रोज़ी की कुँवारी चूत

मैं आपका दोस्त रवि आज आपके लिए कहानी ले कर आया हूँ. मेरी उमर 21 साल है और मैं दिखने मे काफ़ी स्मार्ट हूँ. वैसे तो हर कोई अपने आप को स्मार्ट ही कहता है पर मैं सच मे दिखने मे काफ़ी गोरा और स्मार्ट हूँ.

मेरी हाइट 6 फुट 4 इंच है और मेरा लंड भी काफ़ी अच्छा और लंबा है. मेरा लंड इतना लंबा है की किसी की भी चूत को सॅटिस्फाइड कर सकता है. और ये सब मैं ऐवि ही नही कह रहा बल्कि मैने काई लड़कियो की चूत को सॅटिस्फाइड किया है.

अब दोस्तो ये सब तो मैने अपने बारे मे थोड़ा बहोत बता ही दिया है इसलिए अब मैं आपको अपनी कहानी पर ले कर चलता हूँ.

यह कहानी आज से 1 साल पहले की है जब मैने अपनी रोज़ी नाम की गर्लफ्रेंड को पटाया था. दरअसल मैं एक बार मे डेली जाता था. वाहा जा कर मैं 2 पेग लगा कर सॉन्ग का काफ़ी एंजाय करता था और डांस भी करता था.

वही पर एक दिन मैने इस खूबसूरत अबला लड़की को देखा, और जिसे देखते ही मैं बस देखता ही चला गया. रोज़ी को देखते ही मैं उस पर फिदा हो गया और उसकी फिगर के तो क्या कहने. क्या मस्त फिगर था 34-30-36 का जिसे देख कर अच्छे-अच्छो का लंड खड़ा हो जाए. यही हाल मेरा भी हुआ था और फिर मैने उसको देख कर स्माइल देना शुरू कर दिया. वो भी मुझे स्माइल देने लग गई और ये सिलसिला लग-भग काफ़ी ज़्यादा समये के लिए तो नही चला पर चला ज़रूर था.

फिर मैने हिम्मत करके उसका नंबर ले लिया और फिर हमारी बात फोन पर होने लग गई. धीरे धीरे हमारे बीच काफ़ी ज़्यादा प्यार होने लग गया. हम सारा दिन सारी रात एक दूसरे से बाते मारने लग गये. और डेली की तरह हम बार मे मिलने भी लग गये. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

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हम वाहा पर एक दूसरे के साथ डांस भी करते थे और इस चक्कर मे मैं उसके इस कातिलाना जिस्म पर हाथ फेर देता था और उसे इससे कोई फराक भी नही पड़ता था. फिर मैं उसे कभी अपनी बाइक पर तो कभी अपनी कार मे ड्रॉप भी कर दिया करता था. ये मैने बहोत बार किया था इसलिए मुझे ये सब अब अच्छा लगने लग गया था.

रोज़ी भी अब मेरा साथ देने लग गई थी और हम फिर काफ़ी क्लोज़ भी आ गये थे. मैं अब उससे काफ़ी फ्रैंकली बात कर लिया कर लेता था और हमारे बीच अब सेक्सी बात भी होने लग गई थी.

हम अब जब भी मिलते थे तो मैं उसके लिप्स को अपने लिप्स मे भर कर चूस लेता और अपने हाथो से ही उसके बूब्स को दबा डालता था. मेरे ये सब करने मे उसे बहोत ही ज़्यादा मज़ा आ रहा था और मैं ये देख कर काफ़ी खुशी मिलती थी. कार मे मैं कई बार उसके बूब्स को मूह मे डाल कर चूस भी लेता था जिससे वो काफ़ी गरम हो जाती थी और पागल हो जाती थी. मै उसे कई बार अपना लंड भी चुस्वा देता था जिसे वो बहोत अच्छे तरीके से चूस्टी थी.

बाइक पर भी मैं उसके साथ यही करता था पर मुझे बाइक पर मज़ा नही आता था पर वो पीछे से अपने बूब्स मेरी कमर पर रगड़ती रहती थी जिससे मेरा लंड खड़ा हो जया करता था. फिर मैने उसके साथ फोन पर सेक्स करने का प्लान बनाया और वो मान भी गई और फिर मैने उसे होटेल पर ले जाने को कहा. तो उसने बिना कुछ कहे मुझे हाँ करदी. ये सुन कर मैं काफ़ी खुश हो गया.

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और फिर मैने अपने एक दोस्त से अच्छे से होटेल का पूछा और अगले ही दिन कार मे ड्राइवर के साथ उसे होटेल मे ले गया.
वाहा पहोच कर मैने सबसे पहले रोज़ी को बाहो मे भरा और फिर उसके बाद तो उसके होंठो को खा लिया. फिर मैने उसके कपड़े भी उतार दिए और जैसे ही वो नंगी हुई तो मैं उसके फिगर को देखता ही रह गया.

अब क्या था अब तो वो मेरे आगे नंगी हो गई थी. अब जैसे ही मैने उसके फिगर को देखा तो मैने खुद भी अपने कपड़े उतार दिए. और फिर उसके बाद मैने उसको बेड पर लेटा कर उसके बूब्स को मूह मे डाल कर खूब चूसा.
रोज़ी बहोत ही ज़्यादा तड़प रही थी इसलिए अब मैने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया और फिर उसके बाद तो जीब से चट्टा ही चला गया.

पर उसकी तड़प बढ़ती ही जा रही थी इसलिए अब मैने अपने लंड को बाहर निकाला और उसके मूह मे डाल दिया. रोज़ी बहोत ही मजेदार तरीके से उसे चूसने लग गई और फिर उसने लंड को चूत मे डालने को कहा. तब मैने कोई देर ना करते हुए लंड पर कॉन्डोम लगाया और एक ही झटके मे लंड चूत मे डाल दिया.

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