ट्रिप पर मिला थ्रीसम सेक्स का मौका

उस सेक्स स्टोरी को कुछ समय बीट गया था. फिर एक वाकेशन में मेरा फ्रेंड कारण मुझे अप्रोच करता है और बोलता है-

कारण: यार वाकेशन में चलते है. तुम गरगी को साथ ले आना. मेरी एक फीमेल फ्रेंड भी चल रही है.

मैं कारण के इस आइडिया का खुली बाहों से स्वागत करता हू. फिर मैं जब गरगी से मिला, तो उसे मैने ट्रिप के बारे में पूछा. लेकिन उसने माना कर दिया, क्यूंकी उसके रिलेटिव के यहाँ कुछ काम था.

फिर हम तीनो मैने, कारण, और मानसी ने मिल के डार्जीलिंग का ट्रिप प्लान किया. 4 दिन का ट्रिप था. मानसी और कारण कॉलेज में मेरी ही क्लास में थे. कारण मेरा बहुत अछा फ्रेंड है, और मानसी उसकी फीमेल बेस्ट फ्रेंड. मानसी का एक बाय्फ्रेंड भी था. वो हमारी क्लास में था. बुत सच बोलू तो एक नंबर का चूतिया था.

भाई श्ॉवफ्फ करने से पीछे ही नही हट-ता था. उसकी और मानसी की जोड़ी मतलब लंगूर के हाथ अंगूर जैसी थी. मानसी एक-दूं हॉट थी, वित 34-34-34 का फिगर. फिर हम तीनो डार्जीलिंग के लिए निकल गये. पहले दिन खूब एंजाय किया. हमने होटेल में 3 रूम लिए हुए थे. अगले दिन लंच टाइम में देखा मानसी फोन में लगी हुई थी, और कुछ परेशन लग रही थी. हम पास गये तो हमने सुना-

मानसी: अर्रे बेबी क्या हुआ? एक ट्रिप में क्या हो जाएगा?

ब्फ: तुम ट्रिप में गयी कोई दिक्कत नही. लेकिन उन फटीचरों के साथ? मानसी को पता नही था, लेकिन उसकी बात हम सुन सकते रहे.

मानसी: मेरे दोस्तों के बारे में ऐसा मत बोलो.

ब्फ: वो फटीचर दोस्त है तुम्हारे. कॉलेज में इधर-उधर घूमते रहते है. दिखने में शरीफ है, लेकिन है तो छूतिए ही.

मानसी: यार तुम तमीज़ से बोलो.

ब्फ (हेस्ट हुए): किनसे तमीज़ में बोलू? एक जो रंडुआ है, और दूसरा जिसकी गर्लफ्रेंड रंडी है. उसको तो मैं एक-दिन तबीयत से छोड़ूँगा.

इतना सुनते ही मेरा खून खोल गया. जैसे ही मैं कुछ कर पाता, कारण ने मानसी से फोन लिया और बोला-

कारण: सुन बे मा के लोड. तू जो हमारे बारे में उल-जलूल बोल रहा है. सबसे बड़ा चूतिया तो तू ही है.

ब्फ: क्या बक रही है, मदारचोड़?

कारण: यहीं की तू चूतिया ना होता तो तेरी बंदी तुझे बिना बताए ट्रिप में नही आती.

उसके बाय्फ्रेंड की बोलती बंद हो गयी. तभी मानसी ने फोन लिया और कट कर दिया, और कारण को ज़ोर का स्लॅप मार दिया. उस दिन पता चला मानसी उसके बाय्फ्रेंड के साथ उसके पैसे के लिए थी. तभी वो अभी तक लोंग डिस्टेन्स रिलेशन्षिप मेनटेन किए हुए थी, और उसकी आंड-शॅंड बात का बुरा नही मानती थी.

उस दोपहर सारा मूड खराब हो गया. फिर हम रूम में चले गये. ईव्निंग में जब मैं उन दोनो से मिला, तब उनकी जो बात हुई होगी, पर वो नॉर्मल हो गये थे.

मानसी (मेरे से): सॉरी यार, उसने जो तेरी गर्लफ्रेंड के बारे में बोला, मैं उसके लिए माफी मांगती हू.

मैने कारण की तरफ देखा, तब उसने मुझे इशारे से माफ़ करने को बोला. तो मैने उसको माफ़ कर दिया, पर मॅन ही मॅन उससे नाराज़ था. तब हमने प्लान बनाया की रूम में जाके दारू पिएँगे. रूम में जाते समय मैने कारण को अपने तरफ खीचा.

मैं: तूने मुझे उसको माफ़ क्यूँ बोला?

कारण: उसके सामने माफ़ करने बोला, ताकि उसके साथ दारू पी सके.

मैं: पर मैं तो दारू पीटा ही नही.

कारण: वो भोंसड़ी का अपने बाप के पैसे में बहुत उड़ता है ना. और हुमको कुछ भी बोल रहा था, और तेरी बंदी को रंडी बोला. तो आज दोनो उसकी बंदी को रंडी जैसा पेलेंगे.

और इस आइडिया का मेरी तरफ से खुली बाहों से स्वागत हुआ. मैने मॅन में सोचा, आज तो उसकी गांद भी छोड़ दूँगा. फिर हम रूम में गये, और वो दोनो दारू और मैं कोक और स्नॅक्स एंजाय करने लगा. फिर वो दोनो टिप्सी हो चुके थे. कारण ने मुझे बोला की पहले वो उसको उसके रूम में ले जाएगा. फिर 5 मिनिट्स बाद मुझे अंदर आने को बोला. तो मैने भी ऐसा ही किया.

फिर मैं 5 मिनिट्स बाद रूम में गया तो देखा वो दोनो किस करना स्टार्ट कर दिए थे. कारण का लंड मानसी के हाथ में था और उसके बूब्स कपड़ों के बाहर थे. दोनो ने मेरे को देखा पर कुछ बोले नही.

मानसी दारू पी कर पूरी गरम हुई पड़ी थी, और उसके उपर पूरी तारक चढ़ चुकी थी. कारण ने मुझे इशारा करके इन्वाइट किया, तो मैं भी मानसी को पीछे से हग किया, और अपने हाथो से उसकी जीन्स खोल के उतार दी. वो अभी भी कारण को किस कर रही थी. मैं नीचे बैठा और मानसी की छूट चाटने लगा, और कारण ने उसका टॉप भी उतार दिया. फिर उसने मानसी का गला पकड़ा और ज़ोरो से किस करने लगा.

कारण: बेहन की लोदी, आज तेरे को ऐसा छोड़ेंगे तू भूल नही पाएगी. तू बस देखती जेया.

मैने भी फिर अपनी पंत उतार के लंड बाहर निकाल लिया था, और उसकी नंगी छूट से रग़ाद रहा था. उसकी छूट बहुत गीली थी. मुझे मज़े आ रहे थे. फिर कारण ने उसको तोड़ा नीचे लिटाया, और उसने अपना लंड उसके मूह में डाल दिया. मानसी को भी इससे मज़े आ रहे थे. उसकी छूट बहुत गीली हो चुकी थी.

तभी मैने उसकी छूट फैलाई और एक झटके में अपना लंड उसकी छूट में दे दिया. ये पहली बार मैने अपना लंड गरगी के छूट के अलावा किसी और की छूट में डाला था. एक अलग टाइप का मज़ा था. इसकी छूट पहले से खुली हुई थी, तो उतना टाइट फील नही हो रहा था. पर फिर भी मानसी ज़ोर-ज़ोर से आवाज़ निकाल रही थी. लेकिन मूह में लंड होने के कारण उसकी आवाज़ बाहर तक नही आ पा रही थी.

तो बे कंटिन्यूड…

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