ट्रेन में बहन की चुदाई

This is true story which I face when I am returning with my younger sister (Shila) from my massi (mother’sister) Distt. Gaya (Bihar).I live with my family in Delhi at Shalimar Bagh.We are four members in our family. Father-40years a business man. Mother-38 years a house wife. sister Shila-18 years a student of class 12th. I 21 years participating in father’s business. I am going to narrate how I had sex with my younger sister (Shila) in Hindi languese.

दिसत्त-गया Bihar के तेकरि गावँ मे हुमरि मस्सि रहति थि। मस्सि ने गिता के मनगनि मेन शिला को लल रनग के लनगा-चोलि खरिद कर दि थि जिसे पहनकर शिला मेरे सथ देलहि वपस लौत रहि थि। तेकरि गावँ के चोवक पर हुमलोग गया रैलवय सततिओन आने के लिये त्रेकर Jeep का एनतेजर कर रहेन थे। एतने मेन वोहन एक कुत्ति bitch और उसके पिछे-पिछे एक कुत्ता dog दौदता हुअ यया। कुत्तिया हुमलोग से करिब 20 फ़त। कि दुरि पर रूक गयी। कुत्ता उसके पिछे आकर कुत्ति के बुर (सुनत/चूत) चतने लगा और फिर दोनो पैर कुत्ति के कमर पर रखकर अपना कमर दना दन चलने लगा। जिसे मैन और शिला दोनो देखेन। कुत्ता बहूत रफ़तर से 8-10 धक्का घपा-घप लगकर केरबत ले लिया। दोनो एक दूसरे मेन फनस गया। ये ससेने हुम दोनो भै-बहन देखेन। एतने मेन गावँ के कुछ लदके वहन दौदते हुये आये और कुत्ते-कुत्ति पर पथर मरने लगे। कुत्ता अपने तरफ़ खिनच रहा था और कुत्तिया अपनि तरफ़। लेकिन जोत छूतने का नम हि नहिन ले रहा था।

मैन शिला के तरफ़ देखा वो शरमा रहि थि लेकिन ये ससेने उसे भि अछा लग रहा था हुमसे निचे नज़र करके ये ससेने बदे गौर से देख रहि थि। मेरा तो मूद खरब हो गया अब मुझे शिला अपनि बहन नहिन बलकि एक सेक्सी लदकि कि तरह लग रहि थि। अब मुझे शिला हि कुत्तिया नज़र आने लगि। मेरा लुनद पैनत मेन खदा हो गया। लेकिन एतने मेन एक त्रेअकेर jeep आयी ।हुम दोनो जिप मेन बैथ गयेन। जिप मेन एखि सित पर 5 लोग बैथे थे जिस से शिला हुमसे चिपकि हुइ थि। मेरा धयन अब सिला के बुर cunt/choot पेर हि जने लगा। हुमलोग सततिओन पहुनचे। मैन अपना तिसकेत सोनफ़िरमतिओन के लिये त।स। ओफ़्फ़िसे जकर पता कियेन। लेकिन मेरा तिसकेत सोनफ़िरम नहिन हुअ था। फिर मैन सोचा किसि भि तरह एक भि सित लेना तो पदेगा हि।त।स। बतया आप त्रैन पेर हि त।त। से मिल लिजियेगा शयद एक सित मिल हि जयेगा। त्रैन तिमे पर आ गै। शिला और मैन त्रैन पर चध गयेन।त।त। से बहूत रेकुएसत करने पर रस।200 मेन एक बिरथ देने के लिये अगरी हुअ।त।त। एक सिनगले सित पर बैथा था वो कहा आप लोग एस सित पर बैथ जवो जब तक हुम आतेन है कोइ सित देखकर। मैन और शिला गते के सित पर बैथ गयेन रत करिब 10पम बज रहि थि खिदकि से कफ़ि थनदि हवयेन चल रहि थि। हुमलोग शल से बदन धक कर बैथ गयेन। एतने मेन त्त अकर हुमलोग को दुसरे बोगि मेन एक उप्पेर बिरथ दिया। मैने 200 रुपीस त।त। को देकर एक तिसकेत सोनफ़िरम करवा कर अपने बिरथ पेर पहेले शिला को उप्पेर चधयेन चधते समय मैन शिला के चूतद (बुत्तुक) कसके दबा दिया था सिला मुसकुरति हुइ चधि फिर मैन भि उपेर चधा।

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सरे सलीपेर पेर लोग सो रहेन थे। हुमरे सलीपेर के समने सलीपेर पर एक 7 येअर का गिरल सो रहि थि जिसकि मुम्मी ददी मिद्दले और निचे के बिरथ पेर थे। सरि लिघत पनखे बनद थे सिरफ़ निघत बलब जल रहि थि। तैन अपनि गति मेन चल रहि थि। शिला उप्पेर बिरथ मेन जकर लेत रहि थि। मैन भि उप्पेर बिरथ पेर चधकर बैथ गयेन। शिला मुझसे कहने लगि लेतोगे नहिन। मैन कहा कहन लेतुन जगह तो है नहिन एस पर वो करबत होकर लेत गयी और मुझे बगल मेन लेतने कहि। मैन भि उसिके बगल मेन लेत गया।और शल ओध लिया। जगह छोता के करन हुम दोनो एकदूसरे से चिपके हुये थे। शिला का चूनची मेरे चेसत से दब्बा हुअ था। मुझे तो सिला कि चूत (बुर) पेर पहले से हि धयन था। मैन और भि अपने से चिपका लिया। सिला से कहेन। और एधर आ जा नहि तो निचे गिरने का दार है। वो और मुझसे चिपक गयी। शिला अपनि जनघ मेरे जनघ (थिघ) के उप्पर रख दि। उसकि गाल मेरे गाल से सता था। मैन उसकि गाल से उपना गाल रगदने लगा। मेरा लुनद धिरे-धिरे खदा हो गया। मैन उपना एक हथ शिला कि कमर पर ले गया और और धिरे -धिरे उसकि लहनगा उपर कमर तक खिनच-खिनच कर चधने लगे।

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