नौकरानी को चोद कर तृप्त करने की हॉट कहानी

हेलो दोस्तों, आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद जो इतने लोगों ने मेरी स्टोरी पसंद करी और मुझे मौलिक6जे2@रेडिफ़्फ़्माल.कॉम पर मैल किया. थॅंक योउ सो मच.

अब ज़्यादा बोर ना करते हुए सीधा स्टोरी पे आते है. जैसे की आपने पिछले पार्ट में पढ़ा की मेरी वाइफ से हरी झंडी मिलने के बाद मैं और रानी बेड पर रोमॅन्स कर रहे थे. हमने किस्सिंग की, और अब चुदाई शुरू होने वाली थी. अब आयेज बात करते है.

जो लोग मुझे नही जानते उन्हे अपना इंट्रो दे डू. मैं मौलिक जामनगर गुजरात से हू, और अब तक इतनी लॅडीस को छोड़ चुका हू की हिसाब लगाना मुश्किल है. अगर भरोसा ना हो तो मेरे पेज पर आप मेरी सारी आप बीती पढ़ सकते हो, जो बिल्कुल ही सॅकी है.

चलिए अब बोर ना करते हुए सीधा बात आयेज बढ़ते है.

फिर मैने लंड छूट में सेट करके सीधा एक ही बार में घुसा दिया, और घपा-घाप छोड़ने लगा. ऐसा करने में मुझे और रानी दोनो को बहुत मज़ा मिल रहा था. क्यूंकी मेरा पूरा लंड रानी की छूट में घुस रहा था, और बच्चे-दानी पे चोट दे रहा था.

रानी बस उम्म आहह अफ की आवाज़े करे जेया रही थी. कुछ देर ऐसा करने के बाद मैने लंड छूट से बाहर निकाला, तो फच करके आवाज़ आई. क्यूंकी रानी की टाइट छूट ने मेरे लंड को पकड़ के रखा था.

अब मैने रानी को खड़ा किया, और दोनो हाथो पे उसका चेहरा लेके उसको किस किया. उसकी ज़ुबान बाहर निकाल के थोड़ी देर छाती, और फिर उसको बेड के किनारे बिताया. अब उसकी टांगे मैने मेरी कोहनी के उपर रखी, और मेरे हाथ उसकी गार्डेन के पीछे ले जाके उसको पकड़ के रखा.

फिर रानी को इशारा किया तो रानी ने मेरा लंड हाथ में लिया, और उसकी टाइट छूट के पास सेट किया. ब मैने लंड छूट में डाल दिया एक ही बार में, तो रानी की आउच! निकल गयी. मैं उसको तेज़-तेज़ झटके मारने लगा. इस पोज़िशन में उसको छोड़ने में मुझे काफ़ी मज़ा मिल रहा था.

मैं पूरा लंड निकाल के फिर ज़ोर से धक्का मारता. इससे रानी के बूब्स ज़ोर-ज़ोर से उछाल रहे थे, और मेरे गोते उसकी गांद में टच हो रहे थे. मैं खड़े-खड़े ही उसको जाम कर छोड़े जेया रहा था.

रानी बस मज़े से चुड रही थी, और मेरी तरफ देख के इशारे कर रही थी, और तेज़ करने के. थोड़ी देर ऐसे ही हमारी चुदाई चलती रही. फिर मैने लंड बाहर निकाल लिया. अब रानी की तरफ देखा तो वो समझ गयी. उसने लंड पकड़ा, और अपनी गांद के च्छेद के पास ले गयी.

तोड़ा थूक लगा के उसने लंड पकड़ के गांद के पास रखा, और मैने धीरे से धक्का दिया तो मेरा बड़ा सा टोपा गांद में घुस गया. रानी को दर्द हुआ और उसने आअहह की. लेकिन वो दर्द में भी उसको मज़ा आ रहा था.

अब मैने ताबाद-तोड़ रानी की गांद मारना चालू किया, और पोज़िशन वही रखी. हम दोनो किस भी कर रहे थे. 5-7 मिनिट ऐसे ही छोड़ने के बाद मैं खड़े-खड़े तक गया, तो मैने रानी के पीछे से हाथ हटा लिए.

इससे रानी सीधा बेड पे गिर गयी, क्यूंकी वो मेरे हाथो के सहारे ही ऐसे बैठी थी. अचानक मेरे हाथ छ्चोढने से वो गिर तो गयी बेड पे, लेकिन मेरा लंड उसकी गांद से निकला नही, और अब उसके पैर हवा में लहरा रहे थे.

फिर मैने उसके पैर पकड़ लिए, और मैने ऐसे ही उसको छोड़ना चालू रखा. मैने उसके पैर कंधे पे रख लिए. अब मैं उसके बूब्स को भी दोनो हाथो से ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा, जिससे वो पूरा मज़ा लेने लगी और स्शह आअहह आअहह एम्म्म करने लगी.

फिर मैने लंड गांद से बाहर निकाल लिया, तो रानी बेड पे पेट के बाल लेट गयी, और मेरे लंड को अपने मूह में लेके चूसने लगी पागलों की तरह.

वो बड़बड़ाने लगी: हाए, हाए ये लंड कहा था अभी तक? इतना मीठा लंड आज तक नही चखा. आज तो तुमने मुझे जन्नत दिखा दी मेरी जान.

और वो घाप-घाप करके मेरा लंड चूसने लगी. वो मेरी गोटियों के साथ खेल ने लगी. मैं भी झुक कर एक हाथ उसकी पीठ पर, और एक हाथ उसकी गांद और छूट पर फेरने लगा.

मैने उसकी मुलायम गांद पर थोड़े बहुत छानते भी मारे. कुछ देर चूसने के बाद मैने लंड बाहर निकाला, और जाके चेर पर बैठ गया.

फिर रानी बेड से नीचे उतरी, और आ कर मेरी गोद में बैठ गयी, और लंड को अपनी छूट में लेके पूरा छूट में घुसा लिया.

वो बोली: आअहह जान मौलिक, आअहह, कसम से तुम्हारे साथ चुदाई में ऐसा मज़ा कभी नही आया सच में.

और वो मेरी तरफ देखने लगी. मैं भी उसकी और देख रहा था, और वो भी मुझे देख रही थी. लंड सिर्फ़ उसकी छूट में था, और पता नही उसको क्या हो गया की उसने मेरे बाल पकड़ के मेरे गाल पे एक थप्पड़ मारा, जो मुझे लगा. फिर मैने गुस्से से उसकी तरफ देख, तो वो मुस्कुरा कर मेरे उसी गाल पर जीभ निकाल कर चाटने लगी.

मैं बस उसके इस पागलपन को ही देखे जेया रहा था. तभी उसने मेरा गाल छ्चोढ़ कर मेरे मूह में अपनी जीभ घुसा दी, और मेरी ज़ुबान को दांतो से पकड़ कर बाहर निकाल कर उसको लंड की तरह चूसने लगी. वो पूरा मूह खोल कर मेरे दोनो होंठ अपने मूह के अंदर घुसा कर चाटने चूसने लगी और धीरे-धीरे उछालने लगी.

मैं भी अपने हाथ पीछे ले जेया कर उसकी गांद को दबाने लगा. पता नही उसको क्या मज़ा आया. अब वो मेरे लंड पे ज़ोर-ज़ोर से उछालने लगी, और मेरे बाल भी ज़ोर-ज़ोर से नोचने लगी. और मूह तो पहले से ही वो चाट रही थी.

अब ताबाद-तोड़ चुदाई चालू थी. उसके मूह से अम्म्मह म्‍म्मह उउंम्म उउंम्म की आवाज़े आने लगी, और वो तेज़-तेज़ उछाल के झटके मारने लगी. काफ़ी देर ऐसे ही चुड-चुड के रानी बहुत तेज़ जोश में आ गयी. वो मुझसे ऐसे चुड रही थी, की ऐसा लग रहा था जैसे अभी मेरा पूरा मूह वो अपने अंदर निगल जाएगी.

इतने जोश से वो मेरे उपर कूद रही थी, और मुझे चूस रही थी. फिर अचानक झटके काफ़ी तेज़ होने लगे, और कुछ ही देर में रानी की छूट ने पानी छ्चोढ़ दिया. अब वो मेरा मूह अपने मूह से निकाल कर आअहह आआहह सस्स्शह ऊऊहह करके लंबी-लंबी साँसे लेने लगी.

मैं तो बस उसको ही देख रहा था. फिर वो तक कर मेरे कंधे पर सर रख कर निढाल हो गयी. अब वो बहुत ज़्यादा तक गयी थी, तो मैने उसको उठाया, और बेड पे लेके पीठ के बाल सुला दिया, और बोला-

मैं: चलो तुम्हारा हो गया. अब मैं चलता हू सोने के लिए.

और जब मैं एक किस करके मुड़ा, तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और जब मैने पीछे मुदके देखा तो वो बोली-

रानी: मेरा तो हो गया. अब तुम तो कर लो.

फिर मैने बोला: नही-नही, तुम ज़्यादा ही तक गयी हो, और अब तुम्हे दर्द होगा. रहने दो.

तब वो उठी और बोली: कोई बात नही, तुम्हारे लिए सब से लूँगी. चलो जल्दी मेरे उपर चढ़ो, और अपना भी निपटा लो.

मुझे अब देर लगने वाली थी मुझे पता था. इसलिए मैने माना करा था. लेकिन वो नही मानी(मुझे पता है जब कोई लॅडीस पूरी संतुष्ट हो जाती है, तो उसके बाद उसको चुदाई में मज़ा नही आता, और उसकी छूट में जलन होने लगती है. इसलिए मैने ऐसा करा था).

और फिर वो मुझे अपने उपर खींच कर मुझे किस करने लगी. किस करके मैने पूछा-

मैं: कहा लॉगी?

तो रानी ने हस्स के बोला: जहा तुम डालो में ले लूँगी.

फिर मैं ऐसे ही उसके उपर चढ़ गया, और मिशनरी पोज़िशन लेके उसको धड़ा-धड़ छोड़ने लगा. अब मैं भी जल्दी करने के चक्कर में उसको ताबाद-तोड़ छोड़ने लगा.

सच में अब उसकी छूट में जलन हो रही थी, जिसको मैं सॉफ-सॉफ देख रहा था. क्यूंकी चुदाई करते-करते लगभग 45-50 मिनिट हो चुके थे.

अब रानी ज़्यादा सपोर्ट नही कर सकती थी, क्यूंकी वो तक चुकी थी. तो मैने बहुत-बहुत तेज़ झटके चालू कर दिए, और 2-3 मिनिट में मेरा निकालने वाला था, तो मैने एक हाथ से उसके बूब्स पकड़ लिए, और उसके होंठ अपने होंठो में रख कर चूसने लगा.

फिर फॅक-फॅक की आवाज़ के साथ मैने अपना पानी उसकी छूट में छ्चोढ़ दिया, और उसके उपर मैं भी निढाल हो के गिर गया. अब हम दोनो ज़ोर-ज़ोर से हाँफ रहे थे. रानी प्यार से मेरे बालों पे हाथ घुमा रही थी, और मैं भी प्यार से उसके निपल चूस रहा था.

फिर हम दोनो आँखें बंद करके इस पल का मज़ा ले रहे थे. हम दोनो ऐसे ही नागे एक-दूसरे के उपर पड़े रहे. कुछ 30 मिनिट बाद मैने मेरा सिकुदा हुआ लंड बाहर निकाला, तो उसके साथ ही ढेर सारा मेरा वीर्या भी उसकी छूट से बाहर आने लगा.

थोड़ी देर फिर ऐसे रहने के बाद हम दोनो उठे और गरम पानी से बात लिया, और फ्रेश हो कर मैं हॉल में बैठने गया. मैं वाहा एक सिगरेट पीने लगा. तब थोड़ी देर बाद रानी आई मेरे लिए छाई नाश्ता लेकर. हम दोनो ने साथ में नाश्ता करा.

वो मुझसे अलग नही होना चाहती थी, लेकिन बदक़िस्मती की वजह से अलग होना ही पड़ा, और हम अपने-अपने कमरे में सो गये. सुबा उठ कर हमने साथ में नाश्ता करा सब ने, और फिर रानी ने मेरी बीवी को बोला-

रानी: दीदी रुक जाओ, आज के दिन मेरे घर और शाम को चले जाना.

बीवी ने मेरी तरफ देखा, तो मैने ना में सिर हिलाया. तो बीवी ने माना कर दिया, और फिर वो बोली-

रानी: कोई बात नही, फिर कभी. लेकिन पहले चलो हम कुछ शॉपिंग करते है. फिर मैं आपको जामनगर रोड पे छ्चोढ़ दूँगी.

फिर हम सब गये राजकोट के एक माल में जहा से रानी ने मेरे बच्चो के लिए कपड़े खरीदे, मेरे लिए एक जोड़ी कपड़े, और मेरी बीवी को एक जोड़ी सूट गिफ्ट में दिया. और फिर उसने हमे विदा किया. जाते-जाते वो बोलती गयी-

रानी: अब कब मिलेंगे?

मैं कुछ बोलू उससे पहले ही मेरी बीवी ने जवाब दे दिया, की बहुत जल्द मिलेंगे. और सब हस्स दिए. फिर हम जामनगर वापस आ गये.

इसके बाद भी स्टोरी बाकी है की कैसे रानी जामनगर आई, जहा मैने उसको फिरसे जाम कर छोड़ा, और बहुत मस्ती करी. स्टोरी कैसी लगी बताना ना भूले

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