स्कूल का झगड़ा कॉलेज में सुलझा

हेल्लो फ्रेंड्स, कैसे हैं आप सभी | मेरा नाम उत्तम है और मैं खण्डवा का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 24 साल है और मैं जॉब करता हूँ | मैं दिखने में ज्यादा अच्छा तो नहीं हूँ पर मेरी कद काठी एक दम मस्त है और मेरे लौड़े का साइज़ 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है | दोस्तों मैं कोई चुदाई की कहानियों का शौक़ीन नहीं हूँ बस एक बार मैं ऐसे ही एक चुदाई की कहानी पढ़ रहा था तो मैंने सोचा कि क्यूँ न मैं भी अपनी एक कहानी लिखू | दोस्तों कई कहानी पढ़ कर मुझे लगता है कि साले झूठ बोलते हैं या फिर झूटी कहानी बनाते हैं | खैर मुझे इन सब से क्या ? दोस्तों आज जो मैं कहानी लिखने जा रहा हूँ | ये मेरी पहली और आखिरी कहानी है क्यूंकि मैं तो बस ऐसे ही आप लोगो से अपनी एक बात शेयर करना चाहता हूँ | तो अब मैं ज्यादा समय ना लेते हुए अपनी कहानी पर आता हूँ |

दोस्तों ये कहानी स्कूल से ले कर कॉलेज तक की है जहाँ मेरे साथ दो घटनाये हुई | मैं उस समय नया नया था स्कूल में | मेरे पापा का ट्रान्सफर हुआ था जिस वजह से मुझे नए स्कूल में एडमिशन लेना पड़ा | मैं वहां किसी से भी ज्यादा मतलब नहीं रखता था क्यूंकि सब वहां देहाती टाइप के बच्चे थे | बस वहां की लड़कियां ही अच्छी खासी थी | एक दिन की बात है | स्कूल में कुछ फंक्शन था तो सारे टीचर उसी में लगे हुए थे | मै स्कूल पंहुचा और अपना बैग सीट पर रखा | उसके बाद हम सारे बच्चे प्रेयर ग्राउंड पर चले गये | मेरी एक आदत थी कि मैं प्रेयर ग्राउंड से कभी सीधा क्लास नहीं आता था मैं 5 मिनट के बाद ही क्लास में इंटर होता था | उस दिन भी मैंने वेसा ही किया | लेकिन जब मैं क्लास में गया तो मेरा बैग वहां नहीं था जहाँ पर मैं रख कर गया था | वो बेंच के ऊपर किसी ने मेरे बैग को रख दिया | ये देख कर मैं गुस्सा हो गया और सबसे ज्यादा गुस्सा मुझे तब आया | जब मैंने ये देखा कि वहां पर किसी और का बैग रखा हुआ था | मुझसे ये सब सहन नहीं हुआ तो मैंने गाली दिया कि बहनचोद किसने मेरा बैग ऊपर रखा ? तभी एक लड़की बाहर से आई और बोली कि मैंने रखा है | तो मैंने कहा कि मादरचोद मेरा बैग अगर हटाना ही था तो कहीं और रख देती | तो उसने कहा कि गाली दे कर बात मत कर मुझसे | मुझे भी गाली देना आता है | मैंने कहा तो दे गाली मादरचोद पर ये बता तूने मेरा बैग क्यूँ अलग की यहाँ से ? तो उसने कहा कि अबे हरामी मादरचोद मेरी मर्जी मैं कहीं भी रखु तेरी गांड में क्यूँ चीटा काट रहा है |

यह कहानी भी पड़े  सफेद लिबास मे सुंदर लड़की

मैं और गुस्सा हो गया तो मैंने भी कहा कि बहनचोद तो मेरा ही बैग उठा कर क्यूँ मैया चुदवा रही थी | तेरी गांड में भंवरी काट रही थी क्या ? तो उसने बोली अबे सुन मादरचोद रख दी न तेरा बैग कुछ बिगाड़ लेगा क्या मेरा | मैंने भी कहा तेरी माँ चोद दूंगा बहनचोद अब अगर तूने मेरे बैग को हाँथ भी लगाया तो तेरी गांड मार लूँगा छिनार | वो भी मादरचोद बड़ी कुतिया लड़की थी मुंह लग कर बात कर रही थी | उसने भी जवाब में कहा कि अबे जा रे हिजड़े तेरा लंड भी है क्या जो तू मेरी गांड मारेगा ? अब तो बहनचोद पूरे क्लास में शांति सी हो चुकी थी | सब मादरचोद झगडा देख रहे थे पर कोई कुछ बोल नहीं रहा था | कुछ तो बहन के लौड़े दांत दिखा दिखा कर हंस रहे थे | मेरी भी इज्जत पर बात गयी थी | तो मैंने भी कहा रुक रंडी अभी दिखाता हूँ और मैं अपना लंड बाहर निकाला और उसे बोला देख मादरचोद ये है मेरा लंड | उतने में वो अपनी आँख में हाँथ रख ली और सारी लडकियां भी हाय बोल कर आँख बंद कर ली | फिर मैंने सोचा कि ये बहुत ज्यादा हो गया है तो फिर मैं अपना लंड अन्दर कर के बोलता हूँ कि अब किसी ने भी मेरे बैग को इधर उधर किया तो सबकी माँ चोद दूंगा | वो लड़की भी शांत हो गयी और अपना बैग वहां से उठा कर रौशनी के बगल में बैठ गयी | वैसे उस लड़की का नाम शिवानी है |

यह कहानी भी पड़े  पड़ोसन रेखा आंटी का बुर चोद दिया

उस लड़की से फिर कभी बात नही होती थी मेरी और ऐसे ही दिन गुजरते रहे | उसके बाद स्कूल भी खत्म हो चुका था और सब कॉलेज कि तैयारी में थे | मुझे भी एक कॉलेज में एडमिशन मिल गया था | तो मैं फीस ले कर कॉलेज गया और लाइन में लग गया | उस कॉलेज में पापा की पहचान वहां के डीन से थी तो मुझे कोई दिक्कत नहीं होनी थी | तभी मेरी नजर शिवानी पर पड़ी | उसे देख कर मुझे स्कूल का फिर से वही दिन याद आ गया | लेकिन वो रो रही थी ये मेरे दिमाग में खटक रहा था | तभी एक लड़की निशा नाम की उसके पास पंहुची और उससे पूछा कि क्या हुआ ? तो वोबोली कि यार मेरे पैसे पता नही कहाँ गिर गये हैं कॉलेज की फीस कैसे दूंगी ? मेरे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा है | घर में भी पैसे कि शौर्टेज है बड़ी मुश्किल से ये पैसे दिए थे पापा ने मैं क्या जवाब दूंगी उन्हें ? ये सब सुन कर मुझे काफ़ी बुरा लगा | मैं एक साल की पूरी फीस भरता था इन्सटॉलमेंट का झंझट नही रखता था | तो मैंने सोचा कि इसकी मदद कर देता हूँ | मेरे पास तो पैसे हो ही जायंगे पर इसका फ्यूचर न ख़राब हो तो इसको पैसे दे देता हूँ |

Pages: 1 2

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!