भरी ठंड में मोसी को चोदा

मेरी मोसी मेरे घर आयी हुई थी. वो मुझे बहुत प्यार करती थी. लेकिन इस बार उनकी नजर में मुझे शरारत लग रही थी. रात को मैंने अपनी मोसी को चोदा. कैसे?

अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार। मेरा नाम राहुल यादव है. मैं बिहार के छपरा का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 22 की है और मैं दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रहा हूँ। मैंने अन्तर्वासना पर बहुत सारी कहानियां पढ़ी हैं। आज मैं अपनी अपनी पहली कहानी बताने जा रहा हूँ जो कि मेरे जीवन की सच्ची कहानी है, इसमें मैंने बताया है कि मैंने कैसे अपनी सगी मोसी को चोदा।

यह कहानी आज से पहले 2 साल पहले की है। मैं कॉलेज में दाखिला लेने के लिए इंतजार कर रहा था. परीक्षाएं कुछ दिन पहले ही समाप्त हुई थीं. परीक्षा के बाद मैं घर में ही खाली बैठा रहता था। एक दिन घर पर मेरी छोटी मोसी आयी.

मेरी मोसी बहुत दिनों के बाद हमारे घर आई थी. साथ में उनके बच्चे भी थे. मोसी को एक लड़का और एक लड़की थी. वो दोनों बच्चे अभी छोटे ही थे. मोसी की उम्र भी ज्यादा नहीं थी. वो 30 साल के करीब की रही होंगी.

घर पर मम्मी से मिल कर वो मुझसे भी गले मिलीं। मेरे लिये यह सब सामान्य था क्योंकि मोसी हमेशा से ही मुझे प्यार किया करती थी. लेकिन इस बार मोसी की नजर में एक शरारत सी दिखाई दे रही थी जो मुझे कुछ अजीब सी लग रही थी.

फिर मोसी ने मेरे कंधे पर हाथ रख कर कहा- सोनू, तुम तो काफी बड़े हो गये हो. (मेरे घऱ में मुझे सोनू कह कर ही बुलाया जाता था)
मैंने महसूस किया कि मोसी मेरे कंधे को इस तरह से सहला रही थी जैसे वो मेरे शरीर की मजबूती को जांच रही हो.
मैंने मोसी की बात का जवाब देते हुए कहा- मोसी, अब छोटा ही रहूंगा क्या?
मेरी बात पर मोसी मुस्कराने लगी.

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फिर वो फ्रेश होकर मेरी मां के साथ बातों में लग गयी. मुझे उस दिन मेरे दोस्त की बहन की शादी में जाना था. तैयार होकर मैंने मां से कहा कि मैं शादी में जा रहा हूं. मां ने मुझे टाइम से घर वापस आने के लिए कह दिया. मैं घर से निकल गया.

शादी में जाकर देखा तो मेरे बाकी दोस्त भी आए हुए थे. महफिल पूरी सजी हुई थी. उन लोगों ने दारू पीने का प्रोग्राम बनाया हुआ था. मेरे मना करने के बाद भी उनके जोर देने पर मुझे पीनी पड़ी. फिर मस्ती में रात के 3 बज गये.

सर्दियों के दिन थे और ठंड बहुत पड़ रही थी. तभी मां का फोन आया और वो मुझे घर आने के लिए कहने लगी. मां ने कहा कि उनकी तबियत ठीक नहीं है. उन्होंने बताया कि पिता जी भी घर पर नहीं हैं और वो दोनों मेरा ही इंतजार कर रहे थे.

मां ने मुझे जल्दी घर पहुंचने के लिए कह दिया. मोसी भी अभी तक सोई नहीं थी और वो लोग मेरा ही इंतजार कर रहे थे. मैं अपने दोस्तों के साथ बाइक लेकर निकल पड़ा. 35 किलोमीटर का सफर था. रास्ते में घना कोहरा छाया हुआ था.

बाइक पर बैठे हुए मेरे दांत कंपकंपा रहे थे. जब मैं घर पहुंचा तो पूरा कांप रहा था. मैंने घर के बाहर पहुंच कर मोसी को फोन किया. मोसी ने आकर दरवाजा खोला और मैं जल्दी से अंदर घुस गया. अंदर जाकर मैं सीधा अपने रूम में चला गया.

मैंने जूते निकाले और कम्बल उठा कर उसमें दुबक गया. मुझे बहुत ठंड लग रही थी. मोसी को शायद मेरी हालत का अंदाजा हो गया था. वो कुछ मिनट के बाद मेरे कमरे में आई तो मैं कांप रहा था.
वो कहने लगी- सोनू, तू तो सर्दी से कांप रहा है. रुक मैं तेरे लिये चाय बना कर लाती हूं.

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इतना बोल कर मोसी रसोई में चली गई मेरे लिए चाय बनाने के लिए. तब तक मैं कम्बल की गर्मी लेकर थोड़ा गर्म हो चुका था. अभी तक मुझे दारू का नशा चढ़ा हुआ था. मैं अपने फोन में टाइम पास करने लगा.

मोसी चाय लेकर आई और मेरे ही साथ कम्बल में घुस कर वो भी पीने चाय पीने लगी।
मोसी बोली- क्या बात है सोनू? तुम शराब भी पीने लगे!
उन्होंने मेरे मुंह से आ रही महक से समझ लिया था कि मैंने दारू पी रखी है।

मैं- नहीं मोसी, मुझे नशे की आदत नहीं है, वो तो मैं आज शादी में गया हुआ था तो दोस्तों के साथ थोड़ी पी ली थी. कभी-कभार पार्टी में ही पीता हूं. मगर आप मां से इस बारे में कुछ मत कहना. हंसते हुए मोसी बोली- अरे नहीं पगले, मैं कुछ नहीं कहूंगी. इस उम्र में तो यह सब नॉर्मल सी बात है. मैं सब समझती हूं.
अब तक मेरी चाय खत्म हो गयी थी. मोसी बिस्तर से उठ कर मेरे हाथ से चाय का कप लेने लगी तो मुझे मोसी की नाइटी में से उसके चूचे दिखाई दे गये.

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