रेणु की कच्ची चूत

दोस्तो मेरा नाम अंकित है और मैं कई महीनो से राजशर्मास्टोरीज की कहानियाँ पढ़ रहा हूँ तो इसी लिए सोचा आप सभी के सामने मुझे अपनी कहानी भी पेश करनी चाहिए, तो सबसे पहले मैं अपने बारे मे बता दूं मेरी उमर 21 साल है और मैं एक बी.टेक स्टूडेंट हूँ, मेरी हाइट 5’8″ है और लंड 6″ लंबा और मोटा भी ठीक ठाक है.

तो अब मैं सीधे कहानी पर आता हूँ, ये कहानी मेरी और मेरे घर मे काम करने वाली आंटी की बेटी के बीच हुई चुदाई के बारे मे है, आंटी का नाम कमला है और वो पिच्छले कई सालो से हमारे घर मे काम करती है और इसी लिए वो मेरी मम्मी की खास भी है, मेरी माँ आंटी को कभी एक नौकरानी नही समझती वो दोनो हमेशा सहेलियों की तरह ही आपस मे बात चीत किया करती है, वेसे कमला आंटी की बात की जाए तो उनका फिगर भी मस्त है 36-30-36 और दिखने मे भी अट्रेक्टिव है और उनकी उमर यही कोई 40 साल के आस पास होगी.

पर वो मेरी माँ के बहोत करीब है इसी लिए मैने कभी कोई उची नीची हरकत नही की, क्योकि अगर कुछ ग़लत हो गया और उसने मेरी माँ को बता दिया तो मेरी माँ तो बाद मे पर मेरा बाप मेरी गांद फाड़ देगा, क्योकि वो बड़े सख़्त है इन बातो को लेकर, आप समझ ही गये होंगे अरेंज मेरेज़ वाले शरीफ पर सख़्त इंसान, खैर जाने दो मेरी लाइफ मे सब ठीक चल रहा था घर पर सब ठीक था कॉलेज मे सब ठीक था और तो और गर्लफ्रेंड भी मस्ती थी, पर ये सब तब तक ही जब तक मैने रेणु को नही देख लिया था.

जेसा कि मैने बताया ही है कि ये कहानी मेरी और कमला आंटी की बेटी के बारे मे है, तो रेणु के बारे मे पहले सब बता दूं, रेणु वो एक सेक्सी लड़की जब मेरी जिंदगी मे आई तब उसकी उमर 18 साल हो चुकी थी, जवानी पूरे कहेर मे थी और उसका 32-28-34 का फिगर एक दम मस्त था और सबसे मस्त और सेक्सी चीज़ उसके शरीर और चेहरे की बनावट जिसे मैं बयान नही कर सकता, पहली बार रेणु अपनी मा के साथ आई थी और मेरी नज़रे उसे देखती ही रह गयी थी, वैसे मेरी गर्लफ्रेंड थी पर उसमे वो बात कहाँ थी जो रेणु मे थी.

रेणु किसी के घर पे काम नही करती थी बल्कि वो तब आती थी जब कमला आंटी को काम से बाहर जाना पड़ता था या वो बीमार होती थी, तो इसी लिए वो मेरी माँ की मदद करने हमारे घर आ जाया करती थी, मैं उससे बात करना चाहता था पर मेरी माँ हमेशा ही आस पास होती थी तो इसी लिए बात हो ही नही पाती थी, पर मैं भी बस मोका ही ढूँढ रहा था और दोस्तो मोका सबको मिलता है बस उसका इंतज़ार करना चाहिए जेसे मैने किया.

एक दिन मैं सुबह नहा कर बाथरूम से बाहर निकला कि मेरी नज़र दरवाजे पर पड़ी, मैने रेणु को वहाँ से जाते हुए देखा और उसे देख कर मैं समझ गया कि आज कमला आंटी नही आई, मैं उस वक्त सिर्फ़ अंडररवेर मे था कि मेरे दिमाग़ मे पता नही क्या आया मैं बाथरूम मे गया और अंडररवेर उतार कर सिर्फ़ टावाल बाँध कर बाहर आ गया, मेरा दिल बहोत धड़क रहा था क्योकि जो मैं करने वाला था वो उल्टा भी पड़ सकता था, मैं जानता था कि वो मेरे कमरे मे ज़रूर आएगी क्योकि वो हमेशा ही आई है जब भी वो आती है और वैसे ही हुआ भी वो कमरे मे एंटर हुई.

मैं बिल्कुल अंजानो की तरह बर्ताव कर रहा था जेसे मुझे पता ही नही कि वो वहाँ है, और जेसे ही उसने झाड़ू लगाना शुरू किया मैने अपना टावाल जो मैने एक हाथ से पकड़ा हुआ था वो छोड़ दिया और एक दम नंगा हो कर बेड से अपना अंडररवेर उठाने लगा, मैने तभी उसे देखा और उसने भी मेरी तरफ देखा और हम दोनो की आँखे फटी की फटी रह गयी, वो एक दम घबरा गई और उसने झाड़ू छोड़ा और अपने दोनो हाथ अपनी आँखो पर रख लिए, मैने भी चालाकी चली मैं नंगा ही बाथरूम मे भाग गया क्योकि अंडररवेर बॅड के दूसरी तरफ पड़ा था.

मैं – ओह्ह्ह.. आइ’म सो सॉरी. (मैने बाथरूम मे जा कर उसे बोला)

वो कुछ नही बोली और वहाँ से जाने लगी कि मैने उसे आवाज़ ल्गई.

मैं – एक मिंट.. प्लीज़ मेरे कपड़े तो देदो मुझे.

रेणु – कोन्से कपड़े (वो एक दम घबराई हुई थी)

मैं – वो वाहा बेड पर पड़े है (वाहा सिर्फ़ मेर उंदर्वारे था)

रेणु बेड के पास गयी और उसने अंडररवेर उठा कर मुझे दिया.

मैं – थॅंक यू सो मच, प्लीज़ माँ को इस बारे मे मत बताना और आइ’म सॉरी अगेन.

रेणु कुछ नही बोली और भाग गयी पर उसके चेहरे पर जो मुस्कान थी जिसे वो दबाने की कोशिश कर रही थी वो मैने देख ली थी और इसी के साथ मैने एक कदम आगे रख दिया था, अब मुझे आगे का रिक्षन देखना था.

तो उस दिन तो और कुछ नही हुआ पर फिर जब भी वो आती और जब भी हमारी नज़रे मिलती तो उसके चेहरे पर एक स्माइल सी आ जाती और ये स्माइल ही मेरा सब से बड़ा होसला थी, अब मैं उससे कभी कभी बात भी कर लेता था और वो भी मुझे ज्वाब दे देती थी, कभी कभी मैं मा के साथ भी उससे बात कर लेता था और बस इसी तरह दिन बीतते गये और यूँ ही 5-6 महीने बीत गये.

फिर आख़िर वो दिन आया जब मुझे आगे बढ़ने का मोका मिला, उस दिन घर पर मैं और मेरी माँ ही थे कि मेरी माँ को उनकी सहेली का फोन आया कि उन्हे किसी किटी पार्टी मे जाना है, तो वो सुबह सुबह निकल गयी अपनी सहेली के साथ और मैं घर पर अब एक दम अकेला था, मैं बस टीवी ऑन कर ही रहा था कि डोर बेल बज गयी, मैने जेसे ही दरवाजा खोला सामने हुस्न परी रेणु खड़ी थी.

मैं – ओह्ह तुम हो आओ अंदर आ जाओ.

रेणु अंदर आ गयी अंदर आते ही उसने अपने नज़रे इधर उधर घुमाई और फिर पुछा आंटी कहाँ है.

मैं – वो तो अपनी एक फ्रेंड के साथ किसी किटी पार्टी मे गयी है.

रेणु – ओह्ह, ठीक है.

वो तभी अपने काम पर लग गयी और मैं टीवी देखने लगा और सोचने लगा कि आख़िर क्या किया जाए, तो तभी मेरे दिमाग़ मे एक आइडिया आया और मैं तेज़ी से भागा और सीडियों पर चढ़ने लगा और गिर पड़ा जेसे मेरा पैर मूड गया और मैं 8-10 सीडियों से लूड़कता हुआ नीचे आया, रेणु भी उसी रूम में झाड़ू लगा रही थी उसने वो पूरा सीन देखा था, तो वो भागती हुई मेरे पास आई.

रेणु – अरे हे भगवान ये क्या हो गया.

मैं – आह्ह्ह्ह लगता है पैर मूड गया बहोत दर्द हो रहा है.

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रेणु – रूको मैं अभी आंटी को फोन लगाती हूँ.

मैं – मैं नही उन्हे कुछ मत बता वो बे मतलब से टेंशन ले लेंगी, प्लीज़ उन्हे कुछ मत बताना.

रेनी – ठीक है पर मैं क्या करू चलो मैं आपको रूम तक ले चलती हूँ.

मैं – हां ये ठीक रहेगा.

रेणु ने मुझे हाथ पकड़ कर उठाया और मैने भी मोका नही गवाया मैने उसके कंधे पर हाथ रख कर उस पर थोड़ा वजन डाल दिया, वो बड़ी मुश्किल से मुझे मेरे रूम तक ले गयी और मुझे बेड पर लिटाया और पानी लेकर आई.

रेणु – ये लो पानी पीलो.

मैं – आह मेरे पैर मे बहोत दर्द हो रहा है माँ के रूम मे कोई ना कोई बाम रखा होगा प्लीज़ मुझे ला दो.

रेणु – ठीक है एक मिंट रूको मैं अभी लाती हूँ.

वो भागती हुई गयी और वहाँ से एक ट्यूब ले आई.

मैं – थॅंक यू.

रेणु – आप रहने दो मैं लगा देती हूँ.

मैं – नही कोई बात नही.

रेणु – मैने कहा ना मैं लगा देती हूँ (वो थोड़ा गुस्से मे बोली)

मुझे उसकी ये हरकत बड़ी प्यारी लगी, वो बड़े प्यार से मेरे पैर की मालिश करने लगी, उसकी आँखों मे जेसे दर्द सा था जेसे उसे ही चोट लगी हो.

मैं – तुम बहोत अच्छी हो रेणु थॅंक यू सो मच.

रेणु – क्या अब सब ठीक है दर्द तो नही हो रहा ना?

मैं – हां दर्द तो है पर मेरे यहाँ पर (मैने अपनी छाती पर हाथ रखते हुए कहा)

रेणु – तो लाओ मैं वहाँ भी मालिश कर देती हूँ.

मैने बिना कोई सवाल किए अपनी टी-शर्ट उतार दी और वो मेरे पास आ कर बैठ गयी और अपने नरम नाज़ुक हाथो से मेरी छाती की मालिश करने लगी.

मैं – आह्ह्ह्ह बहोत जलन हो रही है.

वो घबरा कर आगे बढ़ी और अपने नरम होंठो से मीठी से फूँक मार कर उसे ठीक करने लगी, वो जो भी कर रही थी उसमे बड़ी प्यारी लग रही थी और ये करते करते कब हम दोनो की नज़रें एक दूसरे से मिल गयी पता ही नही चला, उसकी आँखो मे एक शरीफियत सी थी, हम दोनो लगा तार एक दूसरे को देख रहे थे, मैं समझ गया था कि अगर मैं अब आगे ना बढ़ा तो फिर कभी नही बढ़ पाउन्गा, तो मैने वही किया मैं आगे बढ़ा और उसके होंठो की एक मीठी से चूमि ले ली, मेरे ऐसा करते ही वो पिछे हटने लगी पर मैने उसके गले को पिछे से पकड़ कर अपनी ओर खिचा और अपने होंठो के एक दम करीब ले आया, फासला सिर्फ़ 1-2 इंच का ही था.

रेणु – ये आप क्या कर रहे हो प्लीज़ छोड़ो मुझे.

मैं – मैं वही कर रहा हूँ जो तुम भी चाहती हो.

रेणु – मैं ऐसा कुछ नही चाहती.

मैं – अच्छा तो ऐसी बात है.

मैने उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए और एक जोरदार किस की और उसके निचले होंठ पर थोड़ा काट भी लिया, किस करते ही वो वहाँ से भागने लगी पर मैने उसकी कलाई पकड़ रखी थी, उसने बहोत कोशिश की पर वो नही छूट पाई, वो पूरी कोशिश कर रही थी कि अपनी मुस्कान किसी तरह अपने चेहरे पर ना आने दे पर वो उस पर काबू नही कर पाई और वो मुस्कुराते हुए नीचे बैठ गयी.

मैं – अरे क्या हुआ?

पढ़ते रहिए क्योकि कहानी अभी जारी रहेगी
गतान्क से आगे…………………

वो कुछ नही बोली बस सर नीचे करके बात रही, मैं समझ गया कि बेटा यही है मोका मार दे चोका और मैने वही किया मैने उसे उठाया और अपने उपर गिरा दिया और एक और जोरदार किस की और इस बार उसकी ओर से भी जवाब मिला और ऐसा होते ही कब वो किस एक लंबे स्मूच मे बदल गयी पता ही नही चला, स्मूच करते समये उसकी छोटी छोटी चुचियाँ मुझे अपने सीने पर महसूस हो रही थी.

मैं – ऑश रेणु आइ लव यू.

रेणु मुस्कुराने लगी और उसने मेरे सीने पर अपने सर दबा लिया, फिर मैने देर ना करते हुए रेणु को अपनी बाहों मे उठाया और बेड पर लेटा कर उसके उपर चढ़ गया, मैं मस्ती मे रेणु के होंठ तो कभी गले को चूमने लगा, वो भी पूरी मस्ती मे आने लगी थी और मेरा साथ देने लगी थी, कुछ मिंट ऐसा करने के बाद मैने उसे उठाया और उसकी कमीज़ निकालने लगा, उसने थोड़ा नौटंकी किया पर वो मान भी भी गयी, पर जेसे ही मैने उसकी कमीज़ निकाली मैं दंग रह गया, उसने नीचे कुछ भी नही पहना था, उसकी चुचियाँ अभी बिल्कुल छोटी छोटी थी पर उनपे वो लाइट ब्राउन निपल एक दम कहेर ढा रहे थे.

मैं – ओह्ह्ह बेबी यू आर सो सेक्सी.

रेणु मेरे मूह से ये बाते सुन कर शर्मा रही थी, मैने उसके निपले अपनी चुटकियों मे भरे और मैने उन्हे धीरे धीरे दबाने और खिचने लगा, तभी रेणु ने सिसकी भर कर जताया कि उसे दर्द हो रहा है, मैं समझ गया और उसकी नरम कोमल चुचियाँ अपने मूह मे भर कर चूसने लगा, मैं एक चुचि को मूह मे भरता तो दूसरी को अपनी चुटकी मे भरता, मेरे ऐसा करने से रेणु एक दम मस्ती मे आ चुकी थी, आहह आअहह ससिईइ सीईइ की सिसकारियाँ ले रही थी, तभी मैने उसकी एक चुचि मूह मे भरी और एक हाथ उसकी चूत पर ले गया, जेसे ही मैने ये किया उसने अपनी टाँगे भींच ली तो मैने अपनी नज़रों से उसे प्लीज़ कहा और उसने बिना किसी सवाल के अपनी टाँगे ढीली छोड़ दी.

वो भी क्या करती वो एक दम मस्ती मे झूम रही थी और उधर मेरा लंड भी पेंट से बाहर आने को हो रहा था, पर जेसे ही मैने उसकी सलवार के उपर से हाथ फेरा वो एक दम गीली हो चुकी थी और मैं समझ गया कि रेणु ने पैंटी भी नही पहनी, तो अब मैं देर नही करना चाहता था क्योकि मेरे पास समय भी कम था तो मैं उठा और मैने एक झटके मे उसकी सलवार का नाडा खोल दिया और आँखो से उसे अपनी गान्ड उठाने का इशारा किया, पहले तो वो सर हिलाने लगी पर फिर वो मेरी नज़रो को समझ गयी और उसने अपनी कोमल सी गान्ड उपर उठा दी, और मैने झट से उसकी सलवार निकाल दी.

मैं एक बात से बिल्कुल हेरान था कि उसकी चूत पर बिल्कुल भी बाल नही थे, उसकी चूत एक दम किसी पॉर्न स्टार की तरह लग रही थी, पर वो एक दम नरम और मुलायम चूत थी, मैने उसकी चूत मे अपनी उंगली घुसानी चाही तो वो थोड़ी बिलबिला उठी, पर जब मैने दूसरी कोशिश की तो मैने समझ गया कि आज मेरे नसीब मे एक कच्ची चूत की चुदाई करना लिखी है, वो वर्जिन थी और ये जान कर मैं मंन ही मंन फूला नही समा रहा था, तभी मैने उसकी चूत को उपर से रब करना शुरू किया और देखते ही देखते कुछ ही मिंटो मे वो सिसकारियाँ भरने लगी.

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रेणु – आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह प्लीज़ आहह मैं तो मर गयी आहह प्लीज़ आईईइ माआ…

मैं – ओह्ह मेरी जान आज हम दोनो सवर्ग की सेर करके आएगे.

रेणु – आह प्लीज़ रुकना मत अह्ह्ह्ह मैं तो गयी आहह…

सिसकारियाँ लेते हुए रेणु झाड़ गयी और उसकी चूत से काम रस की धारा बहने लगी जो मेरे हाथ को एक दम से गीला कर गयी, मैं चुसाइ करना चाहता था पर कहते हैं ना कि पहली बार जब भी आप किसी लड़की को चोदो और वो उस लड़की की पहली चुदाई तो आपको चुसाइ इग्नोर करनी चाहिए अब चाहे वो चूत चुसाइ हो या लंड चुसाइ हो, चलो अब कहानी पर आते है.

मैं अब काबू से बाहर हो चुका था मैने देर ना करते हुए, अपनी पेंट उतारी और फेंक दी और मैं खड़ा हो गया और मैने रेणु को मेरा अंडररवेर उतारने को कहा, वो उठी और अपने घुटनो के बल नीच बैठ गयी और जेसे ही उसने मेरा अंडररवेर नीचे खिसकाया, तो मेरा 6″ लंबा लंड उसके सामने आ गया, वो बड़े गोर से उसे देखने लगी और देखते ही देखते उसने मेरे लंड को अपने हाथ मे पकड़ा और आगे पिछे करने लगी.

उसके ऐसा करते ही मुझे बहोत मज़ा आया तो मैने उसे जल्दी जल्दी आगे पिछे करने को कहा और देखते ही देखते वो मेरी मूठ मारने लगी, हम दोनो की नज़रे एक दूसरे को देख रही थी और वो मेरी मूठ मार रही थी मुझ ये देख कर बड़ा मज़ा आ रहा था, हम दोनो एक दम नंगे थे, तो 5 मिंट बाद मैने उसे बेड पर लिटाया और उसकी चूत रगड़ने लगा.

मैं – आह्ह्ह्ह मेरी जान तुम तो बड़ी सेक्सी दिख रही हो तुम्हारी ये चुचियाँ मुझे कह रही है आ मुझे चूस.

रेणु – आह्ह्ह्ह प्लीज़ ओर मत तडपाओ अह्ह्ह्ह प्लीज़.

मैं – तड़पने मे ही तो असली मज़ा है मेरी जान.

रेणु – प्लीज़ जाअन.

उसके मूह से प्लीज़ सुन कर मुझे एक नशा सा चढ़ने लगा था, मैने एक तकिया उठाया और उसकी गान्ड के नीचे सटा दिया और उसकी टाँगे खोल कर पोज़ीशन मे आ गया, अब वो मेरे सामने लेटी हुई थी और मेरे लंड उसकी कुवारि चूत से मेल मिलाप बढ़ा रहा था.

मैं – शायद शुरुआत मे थोड़ा दर्द होगा पर बाद मे मज़ा ही मज़ा है.

रेणु ने अपनी आँखो से हामी भरी और मुझे लंड घुसाने की अनुमति दे दी.

मैने भी अब देर ना करते हुए अपने लंड को उसकी कुवारि चूत पर सटाया और एक झटका दिया, उस झटके मे मेरा सुपाडा उसकी चूत मे चला गया और ऐसा होते ही वो बिलबिला सी उठी, तो मैने उसके होंठो पर अपने होंठ रखे और एक ज़ोर दार झटका मारा और आधा लंड उसकी चूत मे भर दिया, ज़्यादा देर करने का कोई फ़ायदा नही था मैने एक और झटका लगाया और सारा लंड उसकी चूत मे भर दिया, पूरा लंड चूत मे जाते ही वो बिलबिला उठी और तड़फ़ने लगी.

रेणु – आहह प्लीज़ निकाल लो इसे बाहर प्लीज़ मुझे दर्द हो रहा है.

मैं – ये दर्द बस थोड़ी ही देर कर है जान फिर मज़ा ही मज़ा है.

वो मेरी बात समझ गयी और शांत हो गयी, मैं भी थोड़ा थोड़ा हिलने लगा और मस्ती मे आने लगा, पर जो एहसास मुझे हो रहा था वो मुझे सीधा स्वर्ग लेजा रहा था, वैसे तो मैने पहले भी अपनी गर्लफ्रेंड की चुदाई कई बार की है पर ये तो अलग ही मज़ा था, उसकी चूत की दीवारो ने मेरे लंड को एक दम जाकड़ रखा था, जब भी मैं लंड आगे पिछे करता मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था, 5-10 मिंट मे रेणु नॉर्मल हो गयी और मैं लंड को आगे पिछे करने लगा.

रेणु – आह्ह्ह्ह अब मुझे मज़ा आ रहा है आहह प्लीज़ फक मी मुझे कब से इसका इंतेज़ार था आहह.

मैं – तो पहले क्यो नही बताया मैं तो तुम्हारे लिए हमेशा से ही तैयार था.

रेणु – आह्ह्ह्ह मैने कोशिश की थी पर कह नही पाई आह प्लीज़ अब मुझे खूब चोदो आह.

मैं – तुम्हारी तंग चूत मुझे बहोत मज़ा दे रही है मेरी जान.

रेणु – आहह प्लीज़ मुझे ज़ोर से चोदो अह्ह्ह्ह प्लीज़ चोदो मुझे.

रेणु के मूह से ये बाते सुन कर मैं जोश मे आ गया और मैने चुदाई का शाही दौर शुरू कर दिया, मैं लंड को आगे पिछे करने लगा और सच मे दोस्तो मैं तो जेसे स्वर्ग के अंदर बाहर हो रहा था आहह क्या मज़ा आ रहा था और रेणु की भी यही हालत थी वो भी अब मस्ती मे सिसकारियाँ भरने लगी थी.

रेणु – आह्ह्ह्ह अहह आईईईई माआ मैं गयी आहह चोद मेरे राजा आहह चोद.

मैं – आह तू तो मेरी परी है मेरी जान है आहह तेरी चूत तो स्वर्ग है मेरी जान आहह.

रेणु – अब से मैं तेरी हूँ मेरे राजा चोद अपनी रानी को अहह मैं गयी माँ आहह मज़ा आ रहा है.

हम दोनो महसूस कर रहे थे जब पूरा लंड चूत मे भरता और बाहर निकलता सच मे वो कमाल का एहसास था, चुदाई का वो दिन आज भी मुझे याद है और अभी भी मेरी लंड उसे सोच कर तन गया है, वो आहह अह्ह्ह्ह करती रही और मैं उसे चोदता रहा और ये दौर 15 मिंट तक चला और इस बीच वो 2 बार झड़ी और जब मैं झड़ने वाला था.

मैं – आह मैं आ रहा हूँ जान आहह अह्ह्ह्ह.

रेणु – अहह रूको मैं भी आआईय आहह आहह प्लीज़ फक मी मोर आअहह.

मैं – आह्ह्ह्ह तुम्हारी तंग चूत ने मुझे अब बेबस कर दिया है मेरी जान.

पर देखते ही देखते उसकी चूत ने गरम गरम काम रस छोड़ना शुरू कर दिया और उसी गर्मी मे मेरे लंड का ज्वाला मुखी भी फट गया और मैं उसकी चूत मे ही पचछररर पचछररर पिचकारियाँ मारने लगा, वो 10 सेकेंड सबसे मजेदार थे, पर उसके बाद हम दोनो निढाल हो चुके थे और जेसे ही मैने लंड उसकी चूत से निकाला तो वो बैठ चुका था पर लंड निकलते ही मेरे वीर्य और उसके काम रस का मिश्रण उसकी चूत से निकलने लगा, वो बड़ा ही मजेदार पल था.

खेर उसके बाद हम उठे क्योकि हमारे पास टाइम अब बिल्कुल कम था क्योकि मेरी माँ कभी भी आ सकती थी, पर अब समस्या ये थी कि रेणु ठीक से चल नही पा रही थी, तो मैने उसे कहा कि तुम माँ के आने से पहले ही घर जाओ और अपने घर पर कहना कि रास्ते मे पैर मूड गया और वो मान गयी, फिर हम दोनो ने एक मस्त स्मूच किया और मैने उसे एक ई-पिल की गोली दी जो मेरे पास होती ही है क्योकि गर्लफ्रेंड को चोदने का मोका कोई नही छोड़ता और हर वक्त तैयार रहने मे ही अकल्मंदी है.

तो दोस्तो ये थी मेरी और रेणु कहानी उम्मीद है आप सभी को पसंद आई होगी,

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