पति से दुखी टीचर की चुदाई कहानी

दोस्तों मेरा नाम अर्जुन है. मैं 19 साल का हू और कॉलेज के 1स्ट्रीट एअर का स्टूडेंट हू. मेरा लंड 7 इंच का है, और मुझे हमेशा चुदाई की तलब लगी रहती है.

मैं एक बहुत अमीर फॅमिली से हू. मेरे पापा एक बिज़्नेसमॅन है, और मम्मी का भी बहुत बड़ा सालों है. हमारी मंत्ली फॅमिली इनकम लाखो में है. किसी चीज़ की कोई कमी नही है.

मैने कॉलेज में नों-मेडिकल स्ट्रीम ली थी. लेकिन मुझे मेद्स में प्राब्लम आ रही थी. फिर मैने एक सिर के पास टुटीओन रख ली. लेकिन वहाँ और भी स्टूडेंट्स थे, इसलिए मेरा ध्यान पढ़ाई पर प्रॉपर लगता नही था, और ना ही इतने स्टूडेंट्स के बीच आचे से समझ आता था.

जब मैने ये बात पापा-मम्मी को बताई तो उन्होने मेरे लिए पर्सनल टूटर रखने का फैंसला किया. मम्मी ने अपनी एक फ्रेंड से बात की, और एक पर्सनल टूटर अरेंज कर ली. फिर अगले दिन मैं पहली बार शालिनी मेडम से मिला.

शालिनी मेडम एक मॅरीड लेडी थी. उनकी उमर 30 के आस-पास होगी और वो बहुत ब्यूटिफुल थी. दूध जैसा गोरा रंग, पर्फेक्ट कुवर्व्स थे उनके. जब मैने उनको पहली बार देखा तो देखता ही रह गया. उन्होने पाजामी-सूट पहना था येल्लो कलर का, जिसमे उनका गोरा रंग और भी चमक रहा था.

फिर उन्होने मुझे पढ़ना शुरू किया. उनका समझाया सब कुछ मुझे आचे से समझ आ रहा था. कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा. कुछ दिन तो मैने उनसे सिर्फ़ पढ़ाई की बात की, लेकिन धीरे-धीरे हमारी और भी बातें होने लगी.

मुझे शालिनी के चेहरे पर हमेशा एक उदासी सी नज़र आती थी. लेकिन मैं उनसे पूछता भी तो कैसे. लेकिन फिर मुझे पता चला की उनकी उदासी का रीज़न क्या था.

एक दिन उनको उनको उनकी किसी फ्रेंड का फोन आया. उन्होने मुझे क्वेस्चन सॉल्व करने के लिए दिया, और खुद बाल्कनी में फोन अटेंड करने चली गयी. मैं भी उनके पीछे जाके थोड़ी दूरी पर खड़ा हो गया.

वो अपनी फ्रेंड से बोली: यार मैं क्या करू. मेरे हज़्बेंड मुझे हाथ भी नही लगते. उनका चक्कर उस हरमज़ाडी से चल रहा है. मेरे घर वाले भी मेरी नही सुनते. मेरी तो ज़िंदगी बर्बाद हो गयी.

ये बोलते हुए वो रोने लग पड़ी. फिर वो अपनी फ्रेंड को बोली-

शालिनी: मैं तुझे बाद में करती हू. अभी मैं टुटीओन पढ़ा रही हू.

ये बोल कर उन्होने फोन काट दिया, और वापस अंदर आने लगी. मैं भी जल्दी से अपनी जगह पर जाके बैठ गया. वो मेरे पास आई, और उन्होने हल्की आवाज़ में पूछा-

शालिनी: हो गये क्वेस्चन्स सॉल्व?

मैं: क्या हुआ मेडम? आप रो क्यूँ रही हो?

शालिनी: कुछ नही.

मैं: बताइए ना, आप मुझसे बात कर सकती है.

जैसे की मैने बताया की शालिनी और मेरे बीच में बातें होने लग गयी थी. और क्यूंकी वो उस वक़्त एमोशनल हुई पड़ी थी, तो वो रोते हुए बोल पड़ी-

शालिनी: मेरे हज़्बेंड मुझसे प्यार नही करते. उनका किसी और के साथ चक्कर है. उस दिन तो उन्होने मुझे सीधे बोल दिया की मैं उनको अची नही लगती.

ये बोल कर वो फूट-फूट कर रोने लगी. मैं उनके पास जाके बैठा, और उनके कंधे पर हाथ रख कर बोला-

मैं: मेडम आप रोइए मत. कोई अँधा ही होगा जो आपको पसंद नही करेगा. आपके हज़्बेंड अनलकी है, जो आपके होते हुए भी किसी दूसरी के चक्कर में है. वरना आपके लिए तो लड़के लॅड-मॅर जाए.

उसने मेरी तरफ देखा और बोली: क्या सच में मैं इतनी अची हू?

मैं: मेरी नज़रों से देखो तो आप बहुत खूबसूरत हो. लड़के तो आपको छ्छूने के लिए तरसते होंगे.

शालिनी: क्या तुम भी मुझे छ्छूने के लिए तरसते हो?

मैं: सच बतौ तो हा. मैं आपको बहुत प्यार करना चाहता हू.

शालिनी: तो कर लो ना.

मैं ये सुन कर हैरान हो गया. मैने बोला: जी…?

शालिनी मेरे पास आई, और मेरे होंठो से अपने होंठ मिला दिए. वाह, उसके नमकीन होंठो से मेरे होंठ टच होते ही मेरे बदन में करेंट सा दौड़ गया. मैं पागल हो गया, और उसके होंठ चूसने शुरू कर दिए.

उसने उस दिन सारी पहनी हुई थी. मैने अपने हाथ ब्लाउस से उपर नंगी दिख रही उसकी पीठ पर रख लिए. उसकी आ निकल गयी, और वो किस और जोश से करने लगी. मैं उसकी सॉफ्ट स्किन पर हाथ फेरने लगा.

लगभग 10 मिनिट हमारी किस चलती रही. फिर हम अलग हुए. हम एक-दूसरे की आँखों में देख रहे थे. फिर मैने मेडम का पल्लू गिराया और उसकी गर्दन और क्लीवेज चूमने लगा. वो आ आ करने लगी. उसकी आँखों में आँसू थे.

मैने मेडम को दूसरी तरफ घुमाया, और उसका ब्लाउस और ब्रा खोल दिए. अब उसके बूब्स नंगे हो गये. मैने दोनो बूब्स को पकड़ा, और उनको चूसने लगा. वो मेरे सर को अपने बूब्स में दबाने लगी.

बूब्स चूसने के बाद मैने उनको खड़ा किया, और सारी उतार दी. अब वो पनटी में मेरे सामने थी. मैने उनको बाहों में उठाया, और अपने बेड पर ले गया. क्या कमाल की लग रही थी वो.

फिर मैने अपने भी कपड़े उतार दिए अंडरवेर को छ्चोढ़ कर. फिर मैं मेडम के उपर आया, और उनका पेट चूमने लगा. मैं धीरे-धीरे नीचे आया, और उनकी पनटी निकाल दी. अब उनकी गीली छूट मेरे सामने थी. वो बिल्कुल क्लीन-शेव्ड थी.

उनकी छूट देखते ही मैं उसको चाटने लगा. वो पागल हो गयी और मुझे छोड़ने के लिए बोलने लगी. फिर मैने अंडरवेर उतरा, तो मेरा खड़ा लंड उसके सामने आ गया. लंड देखते ही वो जल्दी से उठी, और बेड पर घोड़ी बन गयी. मैं नीचे खड़ा था.

उसने मेरे लंड को मूह में लेके चूसना शुरू कर दिया. मैं भी अपने हाथ उसके छूतदों पर रख कर उनको मसालने लगा. कुछ देर की लंड चुसाई के बाद उसने लंड मूह से निकाला, और उसी पोज़िशन में घूम गयी.

फिर मैने उसकी छूट पर लंड सेट किया, और ज़ोर का धक्का मारा. उसकी चीख निकली, लेकिन उसने मुझे रोका नही. फिर मैं धीरे-धीरे लंड अंदर-बाहर करने लगा. उसकी छूट बहुत टाइट थी. पहले-पहले तो उसको काफ़ी दर्द हुआ, लेकिन फिर उसको मज़ा आने लगा.

अब मैने अपनी स्पीड तेज़ की. वो आ आ आ करने लगी. उसकी छूट बहुत पानी छ्चोढ़ रही थी. इससे चुदाई में ठप-ठप की आवाज़े निकल रही थी. कुछ देर डॉगी पोज़िशन में चुदाई के बाद मैने उसको मिशनरी पोज़िशन में किया. फिर उसको तबाद-तोड़ पेलने लगा. वो भी मज़े लेके चूड़ी.

तकरीबन 20 मिनिट मैने उसकी चुदाई की. फिर अपना माल उसके अंदर ही निकाल दिया. उस दिन से हमारा ये नाजायज़ रिश्ता चल रहा है. अब मैं उसको उसके हज़्बेंड से डाइवोर्स दिला कर उसको अपनी पेरमाणंत रखैल बनाने वाला हू. mail kare [email protected]

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