नर्स ने चुद कर मेरे लंड का चैकअप किया

मेरी धड़कन बढ़ गई थी।

उसने मेरा अंडरवियर पकड़ा और उतार दिया। अब उसने मेरा लिंग पकड़ा उसको अपने कोमल हाथों से दबाने लगी।

मेरा पूरा बदन अकड़ गया, मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया।

नर्स की भी सिसकारी निकल गई और वो कहने लगी- हे भगवान.. मार डालेगा ये तो!
फिर वो शायद लिंग का माप लेने लगी।

इधर मेरी हालत खराब हो रही थी, उसके हाथ का स्पर्श मेरी जान निकाल रहा था।

माप के बाद उसने मेरा लंड पकड़ कर चमड़ी को आगे-पीछे किया और मेरे टट्टों को सहलाया।

मेरी सनसनी से भरी सिसकारी निकल गई और हल्की सी उसकी भी ‘आह’ की आवाज आई।

फिर वो रूक गई.. मुझे कुछ पता नहीं चल रहा था कि नीचे क्या हो रहा है।
कुछ जल्दी-जल्दी काम करने की आवाज सी आई।
शायद तब उसने कपड़े उतारे थे.. इसका पता मुझे बाद में चला।

मैंने तब पूछा- मैम हो गया क्या?
तो वो एकदम से बोली- चुप रहो।

मुझे ऐसा लगा कि वो खुद भी टेबल पर आ गई है।

एक बार फिर उसने लिंग को पकड़ा। इस बार हाथ उल्टा था। फिर लिंग को किसी बहुत ही कोमल सी चीज के साथ रगड़ने लगी।

हे भगवान.. मेरा तो बुरा हाल होने लगा। अचानक कुछ गीला सा महसूस होने लगा और उसकी जोर से सिसकारी निकल गई ‘आह…’
मुझे सब पता चल गया कि वो अपनी चूत रगड़ रही है।

मैंने देर न करते हुए अपनी गांड उठा कर धक्का मारा.. तो मेरा टोपा उसकी बुर में घुस गया।
उसकी चीख निकल गई और वो मेरे ऊपर गिर गई।

यह कहानी भी पड़े  बस में मिली आंटी ने घर बुला कर दिया मस्त मजा

परदा हट गया था, अब हम एक-दूसरे की बांहों में थे, एक-दूसरे को पागलों की तरह चूमने लगे।
चुदाई चालू हो गई।

पांच मिनट बाद हमारे बदन अकड़ने लगे, हम एक-दूसरे के साथ लिपट गए और दोनों का पानी छूट गया।
आज पानी निकले जा रहा था, गर्म गर्म माल से चूत लथपथ हो गई, हम ऐसे ही लिपटे रहे और चूमते रहे।

कुछ देर बाद वो उठी और उल्टा मेरे ऊपर लेट गई।
अब हम दोनों 69 में थे.. वो मेरा लिंग मुँह में डाल कर चूसने लगी और मैं उसकी बुर को चाटने लगा।

मेरा लंड एक बार फिर से खड़ा हो गया।
मैं उसकी बुर में लौड़ा डालने लगा.. तो उसने लौड़ा पकड़ कर अपनी गांड के छेद पर रख दिया।

मैंने झटका दे कर लंड घुसेड़ दिया.. उसकी चीख निकल गई।
मैं तेजी से गांड को चीरने लगा।
उसके आँसू निकल आए।

मैं मम्मों को पकड़ कर चुदाई की गति बढ़ाने लगा। दस मिनट चोदने के बाद मैं झड़ने जा रहा था। मैंने उसके गाल पर अपने दांत गड़ा दिए और झड़ गया।

फिर हम टेबल पर लेट गए।

कुछ देर बाद ‘जांच’ पूरी हुई। अब मैंने कपड़े पहने और जाने लगा। उसने मुझे बांहों में भर लिया.. किस किया और मेरा नम्बर ले लिया।

जब हम दोनों बाहर आए.. तो शाम हो गई थी। उससे ठीक से चला नहीं जा रहा था और मेरा लंड भी छिल गया था। दर्द भी हो रहा था।
मैंने उसे क्लिनिक बंद करने में मदद की और उसे घर छोड़ कर चला गया।

यह कहानी भी पड़े  गाओं में रेखा को चोदा

आपको मेरी कहानी कैसी लगी। मुझे ईमेल जरूर करें।

Pages: 1 2

error: Content is protected !!