तब मैने कहा संगीता ये चुदायी का चक्कर ऐसा ही होता है पहले तो लड़की चुदवाती नहीं और जब चुदवाती है तब एक लंड भी कम पड़ जाता है और फ़िर थोड़ी ही देर बाद वो आदमी अपने लंड का रस उस लड़की की चूत में उड़ेलने के बाद अपने रस से भरे लंड को उस लड़की के मुंह में डालने लगा तब संगीता ने कहा हाय राम राज ये लड़की तो इसका लंड मुंह में ले रही है छी, कितनी गंदी लड़की है तब मैने कहा यार रात को आज तुम अपनी मम्मी की करतूत देख ही लेना जब अपनी आंख से देखोगी तब यकीन मानोगी कि तुम्हारी मां भी ऐसे ही मेरा लंड चूसती है और फ़िर मैने धीरे से उसकी फ़्रोक के उपर से उसकी चूची पर हाथ रख कर सहला दिया वो सिहर गयी और पीछे हट गयी मैं जानता था कि साली चुदासी तो हो ही चुकी है अगर अभी पटक कर चढ़ जाउं तो कुछ ज्यादा बोलेगी नहीं मगर मैं अभी इसको सिर्फ़ उपरी मज़ा देकर छोड़ देना चाहता था क्योंकि काफ़ी वक्त हो चुका था और आंटी के आने का भी वक्त हो चुका था
तब मैने संगीता को गोद में खींच लिया और उसकी छोटी छोटी चूची को बहुत प्यार से सहलाने लगा वो मेरी बाहों में कसमसा रही थी और हल्का सा विरोध भी कर रही थी तभी मैने अपना एक हाथ उसकी चिकनी चिकनी जांघों से फ़िराते हुए नीचे उसकी चड्ढ़ी के पास ले गया अब तो उसने अपनी दोनो टांगे एकदम भींच ली और मेरी तरफ़ बहुत दयनीय नज़रों से देखने लगी मगर मैने तो आज उसको पूरा जवानी का पाठ पढ़ा ही देना चाहता था मैने उसकी चड्ढ़ी के उपर से उसकी बुर कुरेदनी शुरु कर दी अब संगीता को थोड़ी मस्ती चढ़नी शुरु हो गयी उसने धीरे से अपनी टांग खोल दी और मैने उसकी चड्ढ़ी उतार दी अब वो सिर्फ़ उपर से फ़्रोक पहने हुए थी और मैं फ़्रोक के उपर से ही उसके निप्पलों को होंठ में भर कर दूसरे हाथ से उसकी बुर को कुरेदने लगा और फ़िर अपनी एक उंगली गैप से उसकी कोरी कोरी बुर में ढांस दी वो आआह्ह से चिल्ला उठी और मैं धीरे धीरे उसकी कुंवारी बुर में अपनी उंगली आगे पीछे करने लगा संगीता के चेहरे पर दर्द की लकीर साफ़ नज़र आ रही थी और वो अपने होंठों को दांतों से दबा रही थी और तभी मैने उसकी बुर के और अंदर तक अपनी उंगली घुसा दी अब तो वो बकायदा रोने ही लगी थी आआआह्हह्ह आआयीईईईई प्लीज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ राआआआज्ज आआअयीईईइ बहुत दर्द कर रही है निकाल लो प्लीज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ आआआआअह्हह्हह्हह ऊऊऊऊफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़ प्लीज़्ज़ज़्ज़ज़ राज निकाल लो अपनी उंगली बहुत दर्द कर रही है आआआह्हह देखो अगर तुम नहीं मानोगे तो मैं मम्मी से कह दूंगी प्लीज़्ज़ज़्ज़ राज
अब तो मेरी हवा खराब हो गयी मैने सोचा कहीं बना बनाया खेल ना बिगड़ जाये और ये बुढ़िया से न कह दे तब मैने अपनी थोड़ी सी उंगली उसकी बुर के बहर निकाल ली और उसके बूब्स को फ़्रोक के उपर से बहुत अराम से दबाने लगा अब उसे कुछ राहत मिल रही थी और थोड़ी ही देर बाद वो अपने चूतड़ को नीचे से उचकाने लगी जब मैने देखा कि अब इसको थोड़ा मज़ा आने लगा है तो मैने अपनी उंगली उसकी बुर से निकाल ली अब वो मेरी शकल देखने लगी और जब उससे रहा नहीं गया तो खुद ही कहने लगी अब जब मुझे मज़ा आने लगा तो तुमने उंगली बाहर निकाल ली प्लीज़्ज़ज़्ज़ज़ डालो न उंगली इसमे बहुत अच्छा लग रहा था तब मैने कहा अभी तो नखरे कर रही थी संगीता ने कहा कि नहीं नखरे वाली कोई बात नहीं जब तकलीफ़ हो रही थी तब ही तुमसे निकालने को कह रही थी अब डालने को भी तो कह रही हूं प्लीज़्ज़ज़्ज़ज़ डाल दो न उंगली