ट्रक मे हुई मम्मी की चुदाई

दोस्तो अब बस मे और मम्मी बचे हुई थे. मे बोला मम्मी चढ़ो अब ट्रक मे. मम्मी बोली मई कैसे चड़ूँगी मुजपे नही चढ़ा जाएगा बहुत उँचा है ये.

सारी वैसे ही पहें रखी है मैने तभी माखन सिंग बोला कोशिस तो करो भेनजी और ये बोल कर मम्मी के पास गया और उसका चेल्ला भी हमारे पास आ गया और फिर मम्मी ने कुछ देर तक चाड़ने की कोशिश की लेकिन चाड नही पाई.

दोस्तो सारी की वजा से मम्मी को बहुत दिक्कत हुई ट्रक मे चढ़ने मई. तभी मकान और उसका चेल्ला बोला भाभी जी तोड़ा सारी उपर कार्लो.

मई और मम्मी एकद्ूम से चॉक गयी लेकिन उसने शी बोला था फिर मम्मी ने कुछ देर सोचा और मेरे बोलने पर मम्मी ने थोड़ी सी सारी नीचे से घुटनो के करीब करली और फिर चाड़ने की कोशिस की लेकिन चाड नही पाई.

लेकिन अपनी नगी टाँगे हम सबको दिखा गयी माखन सिंग के तो मूह मे पानी आगया और वो अपना लूँगी मे से ही अपने हत्यार को शेलने लगा.

यही हाल था उसके चेल्ले का फिर मकान सिंग आया और मम्मी से बोला लाओ मे च्छड़ा देता हू भेनजी को और उसने एक दूं से मम्मी को उठया मम्मी की गांद पर अपना हाथ रखा और सारी तो घुटनो तक फ्ले से ही थी तभी चेल्ला भी आ गया और हाथ लगाने लगा और इतने मे ही मम्मी की पूरी गांद उसने मसलदी.

मम्मी के लेग्स पर भी हाथ घुमा दिया और जब माखन ने मम्मी को उठया तो अपने बॉडी से लगा कर मम्मी को चिपका लिया जिससे मम्मी की गांद पर अपना लंड भी रग़ाद दिया और उपर से आदिल और परवीन ने मम्मी का हाथ पकड़ा और उन्न्हे किंचा.

और इधर दोस्तो चेल्ले ने अपना कम कर दिया था. उसने मुमनी की गांद पर जोरो से छुट्टी काट दी थी. जिस वजह से मम्मी की चीख निकल गयी जब मम्मी से पूछा की मम्मी क्या हुआ?

मम्मी बोली की कुछ नही और फाइनली मम्मी ट्रक मे चाड गयी जेसे ही मम्मी छड़ी उनकी मोटी गांद और छूताड़ माखन सिंग नई चूतादो का साइज़ नाप लिया था और हर जगा हाथ भी फेर दिया था. जिसका अंदाज़ा मम्मी को भी होगया था.

दोस्तो मेरी मम्मी की मोटी गांद के उपर से आब ये बाहर वेल लोग भी मजा लहरहे थी. और उनकी आँखो मे हवस सॉफ दिखाई दरही थी जेसे तेसे हम सब ट्रक मे च्छाद गयी और फिर वो दोनो भी ट्रक चलाने के लेए अपने सीट पर जाकर बेत गयी. उसके बाद उन्होने ट्रक स्टार्ट केया जब मे अंडर चड़ड़ा तो व्हा पर समान की बोरिया ही बोरिया थी.

हम सब लोगो ने अपनी- अपनी जगा ली और बोरियो पर जाकर बेत गयी और फिर आराम करने लगे. ट्रक बहुत तेज़ी से हिल रहा था मम्मी भी मेरे पास बेती थी और अब ट्रक मे तन्ड़ बिल्कुल नही लग रही थी एसए ही दोस्तो ह्यूम कुछ मिनूट हुई होंगे चलते चलते फिर मेने देखा की अब तो कोए हरकते नही होरही है.

फिर मेने 20मीं सोने का नाटक केया और आँख खोल के देखने लगा तो देखा की कुच्छ नही होरहा था. आदिल और मोहित एक साथ लेते हुए थे और सयद सोगये थी मम्मी भी मेरे साथ ही पास मे बेती थी टेक लगा कर

फिर मेने कुच्छ देर और नाटक केया और देखा तो दोस्तो आब भी कोए हरकतों नही हो रही थी. फिर मेरी साँस मे साँस आई और मम्मी को देखा तो मम्मी भी लेती हुई है और उनकी भी आँखे बंद थी.

दोस्तो मैने कुछ देर आँखें खोले रखी. फिर मुझे नही पता दोस्तो कब नींद आ गयी बहुत तेज. कारेब सयद आधे घंटे बाद मेरी नाक मे मूज़े स्मेल सी आए और मेरी एकद्ूम नींद भंग हो गयी. दोस्तो मैने हल्के से आँखे खोली तो आस पास देखा और मैने नींद से होश संभाला. तो दोस्तो जब मैने अपने साइड मे देखा तो वाहा मम्मी नही थी.

फिर मूज़े अजीब सा कुछ होने ल्गा फिर मैने सोने का नाटक करते हुई अपनी नज़र डोडई. तो देखा की व्हा झा पर 4-5 बॉलरिया इक्खती थी वाहा देखा तो दोस्तो पहले तो धनग से दिखाई नही दिया. जब देखा तो मे देखता ही रह गया मम्मी की गांद मेरी तरफ थी.

और मम्मी घोड़ी बनी हुई थी और उसकी सारी कमर तक थी ब्लाउस के बटन खुले हुई थी. मम्मी की गांद सॉफ दिखाई दे रही थी. मुझे और छूताड़ हिला र्हे थी.

मम्मी हिला आरही थी दोस्तो जब उपर देखा तो पाया की माखन सिंग का लोड्‍ा मम्मी की छूट मे नही गàआंड मे था उसका कला भयनक लोड्‍ा माखन सिंग मम्मी.

की गàआंड मार रहा था और उसके उपर चड़ा हुआ था. दोस्तो वो स्मल्ल मम्मी की गांद की थी दोस्तो माखन सिंग बुरी तरह से मम्मी की गांद में अपना लोड्‍ा दे रहा था.

आहहा मार गयी आ पूछ पूछ आह पूछ बहुत तेज स्पीड से माखन मम्मी की गांद मार रहा था और रुखने का नाम नही ले रहा था.

दोस्तो मेरा तो लोड्‍ा खड़ा होगआया फिर मम्मी की मोटी गांद फड़फड़ा रही थी.

दोस्तो और माखन सिंग पूरी त्राह से मम्मी गांद मे अपना हत्यार उत्तर रहा था. ह आहहा मम्मी को भी दोस्तो सईद गांद मरवाने मे बहुत ज़्यादा मज़ा आ रहा था. तभी तो उसके चुतड़ड़ उपर नीचे उच्छल रहे थे.

आहहा आ अफ पूछ पुच्छ च्छू पुच्छ पाजेब की चनछन चूड़ियो का बजना पूछ आ उई ह उओ ऑफ ह मार गयी निकलू जाग जाएगा कोए ह आराम से निकलाओ आह रंडी कितनी मस्त रंडी है तू. माखन मम्मी के कान मे कह रहा था, होटेल से ही देख रहा था.

टुजे रंडी तो बहुत छोड़ी मगर तेरे जेसी नही तेरी गांद पर तो काब्से ही नज़र थी कहा रहती है तू. ये बाते माखन सिंग बहुत आराम से कर रहा था.

दोस्तो लेकिन सुंसान रास्ता था रात का वक़्त था तो धीयाँ से सुन्नी पर सुनाई दे रहा था और माखन मम्मी की गांद पर चड़ा हुआ था.

मम्मी की गांद मार रहा था अब्दुल से भी बुरी तरह मम्मी की गांद मार रहा था. दोस्तो मम्मी एक रात मे 2एल ऑग से अपनी गांद मारवा चुकी थी. और मम्मी की गांद का भी भोसड़ा बन चुका था.

एक बेटे के सामने उसकी मा की गांद का भोसड़ा करीब 10 इंच मोटे लोड से लंबे लोड से स्पीड मे गांद मार रहा था और आब ऐसा नही लग रहा था की मम्मी को दर्द हो मम्मी को मज़ा आ रहा था.

दोस्तो उसकी गांद अंदर बाहर हो रही थी ह अफ निकाल दो कोई देख लेगा बागवान के लेए ह निकल दो. खा स हो तुम भनजी फ्ले ये ब्ताओ कितने लेती हो. और इश्स सवाल पर मम्मी चुप रही और छूताड़ हिलाए जा रही थी.

आहहा करीब ये सब देख कर मूज़े 15 मिनिट्स हो गयी थी. सरदार लगातार मा की गांद मार रहा था. अया आहा वो भी बिना कॉंडम के और फिर उसने अपन लंड बाहर निकाला मा की गांद से. और उसपे कुछ ल्गा हुआ था उसकी वजह से भौत टाइट जेया रहा था लंड.

फिर उसने लंड निकाला और मम्मी की गांद मे ठुका 2-3 बार. उसने बहुत सारा थूक लगाया दोस्तो. जब उसने लंड निकाला तो मम्मी की गांद का छेड़ करीब इतना ब्डा हो गया था जितना की एक स्टील का ग्लास होता है ना उसके पीछी का हिस्से जितना.

ढेरे ढेरे वो बंद हो रहा था लेकिन सरदार ने ब्न्ड नही होने दिया. इतने मे फिर से अपन कला मोटा लोड्‍ा मम्मी की गांद मे घुएसड डाला और मम्मी बिदाक पड़ी अहाहा मार गयी. इश्स बार उसने पूरा लोड्‍ा मम्मी की गांद मे घुएसडा.

आहा और उसने अपना हाथ अग्गे ले गया और मम्मी के चुचो को ंसलने ल्गा और मम्मी के मूह मे अपनी उंगली देने ल्गा और ध्लके मार रहा था.

मम्मी की गांद का भोसड़ा ब्ना रहा था. पूछ पूछ की और मा की गांद की म्हक पूरे ट्रक मे फेल गयी थी. दोस्तो अब मूज़े समज आ गया था की ये सब कार का खर्ब होना ये सब एक बहाना था. वो होटेल पर सरदार का अब्दुल को पेसे देना ये ज़्ब एक प्लान था मूमी की गांद मरवाने का. मम्मी को इन लोगो मे रांड़ बना दिया था.

और मम्मी भी इनकी सारी बाते मान रही थी. दोस्तो मूज़े बहुत जाड़ा शरम आ रही थी अपने उपर. की मई क्या करू क्या ना करू. और वो मम्मी की गांद मारे जेया रहा था और मम्मी भी हर धकक्के का जवाब अपनी सिसकारो और छूतादो को हिला के दे रही थी.

आहहा आहा आहहा उफ़फ्फ़ आह पॉच पुच्छ.. चूतड़ से लंड मिलने की आवाज़ कमर से कमर पूछ अफ अहाआ आहहा रंडी सी स स आहहा उम्मईआहहा ढेरे ढेरे.. आराम से.. मम्मी की शिसकारिया लगातार आ रही थी. और चूड़ने की आवाज़ मम्मी की गांद लगातार उछाल मटक रही थी. गांद का छेड़ का भोसड़ा ब्न रहा था.

दोस्तो सोच सकते है एक बेटे के सामने उसकी 47 साल की मा की कोई गांद मारे तो उसपे क्या बीतेगी. और मेरे साथ तो ये पूरी कल रात से हो रहा था. गंगबांग, हर धरम के लोग मम्मी की गांद छूट मुहह का स्वाद चक चुके थे.

सरदार जी रुकने का नाम नही लेरहा था. और सरदार जी ने एकद्ूम स्पीड बड़ा दी पुच्छ ह.. पुच्छ उफ़फ्फ़.. उए मा मार गयी श साअ श्ही अहह उफफफ्फ़ ऑश.. एमेम उम्म्म्म उम्म पूछ पॉच पुट्त् पुट्त्.. आ मेरी जान रंडी क्या मस्त माल है तू.

अब ऐसी है तो जवानी मे केसी होगी तू. ये सरदार ढेरे से मम्मी के कानो मे उसकी गांद मारते वक़्त कह रहा था. मम्मी पूरी झुकी हुई थी उसके चुड़ाद हवा मे थे. और सरदार खड़ा था और झुका हुआ था.

मम्मी के चुतड़ड़ उसके पैरो के बीच मे थे और मम्मी की पूरी गांद उठी हुई थी. और मम्मी की गांद का छेड़ आसमान की तरफ था और सरदार मम्मी की गांद के पूरा उपर था और धक्के मार रहा था.

दोस्तो मई हेरान था की इश्स उमर मे भी इश्स ड्राइवर सरदार का स्टॅमिना देख कर. करीब मई जब से जगह हुआ था करीब 20-25 मिनूत्स से तो मेरे सामने ही छोड़ रहा था. और टा नही उससे पहले से कब तक छोड़ रहा होगा.

मई हेरान रह गया, लगता था की आज मम्मी की गांद का गु ही बना के रखेगा. ये अब्दुल ने तो गांद का गु निकल भी दिया था मम्मी का.

दोस्तो मम्मी कहरा तो रही थी लेकिन वो दर्द कम लग रहा था मज़ा ज़्यादा लग रहा था. तभी सरदार रुका और अपना लंड मम्मी की गांद से निकला. दोस्तो सरदार का लंड कला था एकद्ूम. जेसे ही उसने लंड निकला मम्मी उछाल पड़ी ह.. और उसी पोसिओटीन मे घोड़ी बनी रही.

क्यूकी मम्मी को पता था सरदार अभी झाड़ा नही है. मम्मी को भी तोड़ा रेस्ट मिल गया. फिर कुछ देर बाद सरदार ने रेस्ट किया उसके बाद मम्मी की गांद पे बहुत सारा ठुका. तू आ तू.. और मम्मी की गांद थूक से बाहर गयी.

दोस्तो क्यूकी गांद मे चुपचुपा पं कम होता है और गांद टाइट होती है. इसलिए शायद सरदार का लंड जेया नही रहा होगा. इस वजह से सरदार जी रुके होंगे.

फिर मम्मी की गांद पर ठुका और मम्मी भी समझ गयी की लोड्‍ा आने वाला है. मम्मी ने फिर अपने छूताड़ छोड़ा लिए और हमले के लिए टायर हो गयी.

सरदार ने मम्मी के चूतादो पर एक जोरदार छाँटा मारा जिससे मम्मी उछाल पड़ी. और मम्मी के चूतड़ को चूमने ल्गा और सुंगने ल्गा. मम्मी की गांद के छेड़ पर अपनी नाक ले जाकर सुगने लगा. जिससे उसके लंड मे और तनाव आ गया.

फिर एकद्ूम से उसने मम्मी की गांद के छेड़ मे अपना मुसालदार टाइट कला लोड्‍ा डाल दिया. जिससे मम्मी एकद्ूम से उठी आहह…

मम्मी की सारी कमर तक थी और इश्स बार सरदार पता नही किस जोश मे आ गया. शायद मम्मी की गांद की मादक महेक सुंग कर वो पागल हो गया. और उसने मम्मी की गांद पर उछालना स्टार्ट कर दिया.

मम्मी की गांद फट चुकी थी, मम्मी को इश्स बार दर्द हो रहा था. करीब 4-5 मिनिट्स मम्मी की गांद का भोसड़ा खोलने के बाद एकद्ूम से सरदार जी फिर रुके और अकड़ गयी. और मम्मी के चूतादो को पकड़ के मसालने लगे अहहाअ..

पता चल गया की सरदार जी झाड़ चुके है और और फिर सरदार जी ने मम्मी की गांद से लंड निकाला. कुछ देर बाद लंड मूर्जा चुका था. फिर मम्मी कुछ सेक ऐसे ही थी की मम्मी की गांद से कुछ निकलने लगा. दोस्तो मम्मी की गांद से कुछ पीला कुछ सफेद कुछ थूक निकल रहा था और बहुत बदी तादाद मे.

दोस्तो सरदार ने पूरा माल मम्मी की गांद मे निकल दिया था. फिर मम्मी खड़ी हुई और . सॉफ भी नही करी और सारी नीचे कर ली. फिर मम्मी बेती और अपनी सारी के पल्लू को अपनी गांद मे घुसा के . सॉफ किया.

तभी सरदार ने मम्मी के मूह पर मूह रखा और मम्मी को चूमा. एक 500 की पट्टी निकल कर मम्मी के ब्लाउस के अंदर दस दी. और मम्मी के बड़े बड़े चुचे बिंच दिए और कपड़े पहन कर अपने चेल्ले को इशारा किया ट्रक रोखने का. फिर ट्रक रुका और सरदार उतार गया.

दोस्तो मेरे मॅन मे बहुत सवाल थे यूयेसेस टाइम. की क्या मम्मी रंडी हही, क्या गाव मे भी उसका ये काम है वगेरह वगेरह.

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