रतिका की चूत चुदाई

इतना बोल के मैने उसके नीचे वेल होंठ को चूसना शुरू किया. रतिका ने कुछ देर बाद मेरा साथ देना शुरू किया और वो एकदम पागल सी हो गयी थी. वो मेरे होंठों को बीते भी करने लगी. कुछ देर बाद उसने मुझे हग किया और वो मुझे सहलाने लगी. कमरे मे हम दोनो की आहह आहह वाली सिसकारियों की आवाज़े आ रही थी.

रतिका: आहह तुम्हारे साथ ये सब करने के लिए मैं कब से मार रही थी. मैं हर रात तुम्हे याद करती थी.

नील: मॅन तो मेरा भी था इसलिए तुम्हे मिलने के लिए कहता था, लेकिन तुम माना कर देती थी

रतिका: मुझे पता था अगर हम मिले तो ये सब ज़रूर होगा… और देखो हम वही कर रहे है

नील: ह्म लेकिन तुम्हारे फिन्सी को इसके बारे मे पता चला तो

रतिका: ई डॉन’त केर… मैं सिर्फ़ तुमसे प्यार करती हूँ और मुझे ऐसी कोई लिमिट नही रखनी जो मुझे तुमसे दूर रखे.

कुछ देर तक रतिका को किस करने के बाद मैने उसके बूब्स को हाथों मे पकड़ा और मसालने लगा. उसके बूब्स काफ़ी मुलायम और खूबसूरत थे. उनकी खूबसूरती मुझे काफ़ी वाइल्ड होने पर मजबूर कर रही थी. मैने उन्हे मूह मे लेकर चूसना शुरू किया.

रतिका मेरे बालो को सहलाते हुए सिसकारियाँ भर रही थी. वो मुझे हर वक़्त सिड्यूस कर रही थी ताकि मैं बिल्कुल भी ना रुकु.

फिर मैं उसके उपर से उठा और नीचे जाते हुए उसे हर जगह किस करने लगा. उसका पेट, कमर, थाइस, लेग्स, छूट हर जगह उसे प्यार करने लगा. रतिका बेड पर लेती हुई काफ़ी मचल रही थी.

फिर मैने उसकी छूट को देखा तो वो काफ़ी छ्होटी सी थी और उसे देखकर ही मुझे अंदाज़ा आ गया के वो कितनी टाइट होगी. रतिका ने उसका लास्ट सेक्स मेरे साथ ही किया था जिसे सालो हो चुके थे.

मैने उसकी छूट को अंगूठे से सहलाने लगा. वो मचलते हुए मुझे देखने लगी. छूट उसका कमरस बह रही थी. मैं उंगलियों से छूट को सहलाने लगा. कुछ देर बाद अपनी 2 उंगलियों को मैने छूट के अंदर डाला और अंदर बाहर करने लगा.

रतिका काफ़ी शोर करने लगी. मेरी रफ उंगलियाँ उसकी नाज़ुक सी छूट को काफ़ी परेशन कर रही थी जिसका वो मज़ा ले रही थी. उसके चेहरे की खुशी मेरे लिए अनमोल थी.

रतिका: आहह उम्म्म बाबयी प्लीज़ मुझे चोदो… काफ़ी सालो से तुम्हारे लिए तड़प रही हूँ आज मुझे पूरी रात चूड़ना है

नील: ठीक है

फिर मैने कमरे मे लॅंप लगाया जिसकी रोशनी सिर्फ़ हुमारे बेड तक ही आ रही थी. हल्की सी रोशनी मे रतिका का नंगा जिस्म बेहद खूबसूरत लग रहा था. वो एकदम कामदेवी लग रही थी. खुले बाल, चेहरे पर हवस, च्चती पर गुब्बारो से बूब्स, गोल गहरी नाभि, गेहुआ रंग, मांसल जंघे, चिकनी टांगे, क्लीन शेव्ड टाइट छूट. ये सब नज़ारा देखकर रतिका को छोड़ना मेरे लिए एक बहुत स्पेशल मोमेंट था.

मैं जब भी किसी लड़की / मॅरीड लेडी को छोड़ता हूँ तो उसे इतना स्पेशल बना देता हूँ के वो पल काफ़ी यादगार बन जाता है.

मैं रतिका के सामने खड़ा था और वो मुझे देख रही थी. अचानक उसकी नज़र मेरी बॉक्सर पर पड़ी जिसमे मेरे लंड का उभर देखकर उसके चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान आ गयी.

रतिका: नील लास्ट टाइम जब हुँने सेक्स किया था तब मैने पहली बार ज़िंदगी मे वो सब किया जो तुमने कहा था और उसका मज़ा मैं आज तक नही भूली हूँ

नील: ई नो

रतिका: तुम्हारा लंड चूसा था तब मुझे इतना मज़ा आया के मैं वो कभी नही भूल सकती

नील: लंड चूसना चाहोगी?

रतिका: बिल्कुल

नील: कम हियर

वो झट से उठकर मेरे करीब आई और बेड के किनारे पर बैठी. उसकी नज़र मेरी बॉक्सर पर थी वो लंड को घूर रही थी जैसे वो भूकी हो.

रतिका: तुम्हारे बॉक्सर मे ही ये इतना अक्चा लग रहा है तो बाहर आने पर कैसा लगेगा

नील: डॉन’त वरी तुम्हारा हर मोमेंट मैं स्पेशल बनौँगा एक काम करो मेरी बॉक्सर तुम उतारो

रतिका (शरमाते हुए): मैं? नही प्लीज़ तुम उतरो ना

नील: मैने जो कहा वो करो तुम्हे ज़्यादा मज़ा आएगा

रतिका काफ़ी एग्ज़ाइटेड होकर मेरे और करीब आई. वो बेड पर बैठी थी तब मेरा लंड एकदम उसके चेहरे के पास था और पोज़िशन एकदम सही थी. उसने हन ना करते हुए अपना हाथ आयेज खीचा और झट से बॉक्सर को नीचे खीचा.

मेरा 8.5 इंच का लंड उच्छल कर उसके चेहरे के सामने आ गया. लंड देखते ही रतिका आँखें बड़ी बड़ी करके उसे देखने लगी. इतना बड़ा लंड देखकर उसके चेहरे पर काफ़ी खुशी थी.

रतिका: ओह मी गोद! इट्स ह्यूज!!

वो कुछ पल तक सिर्फ़ लंड को देखती रही और मैं उसके चेहरे के एक्सप्रेशन्स देखता रहा. मुझे बहुत खुशी हो रही थी उसे इस तरहा देखकर.

रतिका: पिच्छली बार देखता था उससे काफ़ी बड़ा हो गया है अब

नील: हन अब क्या करे उसने तुम्हारी छूट का पानी जो पिया था

रतिका (शरमाते हुए): तुम भी ना… बुत सच मे ये काफ़ी दमदार है

नील: हन… हम इतने सालो बाद मिले है तो तुम्हे शांत करने की कोई कसर नही छ्चोड़ूँगा

रतिका (शरमाते हुए): अफ तुम ना ऐसी बातें करके मुझे धड़कने रोक देते हो. ऐसी बातें मत करो वरना मैं यहाँ से नही जेया पौँगी

नील: अब तो मैं जाने ही नही दूँगा

मेरी बात सुनकर वो अपने चेहरे को हाथों से च्छूपा कर हासणे लगी.

कुछ देर बाद उसने लंड को हाथ मे पकड़ा और सहलाने लगी. रतिका के मुलायम हाथ लंड पर लगते ही मुझे काफ़ी जोश आ गया. रतिका को लंड इतना पसंद आया के वो उसे हिलने लगी और मैं उसकी हरकटो से इतना वाइल्ड हो गया के मैं उसके होंठों को चूसने लगा.

वो मेरा लंड ज़ोर ज़ोर से उपर नीचे करने लगी मेरा लंड बिल्कुल लोहे के रोड की तरहा रतिका को छोड़ने के लिए तैयार हो रहा था. मैने अपने दोनो हाथों को रतिका के बूब्स पर रखा और उन्हे मसालने लगा. हम दोनो एक दूसरे के होंठ चूस्ते हुए सिसकारियाँ लेने लगे.

कुछ देर के बाद उसने लंड को किस करना शुरू किया. देखते ही देखते उसने लंड को मूह मे लिया और चूसने लगी. रतिका के मूह मे लंड जाते ही उसकी आँखें बंद हो गयी. उसे देखकर लग रहा था जैसे उसे यही चाहिए था जो आज जाकर उसे मिला.

वो लंड को अंदर बाहर करते हुए चूस रही थी. वो इतनी शिद्दत से चूस रही थी के मेरी सिसकारियाँ निकालने लगी. मैं उसका नाम ज़ोर ज़ोर से लेते हुए उसके बालो को सहला रहा था. ये सब उसे काफ़ी गरम कर रहा था.

मैं उस वक़्त इतना गरम हो चुका था के मुझे लगा था मेरे लंड से अभी कोई लावा रस निकलेगा तब जाकर मैं शांत हो जौंगा. रतिका ने लंड की स्किन को पिच्चे कर दिया और वो अपनी जीभ से लंड के साथ खेलने लगी. उसने मुझे च्छेदने का कोई मौका नही छ्चोड़ा. मैं काफ़ी वाइल्ड हो चुका था. मैने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू किए और मेरा लंड उसका मूह छोड़ने लगा. रतिका को मूह छुड़वाना बहुत पसंद था इसलिए मैं उसके चेहरे को पकड़ा और लंड को उसके मूह मे डीप ले जाने लगा.

रतिका का मूह पूरी तरहा से खुला हुआ था और उसकी लार मेरे लंड से होते हुए पैरो को गीला कर रही थी. ये इतना मजेदार पल था जिसे हम दोनो और भी रोमॅंटिक बनाने की कोशिश कर रहे थे. मैं उस वक़्त क्या फील कर रहा था ये वही लोग जान सकते है जिन्होने ये कभी ट्राइ किया हो.

रतिका को लंड का टेस्ट और स्मेल इतना पसंद था के उसने लंड को अपने गले तक उतार लिया था. ये सब इतना स्मूद्ली हो रहा था इसलिए हुमारे डीप थ्रोट का मज़ा काफ़ी बढ़ गया था. उसने मुझे देखा तो मैं इतना खुश था ये देखकर उसे और मज़ा आने लगा. फिर उसने मेरे लिए सिर को आयेज पिच्चे करते हुए अपना मूह छुड़वाना शुरू किया.

अब धक्के दोनो तरफ से थे इसलिए लंड पूरी तरहा से बाहर आता और एक झटके मे उसके गले तक चला जाता. हम एक दूसरे की आँखों मे देखते हुए ये सब कर रहे थे इसलिए इसका मज़ा 10 गुना ज़्यादा आने लगा.

रतिका को देखकर मैं साँझ गया था के उसे क्या चाहिए और मैने उसके बालो को पकड़ा और ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा. 10 मीं तक मैं काफ़ी रफ्ली उसका मूह छोड़ा और उसके बाद अंदर ही झाड़ गया. उसने कमरस को ऐसे पिया जैसे वो पानी पी रही थी. कमरस की एक एक बूँद वो पी गयी.

फिर वो वॉशरूम जाकर खुद को सॉफ करके आ गयी. वो वापस आई तब मैं बेड पर लेता हुआ था. अभी झाड़ चुका था इसलिए लेट गया. रतिका मुझे देखकर डाइरेक्ट मेरे उपर आ गयी और मुझे बुरी तरहा किस करने लगी.

वो इतनी पागल हो गयी थी के ऐसा लग रहा था वो मेरे होंठों को खा जाएगी. उसकी हरकत की वजह से मैं कुछ ही देर मे फिर से गरम हो गया और उसका साथ देने लगा. मैने उसके मूह मे जीभ डाल दी और वो उसे चूसने लगी. कुछ देर बाद हम अलग हुए और मैने उसे डॉगी स्टाइल मे आने को बोला

रतिका झट से बेड पर डॉगी स्टाइल मे आ गयी. मैं उसके पिच्चे आया और उसकी खूबसूरत गांद को देखने लगा. मैने उसके चुतताड़ो को सहलाते हुए कहा

नील: रतिका तुम सच मे बहुत खूबसूरत हो

रतिका: ह्म तुम जिस तरहा से ये सब मेरे कर रहे हो ये देखकर मुझे यकीन हो गया है के सच मे मैं खूबसूरत हूँ. तुम बाकी लड़को की तरहा नही हो

नील: मैं तुम्हारी खूबसूरती मे डूब जाना चाहता हूँ

रतिका: मतलब

नील: तुम अगले 3 दिन यही रहोगी मेरे साथ… और इन्न 3 दीनो मे मैं तुम्हारे साथ वो सब करूँगा जो मेरी फॅंटसीस है तुम्हारे लिए

रतिका: वाउ रियली? काश तुम मेरे फिन्सी होते

नील: डॉन’त वरी तुम शादी के बाद मुंबई ही आने वाली हो. और एक बार यहाँ आने के बाद मैं तुम्हे बहुत छोड़ने वाला हूँ

रतिका: आहह तुम्हारी बातें मुझे काफ़ी सिड्यूस करती है. चलो अब मुझे छोड़ो जल्दी से अब बर्दाश नही हो रहा

फिर मैने उसकी कमर मे हाथ डाला और मेरे लंड को छूट पर सेट किया. रतिका अपनी साँस रोक के बैठी हुई थी. पहली बार लंड अंदर लेने की फीलिंग को एंजाय करना चाहती थी.

मैने झट से धक्का मार और उसकी कमर को ज़ोर से पिच्चे की तरफ खीचा जिससे मेरा आधे से ज़्यादा लंड उसकी छूट मे चला गया. उसकी चीख निकल गयी और वो उसने गांद को उपर की तरफ उठाया. मैने फिर से धक्का लगाया और इस बार वो मेरा पूरा लंड अपने अंदर समा गयी.

रतिका के छूट की दीवारे मेरे लंड को अंदर से जाकड़ रही थी. छूट काफ़ी टाइट थी और मेरा लंड काफ़ी लंबा और मोटा था जिससे रतिका को मीठा दर्द हो रहा था.

रतिका: आहह ये दुनिया की सबसे बेस्ट फीलिंग है. ये मीठा दर्द मैं सालो बाद से रही हूँ

नील: ई लोवे योउ बाबयी

रतिका: ई लोवे योउ टू डार्लिंग

मैने उसकी कमर को कस के पकड़ा और धक्के लगाने लगा. मेरा लंड अंदर बाहर होते हुए उसे छोड़ रहा था. रतिका भी सिसकारियाँ लेते हुए छुड़वा रही थी. कमरे मे हम दोनो की आवाज़े आ रही थी. हम दोनो ही जोश मे थे.

धीरे धीरे लंड अंदर बाहर हो रहा था और मैं उसे सहलाते हुए छोड़ने लगा. रतिका की छूट से कमरस काफ़ी तेज़ी से बहने लगा था. छूट मे हवस आग लगी हुई थी हम दोनो की चुदाई की वजह से वो और भड़क रही थी.

कुछ देर तक रोमॅंटिक सेक्स होने के बाद रतिका ने कहा

रतिका: आहह नील मैं काउ गर्ल करते है. मैं तुम्हारे उपर आकर छुड़वाना चाहती हूँ

नील: ओके

फिर मैं बेड पर लेट गया और रतिका मेरे उपर आई. वो मेरे लेग्स, थाइस को चूसने और चाटने लगी. उसने मुझे काफ़ी हद तक गीला कर दिया. वो बॉल्स को सहलाने लगी और उसके बाद मेरे उपर बैठ गयी.

उसने लंड को कुछ देर सहलाया और मैने नीचे से लंड को छूट पर रखा और रतिका उसे अपने अंदर ले लिया. लंड अंदर जाने के बाद वो लंड की सवारी करने लगी. रतिका को उच्छलते हुए देखकर मुझे बहुत मज़ा आने लगा. लंड पर उच्छलते हुए वो काफ़ी खुश थी. चेहरे पर उसकी हवस सॉफ दिखाई दे रही थी.

वो इतनी हॉट लग रही थी जिससे मेरे अंदर की हवस और भी बढ़ रही थी. रतिका उच्छल रही थी तब उसके बूब्स मेरे सामने नाक रहे थे. वो नज़ारा बेहद खूबसूरत था. वो देखने मे मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

रतिका को देखकर लग रहा था के मैं उसे ज़िंदगी भर ऐसे ही छोड़ता राहु. लगभग 40 मीं की चुदाई के बाद मैं झाड़ गया. रतिका इस बीच 2 बार झाड़ चुकी थी. मैने उसे डॉगी स्टाइल और काउ गर्ल मे काफ़ी अकचे से छोड़ा था.

उस रात मैने उसे 4 बार छोड़ा. पहले रौंद मे रोमॅंटिक सेक्स किया जिसमे मैने उसे स्लोली छोड़ा और उसके बाद के 3 राउंड्स उसे काफ़ी हार्ड तरीके से छोड़ा. इतना हार्डकोर सेक्स किया के उसकी आवाज़े पूरे घर मे सुनाई दे रही थी.

कभी वो मेरे उपर कभी मैं उसके उपर. ये हुमारा प्यार था एक दूसरे के लिए जो इतने सालो से बाहर को तड़प रहा था. हम दोनो सुबह 4:30 बजे सो गये.

ये हम दोनो की पहली चुदाई थी और रतिका मेरे साथ 3 दिन तक रुकने वाली थी. आयेज काफ़ी कुछ होने वाला है.

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