ससुर जी को शांत किया बहू ने

हेलो मेरा नाम दीपाली आगे 29 है. मैं एक ट्रडीशनल देसी फॅमिली से बिलॉंग करती हू. मेरे फॅमिली में मेरे हज़्बेंड, देवर, ससुर, और सास रहते है.

लेकिन हुंसब् गाव मे रहते है, मेरे हज़्बेंड इट कंपनी में जॉब करते हैं. इसके कारण वो फिलहाल मुंबई में रहते हैं और हम सब गाओं में. जब उन्हें टाइम मिलता है तो वो गाओं को आ जाते हैं.

तोड़ा मेरे बारे में बता देती हो ताकि आप इमॅजिन कर पाओगे.

मेरी फिगर 34सी-32-36आ है. मेरा रंग नॉर्मल गोरा है. मैं घर में हमेशा सारी पहनती हू.

मेरे ससुर जी गवर्नमेंट हॉस्पिटल में डॉक्टर है. लेकिन पिच्छले 3 महीने पहले वो जॉब से रिटाइर हो गये. घर पेर रह रह के का चिड़चिड़ापन बढ़ गया था. और हमेशा किसी भी कारण से किसी को भी गुस्सा करते थे और ज़िद करते रहते थे.

खाना बनाने के नाम से या फिर सॉफ सफाई के नाम से हमेशा मुझे भी ताने मारते रहते थे. मुझे भी बहुत गुस्सा आता था लेकिन वो घर में बड़े होने के कारण मैं उन्हें कुछ बोल नहीं पाती थी. लेकिन मॅन ही मॅन बहुत ही गुस्से में रहती थी.

मेरी एक फ्रेंड है कॉलेज की जिसके साथ में सब बातें शेर करती थी. तो उसने मुझे कहा की सांस और पति को डाउट ना आए इस तरह से ससुर जी को तोड़ा सिड्यूस करके रखो. ताकि वो तुम्हें कुच्छ नहीं बोलेंगे.

ससुर जी को रोज शराब पीने की भी आदत थी. और शाम को शराब पीकर नशे में सबसे झगड़ा करते रहते थे.

एक दिन जब घर पेर सिर्फ़ मैं मेरी सास और और ससुर जी थे तब की बात है.

रात को मई ससुर जी के लिए खाना लेकर गई तो गुस्सा करने लगे की खाने में बहुत ज़्यादा आयिल है. तो मई खाना रिटर्न ले गयी और जब आयिल कम करके लाया. मैने सोचा की अब इनको तोड़ा सिड्यूस करना ही पड़ेगा.

तो मैने पल्लू तोड़ा हटा दिया ताकि उनको मेरा क्लीवेज दिख सके. जब मे प्लेट रखने नीचे झुकी तो उनका ध्यान मेरे क्लीवेज पर गया. लेकिन उन्होने देख के अपनी नज़र हटा दी.

ससुर बड़े शरीफ है इसी कारण उन्होने तर्की जैसा मेरे क्लेवगे को नही ताका. फिर मैने अगले 6-7 दिन उन्हे ऐसे ही कभी मेरी कमर दिखाने की कोशिश की और कभी क्लेवगे.

एक दिन मे किचन मे रोटी बना रही थी. सास हॉल मे टीवी देख रही थी और ससुर शराब पी कर किचन मे ग्लास रखने आए. तो मेरे साइड मे ग्लास रखा और नशे मे होने के कारण उन्होने साइड से मेरे ब्लाउस को देखा. मेरा ध्यान था इसलिए मैने उन्हे अचानक उन्हे लाइन मारने के नज़र से देखा. लेकिन फिर वो वाहा से हॉल मे चले गये.

मेरे ससुर घर मे लूँगी लगते है और बनियान पहेनटे है. पति मुंबई मे होते है. 2 बेडरूम में मैं और मेरी सास सोते हैं और हॉल मे ससुर और देवर जी.

मेरे रूम मे जाग ही रही थी. मैने उस दिन येओ सारी ब्लाउस पहना था. अंदर ब्लॅक ब्रा और पनटी थी. मैने रात को छत पर मेरे फ्रेंड को पिछले वीक का सब बताया की किस तरह सब सिड्यूसिंग का खेल चल रहा था.

लेकिन फिर भी ससुर जी का गुस्सा करना बंद नहीं हुआ था. मेरी फ्रेंड ने बोला की तोड़ा आयेज बढ़ ले, बाकी घर में भी शांति रहेगी और ससुर जी भी कंट्रोल में रहेंगे. पति भी यहाँ नहीं रहते थे ज़्यादा दिन इसलिए मैने भी सोचा की ट्राइ कर लेते और मेरा भी मॅन हो गया.

तो मई किचन में पानी पीने के नाटक से गई और हॉल में जेया कर देखा. तो देवर जी मोविए देख रहे थे मोबाइल में. और ससुर जी भी फोन में कोई कार्ड्स का ग़मे खेल रहे थे.

मैं किचन और हॉल के दरवाजे के सामने तोड़ा सा आकर खसने का नाटक किया. ससुर जी ने मेरी तरफ देखा, मैने भी उन्हें लाइन मारने की नज़र से देखा.

देवर जी के कान में हेडफोन थे इसके लिए उन्हें आवाज़ नहीं गया. ससुर जी ने मुझे दो बार मूड कर देखा. मैं भी उन्हें लाइन मारने की नज़र से देखा. देवर जी जाग रहे थे इसलिए मैं मेरे रूम में से चली गई.

फिर मेरे रूम में मैं जागी रही थी और सोच रही थी की सब कैसे होगा. और मेरा मॅन ज़्यादा ही पूछ रहा था यह सब सोच कर. इसके कारण नींद भी नहीं आ रही थी.

रात को टीन बजे के आस पास मई किचन में गयी. और मैं देख रही थी की देवर जी सो गये या नहीं. फिर मैं देखा की लाइट बंद थी और पूरा अंधेरा था. देवर जी और ससुर जी भी सो गये थे.

हॉल में देवर जी और ससुर जी बाजू में ज़मीन पर गड्ढे डाल कर सोते हैं. मैं एकदम शांति से ससुर जी के पास गई. ससुर जी अब अपनी बनियान में और और अंडरवेर में सोए हुए थे. उनकी लूँगी उन्होने अपने उपर चादर की तरह ली हुई थी.

मैने उन्हें तोड़ा टच करके उठाने का ट्राइ किया. मैं फिर से उन्हें तोड़ा दुख का अधिकार उठाया. फिर उनकी आँख खुल गई, हॉल में दीं लाइट शुरू होने के कारण उन्होने मुझे देखा.

मैं उनका हाथ मेरे ब्लाउस के उपर रखा सोए हुए पूर्व मे. और मैं बस थोड़ी नीचे झुकी हुई थी और उन्होने तो मेरे बूब्स को ब्लाउस के उपर से दबाया.

मेरी हार्टबीट थोड़ी तेज हो गई थी. लेकिन बहुत अलग फील हुआ फिर उन्होने हल्के आवाज़ में मुझे कहा. की दूसरे वेल बेडरूम में चलो. मैं उन्हें कहाँ की वहाँ से नहीं है और बहुत गर्मी लग रही है.

तो वो एकदम शांति से उठे फिर मैं उनकी जगह पेर सोई. और फिर वो मेरे उपर चढ़े. देवर जी दूसरे साइड फेस करके सोए हुए थे और अंधेरा था.

लेकिन मेरी चूड़ीयान की आवाज़ आ रही थी. इसलिए हम दर्र रहे थे की कहीं वो उठ ना जाए. फिर जैसे ही ससुर जी मेरे उपर चढ़े उन्होने उपर से चादर कमर तक ले ली.

ससुर जी ने पल्लू हटाया और मेरे दोनो बूब्स ब्लाउस के उपर से आ मसालते मसालते मुझे किस करने लगे. मैं भी उनके बाल सहला रही थी. मेरी शादी भी उपर हुई थी. ससुर जी ने मुझे ब्लाउस खोलने के लिए कहा.

फिर मैं ब्लाउस के हुक खोल कर ब्रा को उपर खींच लिया. मेरे दोनो बूब्स आते ही ससुर जी ने लेफ्ट वेल बूब को अपने मूह से चूसना शुरू किया और निपल को जो चाटने लगे. दूसरे हाथ से रिघ्त वाला बूब दबा रहे थे.

कभी रिघ्त कभी लेफ्ट इस तरह चूस रहे थे. मैं भी पूरी तरह से गरम हो चुकी थी और ससुर जी की पीठ सहला रही थी. ससुरजी ने उठ कर मेरी पंत निकाली. छूट को हाथों से तोड़ा सा सहलाया. और फिर अपना लंड बाहर निकाला.

मैं उनके लॅंड को हाथ भी लगाया उनका लॅंड मोटा नहीं था लेकिन लंबा था. उनकी उमरा ज़्यादा थी लेकिन किसी ने पर्सन के साथ पहली बार सेक्स हो रहा था.

इसलिए मैं भी प्रीता से गरम हो गई थी और उनका भी लॅंड पूरी तरह से तनाव हुआ था. फिर उन्होने अपना लंड मेरी छूट में घुसाया. ससुर जी फिर धीरे धीरे मुझे छोड़ने लगे, मुझे भी मज़ा आ रहा था.

जिस तरह से मुझे छोड़ रहे थे मेरे उपर उनके दोनों हाथ घुमा रहे थे. और मेरे बूब्स को मसल रहे थे. मैं उनके अंदर की भूक को महसूस कर सकती थी.

गर्मी के दिन थे फन शुरू था लेकिन फिर भी ससुर जी और मैं पसीना से बह गये थे. मैं धीरे धीरे सिसकियाँ ले रही थी जब ससुर जी मुझे झटके दे रहे थे.

मेरे दोनों बूब्स भी हिल रहे थे. बुढ़ापे में जवानी को छोड़ कर ससुर जी बहुत मज़े ले रहे थे और मुझे भी मज़ा आ रहा था. फिर 5-7 मिनिट्स बाद अपना सारा पानी मेरे पेट के उपर और सॅडी के उपर निकल दिया. और एकदम ठंडे हो गये और मेरे उपर सो गये.

फिर मैं उठी और मेरी कमरे में चली गयी. अब ससुर जी बिल्कुल भी गुस्सा नहीं करते हैं. और जब मेरे पति यहाँ नहीं होते हैं ससुर जी और मैं रात को या फिर जब भी मोका मिले मज़े करते हैं.

ससुर जी का पानी तोड़ा जल्दी निकल जाता है. लेकिन उनके मिटाने में बहुत मज़ा आता है और वो बहुत ही आवाज़ के साथ मुझे छोटे हैं.

आपको मेरी कहानी अची लगे तो प्लीज़ बताइए ताकि मैं आपको ऐसी ही कहानिया बता साकु जो आपका पानी निकल दे. मेरे पास ऐसी काई रियल स्टोरीस है जो पढ़कर आप पानी निकल पाओगे, वो भी पूरे मज़े के साथ.

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