स्टेशन पर मिले लड़के ने मा को टाय्लेट में घेरा

हेलो रीडर्स, मैं कारण. आज फिर लेकर आया हू एक नयी स्टोरी, कैसे एक अंजान मुल्ले ने मेरी मा को छोड़ा. तो शुरू करते है.

मेरी मा का नाम रीना है. वो एक बेहद खूबसूरत औरत है. उसकी हाइट 5 फीट 8 इंच है, और उसका बदन एक-दूं दूध की तरह गोरे रंग का है, जिससे उसकी काफ़ी नास्से दिख जाती है. उसके चूचे 34″ के है, और कमर 30″ की, गांद 36″ की है. वो एक पर्फेक्ट मिलफ माल है, जिसे देख किसी का लंड पानी छोढ़ दे.

उसका फिगर किसी मॉडेल से कम नही. मेरे घर में हम बस टीन लोग है मैं, पापा और मा. वैसे तो हम ब्रामिन है, लेकिन मा काफ़ी मॉडर्न टाइप की है. वो हमेशा अपने आप को स्लीव्ले कपड़ों में ही रखती है, और मेकप और लिपस्टिक के साथ रहती है, जो उनके बदन और खूबसूरती में और चार चाँद लगा देते है.

अब स्टोरी पर आते है. ये कुछ टाइम पहले की बात है. मेरी उमर 18-19 साल की थी, मा उस समय दुल्हन की तरह लगती थी, और उसकी खूबसूरती और लाजवाब थी. एक समय मेरे पापा के गाओं के रिश्तेदार के शादी थी, तो वो पहले आ गये थे, और मुझे और मा को पटना से देल्ही आना था.

मा उस दिन स्लीवलेशस मरून ब्लाउस और मरून सारी में तैयार हो गयी, मेकप और मरून लिपस्टिक लगा कर. इसमे वो एक-दूं माल लग रही थी. फिर हम घर से स्टेशन जाने के लिए निकले. रास्ते में सब लोग मा को घूरे जेया रहे थे. एक तो ऐसा कहर फिगर, उपर से मरून स्लीव्ले ड्रेस और मेकप. मा किसी के भी लंड को खड़ा कर देती.

फिर हम स्टेशन पहुँचे. वाहा ट्रेन 1 अवर लाते खुलने वाली थी. तो हम वाहा इंतेज़ार करने लगे. कुछ टीन-चार लड़के वाहा खड़े थे. वो गंदी बातें कर रहे थे.

लड़का1: सेयेल तूने तो खूब छूट मारी है, सेयेल अपने रूमेट की बेहन छोड़ डाली तूने.

लड़का2: ये साला ऐसा ही है, किसी को छोड़ दे.

ये सब सुन मुझे अजीब लग रहा था. पर मा शायद ध्यान नही दे रही थी. फिर वाहा बेंच खाली हुई तो मा बैठ गयी. वही दूसरी साइड बेंच पर वो लड़के बैठ कर ये बातें कर रहे थे. मा के बैठते ही बीच वाला लड़का कुछ आँख बंद करके महसूस करने लगा.

वो खुश्बू मा के बदन में लगे पर्फ्यूम की थी. फिर वो पीछे मुड़ा, और नंगी गोरी पीठ स्लीवलेशस में देख कर हैरान हो गया. वो खड़ा हुआ, और हमारे आयेज आ कर खड़ा हो गया. वो सफेद कुर्ते में, मुल्लों वाली टोपी लगाए हुए, एक बॉडीबिल्डर बदसूरत सा काला लड़का था. उन सब की उमर 24-25 लग रही रही.

फिर वो सब मा की तरफ घूर्ने लगे. मैने मा की तरफ देखा तो स्लीवलेशस में मा सारी आयेज से डाउन हो जाने के कारण अपनी क्लीवेज का अछा शो दे रही थी. पर थोड़ी देर में मा का ध्यान उनकी तरफ गया, तो उन्होने जल्दी से अपनी सारी उपर कर अपने को धखना चाहा. फिर धीरे से नज़र घुमा कर उनकी तरफ देखा तो वो अभी भी उसे ही घूर रहे थे.

मा ने अपनी आँखें नीचे कर ली. उसी समय मा की नज़र उनके पाजामे पर पड़ी. उनका पाजामा उठा हुआ था. ये देख मा ने अपनी आँखें बंद कर हाथो की मुट्ठी बाँध ली, जिससे लग रहा था उन्हे गुस्सा आ रहा था. फिर अचानक अनाउन्स हुआ की हमारी ट्रेन प्लॅटफॉर्म 3 पर आ रही थी.

मा ने आँखें खोली, और ट्रेन की तरफ समान लेकर बढ़ी. वो लड़का भी हमारे पीछे आया. हमारी टिकेट 3 एसी में थी. मा जब उपर चढ़ रही थी, तब वो पीछे से आ कर मा से सात गया, जिससे मा का हाथ उसके खड़े लंड पे टच हो गया.

मा पीछे मूड कर देखी, और बिना कुछ बोले गुस्से में अंदर सीट पर चली गयी. उनके चेहरे पर सॉफ गुस्सा दिख रहा था. फिर हम अपने सीट पर आए. वाहा एक फॅमिली थी, जिनकी 5 सीट्स थी. 2 सीट्स हमारी थी, और 1 सीट एक और आदमी की थी.

उस फॅमिली में एक बुद्धा-बुद्धि, उनके बेटा, और उसकी पत्नी और बेटा थे, जो की आचे घर से लग रहे थे. मा ने अपना समान सेट किया, और बैठ गयी. वो लोग आपस में हस्सी मज़ाक कर रहे थे, जिसमे मा का मूड ठीक होने लगा. तभी वो लड़का वाहा आया, और जो अकेला आदमी था, उससे सीट चेंज करने को बोला. वो आदमी मान भी गया.

ये देख मा ने आटिट्यूड में उसकी तरफ ध्यान नही दिया. फिर वो वाहा बैठ कर मा को घूर्ने लगा. मा अब उस पर ध्यान ना देकर बुड्ढे-बुद्धि से हस्सी मज़ाक करने में थी. तभी मा की नज़र उस पर पड़ी. वो उनकी कमर और स्लीवलेशस हाथो को घूर रहा था. मा को ऑक्वर्ड फील हो रहा था, ये उनके चेहरे से मालूम चल रहा था.

अब मा की नज़र बार-बार उसी की तरफ पड़ती. फिर मैने देखा मा उससे नही उसके लंड को देख रही थी, जिसे उसने चड्डी उतार अपने सफेद पाजामे में तहलका मचाने छ्चोढ़ दिया था. वो पूरा टाइट था, और बहुत बड़ा और मोटा था. और मा को देख बार-बार उपर के तरफ झटके मार रहा था.

फिर वो मा को गुस्से में घूरते हुए देख अपने लंड को शांत करने के लिए खड़ा हो कर टाय्लेट की तरफ बढ़ा. मा भी खड़ी हो कर अपनी सारी सही करके गयी. 3एसी में टाय्लेट के पास गॅप होता है. वाहा उस समय कोई नही था. मा ने उसे बेसिन के पास पकड़ कर एक छाँटा दे मारा.

मा: क्या समझता है अपने आप को? कब से देख रही हू क्या घूर रहा था? घर में मा बेहन नही है क्या? अगर अब देखा तो हल्ला मचा दूँगी, और सब को बता दूँगी, और पोलीस में दे दूँगी.

वो लड़का अब भी मा को देख रहा था. फिर मा वाहा से जल्दी से आ कर सीट पर बैठ गयी. इधर ये सब सोने लगे थे. दोनो नीचे के बर्त पर वो बुद्धा-बुद्धि सो गये, और उनका बेटा और उसकी पत्नी ने अपने बेटे को साइड वाले बर्त में उपर, और खुद उपर वाले बर्त पर सोने लगे.

जब मा आई, तो बुद्धि बोली: बेटा तुम वाहा साइड लोवर में बैठ जाओ.

वो सीट उस लड़के की ही थी. मा उन्हे कुछ बोल ना पाई, और एक साइड बैठ गयी, और मैं बुड्ढे के पैर के पास की जगह में बैठ गया. वो लड़का आया.

बुद्धा का बेटा बोला: क्या नाम है भाई?

वो: करीम.

बूढ़ा का बेटा: हम सो रहे है. आप वाहा अड्जस्ट कर लो.

करीम: हा कोई दिक्कत नही है.

वो मा के तरफ गुस्से से देखता है. मा अपनी चेहरे को दूसरी तरफ घुमा कर विंडो के बाहर देखने लगती है. 2 घंटे बीट गये, अभी भी वो मा को घूरे जेया रहा था. तभी मेरी नज़र उसके लंड पर पड़ी. वो अभी भी खड़ा था. अचानक उसका पैर मा के पैर से टच हुआ. मा ने उसके तरफ देखा, लेकिन फिर उसका लंड वैसे ही खड़ा देख वो कुछ ना बोली.

थोड़ी देर में मा अपने बालों को बनाने लगी. उनके दोनो हाथ उपर थे. उनके चूचे तंन गये थे, और उनकी पतली गोरी कमर और सेक्सी क्लीवेज स्लीवलेशस में दिख रही थी. इसे वो बिना सोचे दिखा रही थी.

तभी उनका ध्यान उसके लंड पर गया. वो अब पानी छ्चोढ़ रहा था, और सफेद कुर्ते में अब वो पूरा ट्रॅन्स्परेंट दिख रहा था. उसे देख मा ने अपना हाथ तुरंत नीचे कर लिया, और अपनी नेवेल को ढकने लगी.

मा की साँसे ये देख कर बढ़ गयी थी, पर वो कुछ देर तक शांत रही. फिर कितनी भी कोशिश करने पर बार-बार उनकी नज़र उसके उस मोटे लंड पर पद रही थी. इससे मा की साँसे तेज़ हुए जेया रही थी. फिर मा उठी, और अचानक टाय्लेट के तरफ जाने लगी. करीम भी उठा, और मा टाय्लेट में घुस के गाते बंद करने ही वाली थी, की वो धक्का देके अंदर आ गया.

मैं जल्दी से गाते पर गया. मा उसको कुछ बोलती, उसके पहले उसने अपने मज़बूत हाथो से उन्हे ज़ोर से पकड़ उनके लिप्स में अपने लिप्स को लगा डाला.

इसके आयेज क्या हुआ आपको अगले पार्ट में पता चलेगा. अपनी फीडबॅक कॉमेंट करके ज़रूर दे.

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