स्टूडेंट ने टीचर की चूत और गांद चोदी

मेरा नाम वक़ास है, और मेरी उमर 19 साल थी जब मैने अपनी टीचर साइमा को छोड़ा. मैं जब छ्होटा था तो टीचर साइमा का स्टूडेंट था. वो मुझसे बहुत प्यार करती थी. मेरे लंड का साइज़ 3 इंच मोटा और 8 इंच लंबा है. मतलब ये हुआ, की मैं लड़की से ले कर औरत को भी फुल मज़ा दे सकता हू.

अब मैं टीचर साइमा के बारे में बता डू की उनकी उमर 38 साल थी, और वो 36 की उमर में विधवा हो चुकी थी. एक आक्सिडेंट में उनके हज़्बेंड की डेत हो गयी थी. मेडम का साइज़ कुछ यू था की माममे 36″ के, कमर 30″ की, और गांद 40″ की थी. मतलब मुकम्मल एक रॅंड थी.

वो अकेली अपने घर में रहती थी, और उसकी एक छ्होटी सी बेटी भी थी. उसके बाल लंबे और रंग वाइट था, और वो ज़्यादा बाहर आक्टिव नही थी. नही तो लड़कों और अंकल्स ने उन्हे छोड़ देना था.

एक दिन मेडम को मैने एक गली मैं देखा, और वो मुझे देख कर मुस्काराई. मैं भी मुस्करा दिया की मेरी माँ थी. फिर कुछ दिन बाद वो दोबारा मुझे मिली और पूछा-

माँ: क्या कर रहे हो आज कल बेटा?

मैने कहा: माँ उनी. में अड्मिशन लिया है. और बस फिज़िक्स कर रहा हू.

माँ ने कहा: कभी फ्री हो तो लगाना चक्कर मेरे घर का.

मैने हा में सर हिला दिया. एक दिन मैं माँ के यहा गया, तो माँ मुझे बेडरूम में ले गयी और मुझे अपनी दास्तान सुनने लगी.

उन्होने कहा: मेरे हज़्बेंड के जाने के बाद घर के हालात ठीक नही है. मैं बच्चो को टीच करके ही घर चलती हू.

फिर माँ से तोड़ा फ्री होने के बाद मैने पूछा: माँ आप अकेली कैसे रह लेती है?

टीचर ने कहा: मजबूरी सब कुछ करवा देती है.

रूको मैं ज़रा टाय्लेट से होके आई. तुम रूम का दरवाज़ा बंद कर दो (क्यूंकी उनकी बेटी साथ वाले कमरे में थी, वो कही जाग ना जाए शोर से).

मैने उसके रूम का दरवाज़ा बंद किया, और फिर माँ के बेडरूम में आ गया. मैने देखा की माँ ने अपने कमरे में एक वीडियो चला दी थी ल्क्ड पर, जिसमे एक कम आगे का लड़का एक आंटी को छोड़ रहा था. तभी मेरा लंड अकड़ने लगा, और मुझे समझ आ गया की माँ ने मुझे क्यूँ बुलाया था. फिर उसी वक़्त माँ बिकिनी में बाहर आ गयी

क्या मस्त माल लग रही थी. मोटे माममे, उभरी हुई गांद, और फुददी की शेप इतनी सेक्सी. मैं उसे देखता ही रह गया. मेरा लंड पंत से बाहर निकालने के लाए बेताब था. तब माँ मेरे पास आई और मुझे किस करने लगी.

मैने कहा: माँ ये ग़लत है.

माँ बोली: ये वीडियो देख बस, और चुप रह.

फिर माँ ने दरवाज़ा बंद किया, और मुझे धक्का दे कर लिटा दिया बेड पर. फिर मेरी पंत उतरी, और लंड देख कर बोली-

माँ: कमाल का लंड है तेरा.

फिर उन्होने मेरी शर्ट उतार दी, और मेरा लंड चूसने लगी. मेरा ध्यान वीडियो में जेया रहा था की कैसे सर पकड़ के लड़का आंटी को अपना लंड चुस्वा रहा था. मैं भी माँ के मूह में जर्क करने लगा. 5 मिनिट की ब्लोवजोब के बाद माँ बोली-

माँ: इधर आओ नीचे और मेरी फुददी चूसो.

मैं झुका, और माँ की ब्लॅक पनटी उतरी. फिर मैने माँ की फुददी में ज़ुबान डाल कर गीली करी. उसकी फुददी उस पर हल्के-हल्के बाल थे. शेप बहुत ही कमाल थी. अब माममे आज़ाद करने की बारी थी.

मैने माँ को उल्टा घूमने को कहा. तभी उन्होने मेरा लंड पकड़ लिया और उसे हिलने लगी. मैने पीछे से कमर चूमते हुए उनकी ब्रा खोल दी. माँ ने मेरा हाथ पकड़ा, और टांगे फैला के मुझे बोली-

माँ: डाल दो अंदर अपना मोटा लंड. छोड़ डाल अपनी टीचर को.

मैं ये सुनते ही माँ के पास आया और तोड़ा सा थूक उसकी फुददी में लगाया. फिर अपना पूरा लंड एक ही झटके में डाल दिया. माँ चिल्लाने लग गयी की तोड़ा-तोड़ा करके डालना था. मैं उनके माममे चूसने लग गया और नीचे से हल्के-हल्के झटके देने शुरू कर दिए.

मैने माँ से पूछा: मज़ा आ रहा है माँ?

वो बोली: अब बहुत मज़ा आ रहा है. बस करता जेया.

फिर माँ मेरे उपर आ गयी, और मेरे लंड पर राइडिंग करने लगी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. मैं माँ के माममे पकड़ कर नीचे से झटके देने लग गया. माँ हल्की-हल्की स्माइल दे रही थी. फिर माँ का पानी निकल गया, और माँ मेरे उपर ही लेट गयी. मेरा लंड 8 इंच का अभी भी माँ की फुददी में ही था.

मैने फिर माँ को उल्टा किया, और गांद चूमने लगा. फिर मोटी गांद में थूक लगाया, और उंगली से उसे छूट तक जाने दिया. मैने माँ को चूपए लगवाए और उसकी गांद पर आ गया. फिर मैने उसकी गांद में लंड डाला तो वो रोने लग गयी.

वो बोली: ना करो बेटा ऐसे.

मैने माँ को कहा: ये दर्द ही तो प्यार है.

फिर पूरा लंड अंदर डाल दिया. उसने गांद साइड में करने की कोशिश की, लेकिन लंड मोटा था, और मैने आचे से माँ को पकड़ लिया था. जब तोड़ा सा माँ उपर गांद उठती, मैं लंड निकाल कर झटका मारता. माँ फिर वापस वही पर आ जाती.

थोड़ी देर बाद माँ को मज़ा आने लगा. अब मैं टोपे तक लंड को बाहर लाता, और पूरा लंड माँ की गांद में डालने लग गया. उनकी गरम गांद बहुत मज़ा दे रही थी, और मैं माँ का मज़ा लेने लग गया था.

मैं उनके गाल पर किस करने लग गया और बोला: माँ तुम कितनी प्यारी हो.

फिर मैने लंड गांद से निकाला, और सीधा माँ को लिटा दिया.

माँ बोली: और कितना टाइम लोगे? बस भी करो.

मैने लंड उनकी छूट में डाला, और बोला: बस तोड़ा सा टाइम माँ.

ये सुन कर वो हस्स पड़ी. नीचे से माँ ने लंड पकड़ कर अपनी फुददी पर रखा, और मुझे एस कहा. मैं लंड अंदर डालने लग गया, और टोपे तक बाहर ला कर फुददी को मारने लग गया. तभी मेरा निकालने वाला था, तो मैने माँ को ज़ोर से झप्पी डाल दी, और पुर लंड का पानी माँ की फुददी में ही छ्चोढ़ दिया.

फिर मैं उसके माममे चूसने लग गया. कुछ देर बाद लंड फिर खड़ा हो गया. फिर माँ को मैने प्यार करना शुरू किया, और लंड को सॉफ करके मैने माँ को चूपए लगवाए और उसकी फुददी में दोबारा लंड घुसने लग गया. वो मुझसे बातें कर रही थी की उसे छ्होटे बच्चे पसंद थे.

दूसरी मर्तबा मैने फिर अपना माल माँ की प्यारी सी फुददी में छ्चोढ़ दिया. फिर उस दिन के बाद माँ को मैने अपनी रखैल बना लिया और अब तक उसे छोड़ रहा हू. उस दिन माँ को 3 बार छोड़ा, और अब उसकी छ्होटी बेहन भी रेडी है मुझसे छुड़वाने के लिए. ये मैं नेक्स्ट स्टोरी में बतौँगा की कैसे मैने उसे और उसकी छ्होटी बहन को चोदा.

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