थ्रीसम चुदाई के मज़े लिए

वेलकम बॅक फ्रेंड्स.देरी ना करते हुए सीधे कहानी पे आता हूँ. तो मेने रिया को टीया क उपर से अजय का माल चूसने क लिए बोला पर उसकी सरीर में जान नहीं थी तो अर्पिता ना सारा का सारा माल खा लिया. उधर में और रानी बैठ क यह देख रहे थे.

अजय का दो बार पानी निकल चक्का था आब सिर्फ़ टीया में और अर्पिता ही बचे हुए थे जिनका पानी नहीं निकला था. अजय और रिया को देख क लग रहा था की वो दोनो को काफ़ी टाइम चाहिए वापस हॉस में आने क लिए.

अर्पिता: तू इंसान है या हैवान?

मे: क्यूँ क्या हुआ?

अर्पिते: तेरे बॉडी को देख चारों तरफ खून ही खून है. मेने देखा तो मेरा जांघों पर नाख़ून से काटते हुए निसन थे और पीठ पर भी. यह सब रानी और रिया की करामात थी.

मे: आब का करूँ में? इन दो रंडियों को पूछ. यह कह कर मेने रानी के गॅल को पकड़ कर उसकी होंठों पर एक किस कर दिया.

अर्पिता: रंडी तो तूने उनको बना दिया है. अभी तक उनको छोड़ा भी नहीं और यह हाल है. अगर छोड़ेगा तो पता नहीं तेरे सरीर से सारा खून निकल देंगी.

मे: क्यूँ? तुझे नहीं चाहिए मेरा लंड?

अर्पिता: में तो कब से बैठने जा रही थी. इस कुट्टी ने मुझे उठा दिया और तूने भी कुछ नहीं बोला और उल्टा मुझे अजय क पास भेज दिया.

मे: अरे मेने अजय क पास इसीलिए भेजा ताकि तू ज़्यादा गरम हो जाए और तुझे में शॅंटी से छोड़ सकूँ. आ इधर मेरी गोदी में. फिर अर्पिता बस पनटी पह्न क मेरी तरफ आने लगी. वो आके मेरे सामने खड़ी हो गयी. मेने मेरा पैर उठाया और उसकी छूट पे अपने पैर की उंगली से रग़ाद ने लगा तो वो अपने दोनो हाथों से मेरे पैर को पकड़ क अपनी छूट को रग़ाद ने लगी. उधर टीया भी आके मेरे दूसरे साइड पे बैठ गयी.

टीया: मेरी जान की तो आज मज़े ही मज़े है.

मे: क्या मज़े अभी तक मेरा लंड किसीने नहीं लिया है.

टीया: अर्पिता दीदी लेने वाली है ना.

मे: क्या पता इसका भी लेने से पहले निकल गया तो?

टीया: तो रानी है ना… कोई नहीं तो में तो हूँ ही.

फिर अर्पिता ने अपना पनटी खोल क मेरी तरफ फेंका और मेरे पैर का अनुगता अपनी छूट में डालने लगी. मेने उसकी पनटी को मूह में भर लिया और टीया को मेरी तरफ किंच की किस करने लगी. अर्पिता की पनटी छूट की पानी क वजे से बिल्कुल गिल्ली हो चुकी थी. टीया और में उसकी पनटी को चूस रहे थे.

रानी: दीदी देख रहे यह दोनो कितने कामीने हैं? यह लड़का तो छोड़ो वो टीया भी किसी रंडी से कम नहीं. यह बोल क रानी मेरे लंड पे हाथ फेरने लगी. और दूसरी हाथ से अपनी छूट सहलाने लगी.

अर्पिता आब ज़ोर ज़ोर से अपनी छूट में मेरी अंगूठे को डालने लगी. आब रिया भी हॉस में आ गयी और उठ क मेरा दूसरा पाईं पकड़ क अर्पिता की तरह अपनी छूट में डालने लगी. दोस्तों क्या सीन था. सेक्स की भूकि चारों लड़कियों को देख कर मील अंड आब पूरा तनाव में आ चक्का था.

तो मेने अपना पैर छुड़ाने की कोशिस की. पर वो लोग छोड़ ही नहीं रहे थे. फिर कुछ देर बाद जब अर्पिता का होने वाला था तो मेने महसूस किया.

क्यूँ की आब उसकी छूट की पकड़ मेरे अंगूठे पे कुछ ज़ोर की हो गयी थी तो मेने ज़ोर्से एक ढाका मारा तो दोनो लड़कियाँ नीचे गिर गयी. में टीया को छोड़ कर खड़ा हो गया और दोनो उठा कर बेड पे लैयता दिया.

फिर मेने अर्पिता को उसकी पीठ क बाल लिटा दिया और उसके उपर रिया को सुला दिया और अपने लंड अर्पिता के छूट पे सेट किया और डालने लगा पर मेरा लंड अंदर जा नहीं रहा था. तो मेने तोड़ा ज़ोर लगाया तो वो छीलाने लगी.

अर्पिता: अभी प्लीज़ धीरे कर. मेरी जान निकल जाएगी.

तो मेने मेरे लंड पे खूब सारा थूक लगाया और अर्पिता की छूट में ज़ोर्से दल दिया. मेरा लंड कुछ 2 इंच तक घुसा था की वो दर्द क मारे छीलाने लगी और उसकी पाद निकल गयी. और उसकी टाँगे काँपने लगी. तो रिया उसके उपर से उठ क साइड में लाइट गयी. मेने अर्पिता को देखा तो उसकी आँखों में अंशु थे और शर्मा रही थी. सयद उसके पाद दिया था इसीलिए शर्मा रही थी.

दोस्तों एक बात बता दूं. सेक्स क टाइम पाद ना कोई अजीब बात नहीं है. यह बिल्कुल ही नॉर्मल है. जब लंड छूट मीं घुसने में तकलीफ़ हो रही हो तो लाड़िकयँ अपनी छूट खोलने क लिए ज़ोर लगती है उस टाइम पाद निकल ही जाता है. और लड़कों का भी वोही होता है. पर अर्पिता ने सयद पहले कभी पाड़ा नहीं था इसीलिए उसे अजीब लग रहा था.

तो में उसे समझने क लिए उसके उपर लाइट गया और बोला: इट्स ओके बेबी. कोई बात नहीं सबका होता है. देख कोई कुछ नहीं बोल रहा है क्यूँ की सबको पता है की तुझे तकलीफ़ हो रही है. और उसे किस करने लगा. वो भी अपने दोनो हाथों से मेरा सर पकड़ क किस करने लगी और बोली की आज मूज़े एसा छोड़ की में तेरी हमेशा डस्सी बन क रहूं. जब तू चाहे और जिसे भी चाहे में चड़वौनगी.

उधर रिया यह सब सुन कर मेरी गांद सहला रही थी. तो मेने भी उसे अपनी और किंच लिया और बोला: देख रहा है. कुट्टिया बोल रही है की मेरी रखेल बन क रहेगी जिसे मर्ज़ी में इसको छुड़वा सकता हूँ. रिया: मुझे भी वो चाहिए.

मे: तू तो मेरी पहले से ही रखेल है. तेरी बहें और तू मेरी कुटिया बन क रहोगे. मेरा जब जी करेगा तब तेरी गंद मारूँगा और उसकी भी.

रिया: मेरी गंद में लंड घुसा क उसकी मूह में दल देना उसको मेरा टट्टी खिला देना.

मे: पहले तू इसका तो खा ले. तो मेने अपना लंड अर्पिता कू छूट से निकाला तो मेरे लंड पे कुछ वाइट कलर का क्रीम जेसा लगा हुआ था. रिया उसे देख कर सूंघ ने लगी और अपनी उंगली से सफ़फ़ कर क मेरे मूह में डालने लगी. मेने उसकी उंगली चूस कर सॉफ कर दिया.

फिर रिया ने अर्पिता की छूट में दो उंगली दल दिया और कुरेड कर उसकी छूट से सारा क्रीम निकाला और मेरे मूह में देने लगी. मेने भी उसकी उंगली से सारा क्रीम छत लिया और अर्पिता को किस करने लगा. तब रिया ने मेरा लंड अपने मूह में लेके चूस ने लगी.

लंड को अपने थूक से गीला कर क अर्पिता क छूट में डालने लगी तो मेने भी तोड़ा सा ढाका दिया तो अर्पिता ने मेरे लिप्स बार कस्स क कटा. वो मेरे लिप्स को छोड़ ही नहीं रही थी. तो में गुस्से में आके एक ज़ोर्से ढाका दिया तो उसने इतनी ज़ोर्से कटा की उसके दाँत मेरे लिप्स में घुस गये और में ब्लीड करने लगा.

रिया यह सब साइड में लायटे हुए देख कर चोंक गयी वो अर्पिता अर्पिता छीलाने लगी. पर अर्पिता किसी की ना सुन के मुझे काट रही थी. कुछ देर बाद जब मेने ढाका मारना तोड़ा स्लो किया तो वो मेरे लिप्स को छोड़ दिया और मुझे किंच कर अपने जिस्म से लगा लिया. उसके बड़े बड़े मुममे मेरे निपल्स पर दबे हुए थे. और वो मेरे नेक को साइड से किस कर रही थी.

फिर मेने उसकी छूट में ढके मरने सुरू कर दिए. वो मेरे नेक पर काटने लगी. मेने अपना एक हाथ उपर लेक उसकी चुचियाँ दबाने लगा. और उसकी कान काटने लगा. वो और ज़ोर्से मेरे गले पर काटने लगी. एसा लग रहा थॉ ओ सेक्स नहीं मेरे साथ कोई गुस्सा निकल रही थी. पर मुझे मज़ा आ रहा था.

आब आगे क्या हुआ अगली कहानी में. तब तक क लिए हिलाते रहिए और स्वस्त रहिए.

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