी देने लगा. मम्मी लंड को अपने हाथ मे ले ली और उसको मसालने लगी. अंकल मम्मी को नीचे बेत्ने बोला.

मम्मी समझ चुकी थी अंकल का इरादा इसीलिए शरमाती हुई घुटनो के बाल नीचे बेत गयी. अब अंकल का लंड मम्मी के मूह के सामने था. मम्मी अंकल के लंड की मूठ मरने लगी.

अंकल अपना लंड मम्मी के मूह मे डालने लगे. मम्मी अंकल के लंड का टोपा अपने मूह मे ले ली और मूठ मारती हुई टोपे को लोल्यपोप की तरह चूसने लगी. मई अपने आप को रोक नही सका और मूठ मरने से मेरे लंड ने पानी छ्चोड़ दिया. उउउहफफफफफ्फ़ मुझे अंकल बहुत जबारजस्ट लग रहे थे.

क्यूंकी इश्स उमरा मे भी उनका स्टॅमिना घजाब का है. अंकल मम्मी के सिर को पकड़ अपना लंड मम्मी के मूह मे डालने लगे. मम्मी अंकल का लंड मूह डालकर चूसने लगी.

अंकल – आहह उर्मिला उउउः बहुत मज़ा आ रहा है मेरी जाअँ चुस्स्स्स….

मम्मी हँसती हुई अंकल का लंड हिलती हुई मूह मे डालकर चूस रही थी. मम्मी लंड के टोपे को जीभ से चाटने लगी. और अंकल की घोटियो को हाथ से मसालने लगिइइइ. लंड थूक से पूरा गिल्ला हो चुका था. अंकल के लंड पर बॉल भी है. जो मम्मी के मूह मे भी जेया रहे थे.

थोड़ी देर चूसने के बाद मम्मी लंड को मूह से बाहर निकल दी. अंकल मम्मी को गोद मे उठा कर पलंग पर लिटा दिया और मम्मी की चीक्कनी टॅंगो को चूमते हुए मम्मी की जाँघो को चूमने लगा.

मम्मी तो पागल ही हो चुकी थी क्यूँ की छोड़ू अंकल मम्मी का हॉल बुरा कर दिया था. बिन पानी मछली की तरह मम्मी झटपत्ता रही थी. अंकल मम्मी की गिल्ली छूट मे उंगली डालने लगा.

मम्मी – आआहह

फिर अंकल मम्मी की छूट के दाने पर जीभ घूमता हुआ चाटने लगा.

मम्मी – सस्स्स्स्स्शहेहह

और अंकल के सिर को पकड़ ली. अंकल मम्मी की दोनो टॅंगो के बीच गुस्सा हुआ था. और मम्मी की छूट का छत रहा था.

मम्मी – उूुुुउऊहफफफफफफफफ़फ़गग रफ़ीक बस भी करो मई पागल हो जौंगिइइईयाहह

अंकल – ( हंसते हुए) पागल तो तुम मुझे कर दी हो आहह कितना नमकीन है तुम्हारी छूट का पानी…..

फिर मम्मी अंकल को जबारजस्ति माना की और कॉंडम का रॅप फड़कर जल्दी से अंकल के लंड को पहना दी. मम्मी को देख लग रहा था की अब मम्मी से और बर्दाश्त नही हो रहा. मम्मी अपनी दोनो टाँगे छोड़ी कर दी.

अंकल – ( हंसता हुआ) ऊहह मेरी जान.

मम्मी हँसने लगी. और अंकल मम्मी की छूट पर थूक कर लंड छूट पर रख रगड़ने लगा.

मम्मी – आआआहह

अंकल तोड़ा ज़ोर देकर लंड का टोपा मम्मी की छूट मे दल दिए.

मम्मी – आआआआहह

अंकल फिरसे से ज़ोर देकर लंड मम्मी की छूट मे दल दिए. और लंड को तोड़ा बाहर निकल ज़ोर्से धक्का मारे और लंड छूट को फड़ता हुआ अंदर जाने लगा.

मम्मी – आआआआअ आआआहह.

अंकल मम्मी की कमर को पकड़ धीरे धीरे शॉट मरने लगा.

मम्मी – आअहह आ उउउहह करने लगी.

रफ़ीक मम्मी के बूब्स को दोनो हाथो मे लेकर दबाते हुए मम्मी को छोड़ रहा था. और मम्मी नाधे की धुन मे अपनी आँख बंद की हुई चुदाई का मज़ा ले रही थी.

अंकल अब अपनी स्पीड बढ़ा दिया और फुच फुचह कर मम्मी को पेलने लगा. उसके हर धक्के से मम्मी के मूह से आआआअहह निकल रही थी.

अंकल – आआअहह उर्मिला उूुउउँह अंकल झुक कर मम्मी के उपर लेट गया और मम्मी को चूमते हुए गप्पगाप छोड़ने लगा.

मम्मी अंकल को अपनी बाहों मे बंद कर ली थी. अंकल लंड अंदर बाहर कर मम्मी को छोड़ रहा था…

अंकल – आहह उर्मिला…. मेरी रांड़ आअहह बहुत मज़ा आ रहा है तुझे छोड़ने मे…

मम्मी – आअहह और ज़ोर से रफ़ीक आहह.

अंकल मम्मी को रांड़ बोला. लेकिन मम्मी अंकल को कुछ नही बोली. या मम्मी धान नही दी. अंकल मम्मी को गप्पगाप छोड़े जेया रहा था.

कुछ देर बाद अंकल रुक गया. और मम्मी के होंठो को चूसने लगा. फिर पलंग से नीचे उतार गया और अपना लंड सॉफ करने लगा. और फिर मम्मी की चुट्त साफ किया. अंकल मम्मी को पोज़िशन मे किया और छूट पर ठुका और अपने थूक को अपने लंड से मम्मी की छूट पर मलने लगा. और फिर अपना लंड छूट मे डालने लगा.

मम्मी – आआआआआहह… अब अंकल खड़े खड़े मम्मी को छोड़ने लगा. अंकल का लंड फुच फुचह अंदर बाहर हो रहा था. अंकल मम्मी की गांद को मसालते हुए मम्मी को पेल रहा था.

मम्मी – आआहह अहह हह उुउऊहह रफ़ीक आअक्खह…

मम्मी के बॉल बिखर चुके थे. और माथे की बिंदी भी हट गयी थी. माँग मे जो सिंदूर था वो भी खराब हो गया. मम्मी अपने तकिये को एकद्ूम टाइट पकड़ ली थी. रफ़ीक झुक कर मम्मी के बूब्स को मूह मे डालकर चूसने लगा. और फिर मम्मी को किस किय्ाआ.

अंकल मम्मी की टॅंगो के नीचे से हाथ डालकर मम्मी की गांद को पकड़ लिया और तगड़े तगड़े शॉट मारकर मम्मी को छोड़ने लगा.

मम्मी – आआहहहह…

तो बे कंटिन्यूड…

यह कहानी भी पड़े  सारिका चाची बनी चुदाकर

error: Content is protected !!