ऑफिस वाली की चूत का शिकार

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम कुमार है और में दिल्ली से हूँ. मेरी उम्र 26 साल है और मेरी हाईट 5 फुट 6 इंच है, मेरा लंड 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है. ये मेरी पहली सच्ची स्टोरी है, जो कि आज में आप सबके सामने पेश कर रहा हूँ. फिर जब मैंने अपनी ग्रेजुयशन कंप्लीट की तो मैंने एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी के लिए अप्लाई किया, तो वहाँ से जल्दी ही बुलावा आ गया.

जब में इंटरव्यू देने के लिए गया तो वहाँ पर एक लड़की जिसकी उम्र 24-25 साल की होगी, उसने मेरा रिज़्यूम लिया और बैठने को कहा तो में बैठ गया. अब में काफ़ी देर से यह महसूस कर रहा था कि वो मुझे काफ़ी देर से घूर रही है. फिर तकरीब आधे घंटे के बाद मुझे कंपनी के एम.डी ने बुलाया और कहा कि आप कल से मैनेजर की पोस्ट पर आ सकते है, तो मुझे बहुत खुशी हुई. फिर में जैसे ही जाने लगा, तो वो लड़की आई और फिर उसने मुझे बड़ी प्यार से बधाई दी और हाथ मिलाया और फिर में चला गया.

फिर अगले दिन जब में सुबह ऑफिस आया तो मुझे ऑफिस वर्क की ज़्यादा जानकारी नहीं थी तो मैंने उस लड़की से कहा कि क्या वो मेरी ऑफिस वर्क मदद कर सकती है? तो उसने कहा कि सर आप मेरे सीनियर है और आप जो कहेंगे, वो में बता दूँगी. अब में आपको बता दूँ कि वो उस ऑफिस में काफ़ी पुरानी थी और उसका फिगर में क्या बताऊँ? देखते ही ऐसा लगता था कि अभी उसको पकड़कर चोद दूँ, लेकिन नई-नई जॉब थी इसलिए में चुप रहा.

ऐसे ही हम दोनों काफ़ी घुलमिल गये थे. अब जब भी में उससे कुछ पूछता तो वो तुरंत ही जवाब देती थी, मुझे ऐसा लगता था कि वो मुझे लाईन दे रही है, लेकिन में अनदेखा करता रहता. अब उसे ऐसा लगता था कि उसकी बात नहीं बन रही है तो उसने दूसरे तरीके से बात करनी शुरू कर दी. अब जैसे ही में उससे कुछ पूछता तो वैसे ही वो थोड़ी झुककर मुझे अपने पहाड़ जैसे बूब्स दिखाने लगती थी. फिर जैसे ही में उसे देखता तो वो इधर उधर देखने लगती थी.

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फिर एक दिन ऑफिस में ज्यादातर सभी लोग ऑफिस के काम से बाहर गये थे और उस दिन चपरासी भी नहीं आया था. फिर तभी वो मुझसे कुछ पूछने के लिए मेरी कुर्सी के पीछे आकर खड़ी हो गई. तो जैसे ही मैंने पीछे मुड़कर देखा, तो वो बिल्कुल मेरी कुर्सी के साथ चिपककर खड़ी थी.

उसने एक पेपर देते हुए कहा कि सर ये किसको भेजना है? और अब मेरे सामने पेपर रखते वक़्त वो अपने बूब्स मेरे कंधे से टच कर रही थी. फिर तभी अचानक मेरे शरीर में एक हलचल सी हुई तो मैंने कहा कि ये क्या कर रही हो? तो उसने कहा कि सॉरी सर, उसे लगा कि मुझे गुस्सा आ गया है और फिर वो अपनी सीट पर जाकर बैठ गई. फिर में उसके पास गया और उससे पूछा कि क्या हुआ?

तो वो बोली कि सर आपको बुरा लगा? तो मैंने कहा कि मैंने ऐसा तो नहीं कहा. तो वो सीधी मेरे आगे आकर खड़ी हो गई. अब उसके बूब्स मेरी छाती से टच हो रहे थे और फिर वो तुरंत मुझसे लिपट गई और कहने लगी कि सर मैंने जब से आपको देखा तब से ही में आप पर मर मिटी हूँ. तभी में बोला कि तुम तो शादीशुदा हो. तो वो रोने लगी और कहने लगी कि मेरा पति मुझे संतुष्ट नहीं कर पाता. तो यह सुनकर में चौंक गया और फिर वो धीरे-धीरे मेरे होंठो को चूसने लगी तो में भी गर्म हो गया. फिर में भी उसका साथ देने लगा और अब मेरा एक हाथ उसकी चूची पर चला गया था और उसे दबाने लगा था.

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अब उसके मुँह से आवाज़े आने लगी थी, आआ आह सर प्लीज थोड़ा तेज दबाओ, बड़ा मज़ा आ रहा है और अब उसका एक हाथ मेरी पेंट की चैन खोल रहा था. फिर मेरी पेंट की चैन खोलते ही उसने मेरे अंडरवियर में अपना एक हाथ डाल दिया तो वो हैरान रह गई कि ये तो इतना मोटा है तो उसने झट से अपना हाथ बाहर निकाल लिया और बोली कि सर आप इसे इतने दिनों से छुपाकर क्यों बैठे हुए थे? तो मैंने कहा कि अब देख लो.

उसने झट से अपने लिप्स मेरे लंड पर रख दिए और उसे ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी.

अब में भी उसकी चूचीयों को उसके कपड़ो के ऊपर से ज़ोर-ज़ोर से मसल रहा था. फिर मैंने उसके सारे कपड़े उतारने शुरू कर दिए. फिर जैसे ही मैंने उसकी ब्रा उतारी तो उसके बूब्स बाहर आ गये, सच में ऐसा लग रहा था जैसे उसका पति उन्हें छुता तक नहीं है, वो बहुत टाईट लग रहे थे. फिर मैंने उसे उठाकर टेबल पर लेटा दिया और उसकी सलवार खोल दी और उसकी पेंटी को देखा तो वो पहले से ऊपर से गीली लग रही थी. फिर मैंने उसकी पेंटी भी उतार दी.

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