रीमा की शादी मे मेरी चुदाई

तो जब रीमा ने साथ मेरा पहला पहला लेज़्बीयन सेक्स यादगार था. हम दोनो तक कर चूर हो गये थे. रीमा मेरे बगल मई ही नंगी लेती थी. थोरी देर प्यार भारी बातें करने के बाद रीमा और मई दोनो साथ मई नहाने चले गये. ये कहानी दो भाग मई होने वाली है. मई पूरी डीटेल के साथ आपको अपनी आपबेटी बताना चाहती हू.

उसके बाद रीमा और मई दोनो शादी की रस्मो मई लग गये. शाम को बारात आने के कुछ समय पहले मई रेडी हो चुकी थी. मैने रेड कलर का ल़हेंगा पहाना था बिल्कुल डीप नेक मेरी क्लीवेज एक दूं डीप था.

मैने उस दिन बाल भी कर्ल करवाए थे. जब मई तैयार होके निकली तो सारे मर्द मुझे ही देख रहे थे. बूढ़े, जवान, बचे सब मुझे भी ये अटेन्षन अक्चा लग रहा था. रात के सारे निशान मैने मेकप से छुपा लिए थे.

तभी पापा का फोन आया और उन्होने मुझे दुबारा कोठी पे बुलाया. मई घबरा गयी की ना जाने आज क्या होगा मेरे साथ. मगर पापा की बात काटने की हिम्मत नही थी मुझे. पापा का मुझपर ऐसा कंट्रोल था की ना छा कर भी मई माना नही कर पति थी.

धरते हुए मई खोती पर गयी. वाहा जाते ही मेरे होश उडद गये. 6 गाओ के हटते कटे मर्द और पापा बैठ कर शराब पी रहे थे. मई बिल्कुल घबरा गयी. घबराहट के कारण मेरा पसीना निकलने लगा. तभी पापा ने मुझे देखा और बोले.

पापा: आ जा अंदर सभी अपने है.

चमन : हन हन… अभी हम सब तेरी ही बातें कर रहे थे.

चमन अंकल ने मुझे सब से इंट्रोड्यूस करवाया कोई रिस्ते मई भाई लगता था, कोई रिश्ते मई चाचू तो कोई तो दादा भी लगता था. मई बस मॅन ही मॅन ये सोच रही थी की इंसब से अगर चूड़ना परा तो मई तो मॅर ही जौंगी.

तभी एक आदमी ने मेरा हाथ पकड़ कर अपने पास कीच लिया और अपने बगल मई बैठा लिया. उसकी उमेर करीब 60 साल के आस पास होगी. उसने धोती झूते और सिर पर पगड़ी पहानी थी. उन लोगो मई कोई एकद्ूम जवान था तो कोई बूढ़ा. एक तो 21 साल का लड़का भी था. उन्होने मुझे पेग बनाने को कहा.

उन सब के सेहरे की स्माइल से पता चल रहा था की उनके इरादे नेक नही है. मगर मुझे लगा की अगर बारात आने ट्के मैने इन्हे रोक लिया तो सयद कुछ लोग चले जाए एर वैसे भी क्ल हम निकल ही रहे थे वापिस इंडोरे के लिए.

मई भी वो लोग जैसा जैसा बोल रहे थे करने लगी. जैसे ही मई पेग बनाने के लिए झुकी पीछे से वही आदमी मेरी कमर पर हाथ रख कर सहलाने लगा. मैने रिक्ट नही किया और पेग बनाने लगी. फिर उन्होने मेरी कमर पर कस कर चिंटी कटी मई दर्द से तिलमिला उठी मगर चीलाई नही. वो आदमी हासणे लगा.

फिर मैने उन्हे पेग बना के दी. तब पापा ने बोला की अगर तू इन सब को कुश कर देगी तो आज यहा से सही सलामत जा सकती है वरना तेरे साथ जो होगा तू ही उसकी ज़िम्मेदार है.

चॅलेंज मुस्किल था पर मेरे पास कोई और चारा नही था. उपेर से इतने मर्दो को एक साथ मुझे छोड़ने की हवस मई देख कर मई गीली होने लगी थी.

फिर और एक आदमी ने मुझे अपनी पास बुलाया उसकी उमर 45 के आस पास होगी. मई उसके पास जा ही नही थी की किसीने तंग लगा दी और मई 3 दर्डो के जंगो पर गिर गयी. सब हासणे लगे मुझे बहुत बुरा लग रहा था मगर आनंद भी आ रहा था.

मई जैसे तैसे खरी हुई और उस आदमी के पास जाई. उसने मुझे अपनी जंगो पर बिता लिया और उनका लंड ताना हुआ था. मुझे मेरी गंद पर महसूस हो रहा था. वो सिगरेट पीते हुए मेरे मूह मई धुआ चोर रहे थे.

मैने उन्हे भी ड्रिंक बना के दी. उन्होने मेरे बूब्स मई मु दे दिया. मेरा क्लीवेज डीप था वो मेरी दोनो बूब्स के बीच चाटने लगे. मई और गीली हो गयी. इतने मई वो 21 साल का लड़का उठा और मेरे सेहरे को कस के पाकर के किस करने लगा.

मैने पापा के तरफ देखा तो वो ये सब एंजाय कर रहे थे. मई भी मोन करने चाहती थी मगर मैने अपने आप को रो लिया. कही इन्हे पता चल जाता तो मेरी तो छूट फार देते ये सब. फिर दूसरे अंकल ने मुझे अपने पास बुलाया उनकी भी उमर लगभग 40 के आस पास होगी. इतने लोग थे वाहा सबका नाम याद रखाना मुस्किल था.

उन्होने मुझे घुटनो के बाल कुट्टिया बन कर आने को कहा. मई भी मॅन गयी और घोटनो के बाल चल कर उनके पास गयी. उन्होने मुझे उठा कर सोफे पर घोड़ी बनाया. झटके के कारण मेरे बूब्स ब्लाउस से बाहर आ गये. मेरे बूब्स को देख दोनो साइड के लोग मेरा बूब्स दबाने लगे. फिर उन्होने मेरा लहांगा उठाया और मेरी पनटी तो मूह से उतरा. उन्हे पता चल गया था की मई गीली हो रही हू.

उन्होने मेरी छूट मई उंगली करना शुरू किया और निकालने वाला पानी चाटते गये. मुझे भी एब्ब कंट्रोल करना मुस्किल हो रहा था मई भी मोन करना लाग्गे. मुझे मोन करता सुन कर सब जोश मई आ गये.

फिर सबने मुझे घेर लिया और मेरे कपारे खोलने लगे. कही ये सब मिलकर मेरी लहांगे ना फार दे इसीलिए मई खुद उनसे रिक्वेस्ट किया की मई खुद अपने कपारे उतार देती हू. वो लोग मान गये मई 7 लोगो के बीच अपने कपारे उतार रहो थी. ये सोच के ही मई और गीली होती चली गयी. मेरे अंदर की रॅंड जितनी मज़े ले रही थी बाहर की सीमा उठी ही घबराई हुई थी.

मई पूरी तरण नंगी 7 मर्दो के बीच खरी थी. फिर पापा अग्गे बढ़े और मुझे झुकाया और मुझे स्पॅंक करने लगे. ह्र तपद के बाद उन्होने “थॅंक योउ” कहाने को कहा और मुझे स्पॅंक किया. पहली बार तो मई कन्फ्यूज़ थी तो मई कुछ नही बोली. उन्होने दुबारा और ज़ूर से स्पॅंक किया और कहा.

पापा: बोल साली रांड़…. क्या कहने को कहा है मैने??

मे: थॅंक योउ.

उन्होने फिर स्पॅंक किया.

मे: थॅंक योउ.

ऐसे लगभग 8 – 9 बार स्पॅंक किया और मई थॅंक योउ बोलती गयी. मेरा गांद पूरी तरह लाल हो गया था. पर उन सब ने रहें नही थी. उनके बाद फिर कोई और स्पॅंक करने लगा. ऐसे बारी बरी से सबने मेरी गंद को सूजा दिया. मेरे पूरे गंद पर तपद के निशान थे. मेरा पूरा माकूप आँसू और पसीने के वजह से खराब हो गया था.

फिर उन्होने मुझे घुटनो पे बिताया और सातो ने अपने कपारे उतार कर अपने लंड से मुझे घेर लिए. फिर बरी बारी सब लंड मई मूह मई लेकर चूसने लगी. लंड चूसना मुझे बहुत पसन था. मई एब्ब दीपत्र्ोआट भी कर पा रही थी. एक बार मई एक लंड मेरे मूह मई तो एक – एक मेरे दोनो हाथो मई होता. मेरा बूब्स पर मेरा ही लर्र तपाक रहा था.

इतने मे बारात की सहाने की आवाज़ आने लगी. उसके बाद क्या हुआ ये कितने लोग गये कितने रुके ये अगले भाग मे. अभी कहानी काफ़ी लंबी हो चुकी है.

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