मेरी हालत खराब हो गयी थी की अब मेरे लोड लगने वाले थे. भाभी ने मेरे हाथ से उनकी चड्डी चीनी, तो मेरा मोटा सा लंड बाहर फड़फड़ने लगा, और हिचकोले खाने लगा.
भाभी मेरा लंड देख कर मूड गयी, और फिर से पीछे मूड कर देखा तो मेरा लंड और लंबा होता जेया रहा था. मैने तुरंत उसे पकड़ा, और च्छुपाने की नाकाम कोशिश करने लगा. पर अब क्या फ़ायदा था? भाभी मेरा लंड ऐसे देख रही थी, जैसे अभी उसको अपने मूह लेकर चूसने लग जाएगी. मैने अपना लंड बेड की चादर से च्छुपाया. अब आयेज-
लंड च्छुपाने के बाद मैने नज़रें नीचे कर ली थी, ताकि भाभी से मेरी आँखें ना मिले. भाभी की आँखें मेरे खड़े लंड पर ही टिकी थी. क्यूंकी मेरा लंड चादर के अंदर से भी लंबा दिख रहा था.
भाभी वापस मूड कर चली गयी, और मेरी फटने लगी थी, की अब क्या होगा. 1-2 दिन तक यही दिमाग़ में चलता रहा की भाभी किसी को बताए ना. फिर मैं मेरा काम पक्के में कर लूँगा. लेकिन भाभी अब चुप सी रहने लगी. मैं जब भी उनके करीब जाता, वो कुछ नही कहती थी, बस अपना काम करती रहती थी. मेरी हिम्मत बढ़ चुकी थी उनकी खामोशी से.
एक दिन भाभी दोपहर में अपने कमरे में सो रही थी, और घर पर कोई नही था. भाभी उनके कमरे में सो रही थी, और मैं अपने कमरे में सेक्सी लड़कियों और भाभियों की फोटोस देख रहा था. पता नही मेरा मूड एक-दूं से भाभी पर गया, और मैं उन्हे देखने उनके कमरे में जाने लगा.
उनके कमरे का गाते टीका हुआ था अंदर से. मुझे लगा अंदर से लगा था. मैं तोड़ा समझ भी गया था की भाभी ने हो सकता है मेरे से बचने के लिए लगाया हो.
मैं उनके गाते के नीचे से उनको देखने लगा. गाते के नीचे थोड़ी सी जगह थी, जहाँ से भाभी मुझे सॉफ-सॉफ दिख रही थी. मैं उनको देखने लगा, और देखा की भाभी की गांद बाहर की तरफ थी, और वो उल्टी हो कर एक तरफ से करवट लेकर सो रही है.
मेरा लंड खड़ा होने लगा. उनकी उठी हुई गांद को देख कर मेरा मॅन तो कर रहा था की गाते खोलू, और अंदर जेया कर भाभी की गांद पर से सारी उठा कर अपना लंड उनकी उठी हुई गांद में घुसेध डू. पर मैने कंट्रोल किया.
जब मैं उठने लगा भाभी को देख कर तो मेरा मॅन भरा नही था. मेरा लंड अभी भी खड़ा था. मैने भाभी के गाते को ज़रा सा पुश किया, तो वो खुल गया, और मैं सीधे भाभी के कमरे में धीरे से आ गया. फिर अंदर से ज़रा सा गाते लगा दिया धीरे से.
भाभी को मैं पीछे से देख रहा था. उनकी मोटी गांद और उनकी कमर से सारी हटी हुई थी. उनके बूब्स कमाल के थे. मैं ज़रा सा नीचे बैठा और उनकी गांद के पास अपनी नाक लेकर गया. फिर सारी के उपर से ही उनकी गांद की खुश्बू लेने लगा.
मुझे मेरा लंड और कड़क होता लग रहा था. मैं उसे कंट्रोल कर रहा था, और संभाल रहा था. फिर मैं धीरे से उठा, और भाभी के पीछे सो गया. आराम से गाते तो मैं लगा ही चुका था. मैं धीरे से भाभी के करीब आया, और उनकी गांद से मेरा लंड टच करने लगा. धीरे-धीरे मेरा लंड भाभी की मोटी निकली हुई गांद को चू रहा था, और मैं भी उनके पीछे से उनके शरीर से टच होने लगा.
मैं धीरे अपना हाथ भाभी के उपर बढ़ने लगा, और हाथ को उनकी कमर पर हल्के से रख दिया, ताकि वो एक-दूं से उठे नही.
मैं धीरे-धीरे उनकी सारी को उनके पैर से वहीं लेते-लेते उठाते हुए उनकी जाँघ तक ले आया. उसके बाद मैं अपना हाथ उनकी नाभि के पास घूमने लगा धीरे-धीरे से. भाभी का कोई रेस्पॉन्स नही था. शायद उनको गहरी नींद आ रही थी.
मैने धीरे से भाभी के पीछे से कान के पास गया, और उनके कान को किस कर लिया. फिर उनकी पीछे से गर्दन को किस करने लगा धीरे-धीरे. मेरा लंड कड़क हो कर उनकी गांद में घुसे ही जेया रहा था. उनकी चड्डी बीच में आ रही थी, वरना मेरा लंड उनकी गांद के च्छेद में घुसे जेया रहा था. लेकिन भाभी को कुछ असर नही हो रहा था.
होती है किसी-किसी की नींद गहरी, जिसमे कुछ मालूम नही होता. मैं धीरे-धीरे उनकी चड्डी में हाथ डालने लगा. मैने उनकी चड्डी के तोड़ा ही हाथ अंदर किया था, की मुझे उनकी छूट के बाल महसूस हुए, जो की थोड़े बड़े लग रहे थे. मुझे आचे लग रहे थे बाल, और मैं उनकी छूट के उपर के बाल के साथ खेल रहा था.
मेरा लंड कड़क होते हुए उनकी गांद में डाबता ही जेया रहा था. मुझसे भी रहा नही गया, और मैं भी दबाए जेया रहा था अपना लंड उनकी गांद में. मैं उनको किस कर रहा था उनके कान के पास.
तभी ही भाभी की नींद टूटी, और एक-दूं से देखा की मैं उनके पीछे सो रहा था. मेरा हाथ उनकी छूट के बाल से खेल रहा था. मेरा लंड उनकी गांद में घुसे जेया रहा था, और मैं उनको चूमे जेया रहा था धीरे-धीरे. उनकी सारी कमर से भी उपर हो रखी थी.
वो एक-दूं से उठी, और मैं तुरंत पीछे हट-ते हुए उनके बगल से नीचे गिर गया. वो अपने आप को ठीक करने लगी जल्दी से. उन्होने अपनी चड्डी उपर चढ़ाई और सारी नीचे की. फिर बूब्स संभाले. उनकी चड्डी में पानी आ चुका था, उसको संभाला हाथ डाल के की बाहर ना आ जाए उनकी छूट का पानी.
मैं उठ खड़ा हुआ और भाभी ने मुझे देखा और चिल्लाने लगी-
भाभी: शरम नही आई तुझे ये करने में? मैं तुम्हारी भाभी हू. मेरे बच्चे है. तुमसे बड़ी हू. फिर भी कैसे मेरे साथ ये करने लगे तुम? थोड़ी देर और मैं नही उठती तो तुम पता नही क्या कर लेते मेरे साथ.
मैने अपना लंड संभाला जो उनको दिख रहा था. मेरा तोड़ा सा लंड का पानी उनके पीछे उनकी गांद वाले हिस्से के पास चड्डी में लग गया था, जिससे उनको गीला लग रहा था. तभी उन्होने मुझे कहा-
भाभी: तूने पीछे क्या किया मेरे साथ?
मैने कहा: कुछ नही हुआ भाभी, बस थोड़ी ग़लती हो गयी. वो तो आप सो रही थी, इसलिए मुझसे रहा नही गया, और मैं आपके कमरे में आपके बेड पर आ कर बैठ गया. मुझे पता नही क्या हुआ की मैने ये कर दिया आपके साथ. भाभी माफ़ कर दो प्लीज़. फिर नही होगा.
आयेज की कहानी अगले पार्ट में.