सौतेली माँ की चुदाई का आनन्द-1

माँ की चुदाई की इस कहानी में पढ़ें कि मेरी पहली बार सौतेली मां के साथ मेरे सैक्स संबंध बनने के अगले दिन क्या हुआ. मेरी स्टेप मॉम ने कैसे मुझे पूरे दिन तड़पाया.

दोस्तो, मेरा नाम अर्जुन है मेरी पिछली सत्य कहानी
मेरी संस्कारी मॉम सेक्स की प्यासी
आपने पढ़ी ही होगी, अगर नहीं पढ़ी तो प्लीज़ पढ़ लें जिससे सत्य घटनाओं पर आधारित यह कहानी आपको ज्यादा पसंद आएगी और सारे किरदारों के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी।

पिछली कहानी में मैंने अपने और मेरी सौतेली मां सीमा जिसे मैं मॉम कहकर बुलाता हूं, उनके साथ मेरे शुरू हुए सैक्स संबंधों के पहले दिन की पूरी घटनाक्रम के बारे में लिखा था.

अच्छा दोस्तो, अब आगे बढ़ते हैं.

फिर रात को मॉम अपना एक हाथ और एक टांग, मेरे ऊपर रख कर सो गई थी. मैं भी सो गया था क्योंकि मैं बहुत थक गया था.
मेरा पहली बार था और मैंने सैक्स शक्तिवर्धक गोली ली थी इस कारण ज्यादा थकान आ गई थी मॉम शायद ज्यादा थकी नहीं थी क्योंकि उनका मेरे पापा के साथ लंबे समय तक सेक्स करने की आदत थी.

अगले दिन सुबह मेरा कॉलेज जाने का मन नहीं हो रहा था क्योंकि मैं पूरे दिन मॉम के साथ रहना चाहता था. मैं उनके बूब्स के साथ खेलना चाहता था चूत और गान्ड के साथ अपने लन्ड का एनकाउंटर करना चाहता था.

रोज सुबह मॉम जल्दी नहा धोकर तेयार हो जाती थी क्योंकि वो संस्कारी के साथ धार्मिक भी बहुत थी वो रोज नियमित रूप से भगवान की पूजा करती थी इसलिए उन्हें सुबह भगवान की पूजा भी करनी होती थी.

फिर सुबह सुबह मॉम ने मुझे नींद से उठा दिया और जल्दी से तैयार होकर कॉलेज जाने को बोल कर बाहर चली गई.
मॉम रोज सुबह की तरह आज भी साड़ी में ही थी.

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मैं जल्दी से बेड से उठा और बाथरूम में चला गया. फिर थोड़ी देर बाद एकदम तैयार होकर अपने कॉलेज का बुक्स का बैग लेकर डायनिंग रूम में डायनिंग चेयर पर बैठ गया।

तब तक मॉम की पूजा भी पूरी हो चुकी थी. उन्होंने रोज की तरह मुझे खाने के लिए सुबह का नाश्ता और पीने के लिए जूस दिया और दोपहर के खाने का टिफिन भी दे दिया.

मॉम मेरे पास वाली चेयर पर बैठ कर खुद नाश्ता करने लगी तो मैं बोला- मॉम, आज कॉलेज नहीं जाने का मन कर रहा है, आज पूरे दिन आपके साथ रहना चाहता हूं मैं!
वे बोली- बेटा, पहले पढ़ाई … फिर उसके बाद सब कुछ! मैं कहीं भागी थोड़ी जा रही हूं, इधर ही तो हूं. मुझे भी कल बहुत मज़ा आया. लेकिन सब कामों का एक समय होता है. पढ़ाई के समय पढ़ाई और सैक्स के समय सेक्स, अभी तुझे अपना फ्यूचर और कैरियर बनाना है, समझा.

मैं बोला- यस मॉम!
फिर मैं नाश्ता और जूस खत्म करके मॉम को बाय करके कॉलेज के लिए चला गया।

कॉलेज में मेरा मन लग ही नहीं रहा था. मेरे ख्याल में मॉम और उनका सेक्सी नंगा बदन ही आ रहा था और पिछली रात की चुदाई भी याद आ रही थी.
मैं जल्दी से जल्दी घर जाना चाहता था और मॉम के साथ सब कुछ करना चाहता था जो कल बाकी रह गया था. ख़ास तौर पर मैं मॉम के खरबूजे जैसे बूब्स के साथ खेलना और उन्हें चूसना चाहता था.

दोपहर के 3 बजे कॉलेज की छुट्टी हो गई और मैं बहुत खुश और एक्साइटेड होकर घर की ओर निकल गया.
मैंने घर के दरवाजे की बेल बजाई. मॉम ने दरवाजा खोला. मॉम ने मस्त डिजाइनर सलवार कमीज़ पहन रखी थी। कमीज़ टाईट तो थी ही उसमे बूब्स बाहर निकले हुए थे. मॉम के कपड़े ज्यादातर
टाइट फिटिंग ही होते हैं.

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मॉम बोली- आ गया बेटा, फ्रेश हो जा और कपड़े चेंज कर ले! मैं खाना लगाती हूं.
मैं चेंज करके आ गया.
तब तक मॉम ने खाना लगा दिया था और हम दोनों खाना खाने बैठ गए.

मैं बोला- मॉम, आप इन कपड़ों में हॉट और बहुत सुंदर दिख रही हो. और आज आपने घर पर यह डिज़ाइनर प्रीमियम क्वालिटी के सलवार कमीज़ क्यों पहने? ये कपड़े तो आप शादी फंक्शन जैसे इवेंट्स में पहनती हैं.

तब मॉम बोली- अजू बेटा थैंक्स, आज अपनी बिल्डिंग सोसायटी की औरतों की किट्टी पार्टी थी. आज सारा प्रोग्राम मेरी सहेली रेशमा के घर पर था इसलिए ये कपड़े पहनकर गई थी. अभी उतारने वाली ही थी कि तू आ गया.

मैं बोला- मॉम, किट्टी पार्टी में सबसे सेक्सी और हॉट आप ही दिख रही होंगी?
मॉम बोली- नहीं बेटा और भी है 3-4 लेडीज जो मेरी जैसे फिगर वाली है और दिखने सेक्सी और हॉट नजर आती हैं. तूने मेरी सहेली रेशमा को तो देखा ही है. वो तो मुझसे से ज्यादा सेक्सी और हॉट है.
मैं बोला- हां मॉम, रेशमा आंटी हॉट और सेक्सी है लेकिन आपके जितनी नहीं.
मॉम बोली- थैंक्स मेरा प्यारे बेटा जी!

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