सुहागरात पर पति ने शांत की मेरी अन्तर्वासना

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम आराधना है और मैं 30 साल कि हूँ और शादीशुदा हूँ महिला हूँ मेरा एक बेटा है जो अभी 2 साल का है | मैं दिखने में बहुत खूबसूरत हूँ ऐसा सभी कहते है | मेरी हाईट मेरी खूबी है और साथ ही साथ मेरा फिगर भी बहुत अच्छा है | दोस्तों आज मैं अपनी लाइफ की पहली स्टोरी लिखने जा रही हूँ और मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगों को मेरी ये स्टोरी बहुत पसंद आयगी और आप सभी का मनोरंजन भी होगा मेरी इस कहानी को पढ़ कर | तो अब मैं ज्यादा वक़्त न लेते हुए सीधा स्टोरी पर आती हूँ |

ये घटना 4 साल पहले की है जब मेरी नयी नयी शादी हुई थी, और मेरे घर वालो ने मेरे और मेरे पति जिनका नाम कौशल है उनकी टिकेट करा दी थी शिमला की और हम लोगों का हनीमून वहीँ मनने वाला था | मैं पहले अपनी पति के बार में आप लोगों को बता दूं कि मेरे पति एक शेयर ब्रोकर है और उनके पास बहुत पैसा है | उनका टूर्स एंड ट्रैवलिंग्स का भी एक साइड बिसनेस है | मेरे पति एक बहुत अच्छे से इंसान है | उनका नेचर बहुत अच्छा है साथ ही साथ उनका स्वभाव, बात करने का तरीका सब लाजवाब है वो एक परफेक्ट हस्बैंड है | हर लड़की एक ऐसा वर मांगती हैं जो उसे जिन्दगी भर खुश रखे और उसका हर मुसीबत में साथ दे मेरे पति वैसे ही इंसान हैं जैसा सभी मांगे हैं पर मिलते कुछ खुशनसीब वालो को ही हैं | हम लोगों की टिकेट हो चुकी थी और हम लोगों ने जाने से पहले पूरा सामान रख लिया था अब बस इंतजार था तो वहाँ पंहुचने का मेरे पति के जो भाई हैं और जो मेरे देवर लगते हैं उनकी कार में उन्होंने हमे ट्रेन तक छोड़ा और फिर वो वापस चले गये थे | फिर हमने ट्रेन में अपना सामान रखा और अपनी अपनी सीट पर बैठ गये थे | मेरी सीट नीचे की थी और मेरे पति की ऊपर वाली सीट थी क्यूंकि हमारा ए.सी 3 में हो पाया था |

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हमारे सामने एक अंकल और आंटी थे वो भी वहीँ जा रहे थे तो उनसे अच्छी पहचान हो गयी थी और हम लोग उनसे बात करने लगे थे | कुछ ही मिनट में ट्रेन चलने लगी थी और हम लोग बहुत साडी बाते कर रहे थे एड दूसरे से रिलेटेड, अंकल और आंटी हमे वहाँ के बारे में बता रहे थे कि यहाँ पर ये है वहाँ पर वो है ये जगह जाना वो जगह जाना फलाना फलाना ! वो बहुत अच्छे थे फिर एक जगह ट्रेन रुकी तो कुछ यात्री उतरे और कुछ चढ़े थे | उन कुछ यात्री में से एक आदमी था जो उन अंकल आंटी की सीट के ऊपर उसका नंबर था वो उसी की थी | वो आदमी दिखने में एक गुंडे जैसा था बड़ी बड़ी ढाढ़ी थी उसकी और कान में बालियाँ पहना था तगड़ा बदन था उसका | खैर हमे तो उसे कोई मतलब नहीं था, फिर ऐसे ही शाम हुई और फिर रात हुई तो फिर हम लोगों ने आपस में खाना खा कर एक दूसरे से शेयर किया | अंकल और आंटी को हमारे हाँथ का बना खाना खाने में बहुत अच्छा लगा था | फिर खाना खाने के बाद मुझे बहुत नींद आ रही थी तो मैंने अपने पति से कहा कि यार मुझे बहुत नींद आ रही है मुझे सोना है तो मैने उन्होंने कहा कि ठीक है फिर मैं सोने लगी | कुछ टाइम के बाद मेरे पति भी सो गये थे लाइट बंद करके | मेरे पति लेट ही सोते हैं क्यूंकि वो ऑनलाइन हो कर शेयर की सारी जानकारी लेते हैं | फिर अगले दिन सुबह मेरी नींद खुली तो देखा कि वो आदमी जो था वो वहाँ नहीं है तो मुझे ऐसा लगा कि शायद वो किसी स्टेशन पर उतर गया होग | फिर जब हम हमारी ट्रेन शिमला स्टेशन पर पंहुची तो मैंने अपना सामान उठाया और पानी लेने के लिए हस्बैंड को पैसे देने के लिए जब पर्स चेक किया तो वो पर्स मेरे पास नहीं था | मुझे लगा कि हो सकता है वो आदमी चोर हो और उसने ही मेरा पर्स चुरा लिया हो मैंने अपनी पति को ये सारी बाते बताई | वैसे घबराने वाली कोई ज्यादा बात नहीं थी क्यूंकि उसमे ज्यादा पैसे भी नहीं थे और कोई कीमती सामान भी नहीं था | फिर हम एक शारदा होटल में अपना रूम बुक किये और अपने रूम में चले गये थोड़ी देर बैठेने के बाद मैंने अपने पति से कहा कि मैं हॉट बाथ ले कर आती हूँ तब तक आप एक गरमा गरम चाय का आर्डर दे दीजिये | मैं कुछ ही देर में बाहर आ गयी और फिर हस्बैंड नहाने चले गये और 5 मिनट बाद वो भी नहा कर आ चुके थे और उसके 2 मिनट बाद चाय भी आ गयी थी | फिर हम लोगों टीवी देखते हुए चाय की चुस्कियां ली और जैसे ही मैं कप रखने लगी तो मेरे हस्बैंड ने मेरा हाँथ पकड लिया और अपना मुंह के पास ले जा कर उस कप को किस किया ये देख कर मैं शरमा गयी थी |

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