स्ट्रेंजर के साथ मनाई सुहग्रात

हेलो फ्रेंड्स, ये मेरी पहली और सच्ची कहानी है आप सभी के लिए कैसे मैने एक स्ट्रेंजर लड़की को गर्लफ्रेंड बना के उसकी खूब चुदाई की, मेरा नाम है असद, मैं बी.कॉम ग्रॅजुयेट हूँ, मैं कोलकाता का रहने वाला हूँ, मेरी एज है 24, रंग सावला, हाइट 5फिट8इंच, मेरे बाबू(लंड) का साइज़ है 6इंच लंबा और 3इंच मोटा, सो आइए अब आपको अपने कहानी के तरफ ले चलु, ये बात 2013 डिसेंबर की है, मैं एक दिन अपने कंप्यूटर क्लास से अपने घर के लिए ऑटो लिया, ऑटो मे सिर्फ़ 1 पॅसेंजर थी वो भी लड़की, कुछ दूर जाने के बाद एक और अंकल बैठे जिसके वजह से अब मैं उस लड़की के बॉडी से टच हो रहा था बट उसने कोई रेअक्शण नही किया तो मैने अपने हाथ को उसके चुचि पे सटा दिया और करता भी क्यू नही दोस्तो, क्या लड़की थी, रंग गोरा, एज 20 के आस पास, हाइट 5फिट 4इंच,तो मेरे उसके चुचि पे हाथ टच करने पर भी उसके रेअक्शण ना करने पर मैने हाथ हल्का उसके चुचि पे दबाने लगा, अचानक मैने देखा की उसने अपने पर्स से एक पेपर का टुकड़ा और पेन निकाला और कुछ लिख के ऑटो रुकवाया.

और उतरते वक्त मेरे सामने गिरा के ऑटो वाले को किराया दे के चली गयी, मैने वो पेपर उठाया तो देखा की उसने अपना नंबर और नाम लिखा था,मैं घर पहुचा और जल्दी से उस नंबर पे कॉल किया,उसने फ़ोन उठाया और शुरू हुई हमारी दोस्ती, उसका नाम है शहनाज़, रोज़ हमारी बातें होती थी, फिर एक दिन मैने उसको प्रपोज़ किया और उसने हा कर दिया, तो अब वो मेरी गर्लफ्रेंड बन चुकी थी, बहोत सारे डेट्स पे गये,रोज़ बात होती थी, सेक्स चॅट भी होती थी,एक दिन हम मूवी देखने गये, मैने बॉक्स सीट बुक किया जो की एकदम कॉर्नर पे था, फिल्म लगभग 3 वीक पुरानी हो चुकी थी तो बहोत कम लोग थे और हमारे आस पास कोई नही था, मूवी कम देख रहे थे हमलोग और किस्सिंग ज़्यादा कर रहे थे, लीप किस, नेक किस,चुचि दबा रहा था, मुझे सेक्स पूरी तरहा चढ़ चुका था तो मैने बिना कुछ सोचे अपना बड़ा लंड निकाला और शहनाज़ के हाथ मे पकरा दिया, वो बोल उठी की ये लंड है या गरम रोड, वो मस्त सहला रही थी,बिना कहे उसने जब मेरा लंड अपने मूह मे घुसाया तो मैं तो सातवे आसमान पर था.

यह कहानी भी पड़े  पति की हरकतों की वजह से किरायेदार से चुद गयी मैं

क्या मस्त ब्लोवजोब उसने दिया, करीब 10 मिनट के बाद मेरा पूरा मलाई उसके मूह मे गिरा और उसने बिना एक बूँद वेस्ट किए पूरा चाट लिया और मुझे किस करने लगी और मुझे कहा की इसके बदले उसको उसकी चुत की गर्मी बुझवाणी है,मैने कहा जानू जब बोलो तब तुम्हे मैं चोद के ठंडा कर दू, तो उसने मुझे उसी वक्त कहा चलो और हम टॅक्सी पकड़े और वो मुझे अपने दूसरे फ्लॅट ले गयी जो उसके डॅड ने ले कर बंद रखा हुआ था,पहुचते ही मैं उसपे टूट पड़ा,सामने खींचा और ज़बरदस्त किसिंग लेनी शुरू कर दी, हम दोनो इतने गरम हो चुके थे की कब हमने एक दूसरे के कपड़े जिस्म से अलग किया पता ही नही चला पर जब मैने उसके जिस्म को देखा तो मेरा सेक्स दुगना हो गया, क्या जिस्म था,वो इतनी हॉट थी की क्या बताउ दोस्तो,उसके चुचिया 36 साइज़ के मानो दावत दे रहे की आओ और निप्पल्स चाट लो, दबा लो मुझे,उसकी गोरी चिकनी चुत पूरा लाल हो रही थी और सेक्स चढ़ने के कारण रसीले आम के तरहा पूरा भीग चुका था,ये सब देख के मेरा लंड पूरा तना हुआ था.

मैं झट से उसके तरफ बढ़ा और उसके चुचियो को दाबने लगा वो मस्त हो गई और आआहह आआहह जानू कहने लगी, मैने ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था और निप्पल्स को मूह मे ले के छोटे बच्चे के तरहा चाट रहा था,वो मस्त हो रही थी,उसने मुझसे कहा जानू मेरी चुत चाटो ना मैने उसके इस रिक्वेस्ट को बिना लेट किए पूरा किया और उसको बेड पे लिटा के उसके चुत को चाटने लगा,वो पूरा मज़ा ले रही थी और आआहहाआहह बाबू कर के आनंद ले रही थी,मैने उसके नमकीन जूस को पूरा चाट के सॉफ कर दिया,अब वो मेरा लंड पागलो के तरहा चूसने लगी और फिर बिना देर किए मैने उसको लिटाया और उसके टाँगो को फैला के अपना लंड उसके चुत पे रख के अंदर घुसाने लगा, लंड और चुत भीगा होने के वजह से थोड़ा आराम से चुत मे घुसने लगा,वो दर्द से चिल्ला रही थी बट उसको चुदना भी था तो बिना कहे मूह बंद किए लेटी थी,मैने उसके दर्द का ख़याल रखते हुए धीरे धीरे अपना पूरा 6इंच लंड अंदर घुसा दिया और थोड़ा ठहर गया.

यह कहानी भी पड़े  पड़ोसी ने मुझे पटा कर चोदा

फिर निकाल के मैने अपना लंड उसके चुचि के बीच मे रखा और उसने दोनो चुचि से लंड को जाकर लिया,मैने चुचि को बहोत मस्त तरीके से चोदा,वो आआअहह जानू आआहह क्र के अपने चुचि को चुदवा रही थी,फिर मैने अपना लंड उसके मूह मे घुसा के खूब पेला,हलाक तक लंड जा रहा था और वो चुप चाप लंड को मूह की चुदाई करने दे रही थी,फिर मैने फ्रीज़ से आइस क्यूब निकाला और आइस क्यूब ले के उसके चुत पे और चुचि पे रगड़ने लगा, कुछ आराम के बाद वो अब तैयार थी,अब मैने अपना खड़ा गरम मोटा लंड उसके चुत के छेद पे रखा और ज़ोरदार झटका मारा और मेरा पूरा लंड अंदर चुत मे समा गया,अब मैने पोज़िशन ली और मैने पवरफुल धक्का लगाना शुरू किया,पूरा कमरा हमारी चुदाई की आवाज़ से गूँज रहा था और वो पागलो की तरहा आआहह आआहह और चोदो बाबू, फाड़ दो मेरे चुत को,और पेलो आअहह बोल रही थी,करीब आधे घंटे के चुदाई के बाद मेरा पानी निकलने वाला था,वो तब तक 3 बार झड़ चुकी थी.

Pages: 1 2

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!