पहली चुदाई मे ही चूत फाड़ दी

हाय दोस्तो, आई एम नेहा और ये मेरी पहली कहानी है जो मैं आप सभी को बताने जा रही हूँ और उम्मीद है आप सभी को ये कहानी पसंद आएगी और हा अपने इंपॉर्टेंट फीडबॅक देना मत भूलिएगा, तो अब मैं कहानी पे आती हूँ, मैं एक छोटी सी सिटी बिलासपुर की रहने वाली हूँ ये कहानी तब की है जब मैं रायपुर से अपना ग्रॅजुयेशन कर रही थी और मैं दिखने मे काफ़ी सुंदर हूँ और मेरा फिगर भी ऐसा है की बोय्स का मुझे देखते साथ ही खड़ा हो जाए, वैसे मेरा फिगर 30,28,36 है और डार्क लोंग हेर्स है और कलर भी बहुत फेर है, तो अब कहानी पे आती हूँ मैं जब कॉलेज आई तो मेरे लिए सब नया था मैं इससे पहले गर्ल्स स्कूल से पढ़ी थी तो बोय्स लोग के साथ थोड़ा डिफरेंट टाइप का फील हो रहा था और मैं फर्स्ट डे एक एल्लवो कलर का स्लिवलेस टॉप और ब्लॅक जीन्स पहन के गयी थी और मैं बहुत हॉट लग रही थी और मैं क्लास मे आगे से सेकेंड रो मे बैठ गयी और मेरे साथ मेरी रूम मेट दिव्या भी थी हम लोग साथ मे बिलासपुर मे पढ़ते थे.

हमारे बेंच के पीछे से किसी ने आवाज़ लगाई और इंट्रोड्यूस किया अपने आप को और वो विवेक था, वो दिखाने मे स्मार्ट और मस्क्युलर टाइप का था और उसे देख के कोई भी लड़की पागल हो जाए तब हमने बस नेम एक्सचेंज किए और हाय हेलो किया मुझे ज़्यादा लड़कों से बात करने की आदत नही थी तो थोड़ा अजीब लग रहा था पर अछा भी लग रहा था एक तो कोई टोकने वाला नही था दूसरा सब नया नया था, फिर कुछ दिन बाद फ्रेशर्ज़ पार्टी थी उसमे हम लोग फिर थोड़ा थोड़ा बात करना चालू किए और कुछ दिन बाद हम लोग बहुत आछे फ्रेंड्स बन चुके थे, मैं दिव्या और विवेक अक्सर मूवी वगेरा भी साथ जाते पर मैं नोटीस करती की विवेक दिव्या के साथ थोड़ा कंफर्टबल फील नही करता था बाद मे आरव दिव्या का फ्रेंड भी हमारे ग्रूप मे जोइन हो गया वो दिव्या का बाय्फ्रेंड था जो वही कोई कॉलेज से एमबीए कर रहा था, हम लोग अब कॉलेज के बाद अक्सर साथ मे घूमते थे और खूब मस्ती करते थे.

यह कहानी भी पड़े  जिम मे मॅरीड औरतो की वासना शांत की

और कभी कभी मस्ती मे आरव और विवेक के साथ सिगरेट्स और ड्रिंक्स भी ले लिया करते थे, आरव का बिर्थडे था हम सब पार्टी करने विवेक के फ्लॅट गये वाहा आरव उसके दो फ्रेंड्स विवेक मैं और दिव्या थे, उस दिन मैं रेड कलर का वन पीसेस पहनी थी उसमे मैं बहुत हॉट और सेक्सी लगती थी और थोड़ा क्लीवेज भी दिखता था मुझे देखते साथ विवेक बोला आज तो लगता है हम सब को अपना दीवाना बना लॉगी और हम सब हसणे लगे, वाहा हम सब विस्की के एक दो पेग लगाए और फिर दिव्या और आरव रूम मे चले गये उस टाइम तक आरव के फ्रेंड्स जा चुके थे, मैं और विवेक हॉल मे बैठे थे और पीछे रूम से दिव्या की मोन करने की ज़ोर ज़ोर से आवाज़े आ रही थी उसे सुन के मैं भी गरम हो रही थी मुझे फील हो रहा था की मेरी चुत से गीला गीला कोई लिक्विड बाहर आ रहा है और पीछे से दिव्या की आवाज़े आ रही “आहह फक मी आरव और ज़ोर से करो आहह ऊऊऊ फक फक” उतने मे विवेक अपना हाथ मेरे पीछे से ला के पीट पे रखा मैं घबरा गयी.

पर कोई रिएक्शण नही दिया और अचानक से उसने मुझे किस कर दिया मैं डर गयी थी और मैं वाहा से बहाना बना के आ गयी और विवेक डर के मारे कुछ नही बोला, उस दिन पूरी रात दिव्या आरव से चुदाई करा के अगले दिन आई और आके मुझसे पूछने लगी की तू क्यू वापिस आई और उसे जब सब बताया तो हसणे लगी और बोली अब ये सब नही करेगी तो कब और फिर वो बाथ लेने चली गयी और ये सोच के जब विवेक का कॉल आया सॉरी बोलने के लिए तो मैने उससे कहा मैं ही ओवर-रिक्ट कर दी यार सॉरी और ये सुन के उसे हरी झंडी मिल गयी और उसने मेरी चुदाई का सीन ही सेट कर दिया, रात को विवेक का अचानक से कॉल आया बोला क्या कर रही बाहर आओ मैं वेट कर रहा और मैं बाहर गयी तो वो रेड रोज़ लेके अपनी निज मे था और मुझे देखते साथ आई लव यू कहा और मैं तुरंत हान बोल दी और फिर बोला आज अपन रात भर इसी खुशी मे पार्टी करेंगे तो मैं हान बोल दी, फिर हम ड्राइव कर के उसके फ्लॅट चले गये और वाहा जाते साथ वो मुझे किस करने लगा.

यह कहानी भी पड़े  भाई के दोस्त की वर्जिनिटी ली

और अचानक मैं एक दम गरम हो गयी और ज़ोर ज़ोर से उसे किस करने लगी और तभी वो मुझे बेड पे ले गया और मेरे कपड़े उतारने चालू कर दिए मैं भी उस टाइम मना नही कर पाई और उसने धीरे धीरे पूरे कपड़े उतार दिए और अपने भी खोल दिया और मेरे बूब्स बहुत ज़ोर ज़ोर से प्रेस करने लगा और फिर अचानक से मेरी पुसी के पास गया और तब तक मैं पूरी गरम हो गयी थी और फिर वो मेरी पुसी को लीक करने लगा और मैं चिल्लाने लगी “फक मी विवेक प्लीज़ फक मी” तो अचानक से गाली देना चालू कर दिया “साली रांड़ तुझे इतनी जल्दी कैसे चोद दू तूने कितना तडपाया है” और फिर वो मेरी चुत चाटनी चालू कर दिया और अचानक से मैं झड़ गयी और उसने पूरा मेरा पानी पी लिया, तब तक मैं थक भी गयी थी और फिर विवेक ने अपनी अंडरवेर उतारा तो उसका लॅंड देख मैं तो डर ही गयी उसका लॅंड 6” का था और एक दम मोटा, वो मेरी चुत मे टीकाया और एक ज़ोर का झटका मारा मैं दर्द से चिल्लाने लगी “प्लीज़ छोड़ दे विवेक बहुत दर्द हो रहा प्लीज़ एक बार निकाल दे”.

और मजेदार सेक्सी कहानियाँ:

Pages: 1 2

Comments 43

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!