नमस्ते दोस्तों, आज की चुदाई की कहानी रक्षा बंधन की है. की कैसे मैने जिन भाइयों को रखी बाँधी, उन्होने ही मेरी फिर गंगबांग चुदाई की. तो बिना टाइम वेस्ट किए सीधा स्टोरी शुरू करती हू.
रखी के लिए मैं और पापा गाओं गये हुए थे. मैं हर साल वहाँ अपने 2 कज़िन भैया और मूह बोले भैया को रखी बाँधने जया करती थी. मगर इस बार का सफ़र कुछ अलग थी.
आपको तो पता ही है की अब तो मैं घर की ही रखैल थी. गाओं के घर के सब मर्द मेरी चुदाई करने को बेकरार थे. रीमा भी आने वाली थी. मैं उससे मिलने को भी बेकरार थी. रास्ते में ही दो बार पापा मेरी चुदाई कर चुके थे.
हम ठीक रखी के दिन सुबा-सुबा गाओं पहुँचे. मैं पहले ही रास्ते की चुदाई और सफ़र से तक गयी थी. सुबा जाते ही सब मर्द मुझे ही हैवान वाली नज़रों से घूर रहे थे. मैने सब के पावं च्छुए और फ्रेश होने चली गयी.
फ्रेश होने के बाद मैं ग्रीन कलर की चमचमाती हुई सूट-सलवार पहन कर, पूजा की ताली लेकर अपने तीनो भाइयों को रखी बाँधने गयी. तीनो भैया राज, समीर और मूह बोले भाई राजू तीनो आए हुए थे. मैने और रीमा ने तीनो को रखी बँधी. रीमा पहले से थोड़ी मोटी हो गयी थी. उसके बूब्स और बड़े और रसीले लग रहे थे. उसने सारी पहनी हुई थी.
रखी के बाद तीनो भैया का मुझे और रीमा को लेकर घूमने जाने का प्लान था. हम दोनो को पता था की घूमना तो बस बहाना था. फिर भी हम कुछ नही कर सकते थे. रीमा ने अपने बच्चो को उसकी मम्मी के पास छ्चोढ़ दिया. फिर हम सब राज भैया की कार में घूमने निकल गये. राज और समीर भैया बहले भी हमे छोड़ चुके थे. मगर राजू भैया से मैं कभी नही चूड़ी थी.
अब सब ने अपने असली रंग दिखाए. मैं पीछे समीर और राजू भैया के साथ बैठी थी. समीर भैया अचानक से अपने एक हाथ को मेरी दोनो जांघों के बीच मेरी छूट में तो टच करने लगे.
मैं: भैया, राजू भैया बगल में है. उन्हे सब पता चल जाएगा.
मेरी ये बात सुन के तीनो ज़ोर-ज़ोर से हासणे लगे.
समीर भैया: तुझे क्या लगता है. तेरी चुदाई की कहानी पुर गाओं में फेमस है.
पीछे से राजू भैया सीधा मेरी ब्रा के अंदर हाथ डाल के मेरे बूब्स दबाने लगे.
राजू भैया: सिर्फ़ अपने भाइयों से चूड़ेगी क्या? अपने मूह बोले भाई को भी मौका दे.
राज भैया आयेज रीमा के बूब्स मसल रहे थे. रीमा बिल्कुल किसी कुटिया की तरह उनकी सब बात मान रही थी. फिर राज भैया ने रीमा को गर्दन पकड़ कर उसे अपना लंड चूसने को बोला. रीमा तुरंत ही बिना कुछ कहे उनकी ज़िप खोल कर, उनके लंड को बाहर निकाल कर, उनका लंड चूसने लगी.
राजू भैया भी मुझे किस करने लगे. मैं भी गीली होने लगी थी. राजू भैया के साथ मेरा फर्स्ट टाइम था. मुझे पता था चुदाई तो होनी ही थी, तो क्यूँ ना मैं भी मज़े लू चुदाई का. मैं भी भैया को किस करने लगी.
राज भैया हमे अपने ही खेत के बीचो बीच ले गये. खेत के बीच में कुछ खाली सा हिस्सा था, जहाँ मोटी सी चादर बिछी हुई थी. वहाँ पहुचते ही तीनो ने हमे एक-दूसरे के कपड़े उतारने को कहा.
रीमा: पिछली बार आप सब ने मुझे यहीं छोड़ कर छ्चोढ़ दिया था. रात भर ठंड में पड़ी हुई थी मैं.
मैं: रीमा तू पहले भी यहाँ चुड चुकी है?
रीमा: हा, मेरे छ्होटे वाले बच्चे का बीज मुझमे यहीं गिरा था. इन्ही में से किसी का बेटा है वो.
समीर भैया: रंडियों, टाइम वेस्ट मत करो, जैसा बोला जाए चुप-छाप करो.
हम एक-दूसरे के कपड़े उतारने लगे. रीमा की ब्लाउस में उसका दूध लीक हो चुका था. मैने उसे उपर से नंगा कर दिया, और उसने भी मुझे उपर से नंगा कर दिया. हम दोनो उनके सामने ऐसे ही खड़े थे.
रह भैया: देख सीमा, कैसे दूध तपाक रहा है रीमा के बूब्स से. आज तुझे भी ऐसे ही प्रेग्नेंट करेंगे ताकि अगली बार तेरा भी ऐसा ही रसीला दूध पी पाए.
फिर तीनो मिल कर रीमा का दूध पीने लगे, और मुझे उन तीनो के लंड चूसने में लगा दिया.
रीमा: तोड़ा दूध मेरे बच्चे के लिए भी छ्चोढ़ देना. वरना वो रोएगा.
तभी राज भैया ने उसके निपल्स को ज़ोर से दबा दिया.
राज भैया: साली रंडी, तेरे इस दूध पर सिर्फ़ हमारा हक है.
रीमा चीख उठी. ये सुन कर मैं भी थोड़ी देर के लिए लंड चूसना रोक दी.
राजू भैया: तू क्यूँ रुक गयी रंडी? इसके बाद तेरी बारी है. तब तक लंड चूस्टी रह.
मैं वापस से तीनो का लंड चूसने में लग गयी. फिर उन्होने रीमा को पूरी तरह से नंगा कर दिया. रीमा का बदन मानो किसी पारी की तरह चमक रहा था. वो चूस-चूस कर रीमा के बूब्स का कटरा-कटरा दूध पी गये. तीनो का लंड अब एक-दूं कड़क हो गया था. फिर उन्होने मुझे खड़ा किया, और मुझे भी पूरी तरह नंगा कर दिया. उसके बाद उन्होने मुझे और रीमा को साथ में घोड़ी बनाया.
हम दोनो ने एक-दूसरे को देखा. हम दोनो को पता था की हमारी डुमदार चुदाई होने वाली थी. रीमा के होंठ बड़े ही रसीले लग रहे थे. मैं और रीमा किस करने लगे. तभी राजू भैया ने मेरी छूट में अपना थूक लगाया और एक झटके में अपना काला मोटा लंड मेरी छूट में डाल दिया. तभी राज भैया ने अपना लंड रीमा की छूट में और समीर भैया ने उसकी गांद में एक बार में डाल दिया.
रीमा (दर्द में): आअहह… भैया… अयाया… बारी-बारी से छोड़िए प्लीज़… अभी गांद ढीली नही हुई है.
मे (मोन करते हुए): आअहह… राजू भैया… ह. आराम से प्लीज़.
मेरी छूट पापा की चुदाई से सूजी हुई थी. मगर किसी ने हमारी बातों पे ध्यान नही दिया, मानो उन्होने सुना ही ना हो. सब ने हमारी चुदाई शुरू की. धीरे-धीरे रीमा की गांद भी ढीली हुई, और अब वो भी मोन कर रही थी.
रीमा भी अब मुझे किस करने लगी. राजू भैया मेरी गांद पे बीच-बीच में ज़ोर-ज़ोर से थप्पड़ मारते. इससे मेरी गांद लाल हो गयी थी. इन सब से हम और गीले होते जेया रहे थे. राजू भैया ने अपना अंगूठा मेरे मूह में डाल कर उससे ग्रिप बना ली थी. जिससे वो मेरी डुमदार चुदाई कर रहे थे.
राजू भैया: सीमा तू इतनी बड़ी रंडी निकलेगी मुझे नही पता था.
सीमा: भैया मैं अभी भी आपको भैया ही मानती हू.
राजू भैया: मैं तो तुझे हमेशा से छोड़ना चाहता था. आज मौका मिल ही गया.
तभी उन्होने अपनी-अपनी जगह बदल ली. अब राजू भैया रीमा की चुदाई करने लगे, और राज भैया और समीर भैया मेरी चुदाई करने लगे. राज भैया मेरी छूट और समीर भैया मेरी गांद मरने लगे. दो लंड एक बार में लेना हमेशा मेरे लिए मुस्किल था. उपर से मेरे दोनो भाइयों का लंड मोटा काला 8 इंच लंबा था. मैं जैसे-तैसे से रही थी. मेरा फेस पूरी तरह से लाल हो गया था. रीमा तो सिर्फ़ एक लंड लेकर बहुत खुश थी, और मोन किए जेया रही थी.
तभी समीर भैया को आइडिया आया की क्यूँ ना हम दोनो को लेज़्बीयन सेक्स के लिए छ्चोढ़ दिया जाए. सभी भाइयों ने इस्पे रज़ामंदी दिखाई और हमारी छोडई रोक दी.
समीर भैया: चलो मेरी रंडी बहनो एक-दूसरे के साथ लेज़्बीयन सेक्स करो.
मैने और रीमा ने एक-दूसरे की तरफ देख. फिर मैने रीमा को किस करते हुए लिटा दिया, और उसके बूब्स पे अपने बूब्स को रखी. फिर मैने उसकी क्लिट को अपने क्लिट पे रखी, और रगड़ने लगी. ऐसा लग रहा था की मैं रीमा को छोड़ रही थी. हमारे बूब्स आपस में रग़ाद रहे थे. और हमारी क्लिट भी आपस में रग़ाद रही थी.
रीमा और मैं दोनो मोन कर रहे थे. रीमा ने भी अपनी टाँगें मुझपे लपेट ली. हम दोनो अपनी छूट को एक-दूसरे पे रग़ाद रहे थे. कभी मैं उसके उपर तो कभी वो मेरे. और हम एक-दूसरे को किस भी किए जेया रहे थे. इन सब का मज़ा हमारे भाई उठा रहे थे.
फिर समीर भैया नीचे लेट गये, और मुझे अपने उपर लेकर उनके लंड को मेरी गांद पे सेट किया. इसमे मैने उनकी मदद की. फिर रीमा को मेरे उपर लिया. हम दोनो के बूब्स आपस में डब रहे थे. उसके उपर राजू भैया ने अपना लंड रीमा की गांद में डाल दिया.
मैं और रीमा दोनो सॅंडविच बन गये थे, समीर और राजू भैया के बीच में. और फिर दोनो ने हमारी गांद छोड़नी शुरू की. मैं और रीमा इतने गरम हो गये थे की हम दोनो तुरंत ही झाड़ गये.
कुछ देर तक हमारी चुदाई ऐसे ही चली. राज भैया बीच-बीच में आ कर हमारे मूह में अपना लंड दे रहे थे, और हम भी बड़े चाव से उसे चूस रहे थे. रीमा और मेरे बूब्स जब आपस में रग़ाद रहे थे, तो मुझे बहुत आनंद आ रहा था.
समीर भैया: चलो अब सीमा के अंदर अपना बीज छ्चोढते है. देखते है किसके बीज से प्रेग्नेंट होती है ये.
मैं: नही भैया मेरी तो शादी भी नही हुई. लोग क्या बोलेंगे?
राज भैया: तुझ जैसी रंडी से कौन शादी करेगा? इस फटी छूट को लेकर कहाँ जाएगी?
मैं: नही भैया पापा गुस्सा करेंगे.
राजू भैया: चुप साली रंडी. जैसा बोलते है चुप-छाप करे जेया.
सब ने रीमा को साइड में कर दिया, और उसे कपड़े पहनने को बोल दिया. रीमा तुरंत ही उठ कर कपड़े पहनने लगी. अब तीनो मिल कर मेरी चुदाई कर रहे थे. पहले समीर भैया आए, और उन्होने मेरी छूट में लंड डाला. फिर छोड़ते-छोड़ते अपना सारा माल मेरी छूट के अंदर ही छ्चोढ़ दिया.
फिर वो हटते तो राज भैया आए, और उन्होने मेरी दोनो टाँगों के हवा में करके मेरी चुदाई शुरू की. उन्होने भी अपना सारा पानी मेरे अंदर छ्चोढ़ दिया. दोनो के पानी से मेरी छूट भर कर ओवरफ्लो हो गयी. रीमा ने पानी समेत कर दोबारा मेरे अंदर डाल दिया अपनी उंगलियों से.
समीर भैया रीमा पर इस तरह हाथ फेर रहे थे जैसे वो उनकी कुटिया हो. और बहुत माएनो में वो थी भी. लास्ट में राजू भैया आए और उन्होने अपने पुर बदन का भार मेरे उपर डाल कर मेरी चुदाई शुरू की.
मैं बिल्कुल ही तक चुकी थी. उन्होने भी कुछ देर चुदाई के बाद सारा पानी मेरे अंदर छ्चोढ़ दिया. मैं बिल्कुल तक कर चूर हो चुकी थी. सब वहीं लेट कर लंबी-लंबी साँसे भर रहे थे.
राज भैया: तो मेरी रंडी बहनो, यही था तुम्हारे रख़्शा बंधन का गिफ्ट.
समीर भैया: और रंडी सीमा, खबरदार अगर तूने ई-पिल या बच्चा रोकने वाली कोई डॉवा खाई तो.
मैं: जी भैया.
कुछ देर वहीं आराम करने के बाद जब भाइयों का सारा पानी मेरे शरीर ने सोख लिया, तो हूँ दोबारा कपड़े पहन कर वापस घर चले गये. मेरी हालत देख कर ही पापा को पता चल गया की हमारी चुदाई हुई थी.
तो दोस्तों कैसी लगी आपको मेरी रख़्शा बंधन की चुदाई की कहानी? मैं प्रेग्नेंट हुई या नही ये आयेज की स्टोरी में बटूँगी. मेरी ये स्टोरी आपको कैसी लगी मुझे कॉमेंट में ज़रूर बताए और कहानी को लीके भी करे. मुझसे पर्सनल छत करने के लिए सीमा8317149@गमाल.कॉम पर गछहात पर मेसेज करे.