पार्किंग में सेक्सी लड़की की चुदाई कहानी

पिछला भाग पढ़े:- भाई बहिन और सेक्स-३

अन्तर्वासना सेक्स स्टोरी अब आगे से-

कृतिका मेरे स्पेशल ट्रीटमेंट की वजह से बहुत खुश थी तो उसने मुझे गाल पे किस करना शुरू किया और वो रुकने का नाम नहीं ले रही थी.

निल: क्या बात है, आज बड़े रोमांटिक मूड में हो?

कृतिका: ऑफ़ कोर्स!

इतना बोल के उसने मेरी पैंट की ज़िप ओपन की और लंड बाहर निकाल के उसे अपने हाथ में पकड़ा और उसे हिलने लगी. मेरे मुंह से सिसकारी निकलने लगी.

निल: अह्ह्ह कृतिका, बहुत अच्छा लग रहा है. उम्म्म ओह्ह्ह बहुत मज़ा आ रहा है.

कृतिका (मुस्कुराते हुए): मुझे भी मज़ा आ रहा है तुम्हारा लंड हिलाते हुए.

कुछ देर में लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया और कृतिका भी जोश में आ गयी. मुझे ड्राइविंग करने में दिक्कत हो रही थी, इसलिए मैं उसे रोकने लगा.

निल: आह्ह्ह्ह प्लीज मत करो न ये. मैं ड्राइव नहीं कर पा रहा हु.

कृतिका: नो… मुझे अभी इसे चूसने का मनन हो रहा है… आज मैं बहुत खुश हु.

निल: अह्ह्ह, ी क्नोव देअर. लेकिन यहाँ मत करो न प्लीज.

फिर भी कृतिका ने मेरी एक न सुनी और उसने लंड चूसना शुरू किया. मेरे मुँह से जोर की चीख निकल गयी क्यूंकि मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. कृत्तिका मेरा लंड चूसते हुए बॉल्स को सहला रही थी, इसलिए मैं पागल होने लगा था. मुझे कृतिका को छोड़ने का बहुत मनन करने लगा था, इसलिए मैंने गाड़ी की स्पीड बढ़ाई और हम उसके घर की तरफ चले गए. हम कुछ ही देर में उसके घर पहुँच गए और मैंने गाड़ी पार्किंग में लगा दी.

कृतिका का घर काफी बड़ा था और पार्किंग भी काफी बड़ी थी, जहाँ सिर्फ हम दोनों ही थे.

निल: आह्हः कृतिका, बहुत मज़ा आ रहा है. उम्म्म, मैं तुम्हे छोड़ना चाहता हु.

मेरी बात सुन कर वो बहुत खुश हो गयी.

कृतिका: फिर चलो मेरे बेडरूम में सेक्स करेंगे.

निल: नहीं, वहां नहीं… मुझे यहीं पार्किंग में करना है.

कृतिका समझ गयी थी मैं बहुत गरम हो गया था, तो उसने भी हाँ बोल दिया. हम दोनों गाडी से बाहर आ गए और कार के बोनेट के सामने खड़े हो कर किसिंग करने लगे. मैंने कृतिका की कमर में हाथ डाल के उसे अपने करीब खींचा और उसके होंठ चूसने लगा. कृतिका आँखें बंद करके मेरा साथ देने लगी.

धीरे-धीरे हमने स्पीड बढ़ाई और हम वाइल्ड होने लगे. हम दोनों काफी करीब थे, इसलिए उसके बूब्स मेरी चेस्ट में दब गए थे, जिन्हे मैं अचे से फील कर पा रहा था. मैंने हाथों को नीचे की तरफ घूमने लगा और कुछ ही पल में उन्हें कृतिका की गांड़ पर रखा और उसे सहलाने लगा.

कृतिका मुझसे अलग हुई और मुस्कुराने लगी. मैं समझ गया उसे मज़ा आ रहा था. मैं उसकी गांड को अचे से सहलाने लगा ताकि वो गरम हो जाये. कृतिका ने मेरे कान को हलके से बाईट किया. मेरी सिसकारी निकल गयी. फिर उसने मेरा शर्ट उतार दिया और मेरी चेस्ट, शोल्डर, एबीएस पर किश और लीक करना शुरू किया. कृतिका एक-दम पागलों की तरह मुझे हर जगह लीक कर रही थी जैसे वो मुझे खा जायेगी.

फिर मैंने उसका ओने पीेछे को उतार दिया. वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा पंतय में खड़ी थी और बहुत सेक्सी लग रही थी. उसका बदन चाँद की तरह चमक रहा था. मैंने उसे हर जगह किस्स करना शुरु किया. कृतिका बहुत गरम होने लगी. मैंने उसकी ब्रा उतार दी और उसके बूब्स उछाल के मेरे सामने आ गए.

उसने मुझे कार के बोनेट पर बिठाया और खुद मेरे पास आ कर अपने बूब्स चुसवाने लगी. मैं उसके बूब्स को मुंह में लेकर चूसने लगा. उसके बूब्स काफी बड़े थे और बहुत मज़ा आ रहा था उन्हें चूसने में.

कृतिका: आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह एस्सस ऐसे ही चूसो बाबीय ाहः उम्मम बहुत मज़ा आ रहा है उम्म्म ओह्ह्ह एस.

कृतिका ने मेरी पंत को खोलना शुरू किया और कुछ ही देर में उसने मेरी पैंट उतार दी. मैं उसके सामने सिर्फ बॉक्सर में खड़ा था, और मेरा खड़ा लंड साफ़ दिखाई दे रहा था. कृतिका ने लुंड को देखते हुए कहा-

कृतिका: लगता है आज बहुत मज़ा आने वाला है.

इतना बोल के उसने मेरी बॉक्सर भी उतार दी और मेरा ८ इंच का लुंड उछाल के बाहर आया. लुंड को देख के कृत्तिका के मुँह में पानी आने लगा और उसने फिर से मेरा लंड चूसना शुरू किया.
कृतिका ने लुंड की स्किन को थोड़ा पीछे किया और उसे मुंह में लेकर चूसने लगी. मुझे बहुत मज़ा आने लगा और मेरी आँखें बंद हो गयी.

मैंने कृतिका के बालों को पकड़ा और उसे लुंड को और अंदर लेने के लिए पुश करने लगा. वो मेरा इशारा समझ गयी और उसने धीरे-धीरे लुंड को पूरा अंदर तक लिया जो मुझे जन्नत की सैर करवा रहा था. मेरा लुंड काफी बड़ा था, जो कृतिका के गले तक जा चूका था. लेकिन उसे इसकी आदत थी.

काफी देर तक उसने मेरा लंड चूसने के बाद मैंने उसकी पैंटी उतार दी और कृतिका मेरे सामने नंगी खड़ी थी. शायद उसने आज ही चुत को क्लीन किया था इसलिए छूट पर एक भी बाल नहीं था. कृतिका की चुत बहुत ही नाज़ुक और छोटी सी थी, जिसे देख के किसी के भी मुंह में पानी आ जायेगा.

उसकी लेग्स बहुत सेक्सी लग रही थी, जिन्हे देख के मैं बहुत वाइल्ड होने लगा था. कृतिका को मैं जब भी देखता हु, मुझे खुद पे गर्व होता है की वो मेरी होने वाली वाइफ है.

मैंने कृतिका को अपने करीब खींचा और उसकी चूत में २ उँगलियाँ डाल दी. कृतिका ने ज़ोर से सिसकारी ली और उसकी आँखें बंद हो गयी. फिर मैं उसे फिंगरिंग करने लगा.

कृतिका: आह्हः एस्सस ओह्ह्ह्हह बब्यीय आह्हः हां ऐसे ही करो. उफ़ क्या उँगलियाँ है तुम्हारी आह्हः एक-दम हार्ड ओह्ह्ह बब्यीय. बहुत मज़ा आ रहा है मुझे उम्म्म आह्ह्ह्ह एस्स देअर अहह.

मैंने उसे काफी देर तक फिंगरिंग की जिससे कृतिका बहुत गरम हो गयी और उसकी चूत से काम-रस बहने लगा था. कृतिका और वेट नहीं कर पाई और उसने मुझे छोड़ने के लिए कहा.

मैंने उसे कार के बोनेट पर लिटा दिया और खुद उसके उसके ऊपर ाके छत पे लुंड सेट किया और ज़ोर से धक्का मारा. मेरा पूरा लुंड एक झटके में अंदर चला गया. कृतिका बहुत जोर से चीखी. मैं समझ गया उसे बहुत मज़ा आ रहा था. इतना बड़ा लंड एक साथ अंदर लेने की वजह से उसका बदन पूरा लाल पड़ गया था.

मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किये और उसे चोदने लगा. हम एक-दुसरे की आँखों में देखते हुए चुदाई करने लगे. कृतिका इतनी गरम हो गयी थी की उसकी आँखें बार-बार बंद होने लगी थी.

कृतिका: आह्हः ओह्ह्ह गॉड इस बेबी, यस फ़क मे हर्डर आह्ह्ह एस्स फ़क फ़क फ़क में हार्ड. आह्हः एस्सस ओह्ह माय डार्लिंग आह्ह्ह क्या लुंड है तुम्हारा ाहहह. मेरे पतिदेव आह्हः उम्म्म मेरी चूत ाहहह फाड़ दो इसे बब्यीय ाहहह और डीप दालो न उमंम निल मेरी जान. आअह्ह्ह एस्सस बब्यीय ओह्ह माय लव और छोड़ो मुझे.

मैंने उसे बूब्स को दबाते हुए छोड़ना शुरू किया. हम दोनों एक-दूसरे में खो गए थे. पूरे पार्किंग लॉट में सिर्फ हमारी ही आवाज़ आ रही थी. हमारी आवाज़ सुन के कोई भी समझ जायेगा मैं कृतिका को कितने बुरी तरह से छोड़ रहा था.

मैंने उसकी गर्दन को पकड़ा और उसके होंठ चूसने लगा. कृतिका पागलों की तरह मेरा साथ देने लगी. उसने अपने पैरों से मुझे कस के पकड़ लिया और अपनी कमर हिलाते हुए लुंड को और अंदर तक लेने लगी थी. काफी देर की चुदाई के बाद मैं बोनेट पर बैठा और कृतिका दूसरी तरफ मुँह करके खड़ी हो गयी. उसने मुझे आँख मारते हुए इशारा किया और मैं समझ गया उसे क्या चाहिए था.

मैंने लुंड को फिर से हिलाए ताकि वो पूरी तरह तैयार हो जाए. कृतिका मेरे सामने डोगग्य स्टाइल में खड़ी हो गयी और मैंने उसकी कमर को पकड़ के उसकी गांड में लंड डालने लगा. २-३ धक्के लगाने के बाद मेरा लंड गांड में चला गया. और अंदर जाते ही कृतिका मेरा नाम लेते हुए ज़ोर से चिल्लाने लगी. इससे मैं समझ गया था उसे दर्द हो रहा था, लेकिन बहुत मज़ा आ रहा था.

फिर कृतिका खुद से मेरे लंड पर बैठ गयी और हर धक्के के साथ लुंड उसकी गांड की गहरायी में जाने लगा. मैंने उसकी कमर को अचे से पकड़ लिया ताकि वो जोश में ज़्यादा हिले नहीं. कृतिका के जिस्म से बेहद कामुक सुगंध आ रही थी, जो मुझे पागल करने लगी थी.

मैंने उसे छोड़ते हुए उसकी चूत में फिंगरिंग करना शुरू किया, जिससे कृतिका झड़ने के बहुत करीब थी. मुझे इतना मज़ा आ रहा था उसकी टाइट गांड मारने में के मैंने कृतिका के बदन पे उसकी गर्दन पर लव बीट्स दिए थे. ये सब कब हुआ हमें पता भी नहीं था.

हर धक्के के साथ लुंड उसकी गांड को चीरता हुआ अंदर तक जा रहा था. हम दोनों पसीने से भीग चुके थे. कृतिका की छूट से बहुत सारा पानी निकल रहा था जिससे उसके पैर भीग चुके थे.

कृतिका: आह्ह्ह्ह बेबी, मैं झाड़ने वाली हो, और ज़ोर से छोडो आह्हः प्लीज.

उसकी बात सुन कर मैंने धक्को की स्पीड बढ़ाई और ज़ोर-ज़ोर से उसकी गांड मारने लगा. हर धक्के के साथ उसकी आवाज़ मेरे कानों में गूंजने लगी थी. कृतिका का बदन पूरी तरह से लाल पड़ चुका था. मैं उसे बहुत ब्रूटल छोड़ रहा था जो उसे बहुत पसंद था. ये चुड़ै करीब आधे घंटे तक चली जिसे हम्मे बहुत एन्जॉय किया. फिर अचानक से कृतिका की छूट से बहुत सारा पानी निकला और वो झड़ गयी. वो ज़ोर-ज़ोर से सांस लेने लगी, लेकिन मैं अभी भी उसे छोड़ रहा था.

थोड़ी देर बाद वो नार्मल हुई और उसने घुटनों पर बैठ के लुंड को हिलाना शुरू किया. कुछ देर बाद मैं झड़ने वाला था.

निल: आह्हः बेबी, ी’म क्युम्मिंग…

कृतिका: मेरे मुँह में निकलो.

फिर मैं उसके मुँह में ही झड़ गया और कृतिका सारा पानी पी गयी. मैं ज़ोर-ज़ोर से हाँफते हुए उसे देख के मुस्कुरा रहा था. बस हम दोनों ही जानते थे कि हम कितने वाइल्ड थे एक-दुसरे के लिए.

फिर हमने जल्दी से कपड़े पहने और सब ठीक करके वहां से कृतिका के घर चले गए. लेकिन अंकल आंटी ने कृतिका के गर्दन पर लव बीट्स देखा और वो समझ गए हम दोनों के बीच क्या हुआ था. इस बात से वो काफी खुश थे की हम दोनों एक-दुसरे के करीब आ रहे थे.

अंकल ने मुझे छेड़ते हुए कहा: लगता है अब तुम दोनों की इंगेजमेंट करनी पड़ेगी.

इतना बोल वो और आंटी हमें देख के हसने लगे और मैं वहां से शरमाते हुए चला गया.

तो बे कॉन्टिनोएड…
होतबायनील८६००@जीमेल.कॉम

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