ट्रस्टी की सेक्सी बेटी के साथ जोड़ी

ही दोस्तों, मैं राज. मुझे ड्र. आइयर्षा पसंद आ गयी थी. मैं उनसे नज़दीकियाँ बढ़ने की कोशिश में लगा रहा. दूसरी तरफ कॉलेज में यियर्ली प्रॉजेक्ट असाइनमेंट के लिए 1 लड़का और 1 लड़की का ग्रूप बनाने का टीचर्स ने डिसाइड किया.

इतने साल लड़के और लड़कियों के ग्रूप्स अलग-अलग होते थे. और एक ग्रूप में 2-3 लड़के होते थे. जो हम खुद ही बनाते थे. मैं हमेशा कार्तिक के साथ ग्रूप प्रॉजेक्ट बनता था. पर इस बार सिचुयेशन अलग थी. इस बार ग्रूप्स टीचर बनाने वाले थे. एक सेमिस्टेर में 2 प्रॉजेक्ट्स यानी दो सेमिस्टेर मिला कर 4 प्रॉजेक्ट्स बनाने थे. और वो भी एक लड़की के साथ.

कार्तिक: भाई. लड़की के साथ प्रॉजेक्ट बनाने में मज़ा आएगा.

मैं: तुम्हे पता है तुम्हारी पार्ट्नर कों है?

कार्तिक: नही भाई. वो तो कल पता चलेगा. जब लिस्ट लगेगी.

अगले दिन जब मैं कॉलेज जाने की तैयारी कर रहा था. तब मुझे कार्तिक का कॉल आया.

कार्तिक: तुम कहाँ हो भाई? नोटीस बोर्ड पर लिस्ट लग गयी है. तुम्हारी तो लॉटरी लग गयी है.

मैं: क्या मतलब?

कॉलेज के ट्रस्टी की बेटी आहना. तुम्हारी प्रॉजेक्ट पार्ट्नर है.

मैं: ठीक है, मैं कॉलेज पहुँचता हू.

मैं आहना को नही जानता था. उसे 1-2 बार क्लासरूम में देखा था, पर हमारा कोई इंटरॅक्षन नही था. वो भी क्लासस में बहुत कम आया करती थी. वैसे भी जब अपने बाप का ही कॉलेज हो, तो क्लासस कों अटेंड करता है.

आहना की फॅमिली बहुत रिच थी. उसके दाद के बहुत सारे बिज़्नेस थे, जैसे की 5 स्तर 7 स्तर होटेल्स, बिल्डिंग कन्स्ट्रक्षन, वेरियस स्कूल्स आंड कॉलेजस. आहना के मों दाद और बड़ा भाई हमारे कॉलेज के ट्रस्टीस थे.

जैसे ही मैं कॉलेज पहुँचा, कार्तिक मेरे गले ही पद गया. वो बहुत खुश लग रहा था.

कार्तिक: क्या किस्मत पाई है मेरे भाई ने. सीधे कॉलेज के ट्रस्टी की बेटी. प्रॉजेक्ट पार्ट्नर.

मैं: कार्तिक, मेरे दोस्त, छ्चोढ़ मुझे. ये क्या कर रहा है. सब देख रहे है.

कार्तिक ने मुझे छोढ़ा. वो तोड़ा रिलॅक्स हुआ. हम दोनो कॅंटीन में गये. हमने 2 बर्गर फ्रेंच फ्राइस और देइत कोक्स ऑर्डर किए. ब्रेकफास्ट करने के बाद हमने अपने क्लासरूम जेया कर लेक्चर अटेंड किया.

लेक्चर ख़तम होने के बाद कार्तिक और मैं क्लासरूम के बाहर कॉरिडर में खड़े हो कर बातें कर रहे थे. तभी वाहा आहना अपनी बेस्ट फ्रेंड आलिया के साथ आई.

आहना के बारे में: आहना का रंग गोरा-सावला था. उसकी हाइट 5’4″, उसके बाल लंबे, और सिल्की थे. उसका फिगर था 34-25-34. दिखने में एक-दूं श्रधा केपर जैसी.

आहना: तुम्हारा नाम राज है?

मैं: हा, मैं ही राज हू.

आहना: ही. ई’म आहना (उसने हॅंडशेक के लिए अपना हाथ बढ़ाया.)

मैने भी अपना हाथ बढ़ते हुए हॅंडशेक किया.

आहना: ई’म युवर न्यू प्रॉजेक्ट पार्ट्नर. ई होप योउ डॉन’त हॅव अन्य प्राब्लम तो दो प्रॉजेक्ट वित मे.

मैं: नो.

आहना: 84******22. तीस इस मी मोबाइल नो. कॉल मे वेन योउ अरे फ्री तो डिसकस अबौट प्रॉजेक्ट.

मैं: ओक.

मैं कॉलेज से वापस घर आया. शाम को 7:30 पीयेम को मैने आहना को कॉल किया, पर उसने मेरा कॉल अटेंड नही किया. रात को 11:30 बजे मुझे आहना का कॉल आया.

आहना: हेलो राज. मैं आहना बोल रही हू.

मैं: हा बोलो.

आहना: सॉरी. शाम को मैं अपने दोस्तों के साथ थी. इसलिए तुम्हारा कॉल नही अटेंड कर पाई. क्या बात है?

मैं: वो प्रॉजेक्ट असाइनमेंट के बारे में बात करनी थी.

आहना: कल कॉलेज के पास वाले केफे में मिलते है. वहीं पर डिसकस करते है.

मैं: ठीक है. बाइ, गुड नाइट.

आहना: ओक बाइ.

अगले दिन हम दोनो कॉलेज के पास वाले केफे में मिले. हम दोनो ने कॉफी पी और प्रॉजेक्ट के बारे में डिसकस किया. हमारी फर्स्ट मीटिंग अची रही.

अब प्रॉजेक्ट के सिलसिले में हमारी डेली बातें होती थी. हम दोनो में अची दोस्ती हो गयी थी. मैं आहना के ब्यूटी और चर्म से उसकी तरफ अट्रॅक्ट हो रहा था. वो भी शायद मुझे पसंद करने लगी थी. वो कभी-कभी बातें करते हुए मेरे हाथ को पकड़ लेती थी. कभी मेरे कंधे पर अपना हाथ रखती थी. कभी मेरे बालों में से हाथ फेरती थी.

स्टार्टिंग में हम अलग-अलग केफे में जाते थे. वो अपनी कार में और मैं अपनी बिके पर. लेकिन अब वो अपनी कार कॉलेज में ही छ्चोढ़ कर मेरी बिके पर मेरे पीछे बैठ कर कॅफेटीरिया, शॉपिंग माल, साइन प्लाज़ा घूमा करती थी.

एक दिन आहना ने मुझे अपने 21स्ट्रीट बर्तडे पर पार्टी में इन्वाइट किया.

आहना: राज, कल मेरा बर्तडे है. मैं तुम्हे अपनी बर्तडे पार्टी में इन्वाइट करती हू. कल रात 8:00 बजे मेरे घर आ जाना. मैं तुम्हे अपने घर का अड्रेस व्हातसपप करती हू.

मैं: नही, मैं नही आने वाला. वहाँ तुम्हारे मों-दाद और फॅमिली भी होगी.

आहना: नही. मों दाद नही होंगे. आक्च्युयली बर्तडे “परसो” है. कल तो सिर्फ़ मेरे कुछ क्लोज़ फ्रेंड्स ही होंगे. तुम कल ज़रूर आना. ई’ल्ल बे वेटिंग फॉर योउ.

मैं: ओक. ई विल बे तेरे फॉर शुवर.

मैं अगले दिन कॉलेज नही गया. मैने ज्यूयलरी शॉप में जेया कर एक बढ़िया सी डिज़ाइन का गोल्ड का पेंडेंट नेकलेस लिया आस आ बर्तडे गिफ्ट.

घर आ कर मैं फ्रेश हुआ. मैने मों को बता दिया की मैं दोस्त की बर्तडे पार्टी में जेया रहा हू. मैने ब्लॅक शर्ट और ब्लू जीन्स पंत पहनी. शर्ट के स्लीव्स को आचे से फोल्ड किया. में’स पर्फ्यूम लगाया. हेर गेल लगा कर अपने बालों को आचे से सेट किया. हाथ में रिस्ट्वाच पहनी. ब्लॅक शूस पहने.

मों: इतना तैयार हो कर जेया रहे हो, जैसे की तुम्हारा ही बर्तडे हो.

तभी घर पर सीमा आई.

सीमा चाची: आज तो बहुत हॅंडसम लग रहे हो. कहाँ जेया रहे हो?

सीमा ने मेरे गाल पर से अपना हाथ फेरा और मेरा हाथ पकड़ने लगी.

मैं (अपना हाथ च्चूधते हुए): अपने दोस्त की बर्तडे पार्टी में.

और मैं घर से निकल पड़ा. मैं अपनी बिके पर बैठ कर आहना के घर पहुँचा.

इसके आयेज इस कहानी में क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा. यहाँ तक की कहानी पढ़ कर आपको कैसा लगा आप मुझे मैल करके फीडबॅक दे सकते है. आपकी फीडबॅक मुझे इस कहानी को और बेटर करने में मदद करेगी. तो मिलते है जल्दी, बाइ.

स्टोरी विल कंटिन्यू…

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