मेरा नाम स्मृति है, और मैं 25 साल की हू. मैं एक स्कूल में टीचर हू, और पुणे में रहती हू. मेरी हाइट 5’5″ है, और रंग ठीक-ठीक गोरा है. फिगर मेरा 34-30-36 है. नैन-नक्श आचे है, और मैं सेक्सी दिखती हू. मैं ज़्यादातर लेगैंग्स-कुरती पहनती हू, जिसमे से मेरी बॉडी शेप दिखती है.
हर लड़की की तरह मुझे भी अछा लगता है जब लड़कों की अटेन्षन मुझे मिलती है. लेकिन मैं इतनी जल्दी किसी से बात नही करती, और ना ही फैस्टी हू. ये कहानी पिछले साल की है, जब मेरे पापा ने मेरी चुदाई की थी. तो चलिए बताती हू सब कैसे हुआ.
मेरी फॅमिली में मैं और मेरे पापा ही है. मेरा कोई भाई-बेहन नही था कभी, क्यूंकी मेरे पैदा होने के अगले ही साल मा का देहांत हो गया. उसके बाद से मेरे पापा ने मुझे पाला. उन्होने मुझे आचे से पढ़ाया लिखाया, और इस लायक बनाया की मैं अपने पैरों पर खड़ी हो साकु.
मैं पापा के साथ शुरू से फ्रीली बात करती थी. अगर किसी लड़के ने मुझसे बात की, या प्रपोज़ किया, तो मैं पापा को सीधे-सीधे बता देती थी. फाइनल एअर ले दौरान मुझे एक लड़का पसंद आ गया. वो मुझसे फ्रेंडशिप करना चाहता था. मैने पापा को उसके बारे में बताया, तो उन्होने मुझे अपना पार्ट्नर खुद चूसने करने को कहा.
फिर मैने उस लड़के को हा कर दी, और वो मेरा बाय्फ्रेंड बन गया. मैने उसको पापा से भी मिलाया, और वो अक्सर मेरे घर आ जया करता था स्टडी के बहाने.
धीरे-धीरे हम दोनो में किस्सिंग और हगिंग शुरू हो गयी. कॉलेज ख़तम होने के बाद हम सेक्स छत भी करने लगे. फिर एक दिन वो घर आया जब पापा घर पर नही थे. उस दिन हम दोनो में चुदाई हो गयी. मैं उसको सक्चा प्यार करती थी, इसलिए मैने उसको अपना सब कुछ दे दिया.
लेकिन फिर वो मुझसे बात-बात पर लड़ने लगा और नाराज़ होने लगा. मुझे समझ नही आ रहा था की वो ऐसा क्यूँ कर रहा था. अब मैं पापा को भी क्या बताती, क्यूंकी मैने ही उसको पसंद किया था.
फिर एक दिन उसने मुझसे ब्रेकप कर लिया. मैने उसको मानने की कोशिश की, लेकिन उसने मेरा फोन उठना बंद कर दिया. मैं उसके घर भी गयी, लेकिन वो नही मिला. अब मैं बहुत उदास हो गयी.
मैं यहीं सोच कर अपने कमरे में बैठी रो रही थी, तभी पापा ने मुझे देख लिया. उन्होने मुझसे पूछा तो मैने रोते हुए उनको सब बता दिया. पापा ने कहा-
पापा: हो सकता है कोई ग़लतफहमी हो. तुम मुझे नंबर दो, मैं उसको कॉल करके देखता हू.
फिर पापा ने उसको कॉल किया. उसने फोन उठाया. उसको मेरे पापा का नंबर नही पता था, इसलिए उसने फोन उठाया था. फिर जब पापा ने उससे पूछा तो वो बोला-
बाय्फ्रेंड: सिर, मुझे आपकी बेटी से सेक्स करना था. साली ने इतना टाइम लगा दिया. लेकिन मज़ा बहुत आया.
उसकी बात सुन कर मैं हैरान हो गयी. अब पापा को पता चल चुका था की मैने उसके साथ सेक्स कर लिया था. तभी पापा ने उसको गुस्से में बोला-
पापा: सेयेल, मैं तेरा जीना मुश्किल कर दूँगा. तूने ग़लत किया मेरी बेटी का दिल तोड़ के.
बाय्फ्रेंड: मैने कोई ज़बरदस्ती नही की. उसके हा कहने पर ही मैने सब किया. तू कुछ नही उखाड़ सकता मेरा.
और बाय्फ्रेंड ने फोन बंद कर दिया. साथ ही पापा ने अपने एक पोलीस वाले दोस्त को कॉल लगाई और उसको सारी बात बता दी. पापा के फोन में हर कॉल रेकॉर्ड होती है. उन्होने उसकी रेकॉर्डिंग अपने दोस्त को भेज दी. फिर रात हो गयी, और हम सो गये.
अगले दिन वैसे ही पापा काम पर गये. शाम को आके उन्होने बोला की मेरे बाय्फ्रेंड को पोलीस ने पकड़ लिया है, और वो जैल में था. मेरे मॅन को सुकून मिला ये सुन कर.
उस दिन के बाद से लाइफ फिर वैसे ही चलने लगी. लेकिन मैं अपने ब्फ की कमी हर पल महसूस करती थी. मुझे अकेलापन फील होता रहता, और मैं डिप्रेशन में चली गयी.
एक रात ऐसे ही अपने रूम में बैठी मैं रोने लग गयी ज़ोर-ज़ोर से. तभी पापा मेरे कमरे में आए, और मुझे चुप करने लगे. लेकिन मैं रोए जेया रही थी. मैने नाइट सूट पहना था, और बेड के किनारे ज़मीन पर बैठी थी. पापा मेरे पास बैठ गये मुझे चुप करते हुए.
मैं उनको बोली: पापा मैं उसके बिना नही रह सकती.
पापा: बेटा वो नही आएगा.
मैं कुछ भी सुनने को तैयार नही थी, और रोए जेया रही थी. तभी अचानक से पापा ने मेरा मूह पकड़ा, और अपने होंठ मेरे होंठो से लगा दिए. मैं एक-दूं से हैरान हो गयी. अब पापा मेरे होंठो को चूसने लगे. मैं कुछ समझ नही पा रही थी.
फिर मुझे पता नही क्या हुआ, और मैं उनका साथ देने लगी. शायद मेरा जिस्म ही था जो सेक्स माँग रहा था, और इसी वजह से मैं दुखी थी. और शायद पापा को इस बात का अंदाज़ा था.
किस में मेरा साथ पा कर पापा मेरे जिस्म पर हाथ फेरने लगे. मुझे मज़ा आने लगा. वो मेरी जांघों पर हाथ फेरने लगे, और धीरे-धीरे हाथ मेरी छूट पर ले गये.
जैसे ही उनका हाथ मेरी छूट पर लगा, मेरे बदन में करेंट दौड़ गया. मेरी किस वाइल्ड हो गयी. मैं किस करते हुए पापा के बालों में हाथ फेरने लगी. फिर पापा ने हाथ मेरे पाजामे के अंदर पनटी में डाल लिया, और मेरी छूट में उंगली अंदर-बाहर करने लगे.
मैने आयेज से अपने आप अपना शर्ट खोल दिया. मैने ब्रा नही पहनी थी, जिससे मेरे बूब्स बाहर आ गये. मेरे बूब्स देख कर पापा उनको चूसने लग गये. मैने अपना हाथ पापा के खड़े लंड पर रखा दिया, और उसको दबाने लगी. काफ़ी तगड़ा था उनका लंड.
फिर पापा ने मुझे खड़ा किया, और बेड पर लिटा लिया. उन्होने मेरा पाजामा और पनटी उतार दिए, और खुद भी नंगे हो गये. उसके बाद वो मेरी टाँगें खोल कर बीच में आए, और मेरी छूट पर लंड सेट करने लगे.
इसी बीच उन्होने मेरी तरफ देखा, जैसे पर्मिशन माँग रहे हो. मैने भी आँखों से हा बोल दिया. फिर पापा ने धक्का मार कर लंड घुसा दिया. मेरी हल्की चीख निकली. उन्होने अपने होंठ मेरे होंठो में डालते हुए चुदाई शुरू कर दी.
मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. मैं गांद उठा-उठा कर चुड रही थी. 20 मिनिट पापा ने मुझे आचे से पेला. फिर लंड बाहर निकाला, और मेरे पेट पर पिचकारी छ्चोढ़ दी. उसके बाद कुछ देर वो साथ लेते रहे, और फिर चले गये.
मैं अपना दुख भूल चुकी थी, और ये भी समझ चुकी थी की डिप्रेशन का कारण छूट की प्यास था. उसके बाद दोबारा कभी हमारे बीच इस कांड को लेके बात नही हुई. ना ही हमारी चुदाई हुई.