शादीशुदा औरत की चुदाई का निमंत्रण

हैल्लो दोस्तों, में आपका दोस्त बहुत दिन बाद आप लोगों के सामने आया हूँ। सबसे पहले में आप सभी को मेरा परिचय देता हूँ, में दिल्ली का रहने वाला हूँ मेरी लम्बाई 5.10 इंच है। दोस्तों फेसबुक पर मुझे एक आंटी का मैसेज आया कि में आपसे एक बार मिलना चाहती हूँ और फिर उसने मुझे अपना फोन नंबर दे दिया मैंने उस फोन नंबर पर बात करना शुरू किया। वो बात कुछ इस तरह से हुई।

कमल : हैल्लो

आंटी : हाँ आप कौन बोल रहे हो?

कमल : में कमल बोल रहा हूँ क्या आपने मुझे मैसेज किया था?

आंटी : ओह हाँ आप कमल बोल रहे है, में आपसे मिलना चाहती हूँ और में उम्र में 38 साल की हूँ और मेरा नाम विनीता है।

कमल : अच्छा तो आप मुझे आपके घर का पता और मिलने का सही समय बता दो में चला आऊंगा।

फिर कुछ देर बातें करते हुए उसने मुझे अपने घर का पता वो समय बता दिया, तब मुझे पता चला कि वो भी दिल्ली की रहने वाली थी और उसने मुझे दिन और वो समय भी दिया। अब में उसकी बताई हुई तारीख, उस समय और ठीक पते पर पहुंच गया जिसके बाद मैंने दरवाजे पर लगी घंटी को बजाया तब कुछ देर बाद दरवाजा खुला और मेरे सामने एक 38 साल की बहुत ही सुंदर गोरी भाभी खड़ी हुई थी उसको पहले से ही पता था कि में आज उसके घर पर आने वाला था इसलिए उसने नयी साड़ी पहनी हुई थी और श्रंगार भी किया था उसके बदन से बहुत अच्छी खुश्बू आ रही थी। शायद उसने पर्फ्यूम लगाया हुआ था और उसके बूब्स बहुत बड़े आकार के थे, लेकिन वो बड़े ही तने हुए थे उसके होंठ बहुत गुलाबी रसभरे थे। फिर थोड़ी देर तो में उसको देखता ही रह गया और उसने मुस्कुराते हुए मुझे अंदर आने को कहा में उसके घर के अंदर चला गया। फिर मैंने देखा कि घर के अंदर कोई भी नहीं था और पूरे घर में बस वो अकेली थी। यह बात जानकर में मन ही मन बहुत खुश हुआ और उसके बाद विनीता ने मुझे पानी लाकर दे दिया। मैंने उसके हाथ से उस पानी के गिलास को लेते समय उसकी उंगली को जानबूझ कर छू लिया, जिसकी वजह से वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। फिर उसके बाद वो मेरे पास सोफे पर बैठ गयी, मेरा लंड तो पहले से ही टाइट हो चुका था।

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अब विनीता ने मुझसे कहा कि में तो समझ रही थी कि शायद आप बड़ी उम्र के होंगे, लेकिन आप तो बहुत ही जवान सुंदर आकर्षक लगते हो आप तो मेरी उम्मीद से भी ज्यादा निकले। अब मैंने उससे पूछा आपके इस घर में और कौन कौन रहता है? विनीता ने बताया कि यहाँ पर में और मेरे पति रहते है, लेकिन वो अभी बाहर गये हुए है इसलिए तुम तब तक मेरे साथ जो चाहे कर सकते हो। यह समय हम दोनों के लिए बहुत उचित एकदम ठीक है और हमें अब परेशान रोकने टोकने वाला कोई भी नहीं है, हम आज अपनी मर्जी के मालिक है। दोस्तों में उसके मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश हुआ और अब में आप सभी को उस एक दिन मैंने उसके साथ कितनी बार और कैसे कैसे चुदाई के मज़े लिए वो सब कुछ पूरी तरह विस्तार से सुनाता हूँ।

फिर में उसके थोड़ा और करीब गया और उसके हाथों को पकड़ लिया में उनको सहलाने लगा, लेकिन वो चुप ही थी बस मेरी तरफ मुस्कुरा रही थी और फिर धीरे धीरे मैंने उसके हाथों को मसलना शुरू किया उसके बाद में धीरे धीरे ऊपर की तरफ बढ़ रहा था। में अब उसके पेट पर हाथ घुमाने लगा और ब्लाउज के ऊपर से ही उसके बड़े आकार के एकदम मुलायम बूब्स पर अपने हाथ को घुमाने लगा। उसके बाद में बूब्स को दबाने लगा। मेरे यह सब करने की वजह से उसकी साँसे ज़ोर ज़ोर से चल रही थी और साथ ही मुझे उसकी तेज गती से चलती हुई दिल की धड़कने भी छूकर महसूस हो रही थी और अब मदहोशी की वजह से उसकी आखें भी बंद होने लगी थी। अब मैंने उसके ब्लाउज के बटन को खोलना शुरू किया और फिर ब्लाउज को उतार दिया, जिसकी वजह से वो मेरे सामने अब काले रंग की ब्रा में थी दोनों बड़े आकार के बूब्स उस ब्रा से बाहर आने को मचल रहे थे, क्योंकि उनका आकार तो मेरी उम्मीद से भी ज्यादा बड़ा था जिसको देखकर में बहुत चकित था। अब में उसकी ब्रा के ऊपर से ही बूब्स को मसल रहा था और ऐसा करने में मुझे बड़ा ही मस्त मज़ा और बहुत जोश आ रहा था।

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फिर कुछ देर बाद में उसकी साड़ी को उतारने लगा और उसके बाद मैंने उसका पेटीकोट ऊपर उठाकर उसकी गोरी चिकनी जाँघ पर अपना एक हाथ घुमाया अपने उसी हाथ को आगे ले जाकर उसकी पेंटी के ऊपर से ही में उसकी चूत पर हाथ से सहलाने लगा। अब ज्यादा जोश में आने की वजह से उसके मुहं से आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ स्सीईईईइ आवाज़ आने लगी थी और अब मैंने बिना देर किए उसका पेटीकोट भी उतार दिया जिसकी वजह से अब वो मेरे सामने सिर्फ़ पेंटी और ब्रा में ही थी मैंने उसके पूरे गोरे बदन को हर एक अंग को अपने हाथों से सहलाकर उसको इतना मस्त कर दिया कि वो अपने आपे से बाहर होकर अब बिल्कुल पागलों की तरह बहुत व्याकुल होकर उसने तुरंत मेरी शर्ट को उतार दिया और फिर वो मेरी छाती पर अपने हाथ को घुमाने लगी। तभी उसने मुझसे कहा कि तुम्हारा यह बदन तो बहुत ही मजबूत है। यह बात कहते हुए उसने मेरी पेंट को भी उतार दिया और इतना सब हो जाने के बाद मेरा लंड तो अंडरवियर को फाड़कर बाहर आने की कोशिश कर रहा था अंडरवियर टेंट की तरह हो गया था उसने मेरा लंड अंडरवियर से बाहर निकाला तो देखकर उसकी आंखे चकित होकर फट गयी। वो बहुत घूरकर मेरे लंड को देख रही थी, शायद इतना बड़ा लंड उसने पहली बार देखा था इसलिए वो बिल्कुल पागल होकर अब मेरे लंड को अपने मुहं में भरकर उसको बड़े मज़े लेकर चूसने लगी और मैंने भी उसकी ब्रा को भी उतार दिया। यह काम करने के बाद में उसके बड़े बड़े बूब्स को चूसने लगा और उसकी निप्पल बहुत बड़ी थी, जिसको चूसने में मुझे बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था। अब मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था इसलिए मैंने भी बिना देर किए उसकी पेंटी को उतार दिया और उसके दोनों पैरों को खोलकर अपना पूरा 8 इंच का लंड मैंने उसकी चूत में एक ही धक्के में डाल दिया। फिर वो दर्द की वजह से सिसकियाँ लेते हुए आह्ह्हह्ह ऊउईईईईईई माँ मर गई कहते हुए वो मुझसे बोलने लगी प्लीज थोड़ा धीरे करो वरना मेरी चूत फट जाएगी।

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