नये नौकर ने चूत शांत की

हेलो फ्रेंड्स, मैं प्रीथनका गुप्ता आज काफ़ी वक़्त बाद अपनी नयी सेक्स स्टोरी लेके आ गयी हू. मुझे भूल तो नही गये ना? जिन लोगों ने मेरी पहले की कहानियाँ नही पढ़ी, वो उनको ज़रूर पढ़े. चलिए अब मैं अपनी आज की कहानी शुरू करती हू.

सबसे पहले मैं अपने बारे में बता देती हू. मैं 23 साल की हू, और मेरा फिगर 34-29-36 है. रंग मेरा गोरा है, और जो भी लड़का या मर्द मुझे एक बार देख ले, वो मेरा दीवाना हो जाता है. लेकिन मैं इतनी आसानी से किसी के हाथ नही आती. मैं पुंजब के लुधियाना से हू. इस कहानी में मैं आपको बताती हू, की कैसे मुझे हमारे नौकर ने छोड़ा.

2 साल पहले मम्मी का छ्होटा सा आक्सिडेंट हो गया था, जिससे उनके पैर की हड्डी क्रॅक हो गयी थी. डॉक्टर ने पैर पर प्लास्टर लगा दिया, और पैर को रेस्ट देने को कहा. अब मम्मी घर का काम नही कर सकती थी, तो पापा ने घर के लिए एक नौकर रखने का फैंसला किया.

पापा ने काफ़ी कोशिश की की नौकरानी मिल जाए, लेकिन उनको नौकर ही मिल रहे थे. फिर हार कर पापा ने एक लड़के को काम पर रख लिया. वो लड़का 18 साल का था, और दुबला-पतला था. दिखने में वो इतना भोला था, की किसी ने सवाल भी नही उठाया की घर में जवान लड़की के होते एक लड़के को काम पर कैसे रख सकते थे?

वो लड़का काफ़ी मेहनती था. सॉफ-सफाई बड़े आचे से करता था, और खाना भी बढ़िया बना लेता था. घर पर सब उससे खुश थे. मैने काई बार नोटीस किया था की वो नज़र चुरा कर मेरी बॉडी देखा करता था. लेकिन ये सिर्फ़ मुझे ही पता चलता था, बाकियों को नही.

मैं भी उन दीनो बहुत हॉर्नी होती थी, तो मुझे अछा लगता था जब लड़के मुझे हवस भारी नज़रों से देखते थे. मैं भी जान बूझ कर कभी उसको अपने बूब्स दिखती थी, और कभी गांद. टाइट कपड़े पहन कर मैं उसके सामने झुक कर उसको अपने सेक्सी चूतड़ का नज़ारा देती थी. लेकिन ये सब करते हुए मुझे ये नही पता था की वो मुझे सच में पेल देगा.

एक दिन की बात है. पापा को दूसरे शहर किसी काम से जाना था. वो भाई को भी साथ ले गये थे, तो घर पर अब सिर्फ़ मैं और मम्मी थे. हमारे घर के सामने ही एक छ्होटा सा कमरा है, जो हमने नौकर को दे रखा था.

उस रात मैं देर रात तक मोबाइल पर मोविए देखती रही. फिर सोने से पहले मेरा दिल किया की क्यूँ ना पॉर्न देखा जाए. तो मैने एक देसी सेक्स वीडियो लगा ली, और मज़े से देखने लगी. मैने पाजामा और त-शर्ट पहने हुए थे. वीडियो देखते हुए मुझे पता ही नही चला की कब मेरा हाथ मेरे पाजामे के अंदर पनटी में चला गया, और मैं अपनी छूट सहलाने लगी.

छूट सहलाने में मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. मैं इतनी खो गयी थी, की मुझे आस-पास की कोई होश नही थी. तभी मेरी छूट पर मुझे एक दूसरा हाथ महसूस हुआ. मैं दर्र कर बैठ गयी. जब देखी तो सामने हमारा नौकर खड़ा था. वो भी घबराया हुआ लग रहा था.

मैने उसको बोला: तुम! तुम यहाँ क्या कर रहे हो?

नौकर: दीदी वो मैने आपको देखा, तो सोचा आपकी मदद कर डू.

मैं: तुमने मुझे कैसे देख लिया बाहर से?

नौकर: वो मेरे कमरे की च्चत से आपकी खिड़की दिखती है, और अंदर का भी सब दिखता है.

मैं: अछा तो तुम च्छूप कर मुझे देखते हो?

नौकर: मैं खुद को रोकता हू दीदी, लेकिन आप जैसी खूबसूरत लड़की मैने कभी देखी नही. तो खुद को रोक नही पाता हू. आप अपनी छूट सहला रही है, इससे आपका हाथ दुख जाएगा. अगर आप कहे तो मैं चाट कर शांत कर डू?

मैं उसकी हिम्मत और कमीना-पंब दोनो देख रही थी, की कैसे वो भोला बन कर मुझसे मेरी छूट चाटने की पर्मिशन माँग रहा था. अब मैं गरम तो पहले से ही थी, तो मैने सोचा क्यूँ ना मौका डेडू उसको. तो मैने उसको हा बोल दिया.

फिर मैने अपना पाजामा और पनटी उतार दिए, और उसके सामने अपनी टाँगें खोल दी. मेरी छूट पूरी गीली थी, और उस पर थोड़े बाल थे. वो मेरी टाँगों के बीच आया, और मेरी छूट को मूह लगा दिया. उसका मूह लगते ही मेरी आ निकल गयी.

वो बड़े मस्त अंदाज़ से मेरी छूट चाटने लगा. वो जीभ को नीचे से उपर फिरने लगा, और छूट का मूह खोल कर अंदर डालने लगा. मैं तो पागल होने लगी, और गांद उठा-उठा कर छूट चटवाने लगी. फिर मैने उसके सर को अपनी छूट में दबा लिया, और छूट उसके मूह पर रगड़ने लगी.

कुछ ही देर में मेरा पानी निकल गया, और वो सारा पानी पी गया. फिर उसने मेरी छूट को आचे से चाट कर सॉफ किया, और खड़ा हो कर बोला-

नौकर: मैं चलता हू मेडम.

तभी मैं बोली: तू सिर्फ़ छूट चाट-ता है या और भी कुछ कर सकता है.

नौकर: मैं सब कुछ कर सकता हू. आप जो बोलो कर दूँगा.

उसके कमीने-पन्न वाले जवाब मुझे बहुत आचे लग रहे थे. फिर मैं थी, और उसके सामने घुटनो के बाल बैठ गयी. उसका लंड पाजामे में खड़ा था सॉफ दिखाई दे रहा था. मैने उसका लंड बाहर निकाला, तो वो काले नाग की तरह फंफना रहा था.

उसका लंड देख कर मेरी प्यास और बढ़ गयी. मैने उसके लंड को मूह में डाल के चूसना शुरू कर दिया. वो आ आ करके हल्के-हल्के कमर आयेज-पीछे करने लगा. कुछ देर लंड चूसने के बाद मैने उसको बेड पर लिटाया, और उसके उपर आके लंड छूट में ले लिया.

उसका लंड मेरे पेट तक जेया रहा था, जिससे मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर मैं उसकी चेस्ट पर हाथ रख कर लंड पर उछालने लगी. वो मेरे बूब्स दबा रहा था, और नीचे से कमर उठा-उठा कर मेरी छूट चुदाई कर रहा था. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

कमरे में ठप-ठप और छाप-छाप की आवाज़े गूँज रही थी. मेरे निपल्स को उसने खींच-खींच कर लाल कर दिया था. थोड़ी देर में मैं फिर से झाड़ गयी, और उसके उपर लेट गयी. अब वो मेरे चूतड़ पकड़ कर नीचे से धक्के मारने लगा. लगभग 10 मिनिट बाद वो मेरी छूट में झाड़ गया, और फिर कपड़े पहन कर चला गया.

6 महीने तक वो हमारे यहाँ काम करता रहा. और इस दौरान मैने उससे पूरी सर्विस ली. कहानी आपको कैसी लगी प्रीथंकगुप्ता3@गमाल.कॉम पर बताए.

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