पड़ोस की दीदी की चूत चुदाई का खेल

उसके घर में में छत पर भी एक रूम है। तो हम लोगों ने नीचे से चॅनेल लॉक कर दिया और जिस कमरे में मम्मी सोई थीं.. उसको बाहर से बंद कर दिया।

फिर हम दोनों ने ऊपर जाकर कमरे में घुस गए और कमरे को अन्दर से लॉक कर लिया।

दीदी मुस्कराई और उसने मेरा मोबाइल लेकर उसमें ब्लू फिल्म देखने लगी।

दीदी की चूत की चुदास

फिल्म देखते-देखते जब उससे एकदम से रहा नहीं गया.. तो वो मुझसे बोली- इधर आ..

मैं गया तो एकदम से दीदी ने मेरा पैंट खोलकर मेरा लौड़ा निकाल लिया और चूसने लगी।
मैं भी उसके मम्मों को दबाने लगा।

दीदी बोली- मुझे जल्दी से चोद दो.. मुझसे अब नहीं रहा जा रहा है।
तो मैं बोला- बर्दाश्त करो.. जैसे मैं तुमको देख कर बहुत दिन से बर्दाश्त कर रहा था।
बोली- मेरे बस की बात नहीं है.. चोदो मेरे राजा मुझे चोद दो।

मैंने उसके कपड़े उतार कर फेंक दिए और खुद भी नंगा हो गया।
दीदी की चूत एकदम चिकनी थी, हेयर रिमूवर से ताजी साफ़ की हुई दिख रही थी दीदी की चूत!

मेरा लंड इतना कड़ा हो गया था कि वो बोली- इसको क्यों तड़पा रहे हो.. चोद दो न अब।
‘मैं तेरी बुर तो चोदूंगा ही.. लेकिन तेरी गाण्ड भी मारूंगा।’
वो बोली- ठीक है।

मैंने उसकी चूत पर अपना लण्ड लगा कर एक ही झटके में पूरा का पूरा लौड़ा पेल दिया। दीदी एकदम से उछल पड़ी और चिल्लाते हुए बोली- अयाया.. ज़ान्न.. मेरी फट गईइ.. प्लीज़ज़.. धीरे करो न..

मैं दीदी की चूत को पेलने लगा।
लम्बी चुदाई के बाद मैं झड़ गया।

वो भी बहुत खुश हो गई थी।
मैं भी खुश था।

कुछ देर बाद मैं कपड़े पहन कर अपने घर चला गया।

उसके मुझे जब भी मौका मिलता है.. मैं उसे जरूर चोदता हूँ।

मेरी कहानी आपको कैसी लगी.. मुझे ईमेल कीजिएगा।

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