सानिता – थे हॉट मिलफ

हेलो दोस्तो आज एक न्यू एक्सपीरियेन्स लेकर आया हूँ आप सब की रिक्वेस्ट पर. मेरी पिच्छली कहानी ‘सेक्स लाइफ’ पढ़कर बहुत सारे रीडर्स ने मैल किया था. मोस्ट्ली लड़कियाँ ही थी जिनकी रिक्वेस्ट थी के नेक्स्ट स्टोरी एक पड़ोसन की लिखी जानी चाहिए जो एक मिलफ हो. रीडर्स की रिक्वेस्ट मैं कभी ताल नही सकता तो आज आपके सामने एक एक्सपीरियेन्स शेर कर रहा हूँ, ई होप आपको पसंद आएगा.

मैं कुछ महीने देल्ही मे रहता था उन दीनो की ये बात है. हुमारे फॅमिली बिज़्नेस के देल्ही ऑफीस मे कुछ महीने मैं काम कर रहा था.

मैं देल्ही के एक अपार्टमेंट मे रहता था जहाँ गार्डेन, जिम, स्विम्मिंग पूल सब कुछ था. तो मुझे ज़्यादा बाहर जाने की ज़रूरत नही थी. जो रीडर्स मुझे जानते है उन्हे पता है के मैं फिटनेस फ्रीक हूँ और रेग्युलर वर्काउट करता हूँ.

न्यू रीडर्स के लिए मेरा शॉर्ट फिज़िकल इंट्रो दे देता हूँ ताकि आपको पढ़ने मे इंटेरेस्ट आए.

मेरा नाम नील है. आगे 24, हाइट 5.10 फ्ट., दिखने मे गोरा और काफ़ी हॅंडसम हूँ. फिटनेस फ्रीक हूँ इसलिए आत्लेटिक बॉडी है. लड़कियाँ काफ़ी लाइन देती है मुझे. मुझे ड्रिंक, स्मोकिंग जैसा कोई नशा बिल्कुल नही है. ई’म आ सेक्स अडिक्ट. फ्रेंड सर्कल मे काफ़ी कॅषुयल सेक्स होता रहता है. बहुत सारी मिल्फ्स को छोड़ चुका हूँ. आप एक इन्सेस्ट लवर हो तो मेरी पिच्छली कहानियाँ ज़रूर पढ़ना.

मैं रहता था वहाँ मेरे नेबर मे एक फॅमिली रहती थी. सुनील भैया एक मंक मे काम करते थे. उनकी आगे 35 थी. साथ मे उनकी वाइफ रहती थी उनका नाम था सानिता. और उन दोनो की एक बेटी भी थी जिसका नाम था संजना जो 4 साल की थी.

उनकी फॅमिली के साथ मेरी काफ़ी आक्ची पहचान हो गयी थी. रोज हुमारा मिलना होता था. शाम को अपार्टमेंट के पूल मे मैं स्विम्मिंग करता था तब कभी भैया से या कभी भाभी से बात होती थी. शाम को काई लोग गार्डेन मे आते थे अपने बाकचो के साथ वहाँ रोज वो मेरे साथ बातें करते थे.

धीरे धीरे हुमारी बातें होने लगी और वो मुझे डिन्नर पर इन्वाइट करने लगे. हम सब काफ़ी एंजाय करने लगे. कभी साथ मे बाहर घूमने जाते, मोविए का प्लान होने लगा. उनकी बेटी के साथ भी मेरी आक्ची दोस्ती हो गयी थी. ये सब काफ़ी दिन तक चला. कभी वो मेरे घर आते या फिर मैं उनके घर चला जाता.

उन्हे पता था मैं अकेला ही रहता हूँ इसलिए भाभी अक्सर मेरे घर आती रहती थी जहाँ हम साथ मे टीवी और मूवीस देखते थे. मेरे पास Pलय्श्ततिओन था तो भाभी ग़मे खेलने हर बार आती थी. उन्हे मेरे साथ ग़मे खेलने मे काफ़ी मज़ा आता था.

हम सब के बीच हसी मज़ाक भी चलता था जहाँ वो दोनो मिलकर मुझे शादी करने के लिए च्छेदते थे तो कभी किसी लड़की को लेकर. मैं भी वो सब बहुत एंजाय करने लगा था.

सानिता भाभी और मेरी केमिस्ट्री काफ़ी आक्ची थी इसलिए वो चाहती थी के मैं उन्हे भाभी ना बूलौऊ. उनके इस बिहेवियर ने हुमारा रिश्ता काफ़ी बदल गया.

हम दोनो बहुत ही जल्द दोस्त बन गये. सानिता काफ़ी मस्ती मज़ाक करने वाली लेडी थी. उन्हे शॉपिंग करने का बहुत शौक था. भैया अपने ऑफीस मे बिज़ी रहते थे और उन्हे शॉपिंग करने मे कोई इंटेरेस्ट नही था इसलिए सानिता अक्सर मुझे अपने साथ ले जाती थी.

सानिता की शॉपिंग काफ़ी तगड़ी होती थी जहाँ वो हर 15 दिन मे शॉपिंग करने जाती थी. हम साथ मे मोविए भी देखने जाते थे. उनके साथ रहकर मुझे उनके बारे मे बहुत कुछ पता चला. हम दोनो की पसंद काफ़ी मिलती थी इसलिए सानिता दिन मे अट लीस्ट 2 बार मुझसे मिलने आती थी.

सुबह वो भैया के साथ मेरे लिए ब्रेकफास्ट बना के लाती थी और मुझे देकर अपने घर जाती थी. फिर शाम को मैं स्विम्मिंग करता था तब वो अपनी बेटी के साथ गार्डेन मे खेलती थी.

सानिता दिखने मे एक पूरे मिलफ थी. रंग दूध जैसा गोरा, चेहरे पर नूवर, आगे 30. काफ़ी मॉडर्न रहना उन्हे पसंद था. उनका ड्रेसिंग सेन्स इतना सेक्सी था के उन्हे देखकर कोई बोल नही सकता के वो एक बाकची की मा है.

सानिता का फिगर एक मिलफ की तरहा था. वो थोड़ी सी चब्बी टाइप विमन थी जिसका भरा हुआ बदन हर मर्द को उसे पलट के देखने पर मजबूर कर देता था. वो मेरे साथ बाहर घूमने जाती थी तब हर लड़का उन्हे छोड़ने की इच्छा रखता था.

सानिता के बूब्स और गांद काफ़ी बड़े थे जिसपर हर मर्द की नज़र रहती थी. हर कोई उसे देखकर अपनी आँखें सेकता था. हर कोई मतलब हर कोई… उसमे मैं भी शामिल था. मैं पहले ऐसा नही सोचता था एक दिन ऐसा हुआ जिससे हुमारा एक दूसरे को देखने का नज़रिया बदल गया.

एक दिन जब मैं ऑफीस नही जाने वाला था. शाम का वक़्त था और 1 दिन पहले सानिता ने मुझे कहा था के कल उन्हे कुछ कम था तो उन्होने मुझे बुलाया था इसलिए मैं शाम को करीब 5 बजे उनके घर चला गया.

मैने देखा तो उनके फ्लॅट का मैं डोर लॉक नही था. मैं अंदर गया और उन्हे ढूँढने लगा. हॉल, किचन, बेडरूम वो कही नही दिखी तो मुझे दर था के कही कुछ ग़लत तो नही हो गया.

इसलिए मैने उन्हे हर जगह ढूँढना शुरू कर दिया. अचानक से मेरी नज़र उनके बातरूम पर पड़ी जो कंप्लीट्ली ग्लास का था जहाँ सानिता नंगी खड़ी होकर शवर ले रही थी.

सानिता को इस तरहा देखकर मैं डांग रह गया. मैने देखा तो वो मस्त नहा रही थी और उनका बदन काफ़ी खूबसूरत था. उनके बूब्स इतने बड़े थे के उन्हे दबाने के लिए मुझे अपने दोनो हाथों की मदद लेनी पड़ेगी.

अफ उनके उपर गिरती हुई पानी की हर बूँद काफ़ी खूबसूरत लग रही थी. मेरी नज़र उनकी गांद पर पड़ी जो इतनी मादक थी के उसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया. सानिता को देखकर लग रहा था के वो पानी मे आग लगा रही थी. फिगर 35-26-38.

मैं वहाँ से निकालने ही वाला था के तभी सानिता ने उंगलियों को अपनी छूट को सहलाते हुए अंदर डाल दिया. और कुछ ऐसा हुआ जो मैने कभी एक्सपेक्ट नही किया था. सानिता कामुक आवाज़े निकलते हुए मेरा नाम लेकर फिंगरिंग करने लगी. ये दृश्या देखकर मेरे पैरो के नीचे की ज़मीन खिसक गयी. मुझे पता नही था के सानिता मुझे इस नज़र से देखती है. उस वक़्त मेरे लिए वो काफ़ी शॉकिंग मोमेंट था.

कुछ देर बाद जब वो झाड़ गयी तब उसकी नज़र मुझपर पड़ी. मैं वहाँ से जाने लगा तो वो मुझे आवाज़ देती हुई मेरे पिच्चे भागी. जब मैं हॉल तक आ चुका था तब उसने मुझे आवाज़ देकर रुकने के लिए कहा

सानिता (खुद पर टवल लपेटे हुए): नील, प्लीज़ रुक जाओ. मेरी बात सुनो. प्लीज़ मुझे ग़लत मत समझना. मैं तुम्हे सब कुछ बतौँगी प्लीज़ थोड़ी देर बैठ जाओ.

उसने काफ़ी रिक्वेस्ट की तब मैं रुक गया. मैं वही हॉल मे बैठा और सानिता अंदर जाकर रेडी होकर बाहर आई.

नील: बताओ क्या बात करनी थी

सानिता: पहले तुम शांत हो जाओ…

नील: मेरे पास ज़्यादा टाइम नही है जल्दी बताओ जो बताना है

सानिता: ठीक है. बेडरूम मे आओ बैठ के बात करते है

फिर हम दोनो बेडरूम मे गये और सानिता मुझे बताने लगी.

सानिता: मुझे ग़लत मत समझना लेकिन तुम्हारे भैया कितने बिज़ी रहते है वो तो तुम्हे पता है.

नील: ह्म..

सानिता: सुनील को पहले से ही सेक्स मे कुछ खास इंटेरेस्ट नही था. शादी के बाद हुमारी सेक्स लाइफ सिर्फ़ 4 महीने तक ही थी. जिसमे मुझे ही फोर्स करना पड़ता था सेक्स के लिए. सेक्स को लेकर हम दोनो की काफ़ी लड़ाइयाँ होती रहती थी. सुनील पूरा दिन बस काम करता था और मैं दिन रात अकेली घर मे बोर होने लगी थी. मैं डिप्रेशन मे चली गयी थी अकेलेपन की वजह से.

सानिता की बात काफ़ी सीरीयस थी मैं वो सब ध्यान से सुनने लगा था.

सानिता: कॉलेज मे मेरा कोई बाय्फ्रेंड नही था और ना ही कभी सेक्स किया था. शादी के बाद सेक्स को लेकर सुनील से मेरी बहुत सारी एक्सपेक्टेशन्स थी लेकिन… फाइनली मैने आक्सेप्ट कर लिया था के मेरी ज़िंदगी ऐसी ही रहेगी. सुनील मुझसे प्यार बहुत करता है लेकिन वो मुझे छोड़ने पर कभी फोकस नही करता. सेक्स के मामले मे मैं काफ़ी हॉर्नी हूँ. इसलिए मुझे खुद को सॅटिस्फाइ करना पड़ता है.

सानिता: बहुत सोचने के बाद हुँने एक बाकछे के लिए प्लान किया. मा बनने के बाद मैं काफ़ी खुश थी. मेरी ज़िंदगी मे कोई था जो हर वक़्त मेरे साथ था. मा बनने का सुख तो मिला लेकिन हर रात मुझे शरीर सुख चाहिए था जिसके लिए मैं बहुत तड़प रही थी.

नील: ह्म तो फिर तुमने अफेर क्यू नही किया? सानिता तुम काफ़ी हॉट हो तुम्हारे लिए तो कोई भी तैयार हो जाएगा

सानिता: ई नो. लाइन मरने वेल तो बहुत है लेकिन मुझे किसी पर भरोसा नही था. क्या पता मेरा कोई किस तरहा फयडा उठाएगा.

नील: ये भी सही है.

सानिता: ट्रस्ट मे मैने तुम्हारे बारे मे कभी ग़लत नही सोचा.

नील: तो फिर ये सब क्या था?

सानिता: तुम्हे याद है कुछ दिन पहले मैं तुम्हारे साथ जिम आई थी. तुम्हारी वर्काउट देखने के लिए.

नील: हन, याद है.

सानिता: उस दिन तुम्हे देखकर मुझे अंदर से कुछ अजीब सा फील हुआ जो पहले किसी लड़के को देखकर नही हुआ. वहाँ से मैं तुम्हारी तरफ अट्रॅक्ट हो गयी.

नील: सानिता वी अरे वेरी गुड फ्रेंड्स, तुम मुझसे बात कर सकती थी. तुम काफ़ी ओपन माइंडेड हो और मैने ये बहुत पहले आक्सेप्ट कर लिया था.

सानिता: ई नो बुत मुझे दर था के इतने वक़्त बाद मुझे कोई ऐसा मिला है जिसके साथ रहने मे मुझे बहुत मज़ा आता है. अगर तुम मुझसे बात नही करते तो…

वो काफ़ी नाराज़ थी… उसकी आँखों मे आँसू थे और वो बहुत दुखी थी. मैं उसके करीब गया और उसे शांत करने लगा. कुछ देर बाद जब वो शांत हो गयी तो मैं वहाँ से जाने लगा तभी सानिता ने मेरा हाथ पकड़ के मुझसे पूछा…

सानिता: तुमने अभी कहा के मैं बहुत हॉट हूँ. और मेरे साथ अफेर करने के लिए कोई भी तैयार हो जाएगा. क्या तुम करोगे मेरे साथ?

सानिता काफ़ी सीरीयस थी और मेरी तरफ काफ़ी उमीद लेकर देख रही थी. मुझे साँझ नही आ रहा था के क्या काहु इसलिए मैं बिना जवाब दिए वहाँ से चला गया.

आपको क्या लगता है मुझे क्या करना चाहिए? अपने विचार मुझे मैल करके ज़रूर बताना. लड़कियाँ और मॅरीड लॅडीस भी मुझसे दोस्ती या फिर नॉटी चट्स के लिए म्स्ग करे. आपकी प्राइवसी का ख़याल रखा जाएगा.

यह कहानी भी पड़े  भाभी की चूत की मलाई

error: Content is protected !!