प्यासी मम्मी बनी चाचा की रंडी

आप सब ही को मालूम होगा, की पिछली स्टोरी में क्या हुआ मम्मी और चाचा के बीचे में.

उस दिन के बाद मम्मी पूरी तरह से चेंज हो गयी. उनके अंदर एक अलग से खुशी नज़र आ रही थी.

फिर ऐसे ही कुछ दिन चले गये. एक दिन मैं जल्दी घर आया था. तो किचन में मम्मी फोन पे बात कर रही थी, किससे मालूम नही हुआ था. कुछ देर के बाद मैने फोन चेक किया तो आंटी का नाम था लिस्ट में.

ये आंटी का नाम पद्मा है. मम्मी की बेस्टफ्र्ीएंड है. सॉरी फ्रेंड्स मम्मी का नाम बोलना भूल गये था. मम्मी का नाम आशा है. ये दोनो सब कुछ शेर करते है एक-दूसरे से.

फिर नेक्स्ट दे मुझे छुट्टी थी सेकेंड सॅटर्डे की. मैं खेल रहा था दोस्त के साथ, और आंटी और मम्मी बातें कर रहे थे. मुझे लगा कुछ तो बात थी, तो मैं सुनने लगा उनकी बातें.

मम्मी: उस दिन बहुत मज़ा आया.

आंटी (पद्मा): तेरे को बोली मैं बहुत मज़ा आता बोल के.

मम्मी: हा रे इंग्लीश चॅनेल में बिकिनी पहनते है ना, वैसे वाली मुझे लाके देगा बोला.

आंटी: ओफफो हाहहाहा. पहनी तू भी, नेक्स्ट कब करे? फिर कुछ प्लान करे या नही?

मम्मी: वो फोन पे बात हुई थी. बोल रहा था घर को आता हू लेने. उसके बाद होटेल में करेंगे बोला.

आंटी: कब का प्लान है? और कों से होटेल को जेया रहे हो? बुत घर पर क्या बोलना?

मम्मी: हज़्बेंड को बोलती पद्मा के साथ फंक्षन को जेया रही हू और तू भी चल मेरे साथ. तू भी काम कर लेना तेरे यार के साथ वही होटेल को, हहा.

आंटी: हा रे, अछा आइडिया है. अपन दोनो मज़ा करेंगे फिर हहा.

मैं बे इधर से सब सुन लिया. मैं भी जल्दी से कुछ प्लान के बारे में सोचा. नेक्स्ट दे सनडे हॉलिडे था. सब घर पर थे. ईव्निंग के टाइम आंटी आई, और मम्मी को फंक्षन के बारे में बोली पापा के सामने. आंटी के जाने के बाद-

मम्मी: कल मैं जेया रही हू पद्मा के साथ. ईव्निंग तक अवँगी, और अनूष, घर में बैठना आने तक.

पापा: अनूष को भी लेके जाओ फंक्षन को. और मैं कुछ दीनो के लिए आउट ऑफ स्टेशन जेया रहा हू 2-3 दिन के लिए.

मम्मी: उसके एग्ज़ॅम आ रहे है, क्यूँ छुट्टी करना? और लॅडीस फंक्षन है. आप फिर जेया रहे हो आउट ऑफ स्टेशन? जल्दी आ जाना. रात कैसे जाती है मेरी आपके बिना आपको पता है ना?

मम्मी की खुशी अलग ही नज़र आ रही थी. जो उनके फेस पे दिख रही थी..

पापा: ठीक ही जाके आ जौंगा जल्दी.

नेक्स्ट दे मॉर्निंग पापा जल्दी चले गये. मम्मी जल्दी रेडी हो गयी और मैं भी रेडी हो गया कॉलेज के लिए. टाइम से मैं निकल गया घर से. मेरी बूलिडिंग के बाजू में गली में छ्होटी सी विंडो है. विंडो ओपन था, जिसमे से अंदर दिखता था. मम्मी को फोन आया. बात करते-करते वो बेडरूम में आ गयी और बोल रही थी-

मम्मी: कितने दिन से करने का मॅन हो रहा था. आज आ गया वो दिन. और रात में घर को आ जाओ सोने.

फिर आंटी आ गयी रेडी होके, और दोनो निकल गये. मैं कुछ देर के बाद निकला, और उनको फॉलो करा. फिर कुछ दूरी पे नज़र आए वो लोग. चाचा मम्मी को गाड़ी में बिता कर होटेल के अंदर ले गया. आंटी भी उसके यार के साथ चली गयी.

मैं होटेल तक चला गया. मुझे अंदर एंट्री का रास्ता ही नही मिल रहा था. मैने कोशिश करी, और उसके बाद घर वापस आ गया. मैने सोचा क्या करेंगे वो कैसे मालूम होगा. फिर ये सोचते हुए मैं सो गया. 5 पीयेम को मम्मी आ गयी और उनके फेस पे खुशी नज़र आ रही थी. नाइट में फिर चाचा भी आ गये. डिन्नर करने का टाइम भी हो गया था. मैने उन्हे नमस्ते किया और हम साथ में बैठे.

मम्मी: नमस्ते देवर जी (फेस पे स्माइल अलग ही थी मा के).

चाचा: नमस्ते भाभी जी.

मैं डिन्नर टेबल पे बैठा था, और मम्मी और चाचा भी बैठ गये. फिर हम सब साथ में खाना खाए. सब काम हो गया. फिर मम्मी किचन से आवाज़ लगाई चाचा को. चाचा मम्मी की आवाज़ सुन कर अंदर चले गये. मैं बे उनके पीछे-पीछे गया. वो दोनो बातें कर रहे थे. मम्मी बोल रही थी-

मम्मी: आपके लिए स्पेशल मिल्क रेडी है.

चाचा: हा मेरी रानी, आज रात भर सोना नही है.

मम्मी: अनूष का क्या करेंगे?

चाचा: उसके लिए टॅबलेट लाया हू मैं नींद की. मिल्क में डाल दो वो मॉर्निंग तक उठेगा नही.

मम्मी: एस! आज मस्ती करेंगे मेरे राजा.

फिर चाचा मिल्क में टॅबलेट मिक्स कर दिए, और मैं रूम में चला गया. मम्मी आई, और मुझे मिल्क दिया, और पीने को बोली. मैं समझ गया की उसमे तो टॅबलेट थी.

मैने मम्मी को बोला: गरम है, कुछ देर में पी लेता हू. आप काम कर लो तब तक.

मम्मी: ठीक है.

फिर मम्मी चली गयी, और मैने वॉशरूम में डाल दिया पूरा मिल्क. उसके बाद मैं बेड पे आ गया, और सोने की आक्टिंग करने लगा. मम्मी आई और मुझे आवाज़ लगाई. फिर वो चली गयी. एक घंटे के बाद मैं उठा, और मम्मी के बेडरूम के पास गया. अंदर से बातें करने की आवाज़ आ रही थी. सब क्लियर सुनाई दे रहा था.

मम्मी: होटेल में जो मज़ा आया ना तेरे साथ, ऐसा मैने कभी सोची नही था.

चाचा: अर्रे तेरे लिए कुछ भी. तेरे को छोड़ने में मुझे बहुत मज़ा आता. तेरी छूट बहुत टाइट है, बूब्स भी शेप में है.

मम्मी: आज से सब तेरा ही है रे. मेरा मर्द है तू. तेरा लंड भी बड़ा है, अंदर तक जाता है, और पूरा जन्नत का नज़ारा आता है.

चाचा: तेरे को आज रात भी जन्नत दिखता हू मेरी रानी.

फिर वो दोनो किस करते है. दोनो एक-दूसरे की जीभ से खेल रहे थे. फिर मम्मी नीचे बैठ के लंड मूह में ले ली. वो लॉलिपोप के जैसे चूस रही थी.

चाचा: चूस रंडी आचे से, गांद भी चाट छिनाल. होटेल में कुछ लोग पूच रहे थे की रंडी मस्त है, कितने पैसे लिए इसने.

मम्मी: चाट रही हू तेरी गांद भी. तू बोल कितने पैसे लिए है मैने? तू ही मेरा मर्द है, तू जो बोले वैसा करती हू, आहह.

चाचा ने मम्मी को बेड पे लेटने को बोला, और लंड पे आयिल लगाया. फिर छूट में लंड डाल दिया जो एक ही शॉट में अंदर चला गया.

मम्मी: तेरी मा की छूट, आराम से डाल. भाग रही हू क्या कही.

चाचा: तेरी छूट ही टाइट है रंडी.

फिर दोनो किस करते है.

नेक्स्ट पार्ट में बतौँगा आयेज क्या-क्या हुआ. अभी के लिए बाइ फ्रेंड्स. मेसेज करे मुझे

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