शादी से पहले की मसला होने वाले पति ने

हेलो फ्रेंड्स मई गत्री बोल रही हू. वही गत्री जिसकी स्टोरी आप सबको मेरा बेटा सुनील सुनता है. आपकी तरह मई भी अपने बेटे सुनील की कहानी पड़ती हू. पहले मुझे थोड़ी शरम आती थी लेकिन अब आछा लगता. आप लोग भी स्टोरी काफ़ी पसंद कर रहे है.

मेरे बेटे ने आपको हुमारे प्यार की बाते बताई. तब मैने सुनील को बोला की बेटा मेरा भी मॅन करता है लिखने का ऐसे. उसने बताया मुझे की आपके बहोट लोग दीवाने है. पहले तो मई शर्मा गयी पर मेरे बेटे सुनील ने मुझे सब कुछ समझाया तो मई राज़ी हो गयी. वैसे भी मई कंप्यूटर सब जानती नही हू. पर मेरे बेटे की हेल्प से मैने ये सब किया है.

यूयेसेस दिन जब मैने सुनील और सूरज को उनके पापा के किससे सुनाए तो दोनो बहुत खुशह हुए और बोले की मम्मी आपको भी सब लोगो ये बताना चाहिए. सुनील के पापा के जाने के बाद क्या हुआ आप सब जाते है अब. लेकिन जब सुनील और सूरज छ्होटे थे तब उसके पापा मेरे जिस्म के कितने दीवाने थे और किस तरह हुमेशा मेरे पीछे पड़े रहते थे, ये मई आपको बतौँगी.

तब आप साँझ जाएँगे की मेरे सुनील और सूरज बिल्कुल अपने पापा पर गये तभी वो दोनो मुझे अपने पापा की कमी महसूष नही होने देते. सुनील और सूरज की हेल्प के बाद मैने ये सब लिखा. मई चाहती थी की सुनील आपको ये सब बताए लेकिन उसने बोला की मई ही खुद बताओ आप सबको. ऐसा मई पहली बार लिख रही हू कोई ग़लती हो तो आप बता देना.

अब तक अपने सुनील की स्टोरी पद कर मई जान गयी हू की आप लोग क्या पसंद करते है. मई अपनी पूरी कोशिश करूँगी आपको मज़ा आए. तो आपको बताती हू मई अब.

मई अपनी जवानी की उमर से ही काफ़ी मादक और सनडर थी. मेरे मम्मी पापा को मेरे रूप को लेके दर रहता की कोई उठा कर ना ले जाए. मम्मी पापा काफ़ी पुराने ख़याल के थे तो 12त होते ही मेरी शादी करने का डिसाइड किया. काफ़ी रिश्ते आए और एंड मे जाके सुनील के पापा मनोज के लिए मेरा रिश्ता आया.

मनोज काफ़ी अमीर थे और खानदान भी बड़ा था. मम्मी पापा को ये आछा लगा. मनोज भी लंबे और हटते काटते थे. मेरे जिस्म और मेरी दूध जैसी गोरी मुआलयूं खाल को देख कर वो मेरे उपर लट्तू हो गये और सोच लिया की मेरे से ही शादी करेंगे.

यूयेसेस टाइम मुझे पता नही था ये इतने जोश से भरे मर्द है. मम्मी पापा ने लड़का पसंद कर लिया और मैने हन करदी. रिश्ता पक्का हो गया. मनोज अपने फॅमिली के साथ आए और मुझे देखते ही रह गये. मई शर्मा कर मूह झुका कर खड़ी थी और वो मुझे घुऊरे जेया रहे थे.

यूयेसेस टाइम मे सूट मे थी. सूट मे ही मेरा फिगर चिपका हुआ टाइट घूर्ने लगे. मई यूयेसेस वक़्त 19-20 साल की होगी और सुनील के पापा मनोज लंबे छोड़े मर्द थे करीब 26-27 साल के. मई शर्मा कर मूह झुका कर खड़ी थी और वो सूट मे ही चिपका हुआ मेरा जिस्म मेरी मोटी कसी हुई झांग सब घूर रहे थे.

यूयेसेस दिन तो सब चले गये. लेकिन अगले दिन मनोज मेरे घर आए और मुझे बाहर ले जाने के लिए मम्मी पापा से बोलने लगे. मम्मी पापा ने माना कर दिया की शादी से पहले लड़की आपके साथ नही जाएगे. लेकिन मनोज भी बहुत तेज थे मम्मी पापा के लिए महनगी गिफ्ट लेके आए थे तो दोनो मान गये.

मुझे लेके वो घूमने निकल गये. घर से बाहर आते ही उन्होने..

मनोज- अब तो हम आपके होने वाले पति है गले नही लगाओगे?

मई शरमाने लगी. मनोज सूट के उपर मेरी दूध से भी गोरी च्चती घूर रहे थे.

मनोज- मई तुमसे बहुत प्यार करता हू.

मई- (शरमाते हुए) मई भी.

मनोज- तो गले लगा लो मुझे.

वो आयेज आए और मेरे सूट मे चिपके हुए जिस्म को पकड़ा और गले लगा लिया.

मई- आआाआउऊचह.. हुहह..

उन्होने कासके मुझे गले लगा लिया. पहली बार किसी गैर मर्द से ऐसे मिल रही थी. मेरे मोटे दूध से भरे चुचे उनकी टिगत च्चती मे डब गये और वो मेरी कमर कासके मसल रहे थे. मुझे शरम आने लगी. मेरी कमर से वो मेरी मोटी गोल गांद को च्छेदने लगे.

उनका लंड काफ़ी मोटा मई महसूष कर रही थी. तभी उनका कंट्रोल आउट हो गया और उन्होने मुझे कासके ड्बे दिया और मेरी कमर नोच ली.

मई- आआआआआहह.. हुहुहूह..

वो हॅट गये और मैने शरम से मूह झुका लिया और मुस्कुराने लगी. फिर दोनो कार मे बेत गये और निकल गये. मनोज मुझे एक माल मे लेके आ गये और सारी दिल दी.

मनोज- इसको पहनो ना अभी.

मई- अभी कैसे? घर जाके पहनुगी.

मनोज- आरे यहा माल मे चेंज रूम होता है वाहा पहें लो.

मई छल गयी और यूयेसेस टाइम मैने बाहर पहेली बार सारी पहनी. मुझे ज़्यादा आचे से आती नही थी . मई कुछ देर बाद बाहर आई तो मनोज मुझे घूरते ही रह गये और घूरते ही रह गये. मई शर्मा कर मुस्कुराने लगी और नीचे देखा तो.

बाप रे ये मैने क्या कर दिया. मेरा पल्लू पूरा साइड था और मेरा मुआलयूं सा दूध जेसा गोरा पेट पूरा चमक रा था और उसकी नाभि भी. अपनी 19-20 साल की होने वाली बीवी का ऐसा मुआलयूं गोरा पेट देख कर कोई भी मर्द पगा हो जाएगे.

मई शरम से मुस्कुराने लगी. ब्लाउस मे भी मेरे चुचे काफ़ी टाइट थे और आधे बाहर निकले थे. मेरा मादक जिस्म मनोज ने यूयेसेस दिन आधा देख लिया था. यूयेसेस दिन मुझे पता लगा की मेरे होने वाले पति कितने भूके है. पर अब मई उन्हे अपना पति मान चुकी थी.

मई शरमाने लगी और वो मेरे पास आए.

मनोज- बहोट आची लग रही हो, च्लो अब मेरे साथ.

मई- (शरमाते हुए) जी वो सारी..

मनोज- नही तुम ऐसे ही च्लो मेरे साथ.

मैने हन करदी और उनके साथ चलने लगी. मई अपना पल्लू धकने वाली थी की तभी उन्होने पीछे से मेरी कमर मे हाथ डाला और मेरी चिकनी नंगी कमर बहोट कासके नोच ली और उंगलिया गाड़ कर चलने लगे. मेरी सिसकिया निकल गयी पर मैने कंट्रोल किया.

मेरी सास तेज हो गयी. अपने होने वाले पति को क्या बोलती बला. पहली बार किसी गैर मर्द ने मेरी नंगी चिकनी कमर को ऐसे नोच कर पकड़ा था. मुझे ऐसे चलने मे शरम आ रही थी पर क्या करती औरत मर्द के आयेज कहा कुछ बोल पाती है.

फिर हम लोगो ने मोविए देखी और बाहर आ गये. पार्किंग मे जाते ही उन्होने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे घूर्ने लगे. मई शर्मा गयी और मुस्कुराने लगी.

मई- (शरमाते हुए) क्या हुआ आप रुक क्यू गये?

मनोज- गत्री मई तुम्हे किस करना चाहता हू.

मई शर्मा कर मुस्कुराने लगी. शादी से पहले ऐसे बाहर जाके किस करना मुझे शरम आ रही थी. पर सुनील के पापा मेरा पेट और ब्लाउस घुऊरे जेया रहे थे. ऐसे लंबे छोड़े मर्द को मई माना नही कर पाई. मई बसस मुस्कुरा दी. मुझे लगा वो मेरे गाल पर किस करेंगे.

मनोज- गत्री अपना पल्लू हटाओ ना.

मई साँझ गयी और शरमाते हुए..

मई- जी शादी से पहले ये सब.. कुछ ग़लत तो नही है..?

मनोज- नही गत्री ऐसा कुछ नही है, हम दोनो की शादी होने वाली है तो क्या हुआ.

वो नीचे बेत गये और मैने शरमाते हुए पहली बार किसी गेर मर्द के आयेज अपना पल्लू हटाया. उम्म्म्मम.. मेरा गोरा मुआलयूं पेट देख कर उनकी आँखे लाल हो गयी. उन्होने सिद्धा मूह मेरे मुआलयूं पेट मे घुसा दिया और मेरा पेट बुरी तरह चूसने लगे.

मनोज- आओउम्म्म्ममममममममम.. प्पकक्चह… ससपरर्र.. स्परर.. प्पुच..

मुझे एक तेझ झतका लगा.. मेरी आँखे ब्न्ड हो गयी, मनोज ने मेरा मुआलयूं पेट अंडर तक चूसना शुरू कर दिया.

मई-आ आआआआआवउुुुुुुउउम्म्म्म… रूको… आओंम्म्ममम.. हुहह.. हुहह… रूको नाअ… आओउम्म्म्ममम.. आअहहुऊम्म्म्ममम.. रूको न… आअहह.. आअहहूऊंम्म..

कुछ देर बाद मनोज खड़े हो गये और मई हाफ्ते हुई शर्मा रही थी.

मनोज- तुम बसस मेरी हो गत्री और किसी की नही.

मई मुस्कुराने लगी. मैने ज्लडी से अपना पेट धकक लिया. मनोज हुन्से लगे और फिर मुझे वापस घर छ्चोड़ दिया. मुझे लगा च्लो कोई नही ऐसा होता है, अब तो मेरी इन्ही से शादी होगी. अब सिद्धा शादी पर मिलूंगी.

पर अगले दिन वो फिर आ गये और मेरे लिए और मम्मी के लिए काफ़ी गिफ्ट लेके आए. मम्मी ने मुझे फिर भेज दिया. इश्स बार मई घर से ही सारी पहें कर गयी. इश्स बार जेसे ही हम कार से माल मे घुसने के उतरे.

उन्होने पार्किंग मे ही मेरा हाथ तभी पकड़ लिया और अपनी टरफ़ खिचने लगे.

मनोज- आओ ना प्यार करते है.

मई शर्मा गयी, अब मई 19-20 साल की मासूम मादक जिस्म वाली लड़की इतने लंबे और तगड़े अपने होने वाले पति को कैसे माना करती. मेरी मा ने भी यही सिखाया था की पति ही औरत का भगवान होता है. मुझे शरमाता देख उन्होने मुझे अपनी टरफ़ खिच लिया और सिद्धा मेरे पल्लू मे हाथ घुसा कर मेरे मुलयूं पेट को मसालने लगे.

मई- उूुुुुुुुुुुुुुउउम्म्म्ममममममम… उहह.. हहूहह.. हुहह.. हहूहह..

मनोज ने ऐसे मेरा मुआलयूं पेट मसल दिया की ना चाहते हुए भी सिसकिया निकल गयी. उनके ताकतवर हाथो ने मेरा मुआलयूं पेट मरोड़ कर रख दिया.

मनोज- उउम्म्म्म.. .अओउम्म्म्मम बहोट मुआलयूं हो तुम गत्री… उउम्म्म्म..

मई- हह.. हूउहह… आहह… हुहह.. आहुह..

मेरी सिसकिया ब्न्ड नही हो रही थी. वो मेरा मुआलयूं पेट और मसालने लगे और मेरा पल्लू गिरा दिया. मेरी गोरी दूध जैसी च्चती मेरे होने वाले पति के सामने थी. मेरे आधे बाहर निकले दूध से भरे चुचे वो घूर्ने लगे.

मुुझहे शरम आई तो मैने बोला.

मई- यहा कोई देख लेगा.

मनोज- कोई नही दिखेगा गत्री तुम चिंता मत्ट करो.

उनकी लाल आँखे मेरी च्चती घूर रही थी. उन्होने मेरी च्चती पर हाथ रखा और मसालने लगे.

मई- उउम्म्म्मम…. हुहह… हुहह… हुहह.. अओमम्म.. आहा… आ..

वो मेरा ब्लाउस खिच कर मेरे चुचे बाहर निकाने लगे. मुझे और शरम आने लगी मई उनको प्यार से रोकने लगी.

मनोज- मई तुमसे बहोट प्यार करता हू गत्री तुम भी मुझसे प्यार करती हो ना?

मई- ( शरमाते हुए) जी करती हू.

मनोज- तो मुझे अपना ये जिस्म देखने दो ना.

अब 19-20 साल की मासूम लड़की अपने होने वेल पति को कैसे माना करती. मैने शरमाते हुए हाथ टा लिया और उन्होने अपना हाथ मेरे ब्लाउस मे दिया और मेरे दूध से भरे हुए कसे हुए चुचे मसालने लगे. मेरी तो आँखे ही ब्न्ड हो गयी और मई मचलने लगी.

मई- आआओउम्म्म्मममाअहह..आअहह…अओउम्म्म्ममममम…आआहहुऊम्म्म्म..आअहह..

मसालते हुए उन्होने मेरा ब्लाउस कनढ़े पर नीचे कर दिया और एक चुचा बाहर निकल गया. मेरा मोटा चुचा और उसका गुलाबी निपल देख कर मनोज पागल ही हो गये. मुझे तो बहोट शरम आ रही थी पर मज़ा भी आ रा था. मेरा गोरा नंगा कंधा और बाहर निकला हुआ चुचा देख कर मनोज ने मेरा पल्लू पूरा नीचे गिरा दिया.

उसके बाद मेरा वो चुचा मूह मे भ्रा और चूसने लगे. मुझे एक झतका सा लगा बहुत तेज और मेरी आँखे ब्न्ड हो गयी.

मई- आआआवउुुुुुुुउउम्म्म्मममममममाअहह..आअहहुऊम्म्म्मम..

मनोज- उम्म्म्ममम..प्पउक्च..प्पउक्च…प्पउक्चह………..बहुत सनडर हो गत्री……….तुम बसस मेरी हो.

मई- आअहहुउऊंम्माअहह…….हुहह……..

वो पहली बार था जब मनोज ने मेरा पल्लू गिरा मेरे दोनो चुचे ऐसे छहुउसे थे पूरे आधे घन्ट तक. मेरी प्यारी सी छूट का पानी भी निकल गया था. मुझे भी मज़ा आया था. लेकिन मुझे ये नही पता था मेरे जिस्म को चूस मनोज मेरे लिए और भी पागल हो जाएँगे.

जेसे शेर के मूह मे खून लग गया हो. शादी से पहले ही मेरी जवान देख कर मनोज की हवस और प्यार मेरे बदते चले गये. ये वो ही टाइम है जब मनोज मुझे सारी पहनने को बोलना शुरू कर दिया था. उन्हिने मुझे सूट पहनना ब्न्ड करवा दिया था.

मुझे डीप और टिगत ब्लाउस और सारी लाक देते थे. तभी से मैने सारी पहनना शुरू कर दिया. सारी मे मेरा पल्लू भी साइड करवा देते थे मनोज. जब मई उनके साथ बाहर जाती तो मेरा आधे से ज्यदा मुआलयूं पेट सॉफ चमकता था.

सब मेरी चिकनी कमर और पेट घूरते. ये देख कर मई शर्मा जाती और मनोज मुक्सुराने ल्गते. वो जितनी भी फोटो लेते मेरी सब मे मेरा पल्लू साइड करवा देते. मेरी नाभि और मुआलयूं पेट को ज़ूम करके फोटो लेते. वो फोटो आज भी मेरे पास है सुनील के कंप्यूटर मे.

शादी होने मे 1 महीना बाकी था पर सुनील के पापा मेरे बुरी तरह दीवाने हो चुके थे. वैसे तो मम्मी पापा बाहर निकलने को माना करते थे. पर मनोज महनगे गिफ्ट मम्मी पापा को लाके देते थे तो मम्मी और पापा मुझे बाहर जाने से रोकते नही थे.

अब मनोज काफ़ी जोश मे आते जेया रहे थे. उन्होने मम्मी पापा का काफ़ी भरसा जीत लिया था. अब मम्मी पापा उन्हे शादी से पहले ही घर का ही मानते थे. एक दिन तो घर मे वो ऐसे ही मिलने
आ गये और मम्मी ने खुद ही बोल दिया की गत्री उप्पर अपने रूम मे है. वो भाग कर आए और सारी मे मुझे देख कर कासके गले लग गये.

मई- ( शरमाते हुए ) बसस भी करिए मम्मी नीचे ही है.

मनोज- मम्मी ने ही उपर भेजा है.

और फिर उन्होने मेरा पल्लू टा दिया और मेरी गोरी च्चती घूर्ने लगे. मई जानती थी मई 19-20 साल की लड़की उनका सामना नही कर पाऔगी इसीलिए मैने मुक्सुरन कर सरेंडर कर दिया. मुझे लगा आज वो मेरा फिर से दूध पीएँगे.

पर उन्होने मेरे पेट को कासके नोच लिया और मसालने लगे.

मई- आअहम्मुऊउम्म्म्ममम….हहूहह…आहहुऊंम्म….उउउफ़फ्फ़…आअहह..

मेरी सिसकिया निकलने लगी.

मई- ( शरमाते हुए) प्लीज़ आप काटना मत्ट मेरा पेट पयर से करना.

मनोज- गत्री तुमहरा इतना मुआलयूं और दूध जेसा गोरा पेट देख कर इसको कचा खाने को मॅन करता है.

मई- ( शरमाते हुए) तो आप नही मानोगे?

मनोज- नही.

मई भी क्या करती, मेरे सामने इतना बड़ा सांड़ जेसा आदमी और मई और मेरा मादक जिस्म.

उन्होने मुझे घूरते हुए मेरे पेट मे मूह लगाया और मेरे पेट की मुआलयूं खाल को दांतो से काट लिया. मई जानती थी अग्र चिल्लाई तो मुझे ही डाट पड़ेगी, मैने अपना मूह ड्बे लिया और मनोज ने मेरी मजबूरी देख कर और कासके मेरा पेट चूसने लगे.

मई- आआआआवउुुुुुुुुुुउउम्म्म्मममममममममममममममममममममममममममममममममम..

मनोज- उम्म्म्म…प्पउक्च…पुउच्च..प्पुच…स्प्सरर.स्परर.पर.. कककच…कक्च..कक्च्छ..कक्च्छ..क्कसप्सरर..स्प्सरर..स्परर.कककच्छ.आआआआआआआाआउऊचह.. कककच….कच….कचह.कककचह….कककचह..कक्चह…कककककचह.. उउंम्म..प्पउक्च..प्पुच..प्पुच..पुच्छ…ससपरर..स्परर…स्प्सरर..स्परर..प्पुउऊच..
उम्म्म्म…प्पउक्च…पुउच्च..प्पुच…स्प्सरर.स्परर.पर. कककच…कक्च..कक्च्छ..कक्च्छ..क्कसप्सरर..स्प्सरर..स्परर.कककच्छ.आआआआआआआाआउऊचह.. कककच….कच….कचह.कककचह….कककचह..कक्चह…कककककचह.. उउंम्म..प्पउक्च..प्पुच..प्पुच..पुच्छ…ससपरर..स्परर…स्प्सरर..स्परर..प्पुउऊच..

19-20 साल की लड़की का मुआलयूं पेट ऐसे कों चूस्ता है बला. उन्होने मेरी जान निकल दी, पेट से खून तपाक रा था. मेरी छूट भी गरम होने लगी.

मई- हुहह..हुहहुऊम्म्म्मममममममम… मम्मी आ जाएगे बसस करिए ना.

उन्होने मेरी एक ना सुनी और मेरे ब्लाउस मे हाथ डाल कर मेरे चुचे बाहर निकल लिए और मुझे बेड पर धकका देके मेरे गुलाबी निपल पर टूट पड़े उनको रब्बर की तरह खिच कर मूह से दूध निकालने लगे.

मनोज-उम्म्म्म…प्पउक्च…पुउच्च..प्पुच…स्प्सरर.स्परर.पर..

कककच…कक्च..कक्च्छ..कक्च्छ..क्कसप्सरर..स्प्सरर..स्परर.कककच्छ.आआआआआआआाआउऊचह..

कककच….कच….कचह.कककचह….कककचह..कक्चह…कककककचह..

उउंम्म..प्पउक्च..प्पुच..प्पुच..पुच्छ…ससपरर..स्परर…स्प्सरर..स्परर..प्पुउऊच..

मनोज–आअहह..आहह..आआओउम्म्म्मममम..बसस करिए….आमम्म्ममाआहह..

मनोज- तुम्हे दूध नही आता?

मई- ( शरमाते हुए) जी नही… मई अभी 20 साल की हू.

मनोज- उउम्म्म्म.. तुम एक बार तुम्हे बछहे पैदा करके दूँगा तब तुम्हे दूध ब्नेगा और तुमहरा वो दूध मई रोज निचोड़ कर पीआ करूँगा.

मई शर्मा कर मुस्कुराने लगी अपने होने वाले पति की हवस और जोश देख कर और मई खड़ी होने लगी.

मई- चलिए अब नीचे चलते है.

मनोज- अरे नीचे बोर हो जाओगी..

मई- आआआआआआाआउउकचह..

इससे पहले मई कुछ बोलती उन्होने फिर से मेरी कमर पकड़ कर बेड पर धका दिया और मेरे चुचे नोचते हुए मेरे उप्पर लेट गये और फिर तो.. उम्म्म्म.. 1-2 घटने तक उन्होने मुझे जी भर कर निचोड़ कर पयर किया.

उनके जाने के बाद भी रात भर उनके दिए हुए झखम मुझे दर्द देते रहे और मई मुस्कुराती रही. मुझे घर मे अपना पेट और च्चती च्छूपा कर रखनी पड़ती. हुमेशा उन्न पर मनोज के चूसने और काटने के निशान रहें लगे थे.

उनका मुझे बाहर ले जाना अब आम हो चुका था. शादी मे 1 हफ़्ता रह गया था. यूयेसेस दिन वो मुझे बाहर ले गये रेड सारी पहना कर. उसमे मे काफ़ी जवान मादक लग रही थी. मेरा दूध जेसा गोरा मुआलयूं पेट पूरा दिख रा था. मेरा डीप ब्लाउस भी मेरे आधे चुचे बाहर निकल रहे थे.

अगर आप लोग आयेज क्या हुआ जानना चाहते है तो मुझे ज़रूर बताइए. मेरे लिए ये एक आच एक्षपर्िएनसे होगा आपको अपनी जवानी के किससे बताना. आप मेरी मैल ईद पर भी मुझे बता सकते है की मेरी बाते आपको कैसी लगी.

यह कहानी भी पड़े  सिस्टर को चुदाई करवाते हुए देखा

error: Content is protected !!