सारी दे पर गर्लफ्रेंड की चुदाई

सेक्स स्टोरी के लास्ट पार्ट में आपने पढ़ा अंकिता को सारी में देख के मैं पागल हो चुका था. तभी उसने मुझे दूसरे सर्प्राइज़ के बारे में बताया जिसके लिए मैं एग्ज़ाइटेड था. हम दोनो वहाँ से कॉलेज के लिए निकल गये.

कॉलेज पहुँचते ही वहाँ का माहौल बहुत मज़ेदार था. सारी लड़कियाँ सारी पहन के बहुत ही खूबसूरत लग रही थी और लड़के भी काफ़ी हॅंडसम लग रहे थे. ऐसा लग रहा था यहाँ किसी की शादी हो रही है ऐसा माहौल बन चुका था.

हम अपने दोस्तों के पास गये और सबसे मिले. आज हर कोई खुश था. हम सब ने साथ फोटोस खींची और सोशियल मीडीया पर डाल दी. फिर कॉलेज में कुछ इवेंट्स हुए जहाँ साथ में गेम्स खेलना और डॅन्स करना था. लड़के और लड़कियाँ साथ में पर्फॉर्म करने लगे. ये सब पहले से प्लान था जिसकी रिहर्सल हुई थी. लेकिन सब का डॅन्स देख के अंकिता का काफ़ी मूड था तो उसने मुझसे कहा-

अंकिता: नील चलो ना हम भी डॅन्स करते है.

नील: क्या? पागल हो गयी हो क्या? हमने कोई प्रेपरेशन नही की है.

अंकिता: ई नो, लेकिन मुझे पता है तुम्हे बहुत अछा डॅन्स आता है. हमे ज़्यादा वक़्त नही लगेगा.

नील: अर्रे लेकिन ऐसे अचानक कैसे…?

मेरे कुछ बोलने से पहले अंकिता मुझे वहाँ से ले गयी और हम दूसरी क्लास में रिहर्सल करने लगे. अंकिता को डॅन्स अछा आता था तो ज़्यादा देर नही लगी और हमने जल्द ही प्रिपेर कर लिया. हम वापस आ कर अपनी जगह बैठ गये और कुछ वक़्त बाद हमारा नाम अनाउन्स हुआ और हम स्टेज पर चले गये. हमने ‘तुमसे मिल के दिल का जो हाल’ इस सॉंग पे डॅन्स किया जो सब को बहुत पसंद आया. हम दोनो बहुत खुश थे की हमने पहली बार साथ में डॅन्स किया था.

पर्फॉर्मेन्स के बाद हम अपनी जगह जेया कर बैठे और कुछ देर बाद पता नही अंकिता क्या हुआ उसने मेरा हाथ पकड़ लिया. ई थिंक डॅन्स की वजह से वो रोमॅंटिक मूड में थी. थोड़ी देर बाद वो मुझे बाहर ले गयी.

नील: क्या हुआ? तुम मुझे बाहर क्यूँ ले आई?

अंकिता (मुझे हग करते हुए): थॅंक योउ तुमने मेरे साथ डॅन्स किया और हमने इतना अछा पर्फॉर्म किया.

नील: हा बाबा, लेकिन तुम्हे ऐसा कुछ करना था तो मुझे पहले बता देती. हम तोड़ा और अछा पर्फॉर्म करते ना.

अंकिता: अर्रे वो अचानक से डिसाइड किया मैने.

नील: अछा तो अब अंदर चले? बाकी सारे फ्रेंड्स हमारा वेट कर रहे होंगे.

अंकिता: बुद्धू तुम्हे दूसरा सर्प्राइज़ नही चाहिए क्या?

नील: अर्रे हा… मैं तो भूल ही गया.

अंकिता: उपर चलो.

फिर वो मुझे हमारी क्लास में ले गयी जहाँ कोई भी नही था. सारे लोग नीचे डॅन्स देख रहे थे और सिर्फ़ हम दोनो ही यहाँ पर थे.

नील: अंकु यहाँ क्या है?

उसने क्लास का डोर बंद किया और मेरे पास आ कर मुझे किस करने लगी. मैने उसका साथ दिया और हम एक-दूसरे के होंठ चूसने लगे. थोड़ी देर बाद मैने उससे पूछा.

नील: अब बताॉगी तुम्हारे दिमाग़ में क्या चल रहा है?

अंकिता (शरमाते हुए): हा. हम काफ़ी टाइम से सेक्स करना चाहते है, और हम दोनो सिर्फ़ मोमेंट की तलाश थी. तो आज मौका है, मौसम है, दस्तूर भी है.

उसकी बात सुन कर मैं बहुत खुश हुआ.

नील: ओह तो ये था सर्प्राइज़?

अंकिता: हा, और मेरी फॅंटेसी है के हमारा पहला सेक्स इस क्लासरूम में हो, जहाँ हमारी दोस्ती शुरू हुई. और आज सारी दे भी है, तो तुम्हे और मज़ा आएगा.

उसकी बात सुन कर मैने उसकी गर्दन को दोनो हाथो में पकड़ा और उसके होंठो को चूसने लगा. हम एक-दूसरे में डूब गये. धीरे-धीरे प्यार का असर होने लगा, और हम दोनो गरम होने लगे थे. मैने पीछे हाथ डाल के उसका ब्लाउस उतार दिया, और अंकिता के बूब्स मेरी आँखों के सामने थे. उसके बूब्स बहुत खूबसूरत थे. मैने उन्हे मूह में लेकर चूसना शुरू किया.

अंकिता (मेरे बालों को सहलाते हुए): आह आह श बाबयी उम्म्म ऐसे ही चूस्टे रहो… बड़ा मज़ा आ रहा है.

मैं काफ़ी देर तक बूब्स को चूसने लगा. फिर मैने बूब्स को दबाना शुरू किया और उसकी गर्दन को किस और लीक करने लगा. अंकिता मदहोश होने लगी. मैं उसे हर जगह पर किस करने लगा था. मैं उसकी सारी उतरने लगा तो उसने मुझे रोका.

अंकिता: प्लीज़ सारी मत उतारना, वरना बाद में पहनने में बहुत वक़्त लगेगा. और यहाँ कोई आ गया तो.

नील: ठीक है.

फिर उसने मेरे कपड़े उतारने शुरू किए, और मैं उसके सामने सिर्फ़ बॉक्सर में खड़ा था. उसकी नज़र मेरी जिम बॉडी पर पड़ी और वो पागल हो गयी.

अंकिता: वाउ, तुम तो बहुत सेक्सी दिखते हो यार… अफ क्या एबेस है यार.

अंकिता ने मुझे बेंच पर बिताया और मुझे हर जगह किस करने लगी. वो मुझे गर्दन से लेकर पैरों तक लीक करने लगी. ऐसा लग रहा था आज वो मुझे खा जाएगी. उसने मुझे बहुत गरम कर दिया था और मेरा लंड बॉक्सर के अंदर पत्थर की तरह हार्ड बन चुका था, जो वो बॉक्सर के उपर से देख के समझ चुकी थी.

अंकिता: नील सच में तुम बहुत हॉट हो.

नील: थॅंक्स.

फिर मैने अपने बॉक्सर को नीचे खिसकते हुए उसे उतार दिया और मेरा 8 इंच लंबा लंड उसकी आँखों के सामने खड़ा था, जिसे वो आँखें फाड़ के देख रही थी.

अंकिता (लंड को हाथ में लेते हुए): ओह मी गोद! इट’स ह्यूज!! लगता है आज तुम मुझे पागल करने वेल हो.

नील: क्यूँ?

अंकिता: यार इतना बड़ा लंड तो मेरे एक्स का भी नही था.

इतना बोल के वो घुटनो पर बैठी और मेरा लंड चूसने लगी. अफ क्या चूस रही थी वो. उसने लंड के टोपे को होंठो में पकड़ा और चूसने लगी, जिससे मेरी सिसकारियाँ निकालने लगी. धीरे-धीरे करके उसने लंड को अंदर लेना शुरू किया, जो मुझे जन्नत की सैर करा रहा था. मेरा हाथ अपने आप उसके सिर पर चला गया और मैं उसके बालों को सहलाने लगा.

नील: आह ऑश अंकु उम्म्म गोद तुम बहुत अछा चूस रही हो आ एस्स बेबी ऐसे ही चूसो. और अंदर लो इसे उम्म्म आह एस्स ऑश आह हन ऐसे ही करती रहो उम्म्म.

मेरी सिसकारियाँ सुन के उसे जोश आने लगा और लंड को पूरा अंदर लेके चूसने लगी. काई बार वो अपनी ज़ुबान को लंड पे घूमती थी, जिससे मुझे और मज़ा आने लगता था. मैं इतना गरम हो गया था की मुझे समझ नही आ रहा था क्या करू. मैने धीरे-धीरे धक्के मारना शुरू किया और अंकिता का मूह छोड़ने लगा. वो समझ गयी थी मैं क्या करना चाहता था. उसने मेरा साथ दिया और मैं काफ़ी देर तक उसका मूह छोड़ने लगा.

थोड़ी देर बाद मैने उसे प्लॅटफॉर्म पर लिटाया जहाँ पर प्रोफेस्सर्स खड़े हो कर पढ़ते है. अंकिता पूरी तरह से तैयार थी चूड़ने के लिए.

नील: अंकु यार मुझे तुम्हारी छूट को चाटने का मॅन कर रहा है.

अंकिता (शरमाते हुए): ई नो, लेकिन इस सारी की वजह से नही कर पाओगे. इस बार ऐसे ही करते है नेक्स्ट टाइम ओरल कर लेना.

नील: ठीक है.

फिर मैं अंकिता के उपर आ गया और उसकी सारी को उपर उठा लिया, जिससे उसकी छूट मेरे सामने आई जो काफ़ी सुंदर थी. अंकिता ने सारी छूट को क्लीन किया हुआ था. उसकी छूट मुझे काफ़ी टाइट लग रही थी. बड़ा मज़ा आने वाला था उसे छोड़ने में.

नील: लेकिन मेरे पास कॉंडम नही है.

अंकिता: डॉन’त वरी ये हमारा पहला सेक्स है, मुझे इसे स्पेशल बनाना है. ई वाना फील इट रॉ.

उसकी बात सुन कर मेरा जोश बढ़ गया, और मैं उसके उपर आके उसे हर जगह किस करने लगा. काफ़ी देर तक एक-दूसरे को सिड्यूस करने के बाद जब अंकिता से बर्दाश नही हुआ, तो उसने कहा-

अंकिता: आ नील अब मुझसे और बर्दाश नही हो रहा. प्लीज़ फक मे.

नील: ठीक है.

फिर मैने लंड को छूट पर सेट किया, और धक्का मारा. तो पहली बार लंड फिसल गया. मैने दूसरी बार ट्राइ किया तो लंड का टोपा अंदर चला गया और अंकिता के मूह से सिसकारी निकली. उसे दर्द भरा एहसास होने लगा, जिसे वो काफ़ी वक़्त से मिस कर रही थी. फिर मैने ज़ोर से दूसरा धक्का मारा, तो इस बार आधा लंड अंदर चला गया.

अंकिता (आँखें बंद करके): आहह नील…

मैने उसके बालों को सहलाते हुए उसे शांत किया.

नील: बस तोड़ा और बर्दाश्त करना.

उसने हा में सिर हिलाया और मुझे धक्का मारने को कहा. मैने ज़ोर से धक्का मारा, और इस बार फिर से उसने ज़ोर से सिसकारी ली, और अपने नाख़ून मेरी पीठ पर चुभाने लगी. मैं समझ गया की उसे दर्द हो रहा था. लेकिन वो उसे एंजाय कर रही थी.
मैने उसके बालों को सहलाते हुए थोड़ी देर वेट किया. वो नॉर्मल होने लगी थी और उसकी आँखों में आँसू थे.

नील: तुम ठीक हो?

अंकिता: हा, बस थोड़ी देर में अछा लगेगा. पहली बार इतना बड़ा लंड ले रही हू ना, इसलिए तोड़ा दर्द हो रहा है.

नील: क्या? उसका लंड कितना बड़ा था?

अंकिता: 5 इंच का.

उसकी बात सुन के मैं हासणे लगा और मुझे देख के वो भी हासणे लगी. मैं समझ गया अब उसे अछा लगने लगा था. अंकिता ने मुझे छोड़ने के लिए कहा और मैने धक्के लगाना शुरू किया. लंड धीरे-धीरे छूट की गहराई में जाने लगा वैसे-वैसे अंकिता को मज़ा आने लगा. उसकी छूट बहुत टाइट थी. ऐसा लग रहा था काफ़ी टाइम से वो चूड़ी नही थी.

मैने उसे किस करते हुए छोड़ना शुरू किया और स्पीड बधाई. कमरे में पच पच ठप ठप ठप जैसी आवाज़े आने लगी थी. हम दोनो एक-दूसरे की आँखों में देखते हुए चुदाई करने लगे. मैं उसकी गर्दन को किस करने लगा, तो वो पागल होने लगी. उसने मेरी गर्दन पर बीते करके जताया की वो मुझे कितना चाहती थी. मैने लंड को पूरा बाहर निकाला और एक झटके में अंदर डाल दिया, जिससे वो ज़ोर से चिल्लाने लगी.

अंकिता: आहह उम्म्म ऐसे ही छोड़ते रहो नील. आहह उम्म्म ह्म बहुत मज़ा आ रहा है. अफ तुम मुझे पागल कर रहे हो यार, योउ’रे फक्किंग गुड.

मैने उसके बूब्स को मूह में लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे बहुत मज़ा आने लगा. मैं अब तोड़ा वाइल्ड होने लगा था. मैने अंकिता को उठाया, और बेंच पर हाथ रख के खड़ा किया. वो मेरी तरफ गांद करके खड़ी थी. वो समझ गयी मैं उसे पीछे से छोड़ना चाहता था.

मैने उसकी गांद पर हाथ रखा और आचे से सहलाया. अंकिता सिसकारी लेने लगी. उसकी गांद बहुत सेक्सी थी. मैने पीछे से उसकी कमर में हाथ डाला, और एक हाथ से लंड को छूट पर रखा और ज़ोर से धक्का मारा. एक ही झटके में पूरा लंड अंदर चला गया और हम दोनो की चीख निकल गयी.

अब मैने धक्के मारने शुरू किए, और अंकिता अपनी गांद को आयेज-पीछे करके मेरा साथ देने लगी. जब मैं लंड बाहर लेता तब वो कमर को आयेज करती और मैं अंदर डालता तब वो पीछे करके उसे अपने अंदर लेती, जिसकी वजह से लंड छूट की गहराई में जेया रहा था.

मैं दोनो हाथो को आयेज करके बूब्स को ज़ोर से दबाने लगा और उसे हग कर लिया. अंकिता ने मेरी तरफ देख के किस करना चालू किया. उसकी आँखों में हवस सॉफ नज़र आ रही थी. उसकी आँखें बिल्कुल नशीली दिख रही थी. मैं उसे तोड़ा दर्द देकर बताना चाहता था की मैं उसे कितना छोड़ना चाहता था. इसलिए मैने उसके बालों को खीचा जिससे उसने ज़ोर से दर्द भारी आवाज़ निकली, और उसे छोड़ने लगा.

नील: आह अंकु, मैं तुम्हे बहुत छोड़ना चाहता हू. उम्म्म उस दिन किस करने के बाद उस रात मुझे तुम्हे इमॅजिन करके अपना लंड हिलना पड़ा. तब मुझे नींद आई.

अंकिता: ह आह एससस्स अछा? मुझे भी घर जाके फिंगरिंग करनी पड़ी. मैं इस चुदाई का कब से वेट कर रही थी, आहह और ज़ोर से छोड़ो मुझे नील. तुम्हारा लंड और अंदर तक फील करना है.

मैने ज़ोर-ज़ोर से छोड़ना शुरू किया और कमरे में ठप ठप ठप ठप जैसी आवाज़े आने लगी थी. कमरे के बाहर कोई भी होता तो उसे सॉफ पता चलता अंदर घमासान चुदाई हो रही थी. हम दोनो ही वासना की आग में जल रहे थे, और ये आग जल्दी ही वॉल्केनो बन के फूटने वाली थी.

अंकिता की छूट से पानी निकालने लगा था, और मैं भी झड़ने के करीब था.

अंकिता: आहह नील, मैं झड़ने वाली हू, और ज़ोर से छोड़ो मुझे.

नील: मैं भी.

मैने उसकी गांद को पकड़ते हुए धक्को की स्पीड बधाई. लंड ज़ोर-ज़ोर से छूट में अंदर-बाहर होने लगा किसी ड्रिल मशीन की तरह. कुछ ही देर में हम दोनो साथ में झाड़ गये और हमारी पहली चुदाई का वॉल्केनो बहुत ज़ोर से फटा. हम दोनो की छूट और लंड से बहुत सारा पानी निकला, और हम दोनो वही निढाल हो कर खड़े हो कर हाँफ रहे थे. वो चरमसुख बेहद मज़ेदार था. हम एक-दूसरे की आँखों में देख कर ज़ोर-ज़ोर से साँस लेते हुए मुस्कुरा रहे थे.

काफ़ी देर हम वैसे ही खड़े रहे. फिर थोड़ी देर बाद मैने उसकी छूट से लंड बाहर निकाला. हमने एक-दूसरे को ठीक किया, कपड़े पहने और वहाँ से निकल गये. क्लास के बाहर कोई भी नही था, इसका मतलब हमारी चुदाई के बारे में किसी को कुछ पता नही चला.

हम दोनो फिर से डॅन्स देखने चले गये और ऐसे बिहेव करने लगे जैसे कुछ हुआ ही ना हो. वहाँ डॅन्स देखते हुए अंकिता और मैं बार-बार खुशी से एक-दूसरे को देख के मुस्कुराने लगे. सिर्फ़ हमे ही पता था इस खुशी का राज़ क्या था.

दोस्तों आपको ये कहानी कैसी लगी मुझे ज़रूर बताना. आपका हर एक मैल मुझे एक नयी कहानी लिखने के लिए मोटीवेट करता है. अगर आप चाहते है ऐसी और कहानियाँ आए तो प्लीज़ मुझे मैल करना.

थॅंक्स

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