रात में मामा की कुँवारी बेटी की सील खोली

मैं देसीकाहानी पर स्टोरी 2 साल से पढ़ रहा हू. तो मुझे भी मॅन करा की अपनी कहानी आप सभी से शेर करू. आशा है आपको ये कहानी अची लगेगी. चलो अब मैं कहानी पर आता हू.

मेरा नाम राहुल है, उमर 26 साल, हाइट 5.5 फीट, रंग गोरा, फिट बॉडी, और लंड 4.7 इंच (हार्ड). ये बात 1 साल पहले की है, जब मैं और मेरी मम्मी बर्तडे पर मामा के घर गये थे. मेरे मामा जॉब की वजह से अधिकतर बाहर ही रहते है. घर में उनकी 2 बेटियाँ है. उनकी छ्होटी बेटी का बर्तडे था. बड़ी बेटी का नाम मानसी है.

ये कहानी मानसी के बारे में ही है. मैने मानसी के बारे में कभी पहले ग़लत नही सोचा था, जब की मैने मानसी के छ्होटे-छ्होटे चुचे समोसे टाइप पहले देखे थे, जब उसने कुरती पहनी थी जो की ढीली थी. मैं बेड पर लेता हुआ था. वो मुझे छाई देने आई थी. फिर जब वो झुकी, तो उसके चुचे मेरे सामने सॉफ लटके हुए दिखे.

मानसी दिखने में अची है. फिगर नॉर्मल 29-28-30 का. उस दिन बर्तडे था तो मैने भी जाम कर दारू पी हुई थी. फिर बर्तडे पार्टी ख़तम हुई, सब ने खाना खाया, और फिर सोने की तैयारी शुरू हुई. मामा के घर में एक ही रूम था, जहा सब सोते थे. थोड़ी-थोड़ी ठंड का समय था. सब लोगों का बिस्तर ज़मीन पर लगाया था.

मैं भी कान में हेडफोन लगा कर बिस्तेर में लेट गया. थोड़ी देर बाद मुझे नींद आ गयी. अचानक मेरे कान में हेडफोन में गाने सुनने की वजह से मेरी नींद खुल गयी. मैने मोबाइल में टाइम देखा तो रात के 12:30 बजे थे, और सब गहरी नींद में सोए थे. अपने अगाल-बगल देखा तो मेरे साथ में दूसरी रज़ाई में मानसी सोई थी.

मानसी ने गर्मी के वजह से रज़ाई हटा रखी थी और मेरी तरफ उसने पीठ लगाई थी. मेरी नज़र उसकी गांद पर गयी, जो रात को बहुत बड़ी लग रही थी. मेरा लंड खड़ा हो गया मानसी की गांद देख कर. मानसी ने लोवर और शर्ट पहनी हुई थी.

मेरा मॅन ललचाने लगा. मैने सभी को देखा. वो सब सोए थे. फिर मैने मानसी की धीरे-धीरे शर्ट उपर करी. अब उसकी पीठ पूरी नंगी थी मेरे सामने. मैं ये भी ध्यान दे रहा था की वो उठ ना जाए.

अब काम था उसका लोवर उतारने का. मैं धीरे-धीरे एक हाथ से मानसी का लोवर नीचे करने लगा, पर वो बहुत टाइट था. शायद उसने नाडा कस्स कर बाँध रखा था.

ज़्यादा कोशिश करने की वजह से उसने करवट बदल दी, और मेरी तरफ मूह करके सो गयी. मेरे लिए तो अछा था क्यूंकी मुझे उसका नाडा जो खोलना था. पर मुझे उसका नाडा नही दिखा, ना लोवर के अंदर था, ना ही बाहर था. फिर क्या था, मैं उठा और चुप-छाप चाकू ले आया, और फिर लेट गया. उसके बाद धीरे से मानसी का नाडा काट दिया.

अब मानसी का लोवर ढीला हो गया था. मैने मानसी का लोवर उतारने की कोशिश करी, पर उसने पैरों को मोड़ रखा था, तो कोशिश नाकाम हो गयी. लेकिन मैने लोवर तोड़ा फैलाया तो मानसी की कक़ची दिखने लगी जो पिंक और वाइट रंग की थी. फिर मैने अपने मोबाइल की टॉर्च जलाई, और उसके लोवर के अंदर लगाई. फिर मानसी की कक़ची फैलाई जिससे उसकी झाँत दिखने लगी जो 3 दिन पहले शेव करी होगी.

मैं फिर मानसी के लोवर के बाहर से उसकी छूट पर एक उंगली धीरे-धीरे फेरने लगा. अब वो हिलने लग गयी. उसने नींद में करवट बदली, और पेट के बाल सो गयी, और रज़ाई ओढ़ ली. अब मैं 5 मिनिट रुक गया, जब वो गहरी नींद में सो गयी, तो मैने धीरे से उसकी रज़ाई हटाई. उसकी गांद उपर की तरफ थी. अब मैने उसका लोवर उतारना चालू किया. मैने तोड़ा लोवर उतार दिया. अब मानसी की पूरी कक़ची दिख रही थी.

अब मैं मानसी की कक़ची उतारने लगा. मुझे मानसी के चूतड़ की लकीर देखने लगी. मेरे हाथ भी काँप रहे थे. मैने मानसी की पूरी कक़ची उतार दी. अब उसके गोरे चूतड़ मेरे सामने थे. फिर मैने अपना लोवर घुटनो तक उतार लिया, और दूसरो की तरफ पीठ लगा कर और कंबल ओढ़ कर लेट गया. मैं एक हाथ से मूठ मारने लगा, और दूसरे हाथ से मानसी की गांद दबाने लगा.

मैं धीरे से अपना हाथ उसकी जांघों के बीच से उसकी छूट पर ले गया तो देखा उसकी छूट गीली हुई थी. मैने मानसी की छूट पर थोड़ी उंगली करी तो उसने अपनी जांघों को टाइट कर दिया और एक लंबी साँस ली. वो एक-दूं से उठ गयी. मैने जल्दी से कंबल में मूह च्छूपा लिया और सोने का नाटक करने लगा.

वो कुछ नही बोली, अपना लोवर पहना, और दरवाज़ा खोल कर बाहर चली गयी. मेरा लंड खड़ा था. मॅन नही माना और मैने भी लोवर पहना, और उसके पीछे चला गया. बाहर वो पेशाब करने बैठ रही थी. मेरी तरफ उसकी पीठ थी. मैं धीरे से उसके पीछे चला गया.

फिर जैसे ही उसने अपना लोवर उतरा, और वो जैसे ही बैठी, मैने उसको पीछे से घुटनो के साथ पकड़ लिया.

मानसी बोली: ये क्या कर रहे हो भाई?

मैं कुछ नही बोला और दूसरे हाथ से उसकी छूट में ज़ोर-ज़ोर से उंगली करने लगा. उसकी आवाज़ बंद हो गयी, और उसका शरीर ढीला हो गया. 2 मिनिट बाद उसने पेशाब कर दी. अब मैने उसका लोवर और कक़ची उतार कर नंगा कर दिया. फिर साइड में ले जेया कर लिटा कर किस करने लगा.

किस करते हुए मैने अपना लोवर खोला, और उसकी शर्ट को उपर करके उसके चुचे बाहर निकाले, जो की टाइट हुए पड़े थे.

फिर मैने उसकी टांगे फैलाई और अपना लंड उसकी छूट में एक बार में डाल दिया. उसका पूरा शरीर काँप गया था जब मैने लंड घुसाया. वो कुछ कर नही पाई क्यूंकी उसके हाथ मेरे हाथो में थे, और उसके होंठ मेरे होंठो पर थे.

उसकी छूट बहुत टाइट थी, और उसकी छूट से तोड़ा खून भी आ रहा था क्यूंकी वो कभी चूड़ी नही थी. 15-20 झटको के बाद वो निढाल हो गयी और ह्म ह्म की आवाज़े निकालने लगी, और अपने एक हाथ से अपने चुचो को मसालने लगी. फिर दूसरे हाथ से वो अपनी छूट को सहलाने लगी.

करीब 15 मिनिट उसको छोड़ने के बाद मैने सारा माल उसके चुचो पर झाड़ दिया, और उसके चुचो पर सारा माल मैने क्रीम की तरह लगा दिया. मैने अपना लंड देखा तो लाल हुआ था खून से, और उसकी छूट भी. फिर मैने उसकी छूट में ज़ोरदार उंगली करी, और मैं उसे किस करता रहा.

2 मिनिट बाद मानसी ने अपनी गांद उठाई और तेज़ धार पेशाब कर दी. फिर मैं अंदर जेया कर सो गया. 5 मिनिट बाद वो भी आ गयी करीब 3 बजे. 2न्ड पार्ट मानसी की गांद की चुदाई के बारे में होगा.

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